Bhopal Farmers Protest: मोहन यादव सरकार के आश्वासन पर खत्म हुआ किसान आंदोलन, अब 25% नहीं... 60% होगी मूंग खरीदी
Bhopal Farmers Protest: भोपाल में कई दिनों से जारी किसान आंदोलन खत्म हो गया। CM मोहन यादव सरकार ने MSP पर मूंग खरीदी बढ़ाने और ई-टोकन व्यवस्था स्थगित करने का भरोसा दिया, जिसके बाद किसान धरना खत्म कर घर लौट गए।
Bhopal Farmers Protest: मध्यप्रदेश। एमपी की राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के साथ हुई बातचीत और किसानों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया।
सरकार ने मूंग की MSP पर अधिक खरीद, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था पर रोक और अन्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद किसान अपने-अपने जिलों के लिए लौट गए।
मोहन यादव सरकार ने किसानों को दिया भरोसा
किसानों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से लगातार बातचीत की गई। सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मूंग खरीद बढ़ाई जाएगी और खाद वितरण से जुड़ी समस्याओं का भी जल्द समाधान किया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया।
मूंग खरीद को लेकर सरकार का बड़ा फैसला
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस साल 4.52 लाख मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग खरीद का लक्ष्य तय किया है। पहले पात्र किसानों की केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदी जानी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त और खरीद की अंतिम तारीख 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके।
ई-टोकन व्यवस्था पर फिलहाल रोक
सरकार ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है। शुरुआती स्तर पर सामने आई परेशानियों को देखते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी। तब तक किसानों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
चार दिन चला आंदोलन, बातचीत से निकला रास्ता
27 जुलाई को नर्मदापुरम से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा के बाद हजारों किसान भोपाल पहुंचे और वीर सावरकर सेतु के पास धरने पर बैठ गए। 29 जुलाई को सरकार और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। आखिरकार 30 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के आश्वासन के बाद सहमति बनी और संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया।
