राजस्थान में बांधों के गेट खुले और UP में उफान पर नदियां: 40 गांव जलमग्न, उत्तराखंड में हाईवे ठप; भोपाल समेत 6 राज्यों में मानसून की तबाही
राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद कालीसिंध और छापी बांधों के गेट खोल दिए गए हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर होने से 40 गांव जलमग्न हैं तथा उत्तराखंड में भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद हो गया है।
राजस्थान में बांधों के गेट खुले , यूपी में उफान पर नदियां : 40 गांव हुए जलमग्न, उत्तराखंड में हाईवे ठप; भोपाल समेत 6 राज्यों में मानसून की तबाही
उत्तर और मध्य भारत में मानसून का रुख काफी आक्रामक रहा, इस वजह से नदियां उफान पर चल रही है और कई जगह बाढ़ जैसी हालात दिखने लगी है। राजस्थान के हाड़ौती इलाके में लगातार बरसात के बाद कालीसिंध और छापी बांध लबालब हो गए, फिर उनके गेट खोल दिए गए। उधर उत्तर प्रदेश में गंगा व यमुना समेत करीब 10 नदियों का जलस्तर बढ़ने से लगभग 40 गांव पानी में घिर गए। उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग बंद बताया गया, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 7 इंच वर्षा के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई, वो भी दो दिन की।
राजस्थान में 12 इंच मूसलाधार बारिश, कालीसिंध और छापी बांध के गेट खोल दिए गए
राजस्थान के हाड़ौती अंचल के अंतर्गत कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में बीते 24 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर करीब 12 इंच तक भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार जारी मूसलाधार वर्षा से कालीसिंध और छापी बांध भर गए , इसलिए उनके गेट खोलने पड़े। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया, और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे। मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में हाईवे तक पहुंचा गंगा का पानी, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से नेशनल हाईवे ठप
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हुई तेज बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना समेत करीब 10 नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब पहुँच गया। फर्रूखाबाद और बिजनौर में गंगा नदी का बहाव राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुँच गया, जिससे करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। फर्रूखाबाद में नदी के तेज रफ्तार बहाव से कई घरों को नुकसान होने की खबर है। वहीं, उत्तराखंड के चंपावत जिले में चंपवत में ही बारिश से भूस्खलन हुआ, बाराकोट के बागधारा के पास पहाड़ी मलबा गिरने से लोहाघाट-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद रहा।
भोपाल के 1,000 से ज्यादा घरों में भरा 5 फीट पानी, स्कूल 2 दिन रहेंगे बंद
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटों में 7 इंच से ज्यादा वर्षा दर्ज हुई। इस बारिश के चलते शहर की निचली बस्तियों में लगभग 1,000 से अधिक घरों के पास 5 फीट तक पानी जमा हो गया। घरों के अंदर पानी पहुँचने और लगातार बारिश को देखते हुए नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी व निजी स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश में 14 अगस्त तक मानसून सक्रिय, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) एक्टिव है और मानसूनी ट्रफ प्रदेश तक नमी ला रही है। उसी के असर से नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, आगर मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में आज भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। कहा जा रहा है कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां 14 अगस्त तक जारी रह सकती हैं।
देशभर के कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है। साथ ही दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, गोवा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा व अरुणाचल प्रदेश में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है।
