मंदसौर अस्पताल का सुरक्षा प्रबंधन फेल, मरीज के बेड के पास से बैग ले भागा आवारा कुत्ता
मंदसौर जिला अस्पताल के हेल्थ और सेफ्टी प्रोटोकॉल की बड़ी नाकामी सामने आई है। सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के बिस्तर के पास से आवारा कुत्ता आभूषणों और रुपयों से भरा बैग लेकर भाग गया।
मंदसौर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से स्वास्थ्य सुरक्षा और मैनेजमेंट की एक बड़ी चूक का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के कायमपुर की निवासी लताबाई वाल्मीकि अपने बीमार बेटे के हाथ का उपचार कराने के लिए अस्पताल पहुंची थीं। इलाज की चिंताओं के बीच परिवार ने अपने सोने-चांदी के आभूषण और लगभग 2 हजार रुपये नकद एक हैंडबैग में सुरक्षित रख छोड़े थे। रात के समय यह बैग मरीज के बिस्तर के एकदम पास रखा था। अचानक जब महिला की नजर पड़ी तो बैग वहां से गायब था। अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान से बैग गायब होने पर परिवार की चिंता और बढ़ गई, जिसके बाद उन्होंने मदद के लिए सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराई।
प्रबंधन की चूक और पुलिस की CCTV सेफ्टी जांच
शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने अस्पताल के सुरक्षा प्रोटोकॉल और घटनाक्रम को समझने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस टीम ने तुरंत अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की। इस दौरान सर्जिकल वार्ड, कॉरिडोर और अस्पताल से एग्जिट के सभी रास्तों के फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। तभी CCTV में एक ऐसी वाकया रिकॉर्ड मिली जिसने इस पूरे मामले को ही चौंकाने वाला बना दिया। फुटेज में साफ दिखा कि एक आवारा कुत्ता बिना किसी रोक-टोक के सर्जिकल वार्ड के अंदर जाता है और कुछ देर बाद वही कुत्ता अपने मुंह में वह हैंडबैग दबाकर अस्पताल से बाहर निकलता दिखाई देता है। इस सेफ्टी फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस को बैग के गायब होने की पूरी कड़ी आसानी से समझ में आ गई।
पुलिस टीम का सर्च ऑपरेशन और सामान की सफल रिकवरी
CCTV फुटेज में कुत्ते के जाने की मूवमेंट और दिशा सामने आने के बाद, पुलिस की टीम ने तुरंत उसी रास्ते के आसपास सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिस ने अस्पताल परिसर के साथ-साथ आसपास के पूरे इलाके में बैग की सघन तलाश की। उनके इस रेस्क्यू और रिकवरी प्रयास के बाद महिला का वो बैग और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर व नकदी सही-सलामत बरामद कर ली गई। संकट की इस घड़ी में सारा सामान वापस मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।
अस्पताल के हेल्थ और सेफ्टी प्रोटोकॉल पर उठे कड़े सवाल
इस घटना ने जिला अस्पताल के हेल्थ मैनेजमेंट और मरीज सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत ही गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सर्जिकल वार्ड, जो कि इन्फेक्शन और सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, वहां रात के समय किसी आवारा कुत्ते का प्रवेश कर जाना खतरे की घंटी है। वहां से मरीज के बिस्तर के पास जाकर बैग लेकर बाहर निकल जाना, अस्पताल की नाइट शिफ्ट की निगरानी व्यवस्था और मैनेजमेंट पर सीधा सवालिया निशान लगाता है।


