मेले के दौरान रोड टैक्स में 50% तक की छूट, आसान फाइनेंस सुविधा और ऑन-द-स्पॉट पंजीयन जैसे ऑफर्स ने ग्राहकों को आकर्षित किया। अंतिम दिन तक 1,351 वाहनों का पंजीयन हुआ, जिससे बिक्री में निरंतर उत्साह बना रहा। हालांकि 50 लाख से 2 करोड़ रुपए तक की लग्जरी कारों की बिक्री में गिरावट देखी गई, केवल 62 कारें बिकीं।
आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि लोगों ने दोपहिया की बजाय चार पहिया वाहनों पर अधिक ध्यान दिया। वाहन डीलरों और फाइनेंस कंपनियों में रिकॉर्ड बिक्री से उत्साह देखा गया है और कोविड काल के बाद बाजार में आई सुस्ती अब पूरी तरह समाप्त होती नजर आ रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर व्यापार मेला ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए ऐतिहासिक और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी का संकेत बन गया है।
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