आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब’ से मचा हड़कंप, 135 kmph की हवाएं; 50 ट्रेनें और 21 फ्लाइट्स रद्द
चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर की देर रात और बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द हुईं।

Cyclone Arnab: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर की देर रात और बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान था, जबकि तेज झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते थे। तूफान के असर से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
विशाखापट्टनम से काकीनाड़ा तक तूफान का असर
विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाड़ा और कोनसीमा समेत आंध्र प्रदेश के कई तटीय इलाकों में तूफान का असर देखा जा रहा है। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें हैं। प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान तेज किया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। तूफान के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश से सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
50 ट्रेनें और 21 फ्लाइट्स रद्द, यातायात प्रभावित
चक्रवाती तूफान का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम 50 ट्रेनें रद्द की गई हैं। वहीं, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से जुड़ी 21 उड़ानें भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। बुधवार के लिए भी कई उड़ानों को रद्द किया गया है।
रेलवे और एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन या फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें। मौसम की स्थिति के अनुसार परिवहन सेवाओं में बदलाव किया जा सकता है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत-बचाव अभियान तेज
तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दोनों राज्यों में करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए गए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित जगह पर रखा जा सके। आंध्र प्रदेश में 89 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तटीय जिलों में अलर्ट जारी करते हुए राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में हालात पर नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत मदद दी जा सके।
ओडिशा में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में असर
चक्रवाती तूफान अर्नब का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और तेलंगाना समेत कई राज्यों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और जिलों में मौसम का असर अलग हो सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
तूफान को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से समुद्र के पास नहीं जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तूफान के कारण रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने के चलते यात्रियों को भी अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी पहले जांचने की सलाह दी गई है।





