कूनो नेशनल पार्क के चीते की गोली मारकर हत्या; सर्जरी में शरीर से निकले 5 छर्रे, जांच के लिए हाई-लेवल टीम तैनात
श्योपुर के जंगल में घायल मिले 19 महीने के नर चीते KNG22 की इलाज के दौरान मौत हो गई। चीते को 25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में घायल पाया गया था। इमरजेंसी सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए।


Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से जुड़े 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत ने वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरैना के जंगल में घायल मिले इस चीते के शरीर से सर्जरी के दौरान गोली के पांच छर्रे निकाले गए थे। गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम मध्य प्रदेश भेजी है। वहीं, राज्य सरकार ने भी वन और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है।
मुरैना के जंगल में घायल मिला था 19 महीने का चीता
वन विभाग के मुताबिक, KNG22 कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निरवा का 19 महीने का नर शावक था। 25 अक्टूबर 2026 को उसे संरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के क्षेत्रीय वन क्षेत्र में घायल अवस्था में पाया गया था।
सूचना मिलने के बाद मॉनिटरिंग टीम ने उसी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और चीते को उपचार के लिए कूनो नेशनल पार्क लाया गया। उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा सुविधा केंद्र में स्थानांतरित किया गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार शुरू हुआ।
एक्स-रे और CT स्कैन में मिले गोली के छर्रे
शुरुआती जांच में चीते के शरीर में कुछ बाहरी वस्तुएं दिखाई दीं। इसके बाद एक्स-रे और CT स्कैन के जरिए चोटों की विस्तृत जांच की गई। वन विभाग के अनुसार, जांच में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गोली के छर्रे होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने आपात सर्जरी कर चीते के शरीर से पांच फायरआर्म पेलेट्स निकाले। छर्रों के कारण उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा था। विशेषज्ञों ने उसे बचाने के लिए इलाज जारी रखा, लेकिन 27 अक्टूबर की सुबह उसने दम तोड़ दिया।
केंद्र सरकार ने भेजी उच्चस्तरीय जांच टीम
चीते की मौत के बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए केंद्रीय टीम मध्य प्रदेश भेजी है। इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक और क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं।
टीम को घटना की परिस्थितियों की जांच करने, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने और राज्य के वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चीते को गोली कैसे लगी और घटना के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
राज्य सरकार ने भी गठित की STF
मध्य प्रदेश सरकार ने भी मामले की जांच के लिए वन एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त विशेष कार्यबल (STF) गठित की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चीते को गोली कैसे लगी, घटना दुर्घटना थी या शिकार का मामला, और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। साथ ही कूनो और आसपास के क्षेत्रों में लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल, मॉनिटरिंग सिस्टम और वन्यजीव संरक्षण उपायों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी घटना की वजह
KNG22 की मौत ने कूनो और उसके आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक ओर केंद्रीय टीम घटना के साक्ष्यों की जांच कर रही है, वहीं राज्य की STF भी मामले की पड़ताल में जुटी है।
जांच पूरी होने के बाद केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल किसी व्यक्ति की भूमिका या घटना के पीछे की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।



