बैगा, झरिया और सहरिया जनजाति के युवाओं की होगी पुलिस बटालियन में भर्ती, CM मोहन यादव ने खंडवा में नई बटालियन का किया ऐलान
भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित आभार समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में नई पुलिस बटालियन के गठन की घोषणा की। उन्होंने बैगा, झरिया और सहरिया जैसे अति पिछड़े जनजातीय समुदायों के युवाओं को विशेष भर्ती के जरिए पुलिस बल से जोड़ने का ऐलान किया ।
भोपाल के रविंद्र भवन में हुए पुलिस आभार प्रदर्शन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की पुलिस फोर्स को समावेशी और ज्यादा सशक्त बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं कर दीं। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन बनाने का एलान तो किया ही, साथ ही राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की बटालियन में भी कुछ नई नियुक्तियां करने की बात रखी गई। उन्होंने खास तौर पर ये कहा कि सरकार का फोकस अति पिछड़े जनजातीय समुदायों बैगा, झरिया और सहरिया के युवाओं को पुलिस बल से जोड़ने पर है, लिहाजा बटालियन में उनकी खास भर्ती कराई जाएगी ।
अति पिछड़े जनजातीय युवाओं को पुलिस बल से जोड़ने की पहल
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र थमाए और पदोन्नत अधिकारियों का सम्मान भी किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के हर वर्ग, खासकर दूर दराज इलाकों में रहने वाले जनजातीय युवाओं को सुरक्षा तंत्र का हिस्सा बनाकर धीरे धीरे मुख्यधारा में लाया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने ये दुख भी साझा किया कि लगभग 20 हजार जवान बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो गए थे, लेकिन अब प्रमोशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और लंबे समय से अटकी दिक्कत को सुलझा दिया गया है ।
देश की सुरक्षा में NSA अजीत डोभाल की परंपरा का जिक्र
पुलिस विभाग की गौरवशाली कार्यशैली का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की सेवाओं का उदाहरण भी दिया। उनका कहना था कि भारतीय पुलिस परंपरा में अजीत डोभाल एक मिसाल हैं, और आज भारत की सुदृढ़ सुरक्षा नीति का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ तौर पर दिखाई देता है ।
2026 में 9,662 पुलिस पदों पर नई भर्ती, 27 हजार से ज्यादा पदोन्नतियाँ
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने विभागीय आंकड़ों का विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2026 के लिए पुलिस विभाग में 9,662 पदों पर सीधी भर्ती की आधिकारिक अनुमति मिल चुकी है। इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार आएगा। DGP ने ये भी बताया कि विभाग में 27 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को कार्यवाहक पदोन्नति दी गई है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कर्मियों को बड़ी राहत मिली, और उनका मनोबल भी ऊंचा हुआ है ।
मध्य प्रदेश बना देश का पहला नक्सल-मुक्त राज्य: DGP कैलाश मकवाना
डीजीपी कैलाश मकवाना ने घोषणा की कि पुलिस जवानों के लगातार अभियानों के नतीजों की वजह से मध्य प्रदेश देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बनने में सफल रहा है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पुलिस की सभी इकाइयों में सांस्कृतिक और औपचारिक गतिविधियों के लिए जल्द ही पुलिस बैंड की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी ।
