राजगढ़ हादसे में बड़ा खुलासा: निर्माणाधीन पुल पर नहीं थी रेलिंग, ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद उफनते झिरी नाले में समाई कार; 3 मासूमों समेत 9 की मौत
राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना के पास उफनते झिरी नाले में ईको वैन बहने से 3 बच्चों सहित 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जांच में सामने आया कि निर्माणाधीन 30 फीट लंबे पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं थी
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर हुआ ये दर्दनाक हादसा, सड़क सुरक्षा की एक बड़ी चूक और उफनते नाले में वाहन उतारने की लापरवाही की बहुत ही दुखद कहानी कह रहा है। पढ़ाना कस्बे के पास उफान पर आए झिरी नाले में ईको वैन बह जाने से तीन मासूम बच्चे और दो महिलाएं समेत एक ही परिवार के कुल 9 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा रेलिंग का इंतजाम नहीं था, और ग्रामीणों की चेतावनी के बाद भी मरीज को अस्पताल पहुँचाने की जल्दबाजी में ये भयानक घटना घट गई। पुलिस व SDERF की टीमों ने क्रेन का सहारा लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और वाहन , शवों को बाहर निकाला।
निर्माणाधीन पुलिया पर सुरक्षा व्यवस्था का अभाव, ग्रामीणों की मनाही के बाद भी बढ़ाई गाड़ी
सोमवार की सुबह करीब 9:30 बजे पढ़ाना के पास झिरी नाले पर ये हादसा हुआ, जहां करीब 30 फीट लंबे पुल का काम चल रहा है। लगातार तेज बारिश की वजह से नाले का पानी उफान मारकर निर्माणाधीन पुलिया के ऊपर से बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने बताया कि सड़क पर पर्याप्त रेलिंग न होने से खतरा काफी बढ़ गया था।
स्थानीय ग्रामीणों ने पानी के तेज बहाव को देखते ही वैन को रोक भी दिया था। वाहन चालक व परिवार वहां करीब 15 मिनट तक रुके रहे, फिर भी लकवे से पीड़ित महिला को इलाज के लिए कनावड़ धाम (कड़लावद गांव की ओर) ले जाने की चिंता में परिजन ने चालक से गाड़ी आगे बढ़ाने को कहा। बस फिर जैसे ही वैन पानी में उतरी, तेज धार के कारण सड़क से फिसलकर नाले में समा गई, और देखते ही देखते हादसा हो गया।
दो युवकों ने तैरकर बचाई जान, रेस्क्यू टीम ने क्रेन से ईको वैन निकाली
दुर्घटनाग्रस्त कार मुकेश सिंह के नाम पर पंजीकृत बताई गई है, और हादसे के समय वही गाड़ी चला रहे थे। मुकेश सिंह और हुकुम सिंह किसी तरह पानी में तैरते हुए अपनी जान बचा पाए, जिन्हें तुरंत सारंगपुर अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। घटना की सूचना के बाद एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह और थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी पुलिस बल के साथ SDERF टीम मौके पर पहुंची।
पानी का बहाव जब थोड़ा कम हुआ, तब क्रेन की मदद से ईको वैन को नाले से बाहर निकाला गया। इसके बाद सर्च टीम ने आसपास इलाके में सघन अभियान चलाया और शंकर सिंह , उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू (पत्नी हुकुम सिंह), 3 वर्षीय राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, उनकी पत्नी पूजा चौहान, रिशिका और आनंद सिंह के शव बरामद किए। मृतकों में देवास जिले के सतवास इलाके के धांसड़ गांव का ये परिवार भी शामिल है।
CM मोहन यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक मदद
इस गंभीर दुर्घटना को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शोकग्रस्त परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हर मृतक के आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही उन्होंने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और परिजनों को ये असीम दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की है।
