MP Rural Development: गौपालन, स्वयं सहायता समूह और किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गौपालन, स्वयं सहायता समूहों को MSME से जोड़ने और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को थोड़ा ज्यादा “टिकाऊ” बनाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ाने के मूड में है, और हां, इसी कड़ी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कई निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को कहा कि गांवों में रोजगार बढ़ाने और लोगों की आमदनी में इजाफा करने के लिए नई योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, बस औपचारिकता नहीं। उन्होंने ये भी जोड़ दिया कि ग्रामीण विकास को सिर्फ बुनियादी सुविधाओं तक रोकना नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण पर खास तौर पर ध्यान देना होगा, वरना बात अधूरी रह जाएगी।
गौपालन और वृंदावन ग्राम योजना को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत गौपालन और गो-समितियों को प्रोत्साहित करने को लेकर दिशा दी। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते बनेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। सरकार की मंशा ये है कि गांवों में पशुपालन को आय का सशक्त सहारा बनाया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सके, और ये सिर्फ एक संकेत न रहे।
स्वयं सहायता समूहों को MSME से जोड़ा जाएगा
बैठक में कुछ और महत्वपूर्ण बात भी उठी, जैसे कि जो स्वयं सहायता समूह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें MSME से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतर मौका मिलेगा। यानी स्वयं सहायता समूहों को सिर्फ बचत तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि छोटे उद्योगों और स्वरोजगार के साथ जोड़कर उनकी कमाई बढ़ानी है, ठीक इसी दिशा में काम चलेगा।
योजनाओं से मिलेगा ग्रामीण विकास को नया बल
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से होना चाहिए। इसी क्रम में पंचायतों को और अधिक सशक्त करने, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और तमाम सरकारी योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि खेती, पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता के तालमेल से गांवों में आर्थिक उन्नति को नई गति मिलेगी, और ये धीरे-धीरे नहीं बल्कि ठोस तौर पर दिखेगा।
सड़क, डिजिटल सेवाओं और आवास में भी उल्लेखनीय प्रगति
समीक्षा बैठक में ये बताया गया कि मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क की गुणवत्ता और उनके संधारण के मामले में देश में पहले स्थान पर है। राज्य की हजारों ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) समेत विभिन्न आवास योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को लाभ मिल चुका है। सरकार के मुताबिक इन पहलों से ग्रामीण विकास की रफ्तार और तेज होगी, और जो काम रुका था वो अब गति पकड़ लेगा।

