फोरेस्ट SDO के सेवा रिकॉर्ड पर उठे सवाल! 5 संतानों की जानकारी छिपाने का आरोप, CM हेल्पलाइन पहुंची शिकायत
भिंड में फॉरेस्ट SDO रामकुमार पर पांच संतानों की जानकारी सेवा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराने का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के आवेदन के बाद शिकायत CM हेल्पलाइन पर दर्ज हुई।

Bhind Forest SDO Complaint: भिंड के वन विभाग में तैनात एसडीओ रामकुमार के सेवा रिकॉर्ड को लेकर नई शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने अपनी पांच संतानों का पूरा विवरण सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराया। मामले में पहले भी जांच की मांग की गई थी, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय का रुख किया। अब इस मामले को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
सेवा रिकॉर्ड में बेटियों के नाम दर्ज नहीं होने का दावा
अनिल कुमार ने 17 अक्टूबर को संबंधित अधिकारी के खिलाफ शिकायत देकर संतानों से जुड़ी जानकारी की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में कहा गया है कि एसडीओ के सेवा अभिलेख में उनकी पांच बेटियों के बजाय केवल एक बेटी शिवानी अरोलीया का नाम दर्ज है।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि हिमांशी अरोलीया और वान्या अरोलीया के नाम परिवार आईडी में दर्ज हैं। इसके अलावा दो अन्य बेटियों का विवरण भी सेवा रिकॉर्ड में नहीं होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने सरकारी दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
भिंड से ग्वालियर भेजी गई थी शिकायत
इस मामले में शुरुआती शिकायत भिंड के डीएफओ कार्यालय में की गई थी। वहां से जांच के लिए ग्वालियर स्थित मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजा गया था। शिकायत में दूसरे वन मंडल से जांच कराने की बात भी उठाई गई थी।
अनिल कुमार का कहना है कि उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती नहीं दिखी, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग के भोपाल मुख्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाई। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले आवेदन के आधार पर 21 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज की गई। अब शिकायत के जरिए सेवा रिकॉर्ड और परिवार से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है।
CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज, L-1 स्तर पर होगा निराकरण
शिकायत को सीएम हेल्पलाइन की प्रक्रिया के तहत पहले स्तर यानी एल-1 पर निराकरण के लिए दर्ज किया गया है। इस स्तर पर शिकायत की जांच और जवाब की प्रक्रिया आगे बढ़नी है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में दस्तावेजों की जांच किस अधिकारी को सौंपी जाएगी।
यदि शिकायतकर्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिले जवाब से संतुष्ट नहीं होता या शिकायत का निराकरण नहीं हो पाता, तो मामला आगे के स्तरों एल-2, एल-3 और एल-4 तक पहुंच सकता है। जांच के दौरान सेवा अभिलेख और परिवार आईडी में दर्ज विवरण का मिलान महत्वपूर्ण होगा।
पहले भी विवाद को लेकर चर्चा में रहा वन विभाग
भिंड का वन विभाग इससे पहले एसडीओ रामकुमार और रेंजर कृतिका शुक्ला के बीच हुए विवाद को लेकर भी चर्चा में रहा था। उस दौरान दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में अधिकारियों की मध्यस्थता से विवाद सुलझाने की जानकारी सामने आई थी।
अब संतानों के विवरण से संबंधित शिकायत के बाद विभाग एक बार फिर चर्चा में है। रेंजर कृतिका शुक्ला ने इस शिकायत से दूरी बनाए रखी है। उनके पति आरके दीक्षित भिंड में वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर तैनात हैं। हालांकि, इस पारिवारिक संबंध के आधार पर किसी अधिकारी की निष्पक्षता को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जांच की प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद ही स्थिति सामने आएगी।
जांच के बाद ही तय होगा आरोपों का आधार
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि एसडीओ के सेवा रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी की परिवार आईडी और अन्य संबंधित दस्तावेजों से तुलना की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों का कोई आधार है या नहीं। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। पांच संतानों की जानकारी छिपाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विभागीय जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



