CJP की फंडिंग पर BJP का बड़ा आरोप, केंद्रीय मंत्री बोले- अमेरिका-पाकिस्तान से मिल रहे पैसे; क्राइम ब्रांच ने भेजा समन
भाजपा ने CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप लगाए। बीजेपी के केंद्रीय मंत्री का दावा है कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका को पाकिस्तान और अमेरिका से पैसा मिल रहा है।

CJP Funding Controversy: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की फंडिंग को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को दावा किया कि संगठन के फाउंडर अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका को विदेशों से पैसा मिल रहा है। उनके मुताबिक, अभिजीत को अमेरिका में रहने वाले डोनर और आशुतोष को पाकिस्तानी नेताओं से आर्थिक मदद मिल रही है। सिंह ने कहा कि अधिकारियों के पास इसके ठोस सबूत मौजूद हैं।
इसी बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को समन भेजा है। दोनों को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
विदेशी फंडिंग के आरोपों के बाद CJP की आर्थिक मदद के स्रोत एक बार फिर चर्चा में हैं। बीजेपी नेताओं ने पहले भी संगठन के विदेशी कनेक्शन पर सवाल उठाए थे, जबकि अभिजीत दीपके इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
अमेरिका और पाकिस्तान से फंडिंग का दावा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विदेशी फंडिंग को लेकर अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों से फंडिंग का हिसाब मांगते हैं, उन्हें अपने अभियान के लिए आने वाले पैसों के स्रोत भी बताने चाहिए।
सिंह ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का बचाव करते हुए कहा कि विदेश से आने वाले पैसों पर निगरानी रखने के लिए यह कानून जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों के पास CJP से जुड़े लोगों को विदेशी पैसे मिलने के सबूत हैं।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कौन-से दस्तावेज या सबूत उपलब्ध हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
SIR के विरोध और वोट चोरी के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा
जितेंद्र सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की फंडिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने और बिना आधार के वोट चोरी के आरोप लगाने का आरोप लगाया।
सिंह के मुताबिक, कांग्रेस अपनी पार्टी के नेतृत्व की राजनीतिक छवि बचाने के लिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद की उन चार सीटों पर NDA की जीत का भी जिक्र किया, जहां चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। इसके जरिए उन्होंने EVM को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर निशाना साधा।
जुलाई से अक्टूबर तक तीन बार उठा CJP की विदेशी फंडिंग का मुद्दा
CJP को मिलने वाले कथित विदेशी पैसे का मामला पिछले कुछ महीनों से चर्चा में है। बीजेपी नेताओं के आरोपों से लेकर अदालत में दायर याचिका और अमेरिकी गायिका के सोशल मीडिया दावे तक, इस मुद्दे पर कई बार सवाल उठाए गए हैं।
- जुलाई 2026: CJP के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और बीजेपी IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि इसके पीछे भारत विरोधी विदेशी ताकतें हैं। 24 जुलाई को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि उनके पास इस मामले में साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है।
- जुलाई-अगस्त 2026: एक याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CJP के प्रदर्शन में कथित विदेशी फंडिंग की NIA से जांच कराने की मांग की थी।
- अक्टूबर 2026: 14 अक्टूबर को अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिका में रहने वाले कुछ डोनर CJP और अभिजीत दीपके को पैसे दे रहे हैं। हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्टों में इन दानदाताओं के नाम या पैसों के लेन-देन के सबूत सामने नहीं आए थे।
पेपर लीक आंदोलन के बाद छात्रों की मदद के लिए बनाया फंड
CJP ने पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए एक फंड बनाया है। इसी साल 27 जुलाई को सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी।
उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस फंड में आर्थिक योगदान देने की अपील की थी। संगठन की ओर से इस राशि का इस्तेमाल छात्रों को कानूनी मदद उपलब्ध कराने के लिए किया जाना है।
सोनम वांगचुक ने विदेशी कनेक्शन के आरोपों को किया था खारिज
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 3 सितंबर को CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़े विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि आंदोलन को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में बड़ी संख्या में समर्थन मिलने की बात कही जा रही थी।
इसके बाद उन्होंने CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आंकड़ों का विश्लेषण किया। वांगचुक के मुताबिक, संगठन के करीब 94% फॉलोअर्स भारत से थे, जबकि सिर्फ 6% दूसरे देशों से थे।
उन्होंने इन आंकड़ों के जरिए संगठन को विदेशी समर्थन मिलने के दावों पर सवाल उठाए थे।
दोस्त मिलकर जुटाते हैं संगठन के लिए पैसा- दीपके
अभिजीत दीपके पहले भी विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। CJP के आंदोलनों पर होने वाले खर्च को लेकर उन्होंने कहा था कि वह और उनके दोस्त मिलकर संगठन के लिए पैसा जुटाते हैं।
उनके मुताबिक, संगठन को किसी बाहरी डोनर या बड़े उद्योगपति से आर्थिक मदद नहीं मिली है। उन्होंने आगे क्राउडफंडिंग के जरिए पैसा जुटाने की योजना भी बताई थी।
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया था। उनका कहना था कि अगर आंदोलन में विदेशी पैसा आया है, तो उसकी जांच करने और उसे रोकने की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है।
इस तरह CJP की फंडिंग को लेकर बीजेपी के आरोप, संगठन की सफाई और पुलिस की कार्रवाई के बीच विवाद फिर चर्चा में आ गया है।




