Chamoli Rescue Bulletin: पीपलकोटी टनल हादसे में 15 घंटे से रेस्क्यू जारी, 14 घायल अस्पताल में, 3 अभी भी फंसे
चमोली के पीपलकोटी में टनल हादसे के बाद मेडिकल और रेस्क्यू टीमें हाई अलर्ट पर हैं। 14 घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि 7 की मौत हो चुकी है। टनल के अंदर फंसे 3 अन्य मजदूरों को निकालने के लिए NDRF और सेना का साझा ऑपरेशन 15 घंटे से जारी है।
उत्तराखंड के चमोली जिले, (पीपलकोटी) में चल रही एक टनल के अंदर हुए हादसे के बाद आपातकालीन रेस्क्यू और मेडिकल मैनेजमेंट को लेकर बड़ी सी मुश्किल खड़ी हो गई है। गुरुवार शाम 7 बजे अचानक टनल के अंदर पानी और मलबा घुस गया, और वहां काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। इस भयानक आपदा में अब तक 7 मजदूरों की दुखद मौत हो चुकी है, 15 घंटे से लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद अभी भी 3 मजदूर टनल के अंदर ही हैं। प्रशासन, मेडिकल टीमें सब पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं , और लगातार तैयारी चल रही है।
पानी मलबा: रेस्क्यू टीमों की सबसे बड़ी रुकावट
टनल में फंसे मजदूरों को निकालना वाकई किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं। अधिकारियों ने बताया कि टनल के अंदर पानी का तेज रिसाव हुआ और साथ में भारी मात्रा में मलबा भी आ गया। भूस्खलन की वजह से अंदर जाने का रास्ता जैसे पूरी तरह बंद हो गया। ऐसे में NDRF, SDRF, ITBP, सेना, पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों को पहले मलबा हटाना पड़ रहा है, फिर जाकर वे आगे बढ़ पाती हैं। गौचर और जोशीमठ से भी अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों को बुलाया गया है।
14 मजदूरों का रेस्क्यू, गोपेश्वर अस्पताल में इलाज जारी
मेडिकल मैनेजमेंट के मोर्चे पर प्रशासन ने काफी तेजी दिखाई है। हादसे के तुरन्त बाद गोपेश्वर जिला अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया था। अब तक टनल से 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है (या फिर घायल अवस्था में)। इनमें से 13 का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की सघन निगरानी में चल रहा है। एक मजदूर की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, इसलिए उसे बेहतर लाइफ सपोर्ट और ट्रीटमेंट के लिए श्रीनगर के हायर सेंटर भेजा गया है।
सीएम धामी ने लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा
मेडिकल और रेस्क्यू मैनेजमेंट को और जोर देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार 14 अगस्त को खुद पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने टनल के पास जाकर हालात का निरीक्षण किया, और रेस्क्यू एजेंसियों को जरूरी संसाधन मुहैया कराने का भरोसा दिया। सीएम ने कहा कि हर एक श्रमिक को बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके बाद वे घायलों की हेल्थ जानकारी लेने गोपेश्वर अस्पताल भी गए। केंद्र सरकार ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
7 मजदूरों की जान गई: मेडिकल टीम करेगी पुष्टि
इस हादसे में 7 मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें प्रदीप सिंह पंवार, मुकेश उर्गम, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल बताए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि मृतकों की आधिकारिक पहचान और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम आंकड़े माने जाएंगे। फिलहाल, मेडिकल टीमों और प्रशासन का फोकस टनल में फंसे बाकी 3 मजदूरों को जिंदा बाहर निकालने पर है।
