Balaram Agriculture Festival: फसल बीमा, ब्याज मुक्त ऋण और किसान सम्मान निधि पर CM मोहन यादव के बड़े ऐलान
बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, ब्याज मुक्त ऋण, भावांतर योजना और किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।

नर्मदापुरम में हो रहे बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए कुछ खास, और सचमुच काम की बाते बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कोशिश में लगी है ताकि कृषि को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सके और किसानों की आय बढ़े, बस यही टारगेट है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से वे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, और उन्होंने फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, ब्याज मुक्त ऋण और भावांतर योजना जैसी योजनाओं का जिक्र कर, यह भरोसा भी दिया कि हर संभव मदद किसानों तक पहुंचेगी।
फसल बीमा और ब्याज-मुक्त ऋण का सीधा लाभ
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अब किसानों की फसल बीमा की राशि, किसान सम्मान निधि, और ब्याज मुक्त ऋण सीधे उनके बैंक खातों में जा रहा है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अगर किसी सहकारी समिति के कर्मचारी या प्रबंधक की गलती से वित्तीय अनियमितता जैसी स्थिति बन जाए, तो उसका बोझ किसानों पर नहीं आएगा। ऐसे मामलों में किसानों को डिफॉल्टर की श्रेणी में नहीं डाला जाएगा। और एक और बात, सहकारी खातों के नवीनीकरण की समय सीमा छह महीने से थोड़ा बढ़ाकर एक साल कर दी गई है, ताकि परेशानी कम रहे।
भावांतर योजना से राहत, खासकर धान खरीदी में
डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि आगामी धान खरीदी के दौरान धान के साथ सरसों दोनों फसलें भावांतर योजना का फायदा पाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदापुरम की पहचान इसलिए अलग है क्योंकि यहां शरबती गेहूं, बासमती चावल और दूसरी गुणवत्तापूर्ण कृषि उपज बड़ी संख्या में मिलती है। सरकार का फोकस सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इस क्षेत्र को कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास का भी अहम केंद्र बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
बागवानी और फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नर्मदापुरम और नरसिंहपुर में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। यहां आम, अमरूद, संतरा, केला, पपीता, अनार और नींबू जैसी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जा सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि “एक बगिया मां के नाम” अभियान के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों को भी साथ जोड़ा जा रहा है। साथ ही, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना के लिए सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है, ताकि उद्यम आगे बढ़े।
खेती के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने यह रेखांकित किया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन और पुष्प उत्पादन जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव, किसानों और सरकार के बीच बेहतर संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ नई तकनीक, योजनाओं और कृषि नवाचारों की जानकारी साझा होती है।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, और त्योहारों की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान कृषि शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े लोगों का सम्मान किया गया। अपने समापन संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों और किसानों को रक्षाबंधन, जन्माष्टमी तथा आने वाले सभी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की समृद्धि के लिए इसी तरह लगातार कार्य करती रहेगी।
