मानसून प्रबंधन पर कैबिनेट का फोकस: भारी बारिश वाले इलाकों में तुरंत राहत के निर्देश, इंफ्रास्ट्रक्चर को भी गति
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने प्रदेश में मानसून और आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जमीन अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
मध्य प्रदेश में जारी मानसूनी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को चाक-चौबंद कर दिया है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की मौसमी स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने का आदेश दिया गया। इसी के साथ सरकार ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा देने और सिवनी-बालाघाट फोरलेन समेत 12 नई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को अपनी मंजूरी प्रदान की।
किसानों के हित में सुरक्षित भूमि क्रय नीति को स्वीकृति
ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और भूमि प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए भूमि अधिग्रहण नीति में सुधार किया है। अब सरकार केवल भू-स्वामी की सहमति के आधार पर ही सीधे जमीन खरीदेगी और इसके एवज में चार गुना क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करेगी। इस सुरक्षित प्रबंधन प्रणाली से किसानों को अपनी भूमि का उचित मूल्य तुरंत मिल सकेगा और जमीन विवादों में लगने वाले समय की बचत होगी, जिससे राज्य में जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के आगे बढ़ेंगे।
3,458 करोड़ की लागत से सिवनी-बालाघाट हाईवे का सुरक्षित चौड़ीकरण
सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को मजबूत करते हुए कैबिनेट ने 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को पेव्ड शोल्डर युक्त फोरलेन मार्ग में बदलने का फैसला किया है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस उच्चस्तरीय सड़क परियोजना पर 3,458 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच आसान होगी। इसके अलावा राज्य में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 12 अन्य नई सड़कों के निर्माण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।
युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए कौशल प्रशिक्षण मॉडल
कैबिनेट में युवाओं के मानसिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनी है। इसके तहत राज्य के युवाओं को ऐसी आधुनिक तकनीकी और वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी जो उन्हें सीधे रोजगार और सुरक्षित स्वरोजगार से जोड़ सके। अलग-अलग विभागों के संयुक्त प्रबंधन से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
फार्मर आईडी अभियान से किसानों का डेटाबेस और योजना प्रबंधन
किसानों के कल्याणकारी प्रबंधन के लिए 20 अगस्त से पूरे प्रदेश में 'फार्मर आईडी' बनाने का सघन जमीनी अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व और पंचायत कर्मी सीधे किसानों के घर और खेत तक पहुंचकर उनकी विशिष्ट डिजिटल आईडी तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों से इस सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, जिससे कृषि योजनाओं, फसल बीमा और वित्तीय सहायता का वितरण पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों तक पहुंच सके।
बाढ़-सुखाड़ प्रबंधन और 90 फीसदी सरकारी निर्णयों पर सफल अमल
बैठक में आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन जिलों में अत्यधिक बारिश से जलभराव की स्थिति बनी है, वहां बचाव टीमें तुरंत तैनात रहें और राहत सामग्री पहुंचाई जाए। वहीं अल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों को वैकल्पिक सिंचाई की सुविधाएं देने को कहा गया है। बैठक में यह सकारात्मक आंकड़ा भी साझा किया गया कि पिछले तीन वर्षों में कैबिनेट द्वारा लिए गए करीब 90 प्रतिशत नीतिगत निर्णयों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा चुका है।

