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होममध्यप्रदेशरवींद्र भवन में युवा संवाद: सीएम मोहन यादव ने छात्रों को दिए आधुनिक कृषि प्रबंधन के टिप्स

रवींद्र भवन में युवा संवाद: सीएम मोहन यादव ने छात्रों को दिए आधुनिक कृषि प्रबंधन के टिप्स

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित युवा संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आधुनिक कृषि प्रबंधन और क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर छात्रों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीक और योजनाओं से एक साल में तीन फसलें संभव हुई हैं।

By Admin
24 Aug 2026
रवींद्र भवन में युवा संवाद: सीएम मोहन यादव ने छात्रों को दिए आधुनिक कृषि प्रबंधन के टिप्स
CM मोहन ने युवाओं से साझा किए खेती के अनुभव

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के साथ कृषि क्षेत्र के प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। छात्रों द्वारा कृषि के व्यावहारिक पहलुओं पर किए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीएम ने अपने निजी किसानी जीवन के उदाहरण रखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भी खेतों में शारीरिक श्रम और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सबसे उत्तम अनुभव है।

कॉलेज के दिनों से कृषि कार्य और सक्रिय दिनचर्या

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्रों को अपनी जीवनशैली के बारे में बताते हुए कहा कि किसान परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें बचपन से ही कठिन परिश्रम की आदत रही। कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति और चुनावों की भागदौड़ के बीच भी वे नियमित रूप से खेती के सभी प्रबंधन कार्यों को संभालते थे। सीएम ने कहा कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और मिट्टी से जुड़े रहने के कारण ही उन्हें जीवन की चुनौतियों से निपटने की ऊर्जा मिली।

जल प्रबंधन का पुराना संकट और उज्जैन का संस्मरण

सीएम ने उज्जैन में अपने खेतों के पुराने जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके खेत नदी के पास थे और कई बार नदी के तेज बहाव को पार करने के लिए बैल के साथ तैरकर जाना पड़ता था। उस समय जल संचयन के आधुनिक साधन नहीं थे, इसलिए बाद में कुएं बनाकर सिंचाई की व्यवस्था की गई। यहां तक कि बिजली के बुनियादी ढांचे के अभाव में खुद तार खींचकर व्यवस्था बनानी पड़ी थी। आज शासन ने इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह व्यवस्थित कर दिया है।

जल आपूर्ति प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई तकनीक

मुख्यमंत्री ने छात्रों को बताया कि आधुनिक कृषि में सिंचाई प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आज सरकार का मिशन है कि प्रदेश के प्रत्येक खेत तक सिंचाई का पानी सुलभ कराया जाए। पानी की उपलब्धता और आधुनिक सिंचाई उपकरणों के सहयोग से आज किसानों का श्रम और समय दोनों बच रहा है, जिससे कृषि उत्पादन की लागत में कमी आई है और उत्पादकता बढ़ी है।

खेतों में एक्टिव विजिट और धान रोपने का अनुभव

जब विद्यार्थियों ने पूछा कि वे आज भी प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच खेतों का रुख क्यों करते हैं, तो सीएम ने स्पष्ट किया कि वास्तविक फील्ड मैनेजमेंट को समझने के लिए जमीन पर उतरना जरूरी है। वे न केवल अपने खेतों का प्रबंधन देखते हैं, बल्कि जिलों के दौरों में भी सीधे खेतों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने धान के खेतों में उतरकर धान बोने के अपने सुखद और ऊर्जावान अनुभव को छात्रों के साथ साझा किया।

एमएसपी खरीद और भावांतर से वित्तीय जोखिम प्रबंधन

वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने किसानों को बाजार के जोखिमों से बचाने के लिए एमएसपी खरीद और बोनस की पुख्ता व्यवस्था की है। मध्य प्रदेश ने देश में सबसे पहले भावांतर योजना का सफल मॉडल लागू कर यह साबित किया कि कैसे नीतिगत प्रबंधन से किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सहायक स्रोतों का प्रबंधन जरूरी है।

क्रॉप रोटेशन: एक से तीन फसल चक्र और एग्रो-बिजनेस

कृषि के तकनीकी प्रबंधन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'कृषि कल्याण वर्ष' के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों की ओर मोड़ रही है। किसान अब केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे मोती पालन, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे हाई-प्रॉफिट सेक्टर में उतर रहे हैं। बेहतर फसल चक्र और प्रबंधन के चलते ही आज किसान साल में एक के बजाय तीन फसलें सफलता से ले रहे हैं।

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