MP Cabinet Decision: 7 अगस्त से शुरू होगा जन विश्वास अभियान, कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर
मध्य प्रदेश सरकार 7 अगस्त से छिंदवाड़ा से जन विश्वास अभियान शुरू करेगी। अभियान के दौरान मंत्री जनता से सीधा संवाद करेंगे और सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा करेंगे। कैबिनेट बैठक में AI आधारित मिशन बुनियाद और 60 नए सांदीपनि स्कूलों को भी मंजूरी दी गई। जानिए सभी बड़े फैसले।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हो रही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनसंपर्क, शिक्षा और तकनीकी विकास से जुड़े कई “जबरदस्त” प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी, और उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा विकास कार्यों को ठीक-ठाक रफ्तार देना है, सरकारी योजनाओं की निगरानी को और मजबूत करना है, और आम जनता तक उनका लाभ आसानी से पहुंचाना है , बिना देरी के।
7 अगस्त से छिंदवाड़ा से शुरू होगा जन विश्वास अभियान
कैबिनेट में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार 7 अगस्त से छिंदवाड़ा जिले से जन विश्वास अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के दौरान सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता के साथ सीधा संवाद करेंगे। साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं की जमीनी तस्वीर, सेवा वितरण व्यवस्था, और विकास कामों की समीक्षा भी होगी। सरकार का फोकस है लोगों की दिक्कतों का त्वरित निवारण करना और योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखना, ताकि काम समय पर हो सके।
8 जिलों में लागू होगा AI आधारित मिशन बुनियाद
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मिशन बुनियाद शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। पहले चरण के तौर पर यह मिशन प्रदेश के आठ जिलों में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीकी विकल्प अपनाने से शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था ज्यादा प्रभावी बनाई जा सकेगी। इससे छात्र और सरकारी संस्थान दोनों को नई टेक्नोलॉजी का फायदा मिलेगा।
60 नए सांदीपनि स्कूलों को मिली स्वीकृति
कैबिनेट ने 60 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर भी हामी भरी है। इन विद्यालयों के विकास और संचालन में करीब 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने की बात कही गई है। सरकार का लक्ष्य है, छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक संसाधन और गुणवत्ता वाली पढ़ाई उपलब्ध कराना।
विकास कार्य और योजनाओं की नियमित समीक्षा होगी
सरकार का कहना है कि जन विश्वास अभियान के दौरान विकास परियोजनाओं की प्रगति, सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, और अलग-अलग योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार जांच की जाएगी। कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश में तकनीकी प्रगति, शिक्षा में सुधार, और जनता से सीधे संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

