झारखंड सरकार और सीएम हेमंत सोरेन का सख्त रुख: छात्र आंदोलन और बीजेपी के बंद पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा; बातचीत जारी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के विरोध और भाजपा के राज्यव्यापी बंद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि प्रशासन बातचीत के जरिए समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहा है, लेकिन टकराव फिलहाल जारी है।
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर जो राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान छिड़ा है , उसी दौर में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने काफी कड़ा रूख अख्तियार कर लिया। JPSC (जेपीएससी) और JSSC (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र सामने आए , विधानसभा घेराव हुआ , इसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध भी बढ़ा… और फिर भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का ऐलान कर दिया। इसी बीच मुख्यमंत्री का कहना रहा कि प्रशासन संवाद के ज़रिये हल निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विपक्ष पॉलिटिकल फायदा के लिए युवाओं को भटकाने में लगा है, बस।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विपक्ष पर करारा प्रहार
राजधानी रांची में उग्र प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष की भूमिका पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि विपक्ष युवाओं को भ्रम में रखकर आगे बढ़ रहा है, यानी उन्हें गुमराह करने की “साजिशनुमा” चाल चल रहा है। वहीं सरकार की तरफ से ये भी कहा गया कि उनके तय विकास कार्य बिना रुके आगे बढ़ते रहेंगे। सरकार यह भी बताती रही कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, कुछ मुद्दों पर सहमति भी बनी है, पर छात्र अपने आंदोलन पर अभी भी अड़े हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे।
प्रशासनिक और पुलिस पक्ष: 14 जवानों के घायल होने की पुष्टि
सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान पुरानी विधानसभा के पास पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोका, फिर हालात बिगड़े तो कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उसके बाद छात्र बसों के सामने बैठकर विरोध में उतर आए, और फिर वो टकराव और ज्यादा तीखा हो गया। इस हिंसक भिड़ंत में जहां एक तरफ बड़ी संख्या में छात्रों के घायल होने और कुछ लोगों के हाथ पैर में फ्रैक्चर जैसी चोटों के दावे लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने औपचारिक रूप से करीब 14 जवानों के घायल होने की बात कही है। अधिकारी अब पूरे घटनाक्रम के वीडियो, और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करवा रहे हैं।
भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग और राजनीतिक तकरार
छात्रों का मुख्य विरोध JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर है, और वे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया, जिसके तहत रांची सहित कई जिलों में लोग सड़कों पर उतरे, रास्ते रोके गए, टायर जलाए गए और दुकानें बंद कराने की कोशिश की गई। बंद के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। सरकार पहले ही कुछ मांगों पर सहमति दिखा चुकी है, मगर छात्रों की जिद, और विपक्ष के आक्रामक तेवर के चलते झारखंड में प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा।
