दीपावली से पहले एक्शन में खाद्य विभाग; 8 मावा दुकानों से लिए सैंपल, जांच में कमी होने पर होगी कार्रवाई
मुरैना में दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने 8 मावा दुकानों से नमूने लिए। किशमिश, घी और मिल्क क्रीम की भी सैंपलिंग हुई। मावा के नमूने भोपाल स्टेट लैब भेजे गए।


Morena News: दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए मुरैना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। महादेव नाका स्थित मावा की 8 दुकानों से नमूने लिए गए। मावे में मिलावट की आशंका को देखते हुए मौके पर स्टार्च और न्यूट्रालाइजर टेस्ट भी किए गए। इसके अलावा मिल एरिया रोड के एक ड्राई फ्रूट सेंटर से किशमिश का नमूना लिया गया। जौरा में दो दुग्ध डेयरियों से घी और मिल्क क्रीम के सैंपल भी जांच के लिए जुटाए गए हैं।
महादेव नाका की 8 मावा दुकानों की जांच
त्योहारी सीजन में मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग ने दुकानों पर सैंपलिंग की कार्रवाई की। महादेव नाका क्षेत्र में मावा बेचने वाली आठ दुकानों से नमूने एकत्र किए गए। अधिकारियों ने मौके पर मावे की प्रारंभिक जांच के लिए स्टार्च और न्यूट्रालाइजर टेस्ट किए। इन परीक्षणों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
किशमिश, घी और मिल्क क्रीम के भी नमूने लिए
मावा के अलावा विभाग ने अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच की। मिल एरिया रोड स्थित ड्राई फ्रूट सेंटर से किशमिश का नमूना लिया गया। वहीं, जौरा में संचालित दो दुग्ध डेयरियों से घी और मिल्क क्रीम के सैंपल जुटाए गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की पहचान करना है।
भोपाल की लैब में होगी मावे के नमूनों की जांच
मावा के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित स्टेट लैब भेजे गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पता चलेगा कि नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट में कोई खाद्य पदार्थ अमानक या असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार से पहले मिलावट रोकने पर जोर
दीपावली के दौरान मावा, घी, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग और जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित नमूनों की गुणवत्ता और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।


