CM मोहन यादव कैबिनेट के फैसले: किसानों, मरीजों और सामाजिक योजनाओं के लिए बड़ी राशि मंजूर
CM मोहन यादव की कैबिनेट ने 8,225 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं मंजूर कीं। किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, वन संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास और सरकारी सेवाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने 8,225 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी है। इसमें किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने, जंगलों के संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बड़ी राशि रखी गई है।
खेती के लिए पानी पहुंचाने पर 3,378 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने अलग-अलग जिलों में चल रही सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये मंजूर किए। छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के लिए सबसे अधिक 2,611 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई सुविधाओं से पानी पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा पेंच व्यपवर्तन परियोजना के लिए 197 करोड़ रुपये, मुरैना की चेंटीखेड़ा परियोजना के लिए 531 करोड़ 15 लाख रुपये और पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स के लिए 39 करोड़ 41 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। पंचमनगर परियोजना से सागर और दमोह के 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य है।
जंगल, पौधारोपण और नदियों के लिए 2,050 करोड़
वन संरक्षण के लिए CAMPA निधि से 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है। इस राशि का इस्तेमाल पौधारोपण, मिट्टी और पानी बचाने, नदियों के पुनर्जीवन और वन्यजीवों के रहने की जगहों को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इसके साथ संरक्षित क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने, नगर वन विकसित करने और जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका को सहारा देने वाले काम भी किए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पांच साल का बजट
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं को जारी रखने के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह मंजूरी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए दी गई है। इससे विभाग की प्रशासनिक और संचालन संबंधी योजनाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी।
दिव्यांगजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 651 करोड़
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें विभाग के प्रशासनिक खर्च, दृष्टि और श्रवण बाधित लोगों के स्कूलों व संस्थाओं के वेतन-भत्ते, कलापथक योजना और दिव्यांगजन कार्यालय से जुड़ी राशि शामिल है। इसके अलावा सामान्य वर्ग कल्याण आयोग, स्वावलंबन केंद्र इंदौर और समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम सहित दूसरी योजनाओं के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।
चार जिलों में शिक्षा विभाग का काम होगा आसान
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक कार्यालय के लिए 17 नए पद मंजूर किए गए हैं। हर जिले में आउटसोर्सिंग से 8 लोगों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी। इसके लिए 16 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को 345 करोड़ रुपये
EOW की योजनाओं को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 345 करोड़ 52 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें स्थापना, वेतन-भत्ते और कार्यालय खर्च के लिए 327 करोड़ 52 लाख रुपये, भवन निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये और संपत्तियों के रखरखाव के लिए 7 करोड़ रुपये शामिल हैं।
विधि विभाग और गेहूं बिक्री पर भी फैसला
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की संपत्तियों के रखरखाव के लिए पांच साल में 40 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही रबी विपणन वर्ष 2020-21 में 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं की बिक्री से जुड़े पुराने फैसले को भी मंजूरी दी गई।

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