ग्वालियर में मिलावटखोरों पर प्रशासन की कार्रवाई: अवैध मावा फैक्ट्रियों पर मारा छापा, 85 किलो नकली मावा जब्त
ग्वालियर के भंवरपुरा और सिकरावली में प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन मावा कारखानों पर छापा मारा। तीनों बिना लाइसेंस चलते मिले।

Gwalior News: त्योहारों के दौरान बाजार में मिलावटी मावा पहुंचने की आशंका के बीच ग्वालियर जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने भंवरपुरा और सिकरावली गांव में चल रहे तीन मावा कारखानों पर छापेमारी की। जांच में तीनों कारखाने बिना वैध लाइसेंस के संचालित मिले। कार्रवाई के दौरान कुल 85 किलो संदिग्ध मावा जब्त किया गया। दूध और मावे के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
भंवरपुरा में दो कारखानों पर कार्रवाई
SDM के नेतृत्व में सबसे पहले टीम ग्राम भंवरपुरा में राकेश पुत्र अतर सिंह गुर्जर के कारखाने पहुंची। जांच के दौरान संचालक वैध फूड लाइसेंस नहीं दिखा सका। टीम ने मौके से मावे के दो और दूध का एक नमूना लिया। इसके अलावा 35 किलो संदिग्ध मावा जब्त किया गया। संचालक से बॉन्ड भी भरवाया गया।
इसके बाद टीम ने इसी गांव में बीरबल पुत्र प्रीतम गुर्जर के कारखाने पर छापा मारा। यहां भी लाइसेंस नहीं मिला। जांच के दौरान मावे के दो और दूध का एक नमूना लिया गया। गोदाम से पाम ऑयल के टीन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी मिली। टीम ने यहां से 50 किलो मावा जब्त किया।
सिकरावली में भी मिला मावा बनाने का कारखाना
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ग्राम सिकरावली में बंटी गुर्जर के कारखाने पर भी पहुंची। यहां से दूध और मावे का एक-एक नमूना लिया गया। इस तरह प्रशासन ने तीनों कारखानों की जांच कर नमूने जुटाए।
85 किलो मावा जब्त, लैब रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
तीनों जगह हुई कार्रवाई में कुल 85 किलो संदिग्ध मावा जब्त किया गया है। दूध और मावे के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
प्रशासन के मुताबिक, बिना लाइसेंस कारखाने चलाने और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त मावे की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
