Nana Patekar Death: पर प्रधानमंत्री मोदी बोले, किरदार याद रखे जाएंगे
शोक संदेश में मोदी ने नाना की अदाकारी, बेबाक राय और सिनेमा में योगदान का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया है। 75 साल की उम्र में नाना का देहांत गुरुवार सुबह गोवा के उनके घर पर हुआ, जहां उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। करीब 45 मिनट सीपीआर चला, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। घड़ी में तब सुबह के 5:20 बजे थे। मेडिको-लीगल केस दर्ज है और पोस्टमॉर्टम होगा।
मोदी ने अदाकारी और बेबाकी को किया याद
पीएम मोदी का कहना था कि नाना की एक्टिंग में गहराई थी और पर्दे पर उनकी मौजूदगी का अपना ही असर था। प्रधानमंत्री ने नाना के अलग-अलग रोल और रचनात्मकता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये भूमिकाएं आगे की पीढ़ियों को भी याद रहेंगी। साथ ही उनका कहना था कि नाना अपने सीधे और बेबाक नजरिए के लिए पहचाने जाते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा को नाना की देन याद करते हुए मोदी ने उनके परिवार, दोस्तों और फैंस के प्रति संवेदना भी जाहिर की।
रक्षा मंत्री से इजाजत लेकर पहुंचे थे कारगिल
1999 के कारगिल युद्ध के वक्त नाना ने तब के रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से अनुमति ली। फिर वे लगभग 15 से 20 दिन आगे के इलाकों में जवानों के बीच रहे। द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसी जगहों पर भी गए। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ भी वक्त गुजारा। सैनिकों को वे कई मौकों पर देश का असली हीरो बता चुके थे। उनकी राय थी कि हर शख्स को अपनी ताकत के हिसाब से देश के लिए कुछ करना चाहिए।
फिल्मी मेजर, असली फौजी ट्रेनिंग
'प्रहार: द फाइनल अटैक' में मेजर का किरदार असली दिखे, इसलिए नाना ने मराठा लाइट इन्फैंट्री से सैन्य प्रशिक्षण लिया। कहा जाता है कि यह करीब तीन साल चला। इसके बाद टेरिटोरियल आर्मी से उनका जुड़ाव हुआ और मानद कैप्टन के तौर पर उन्हें कमीशन मिला। आगे वे मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर भी रहे और 2013 में रिटायर हो गए।
तीन नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री का सम्मान
नाना ने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। गंभीर रोल से लेकर कॉमेडी तक, उनकी हर जगह अलग छाप दिखी। हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी उनका योगदान रहा।
'परिंदा' में अन्ना के रोल से उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली और नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी। इसके बाद 'क्रांतिवीर' में बेस्ट एक्टर और 'अग्निसाक्षी' में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड आया। कुल मिलाकर तीन नेशनल अवॉर्ड उनके खाते में रहे। 2013 में सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री से भी उन्हें नवाजा गया।
वेलकम में उदय शेट्टी बनकर दी कॉमेडी
सिर्फ गंभीर भूमिकाओं तक नाना की पहचान नहीं थी। 2007 की फिल्म 'वेलकम' में गैंगस्टर उदय शेट्टी बनकर उन्होंने कॉमेडी में अलग मुकाम बनाया। दर्शकों को उनका अंदाज़ बहुत पसंद आया और 'वेलकम बैक' में भी यह किरदार आगे बढ़ा।




