Ashoknagar News: नकली पान मसाला फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, भारी मात्रा में फर्जी पैकिंग सामग्री जब्त…

Ashoknagar News: अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में नकली पान मसाले के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए एक अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है, जहां राजश्री ब्रांड के नाम पर नकली पान मसाले की पैकिंग कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से भारी मात्रा में गुटखा, नकली पैकिंग सामग्री और उपकरण जब्त किए हैं। सीटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हो रहा था ये काम पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक घर में नकली पान मसाले की फैक्ट्री संचालित की जा रही है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी रवि चौहान के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा, जिसमें आरोपी लालजी साहू को रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके घर से नकली राजश्री पान मसाले के पैकेट, रॉ मटेरियल और पैकिंग मशीन समेत कई सामग्री जब्त की गई है। थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि भोपाल में स्थित पान मसाले के डिस्ट्रीब्यूटरों से आरोपी का कोई संबंध रहा है या नहीं। उनसे बयान लेकर उपयुक्त कानूनी धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। एक साल से चल रही थी अवैध फैक्ट्री प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक वर्ष से यह अवैध फैक्ट्री चला रहा था। वह राजश्री जैसे प्रसिद्ध ब्रांड का नाम और लोगो इस्तेमाल कर नकली माल तैयार कर ग्राहकों और कंपनी दोनों को चूना लगा रहा था। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। READ MORE: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने इतने दिन के लिए दी इजाजत…
इंग्लैंड में परिवार संग सेटल हो रहे हैं Virat Kohli? भाई को सौंपी करोड़ों की संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी…

Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार कारण क्रिकेट नहीं बल्कि उनकी गुरुग्राम स्थित करोड़ों की संपत्ति है। कोहली ने हाल ही में अपनी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) अपने बड़े भाई विकास कोहली के नाम की है, जिसके बाद उनके इंग्लैंड में स्थायी रूप से बसने की अटकलें तेज हो गई हैं। टीम इंडिया के साथ रवाना Virat Kohli पिछले मंगलवार विराट कोहली (Virat Kohli) गुरुग्राम स्थित वजीराबाद तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने DLF फेज़-1 स्थित अपने लग्जरी बंगले और एक फ्लैट की पावर ऑफ अटॉर्नी के कागज़ात पूरे किए। इस दौरान उन्होंने भाई विकास को संपत्ति से जुड़े सभी कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों का अधिकार सौंप दिया। कार्यवाही पूरी होने के बाद कोहली सीधे दिल्ली एयरपोर्ट रवाना हुए, जहां से वे ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया के साथ निकल गए। क्या इंग्लैंड बन गया है विराट का नया घर? सूत्रों के अनुसार, विराट कोहली अब ज़्यादातर समय इंग्लैंड में पत्नी अनुष्का शर्मा, बेटी वामिका और बेटे अकाय के साथ बिता रहे हैं। खबर है कि अब उनकी मां सरोज कोहली भी उनके साथ वहीं शिफ्ट हो चुकी हैं। पहले वे विकास कोहली के साथ गुरुग्राम में रहती थीं। हालांकि विराट ने अभी तक आधिकारिक रूप से इंग्लैंड में सेटल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन संपत्ति की GPA सौंपने और लगातार वहीं रहने से यह संभावना प्रबल हो गई है कि लंदन उनका नया स्थायी ठिकाना बन चुका है। GPA क्या होता है? जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) एक कानूनी दस्तावेज है, जिसके ज़रिए व्यक्ति किसी दूसरे को अपनी संपत्ति से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार देता है। अब विकास कोहली को विराट की संपत्तियों को बेचने, किराए पर देने या क़ानूनी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने का पूरा अधिकार मिल गया है। विराट कोहली टेस्ट और T20 क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने 10 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। हालांकि, वे अभी भी वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया का हिस्सा हैं। वे आखिरी बार चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में नजर आए थे।अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में टीम इंडिया के साथ हैं। READ MORE: Virat Kohli की दरियादिली, ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसा कर जीत लिया फैन्स का दिल…
पत्रिका विमोचन में बोले CM Dr. Yadav: मीडिया की मुख्यधारा से दूर विषयों को आयुध ने दी पहचान

CM Dr. Yadav: भोपाल | पत्रकारिता सत्य की वह ज्योति है, जो अंधकार में भी रोशनी दिखाती है।” इसी भाव के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Yadav) ने आयुध पत्रिका के विमोचन समारोह में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने में आयुध मीडिया ने अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री बुधवार शाम को भोपाल के गुलमोहर क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा से जुड़े। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनजातीय नायकों और उपेक्षित सांस्कृतिक क्षेत्रों को मुख्यधारा की मीडिया में भले ही स्थान न मिला हो, लेकिन आयुध ने उन्हें मंच प्रदान किया। डिजिटल संस्करण का भी हुआ विमोचन कार्यक्रम के दौरान आयुध पत्रिका के डिजिटल संस्करण का भी विमोचन अतिथियों द्वारा रिमोट का बटन दबाकर किया गया। इस अवसर पर मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के सह-कार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध, वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेन्द्र तिवारी, स्वदेश समूह के संपादक अतुल तारे, समूह सलाहकार संपादक गिरीश उपाध्याय, और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी समेत कई गणमान्यजन उपस्थित थे। चंबल पर डॉक्यूमेंट्री विमोचन समारोह के दौरान आयुध पत्रिका का औपचारिक पंजीयन भी कराया गया। कार्यक्रम के समापन पर चंबल क्षेत्र पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसे दर्शकों ने सराहा। अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। “पत्रकारिता समाज के पुनर्जागरण की धुरी” विशिष्ट अतिथि हेमंत मुक्तिबोध ने कहा कि आयुध मीडिया के रूप में एक सशक्त उपक्रम की शुरुआत हुई है। “डिजिटल तो पहले ही आ चुका था, अब पत्रिका भी आ गई है। भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में पत्रकारिता की ऐतिहासिक भूमिका रही है,” उन्होंने कहा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेन्द्र तिवारी ने कहा कि वर्तमान पत्रकारिता जगत अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। “हमें यह देखना होगा कि अगली पीढ़ियों के लिए हम कैसी पत्रकारिता छोड़कर जा रहे हैं।” लोकेन्द्र सिंह ने व्यक्त किया आभार कार्यक्रम के अंत में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्राध्यापक लोकेन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में सौरभ कुमार, अंकित, आशुतोष भारद्वाज और सुयश त्यागी सहित कई युवा मीडिया कर्मी भी उपस्थित रहे। READ MORE: 12 महीने से वेतन नहीं मिला, ड्रेसर ने बीएमओ पर ताना कट्टा, VIDEO वायरल…
Shivpuri News: 12 महीने से वेतन नहीं मिला, ड्रेसर ने बीएमओ पर ताना कट्टा, VIDEO वायरल…

Shivpuri News: शिवपुरी (मध्यप्रदेश)। जिले के कोलारस क्षेत्र के अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लुकवासा अस्पताल में पदस्थ ड्रेसर मनीष नाजगड़ ने बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) पर अवैध कट्टा तान दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ड्रेसर पिछले 12 महीनों से वेतन न मिलने से बेहद नाराज़ था। इसी गुस्से में उसने यह खतरनाक कदम उठाया। घटना के दौरान मनीष ने अपने कट्टे में कारतूस भी लोड कर रखा था और बीएमओ को धमकाते हुए अपने बकाया वेतन की मांग करने लगा। इस पूरी घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया और सभी कर्मचारी दहशत में आ गए। बीएमओ की शिकायत पर कोलारस थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने आरोपी ड्रेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पहले भी कर चुका है अनुशासनहीनता सूत्रों के अनुसार, कुछ महीने पहले मनीष का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह अस्पताल परिसर में बैठकर शराब पीते हुए रील बना रहा था। माना जा रहा है कि इसी घटना के चलते उसका वेतन रोका गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में था। पुलिस जांच जारी पुलिस ने आरोपी से अवैध हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे यह हथियार कहां से मिला। आरोपी पर शस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। READ MORE: फर्जी पहचान से शादी करने वाले इमरान को 3 साल की सजा….
Bhopal ‘Love Jihad’ Case: फर्जी पहचान से शादी करने वाले इमरान को 3 साल की सजा….

Bhopal ‘Love Jihad’ Case: भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘लव जिहाद’ से जुड़े एक अहम मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने इमरान नामक युवक को हिंदू नाम ‘राम प्रजापति’ बताकर शादी करने के अपराध में 3 साल की कैद और 28 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है। मामला 2016 का है जब आरोपी ने खुद को राम प्रजापति बताकर एक हिंदू युवती से दोस्ती की और फिर 21 जुलाई 2016 को सलकनपुर स्थित आर्य मंदिर में शादी कर ली। शादी के कुछ वर्षों बाद आरोपी ने युवती को बताया कि उसका असली नाम इमरान है। पीड़िता के अनुसार, इमरान उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था । साथ ही 5 लाख रुपये की मांग भी कर रहा था। परेशान होकर युवती ने साल 2021 में FIR दर्ज करवाई थी। (Bhopal ‘Love Jihad’ Case) सुनवाई के बाद अदालत ने इमरान को दोषी पाते हुए उसे तीन साल की सश्रम कारावास और 28 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। READ MORE: महाकाल दर्शन के दौरान गायब हुई झांसी की नाबालिग
MP News: महाकाल दर्शन के दौरान गायब हुई झांसी की नाबालिग

MP News: उज्जैन | मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान झांसी से आई एक नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला सामने आया था। तेज़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया है। लड़की अब अपनी मां के पास सुरक्षित है। क्या था मामला? यह घटना 9 अक्टूबर 2025 की है। उत्तर प्रदेश के झांसी से एक महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। दर्शन के दौरान महिला ने अपना बैग हरसिद्धि पाल के पास एक अन्य महिला के पास रख दिया और अपनी बेटी के साथ लाइन में लग गई। दर्शन समाप्त होने के बाद महिला ने बेटी को बैग लाने भेजा, लेकिन लड़की वापस नहीं लौटी। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब कोई पता नहीं चला, तो अगले दिन 10 अक्टूबर को महिला ने महाकाल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। यह मामला अपराध क्रमांक 455/25 के तहत दर्ज हुआ। लड़की ने क्या बताया? पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह अपनी मां से नाराज थी क्योंकि मां उसे मोबाइल फोन चलाने नहीं देती थीं। इसी नाराज़गी में वह ट्रेन पकड़कर घर लौटने निकली, लेकिन गलती से गलत ट्रेन में चढ़ गई और मुंबई पहुंच गई। पुलिस ने लड़की को मुंबई से उज्जैन लाकर उसकी मां के हवाले कर दिया। महिला ने राहत की सांस ली और उज्जैन पुलिस की सक्रियता की सराहना की। पुलिस का संदेश थाना प्रभारी ने बताया कि मामला अब पूरी तरह सुलझ चुका है और किसी प्रकार की आपराधिक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी। यह घटना अभिभावकों के लिए एक सबक है कि वे बच्चों से संवाद बनाए रखें, उनकी बात सुनें और उन्हें समझें। READ MORE: 10 बाघ छोड़ेंगे MP के जंगल, जानिए कहां-कहां भेजे जा रहे हैं टाइगर
MP Tiger Shifting: 10 बाघ छोड़ेंगे MP के जंगल, जानिए कहां-कहां भेजे जा रहे हैं टाइगर

MP Tiger Shifting: भोपाल | मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वच्छंद रूप से विचरण कर रहे दस बाघों को ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में स्थानांतरित (ट्रांसलोकेट) किया जाएगा। यह निर्णय हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में लिया गया। इस फैसले के बाद वन विभाग ने तीनों ही राज्यों को पत्र भेजकर टाइगर शिफ्टिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कार्य राज्य के मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) शुभरंजन सेन की देखरेख में किया जा रहा है। तीन राज्यों में भेजे जाएंगे 10 बाघ ओडिशा के देवरीगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में 1 नर और 2 मादा बाघ भेजे जाएंगे। राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 3 मादा बाघ और मुकुंद्रा टाइगर रिजर्व में 1 मादा बाघ को भेजा जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए 2 नर और 1 मादा बाघ का स्थानांतरण किया जाएगा। ये बाघ कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से चयनित किए गए हैं। प्रत्येक राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां भेजे जा रहे बाघों के लिए उचित बाड़े, रेडियो कॉलर ट्रैकिंग, निगरानी और अनुकूल पर्यावरणीय व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। अन्य राज्यों से भी वन्य प्राणी लाने की योजना मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश से वन्य प्राणी देने के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी जैव विविधता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से असम से एक सींग वाला गेंडा लाने के लिए पहल करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल और फॉनल डाइवर्सिटी (वनस्पति और जीव विविधता) की ब्रांडिंग की जाए और प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं वहां के वन्य जीवों की देश-विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार हो। जैव विविधता को बढ़ावा देना इस टाइगर ट्रांसलोकेशन योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों में जैव विविधता को संतुलित करना, टाइगर पॉपुलेशन को बेहतर तरीके से फैलाना और प्राकृतिक वास क्षेत्रों का संतुलित विकास करना है। READ MORE: प्रदेश में 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी, 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
MP News : प्रदेश में 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी, 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

MP News : भोपाल | मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। एक राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश की 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी होती हैं, जबकि तीन प्रतिशत दुर्घटनाओं के लिए सड़क डिज़ाइन की खामियां और अपर्याप्त संकेतक जिम्मेदार हैं। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को भोपाल में किया गया। मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘संजय’ एप्लिकेशन इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक उन्नत सड़क सुरक्षा मोबाइल एप्लिकेशन ‘संजय’ का शुभारंभ किया। इस एप्लिकेशन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और हादसों की सूचना तेजी से संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए: लोक निर्माण विभाग और आईआईटी मद्रास के बीच मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच ब्लैक स्पॉट की पहचान और तकनीकी समाधान प्रदेश में अब तक 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इन दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने दोपहिया चालकों से हेलमेट पहनने, और कार चालकों से सीट बेल्ट बांधने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा, “जीवन बचाने से बड़ा कोई कार्य नहीं हो सकता।” हेलमेट से 60% जानें बचाई जा सकती हैं: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि देशभर में होने वाली 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यदि हेलमेट का सही उपयोग किया जाए तो 60% जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित कर रही है, जिससे हादसों की जानकारी तुरंत अस्पतालों तक पहुंचाई जा सके और पीड़ितों को पहले सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके। जन जागरूकता पर ज़ोर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे सड़कें तेज और आधुनिक हो रही हैं, दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नागरिक खुद भी ट्रैफिक नियमों को समझें और अपनाएं। आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और एमपीआरडीसी के स्वतंत्र निदेशक वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूलों के कारण होती हैं। हालांकि, 3% दुर्घटनाएं अब भी खराब सड़क डिज़ाइन और साइनेज की कमी से होती हैं। READ MORE: ग्वालियर में 6 दवाओं के उपयोग पर रोक, जानें कौन-कौन सी हैं ये दवाएं…
Cough Syrup Scandal के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: ग्वालियर में 6 दवाओं के उपयोग पर रोक, जानें कौन-कौन सी हैं ये दवाएं…

Cough Syrup Scandal: ग्वालियर | 16 अक्टूबर 2025, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से जुड़े गंभीर मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब ग्वालियर में छह प्रमुख दवाओं के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। MPPHCL के निर्देश पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPPHCL) के निर्देश पर की गई है। सिविल सर्जन डॉ. आर.के. शर्मा को ईमेल के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने ग्वालियर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, वार्ड प्रभारी, दवा वितरण केंद्र और प्रसूति गृहों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अगर इन दवाओं का कोई स्टॉक अस्पताल में मौजूद है, तो उसे तत्काल सिविल सर्जन के स्टोर में जमा कर दिया जाए। इन 6 दवाओं के उपयोग पर लगी रोक 1. मेरोपेनम (Meropenem) 2. सिप्रोफ्लोक्सेसिन 250mg टैबलेट 3. लैक्टुलोज सिरप (10ml और 15ml) 4. एल्बेंडाजोल 400mg 5. रेबीप्राजोल 20mg टैबलेट 6. इलेक्ट्रोलाइट पी क्यों बढ़ी सतर्कता? छिंदवाड़ा में कथित तौर पर कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद राज्यभर में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसी के चलते अब स्वास्थ्य विभाग कोई भी लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। क्या कहता है स्वास्थ्य विभाग? स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह प्रतिबंध सावधानी के तौर पर लगाया गया है। जब तक इन दवाओं की गुणवत्ता की जांच पूरी नहीं होती, तब तक इनका उपयोग नहीं किया जाएगा। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। READ MORE: MP में 24 किन्नरों का सामूहिक आत्महत्या का प्रयास, दो की हालत गंभीर
Transgender mass suicide: MP में 24 किन्नरों का सामूहिक आत्महत्या का प्रयास, दो की हालत गंभीर

Transgender mass Suicide : इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में बुधवार देर शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 24 किन्नरों ने एक साथ जहर पी लिया। गंभीर हालत में सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें सभी की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि दो किन्नर आईसीयू में भर्ती हैं। विवाद बनी वजह: पुलिस के मुताबिक, यह खौफनाक कदम किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहे आपसी विवाद के कारण उठाया गया। यह भी जानकारी मिली है कि हाल ही में दो मीडियाकर्मियों द्वारा कुछ किन्नरों के साथ कथित दुष्कर्म के बाद से विवाद जारी था, लेकिन सामूहिक जहर पीने की असली वजह की पुलिस अभी जांच कर रही है। यह विवाद इंदौर के सपना गुरु और सीमा-पायल गुरु के गुटों के बीच अक्सर होता रहता है। पहले भी इन गुटों में झगड़े और केस दर्ज हुए हैं। हंगामा और चक्काजाम: जहर पीने के बाद एक गुट के किन्नरों ने नंदलालपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर हंगामा किया, जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। प्रारंभिक जांच में फिनायल पीने की बात सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: इंदौर के एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में घटना की सूचना मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (Transgender mass suicide) सीएमएचओ को सभी प्रभावितों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। READ MORE: नहीं रहे महाभारत के कर्ण, मूंछ की खातिर ठुकरा दिया था अर्जुन का किरदार…