ग्वालियर में बदला मौसम का मिजाज: सुबह-रात ठंडक तो दोपहर में तेज धूप से गर्मी, ऐसे रखे सेहत का ध्यान
ग्वालियर में सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का असर है। न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री और सुबह नमी 85% दर्ज की गई।


Gwalior Weather: ग्वालियर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। रात और सुबह हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दोपहर में तेज धूप लोगों को गर्मी का एहसास करा रही है। तापमान में इस अंतर के चलते लोगों को दिन के समय के अनुसार कपड़ों का चयन करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.3 डिग्री कम है। सुबह 5:30 बजे तापमान 18.4 डिग्री और सुबह 8:30 बजे 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई, जो पिछले आंकड़े से 15 प्रतिशत अधिक है।
तीन दिन में न्यूनतम तापमान में गिरावट
पिछले तीन दिनों के आंकड़ों में न्यूनतम तापमान में गिरावट का रुझान दिखाई दिया है। तीन दिन पहले न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो बाद के आंकड़ों में घटकर 17.3 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार को न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच अंतर के कारण सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
सुबह ठंडक, दोपहर में गर्मी
मौसम में बदलाव के चलते लोगों को सुबह और देर रात हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। इसके उलट, दोपहर में तेज धूप के कारण सामान्य कपड़ों में भी गर्मी लगने लगती है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलते समय समय और तापमान का ध्यान रखना पड़ रहा है।
सुबह जल्दी घर से निकलने वाले और देर रात तक बाहर रहने वाले लोगों को ठंडी हवा से बचाव करना पड़ रहा है। वहीं, दिन में बाहर रहने वालों के लिए तेज धूप और गर्मी परेशानी का कारण बन रही है।
सेहत के प्रति रहें सतर्क
डॉ. अजयपाल सिंह के मुताबिक, मौसम में हो रहे बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और रात की ठंडक से बचाना जरूरी है। सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोग तापमान को ध्यान में रखते हुए हल्के गर्म कपड़े पहनें।
दोपहर में तेज धूप के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और लंबे समय तक धूप में रहने से बचें। मौसम के अनुरूप दिनचर्या में बदलाव करने से तापमान में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।


