Paper Leak Amendment Bill: संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का दूसरा दिन आज, राहुल गांधी भी देंगे भाषण
Paper Leak Amendment Bill: लोकसभा में आज एंटी पेपर लीक बिल पर राहुल गांधी भाषण देंगे। बिल पर वोटिंग होगी और सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देगी।
Paper Leak Amendment Bill: नई दिल्ली। संसद के आठवें दिन नीट पेपर लीक मामले पर बहस अभी भी जारी है। पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का दूसरा दिन है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
इसके बाद सरकार भी चर्चा का जवाब देगी और बिल पर वोटिंग कराई जाएगी। वहीं, इसी बिल को आज राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।
कल 9 घंटे चली बहस
मंगलवार को लोकसभा में इस बिल पर दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक करीब 9 घंटे चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि 2024 के कानून में किए जा रहे बदलाव से पेपर लीक जैसे मामलों पर पहले से ज्यादा सख्ती होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि नया संशोधन परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगा।
आज राहुल गांधी के भाषण पर सबकी नजर
बहस के दूसरे दिन सबसे ज्यादा इंतजार राहुल गांधी के भाषण का है। माना जा रहा है कि राहुल सरकार को पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे पर घेर सकते हैं। इसके बाद सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देगी।
शिक्षा मंत्री को लेकर भी छिड़ी सियासत
मंगलवार को सदन के अंदर और बाहर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर भी जमकर राजनीति हुई। लोकसभा के बाहर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है, जिसने रेप के आरोपी की पैरवी की थी। वहीं, लोकसभा के अंदर प्रियंका गांधी ने भी इसी मुद्दे पर टिप्पणी की, लेकिन उनकी बात बाद में सदन की कार्यवाही से हटा दी गई।
हालांकि, प्रियंका गांधी ने साफ कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और उसे ऑथेंटिकेट करेंगी। ऐसे में आज भी इस मुद्दे पर सदन में हंगामे के आसार बने हुए हैं।
विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि दूसरे विपक्षी दलों ने भी सरकार पर सवाल उठाए। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार की आलोचना की। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए स्वागत को लेकर तंज कसा।
विपक्ष का आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है, जबकि सरकार का कहना है कि नया कानून और उसमें किए गए संशोधन ऐसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए लाए गए हैं।
