MP Weather Update:एमपी में जमकर बरस रहा प्री-मानसून, ग्वालियर भोपाल समेत 34 जिलों में अलर्ट

HIGHLIGHTS: एमपी में प्री-मानसून मेहरबान 34 जिलों में बारिश-आंधी अलर्ट 60 Kmph तक चल सकती हैं तेज हवाएं कई जिलों में मौसम रहेगा बदला-बदला भोपाल-इंदौर समेत 21 जिलों में गर्मी का असर जारी MP Weather Update: ग्वालियर। मध्यप्रदेश में मानसून आने से पहले ही जमकर बरस रहा है प्री मानसून। आज एमपी के 34 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने से असर हैं, मौसम विभाग का कहना है कि ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने की वजह से लगातार बारिश की स्थिति बन रही है। बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से लगातार कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही है और अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने के असर हैं। TMC-कांग्रेस विलय की अटकलें तेज, ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक को महासचिव पद की पेशकश की चर्चा 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट… मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, रतलाम और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच तेज: सीबीआई को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली, महिला आयोग ने जेल में की गिरिबाला सिंह से मुलाकात कई हिस्सों में गर्मी कहर एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अभी भी लोग गर्मी से बहाल हैं। एमपी का खजुराहो लगातार दूसरे दिन सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर का तापमान 43.1 डिग्री, जबलपुर 40.5 डिग्री, भोपाल 40.4 डिग्री, उज्जैन 39.5 डिग्री और इंदौर 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव, दतिया, सतना, दमोह और रीवा सहित कई जिलों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया।
PM Modi 12 Years: 12 साल का सफर; CM मोहन यादव ने बताया क्यों खास है मोदी सरकार का कार्यकाल

PM Modi 12 Years: भोपाल। देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीएम के नेतृत्व की सराहना की, उन्होंने उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी खुद को शासक नहीं माना, बल्कि देश का ‘प्रधान सेवक’ माना और इसी भावना के साथ लगातार राष्ट्र निर्माण में जुटे रहे। MP Cabinet Meeting: मोहन सरकार का बड़ा फैसला, भोपाल मेट्रो पर खर्च होंगे ₹10,033 करोड़! प्रधानमंत्री नहीं-प्रधान सेवक हैं पीएम मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि 12 वर्ष पहले देशवासियों ने विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना था। तब से लेकर आज तक उन्होंने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में विकास को नाई दिशा दी है। CM ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को जमीन पर उतारते हुए गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। 12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ आदरणीय श्री @narendramodi जी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं। प्रधानमंत्री जी ने 140 करोड़… pic.twitter.com/uzXdPa0Bjr — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 9, 2026 मुस्लिम बहनों को दिलाया सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम किया गया। कोरोना महामारी के दौरान के कठिन दौर में भी देशवासियों को मुफ्त राशन देकर और व्यापक टीकाकरण अभियान चलाकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अमेलिया केर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर, ICC महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव उन्होंने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज प्रत्येक नागरिक के सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है।
Bhind Exam Cheating: ChatGPT और Gemini से पूछे जा रहे सवाल? एमसीयू की परीक्षा में धलड़ल्ले से चीटिंग!

Bhind Exam Cheating: भिंड। भिंड के यदुनाथ कॉलेज परीक्षा केंद्र में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पीजीडीसीए और डीसीए परीक्षा में खुलेआम नकल करने का मामला सामने आया है। बता दें कि परीक्षार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से परीक्षा दे रहे थे। पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी गिरावट के संकेत! जुलाई के बाद कच्चे तेल में आ सकती है तेज नरमी इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें छात्र ChatGPT, Gemini और Google की मदद से सवालों के जवाब खोजते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल वर्जित होता है, इसके बावजूद भी परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन आसानी से पहुंच रहे थे। आंसर शीट से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर नजर सामने आए वीडियो में छात्र परीक्षा कक्ष में बैठे हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। कोई ChatGPT पर जवाब तलाश रहा है तो कोई Gemini और Google से मदद ले रहा है। कई परीक्षार्थी मोबाइल से जानकारी जुटाकर उसे सीधे अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखते दिखाई दे रहे हैं। बंगाल में TMC के भीतर बढ़ी हलचल! सांसदों की दिल्ली बैठक से तेज हुई अटकलें, ममता के सामने नई चुनौती? पहले भी बने थे 24 नकल प्रकरण यदुनाथ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के लिए एमजेएस कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमंत दुबे को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। डॉ. दुबे के अनुसार शुरुआती परीक्षाओं में सख्ती बरतते हुए 24 नकल प्रकरण बनाए गए थे। सूचना की माने तो बढ़ती अनियमितताओं को देखते हुए परीक्षा केंद्र को निरस्त करने का प्रस्ताव भी विश्वविद्यालय को भेजा गया था। इसके बावजूद परीक्षा केंद्र पर परीक्षाएं जारी रहीं। जांच के बाद हो सकती है कार्रवाई लीड कॉलेज के प्राचार्य आर.ए. शर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। आर.ए. शर्मा – यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो परीक्षा केंद्र की परीक्षाएं निरस्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है।
MP MLA Horse Trading: MP में फिर ऑपरेशन लोटस की चर्चा! कांग्रेस विधायकों की होगी शिफ्टिंग, BJP पर खरीद-फरोख्त के आरोप

MP MLA Horse Trading: भोपाल। राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर भेजने का फैसला किया है। पार्टी को आशंका है कि भारतीय जनता पार्टी उसके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर सकती है। इसी के चलते कांग्रेस अपने विधायकों की शिफ्ट करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे चार्टर्ड विमान से दूसरे राज्य के लिए रवाना होंगे। पार्टी का यह कदम राज्यसभा चुनाव को देखते हुए बनाई गई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। MP में कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बल्ले-बल्ले….. मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया वेतन 10 दिनों तक रहेंगे राज्य से बाहर देर रात नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर हुई बैठक में विधायकों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक अगले 10 दिनों तक राज्य से बाहर रहेंगे और मतदान के समय ही वापस लाए जाएंगे। पार्टी का उद्देश्य अपने विधायकों को किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या संपर्क से दूर रखना है। बैंक खाते में बड़ी रकम डालते ही आ सकता है IT नोटिस…. जानिए क्या है नियम भाजपा पर खरीद-फरोख्त के आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कांग्रेस विधायकों से संपर्क कर रही है और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए 5 से 8 करोड़ रुपये तक के ऑफर दिए जा रहे हैं। कांतिलाल भूरिया ने कहा- भाजपा खरीद-फरोख्त कर रही है। हमारे विधायकों को 5 से 8 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है। भाजपा के लोग लगातार फोन कर रहे हैं और लालच देने की कोशिश कर रहे हैं। भूरिया ने कहा- कांग्रेस के विधायक पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध हैं और किसी भी तरह से बिकने वाले नहीं हैं। भूरिया ने कहा- बीजेपी के लोग हमारे विधायकों को पैसे का लालच दे रहे हैं, लेकिन हमारे कट्टर कांग्रेसी विधायक बिकने वाले नहीं हैं। यह लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है। अगर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त होगी तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने उतारा उम्मीदवार इधर भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने मध्य प्रदेश से महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। केन्द्र सरकार ने Ujjwala Yojna में किया बड़ा बदलाव…. अब साल में मिलेंगे सिर्फ 4 सिलेंडर 18 जून को होगा मतदान गौरतलब है कि 18 जून को मध्य प्रदेश समेत देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है। चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटी हैं। ऐसे में कांग्रेस विधायकों की शिफ्टिंग और खरीद-फरोख्त के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। हालांकि भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CM MOHAN YADAV STATEMENT: बहनों के तलाक रोकने के लिए जरूरी है UCC; सीएम बोले-एमपी में लागू होगी समान नागरिक संहिता

HIGHLIGHTS: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एलान मध्यप्रदेश में लागू होगी समान नागरिक संहिता विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से लेंगे सुझाव महिलाओं को मिलेगा अधिक संरक्षण विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में बड़ा कदम उठाएगी। इसके लिए गठित समिति विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। साथ ही सरकार ने सुझावों के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां नागरिक अपने विचार दर्ज कर सकते हैं। क्या है समान नागरिक संहिता का उद्देश्य? भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक व्यवस्थाओं के अनुसार संचालित होते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता लागू करने निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्दबाजी में नहीं है, बल्कि व्यापक विचार-विमर्श और सभी वर्गों की राय लेकर आगे बढ़ रही है। शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत महिलाओं के लिए आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों में UCC महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया तलाक जैसे मामलों में महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कानून मददगार साबित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बहनों को न्याय दिलाने और पारिवारिक विवादों में समानता लाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन डॉ. मोहन यादव ने बताया कि UCC के अध्ययन और सुझावों के लिए गठित समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के जानकार लोगों को शामिल किया गया है। समिति समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद कर उनसे सुझाव मांगेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे अन्य राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों ने समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल की है। मध्य प्रदेश भी इन राज्यों के अनुभवों और विभिन्न कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश UCC लागू करने के लिए सबसे उपयुक्त राज्यों में से एक है। जनता से सुझाव देने की अपील मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने कहा कि सरकार जनभागीदारी के साथ इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेना चाहती है, ताकि समाज के सभी वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखा जा सके। ईरान-डील विवाद के बीच ट्रंप का सख्त रुख: डेमोक्रेट्स पर निशाना, कहा- बातचीत में बाधा डालना बंद करें तेजी से आगे बढ़ रही प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सुझावों और अध्ययन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि UCC प्रदेश में समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार जनहित, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।#UCC के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्चस्तरीय… pic.twitter.com/mWmITXP8QK — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 1, 2026
MP INDUSTRIAL HUB: CM मोहन यादव के विजन से मध्यप्रदेश बना इंडस्ट्रियल हब, 48 नए औद्योगिक पार्क बनाने पर फोकस

HIGHLIGHTS: निवेश का नया केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश 48 औद्योगिक पार्कों से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर PM MITRA पार्क समेत बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा रोजगार उद्योगों के लिए तैयार हो रहा मध्यप्रदेश का नया मॉडल औद्योगिक विकास की राह पर तेज दौड़ता मध्यप्रदेश MP INDUSTRIAL HUB: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मन्ना है कि आने वाले समय में यह पार्क निवेशकों के लिए बड़े केंद्र बनेंगे।इसका सबसे बड़ा उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करना है। विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज धार में बन रहा PM MITRA पार्क इस कड़ी में मध्यप्रदेश के धार जिले में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है जिसे सबसे अहम मन जा रहा है। यह पार्क वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। इससे टेक्सटाइल क्षेत्र में नए निवेश आने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट उज्जैन में डिवाइस और मुरैना में लेदर फुटवियर पार्क उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क और मुरैना में मेगा लेदर फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क से स्वास्थ्य उपकरण निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जबकि फुटवियर क्लस्टर जूता उद्योग के विकास में मदद करेगा। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार दोनों बढ़ सकते हैं। सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी ऊर्जा क्षेत्र पर भी फोकस नर्मदापुरम में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो सकता है।
GWALIOR LAND DISPUTE: ग्वालियर में 200 करोड़ की जमीन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक: गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर फिलहाल ब्रेक

HIGHLIGHTS: हाईकोर्ट ने गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर रोक लगाई 198 बीघा जमीन का मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपए आंका गया जमीन ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के बरा गांव में स्थित है वन विभाग का दावा: भूमि आरक्षित वन क्षेत्र में आती है पुराने राजस्व रिकॉर्ड में जमीन शासकीय दर्ज, निजी मानना गलत GWALIOR LAND DISPUTE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बरा गांव की 198 बीघा जमीन को लेकर विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बता दें कि गुप्तेश्वर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पक्ष में दिए गए पिछले फैसले पर शुक्रवार 13 मार्च को हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस! जमीन को निजी संपत्ति मानने का विवाद 11 दिसंबर 2024 को प्रथम अपील में अदालत ने बरा गांव की इस जमीन को निजी संपत्ति मानते हुए गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में निर्णय दिया था। सूचना के मुताबिक इस जमीन का मूल्य एक करोड़ रुपये प्रति बीघा से अधिक आंका जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव के बैतूल-कटनी दौरे, भोपाल में गैस कालाबाजारी पर पुलिस कार्रवाई और TET परीक्षा को लेकर शिक्षक आंदोलन का उबाल वन विभाग का दावा राज्य शासन और वन विभाग ने अदालत में दलील दी कि यह जमीन आरक्षित वन क्षेत्र (कंपार्टमेंट नंबर 320) में आती है और यहां पौधारोपण भी किया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही दस्तावेजों और बिक्री के रिकॉर्ड पर संदेह जताते हुए सोसायटी का दावा खारिज कर दिया था। देश में गहराया LPG संकट: बिहार में बढ़ी लकड़ी-कोयले की मांग, राजस्थान के होटल लकड़ी पर बना रहे खाना; कई राज्यों में गोदामों पर छापे अपील में दस्तावेजों की जांच पर उठे सवाल सरकार ने कहा कि अपील के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया और अतिरिक्त दस्तावेजों की विधिवत जांच नहीं हुई। साथै ही पुराने रिकॉर्ड भी जमीन जंगल और शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। भारतीय कुश्ती के महान शिक्षक: गुरु हनुमान की विरासत आज भी कायम साल 2004 से लंबित मामला सूत्रों की मने तो गुप्तेश्वर सोसायटी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद 2004 में हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की थी। बाद में निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जमीन को निजी संपत्ति माना गया था, लेकिन अब पुनर्विचार याचिका पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।
AMERICA VS IRAN: US-Iran तनाव का असरः शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट से निवेशकों ने गंवाए 8 लाख करोड़ रुपये…

AMERICA VS IRAN: नई दिल्ली। गुरुवार को सेंसेक्स (Sensex) में 1236 अंक की जोरदार गिरावट (Strong Decline) में निवेशकों के करीब ₹आठ लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग ₹464 लाख करोड़ पर आ गया, जो पिछले सत्र में करीब ₹472 लाख करोड़ था। बाजार की यह गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और स्मॉलकैप इंडेक्स (Smallcap Indices) भी आधे प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक थी। बुधवार को एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना मिलिट्री (US Army Military) इस सप्ताहांत ही ईरान (Iran) पर हमला करने वाली है। बताया गया कि ईरान पर अमेरिकी हमला शायद एक ‘बड़ा, हफ्तों तक चलने वाला अभियान’ होगा जो सीमित हमले के बजाय पूरे युद्ध जैसा होगा। बाजार अमेरिका-ईरान रिश्तों से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। जानकारों का कहना है कि निवेश तनाव के और बढ़ने की उम्मीद में बाजार से रकम निकाल रहे हैं। विदेशी हिस्सेदारी 15 साल के निचले स्तर पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कुछ महीनों में एनएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों से रिकॉर्ड 18.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1.6 लाख करोड़ से अधिक निकाल लिया है, जिससे उनका कुल स्वामित्व पिछले 15.5 वर्षों के सबसे निचले स्तर 16.7% पर पहुंच गया है। इस गिरावट का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखा। निफ्टी 50 में एफपीआई का हिस्सा 23.8% तक गिर गया, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम रहा। आईटी कंपनियों से हाथ खींचे फरवरी के पहले छह महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय आईटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लगभग ₹11,000 करोड़ के शेयर बेचे, क्योंकि इस सेक्टर में एआई से पैदा होने वाली चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ रही थी। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के मुताबिक, एक से 15 फरवरी के बीच एफपीआई ने भारतीय आईटी शेयरों में ₹10,956 करोड़ के शेयर बेचे। इससे पहले जनवरी 2026 में एफपीआई ने आईटी सेक्टर से ₹1,835 करोड़ निकाले थे। इस वजह से, 15 फरवरी, 2026 तक आईटी शेयरों में कुल एफपीआई निवेश लगभग 16% घटकर ₹4,48,938 करोड़ रह गया, जो जनवरी के आखिर में ₹5,33,953 करोड़ था। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने संभाला मोर्चा एफपीआई की निरंतर निकासी के बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों जैसे म्यूचुअल फंड, बैंकों, बीमा कंपनियों ने भारतीय शेयरों में खरीदारी में तेजी बनाई रखी। घरेलू बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों का कुल हिस्सा अब 19% तक पहुच गया है, जो एफपीआई से अधिक है। इस दौरान म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग्स 11.1% के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची हैं। यह प्रवाह मुख्यतः एसआईपी यानी सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान के जरिये मजबूत निवेश और घरेलू संस्थानों की निरंतर खरीद के कारण रहा है। ऐसे माहौल में शेयर खरीदने कितना सही? जानकारों के मुताबिक, निफ्टी इस समय वित्त वर्ष 27 की अनुमानित कमाई के करीब 20 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि एनएसई मिडकैप इंडेक्स 28 गुना और स्मॉलकैप इंडेक्स 24 गुना के आसपास है। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में यह स्टॉक पिकर का बाजार बन जाता है, जहां सही शेयर चुनना ही असली खेल है। 1. प्रॉफिट-बुकिंग के कारण बिकवाली हाल के तेजी के बाद निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए शेयर बेच रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है। 2. वैश्विक संकेत कमजोर अंतरराष्ट्रीय बाजारों के कमजोर रुख और अस्थिरता के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हैं, जिससे भारतीय बाजार में बिकवाली बढ़ी। 3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तेल की बढ़ती कीमतों से लागत और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, जो निवेशकों के मनोबल को कमजोर करता है। 4. प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट बैंक, वित्तीय सेवाएँ, मेटल, एफएमसीजी जैसे बड़े समूहों के शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स को बड़ी चोट लग रही है। 5. वैश्विक नीतिगत अनिश्चितता यूएस फेडरल रिज़र्व की नीति समेत ग्लोबल नीतिगत असमंजस ने विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रभावित किया है। 6. बाजार में व्यापक मंदी मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी गिरावट के साथ व्यापक बिकवाली देखने को मिल रही है।
American President Donald Trump: एलियन, UAP और UFO से जुड़े सारे दस्तावेजों को सार्वजनिक करेगा US, ट्रंप ने दिए निर्देश

American President Donald Trump: वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि एलियन (Alien.), अनजान हवाई घटनाओ (UAP) और अनजान उड़ने वाले ऑब्जेक्ट्स (Unidentified Flying Objects- UFO) से जुड़ी घटनाओं और दस्तावेजों की पहचान करें और उन्हें जारी करें। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल हैंडल पर कहा, लोगों की रुचि को देखते हुए मैं युद्ध सचिवऔर अन्य एजेंसियों व वभागों को निर्देश देता हूं कि वे एलियन्स, न्य ग्रहों पर जीवन, यूएपी और यूएफओ से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू करें। ट्रंप ने कहा कि लोगों के इंटरेस्ट और इसकी अहमियत को देखते हुए जो फाइल्स जारी की जाएंगी उसने सभी जानकारियों को शामिल करने की कोशिश होगी। बता दें कि हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट के दौरान एलियन्स की बातें की थीं। उन्होंने कहा था, एलियन वास्तव में हैं लेकिन मैंने अपनी आखों से उन्हें नहीं देखा है। यह बात भी सच है कि एरिया 51 में कोई एलियन नहीं है। ओबामा पर गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा पर आरोप लगाया कि ओबामा ने गुप्त जानकारियां लीक की हैं। ट्रंप ने कहा कि ओबामा ने बड़ी गलती कर दी है। मुझे भी नहीं पता कि एलियन हैं या नहीं लेकिन ओबामा ने जो सीक्रेट इन्फॉर्मेंशन लीक की है, उसकी कोई जरूरत नहीं थी। एलियन्स को लेकर क्या बोले थे बराक ओबामा ओबामा ने एलियन्स को लेकर सवाल किए जाने पर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि यह ब्रह्मांड बहुत बड़ा है। ऐसे में धरती से बाहर के जीवन के बारे में नकारा तो नहीं जा सकता। उन्होंने कहा था,मेरे कार्यकाल के दौरान एलियन्स को लेकर कोई प्रमाण नहीं मिला था। एरिया 51 से जुड़े मामलों को लेकर उन्होंने कहा था कि वहां कोई एलियन या गुप्त जीव नहीं है। लोग मानते हैं कि एरिया 51 में एलियन के शव हैं लेकिन यह पूरी तरह से गलत धारणा है। ओबामा के बयान के बाद ही ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह बात लीक नहीं करनी चाहिए थे। उन्होंने कहा, ओबामा ने जो कुछ भी बताया है वह बेहद संवेदनशील जानकारी थी। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया कि आखिर उन्होंने कौन सी सीक्रेट जानकारी लीक कर दी है। ट्रंप से जब एलियन्स को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने खुद भी कहा कि उन्हें एलिन्स के अस्तित्व के बारे में कोई जानकारी नहीं है। क्या है एरिया 51? अमेरिका के नेवादा में एक बेहद गोपनीय अमेरिकी वायुसेना का अड्डा है जिसे एरिया 51 के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां एलिनय के शवों और क्रैश हुए यूएफओ को रखा जाता है। 2013 में सीआईए ने इससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए बताया था कि शीत युद्ध के दौरान इस ठिकाने का इस्तेमाल जासूसी विमानों के परीक्षण के लिए किया जाता था। 2022 में भी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया था कि एलियन्स के धरती पर आने से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। ऐसी अगर कोई भी वस्तु मिली है तो जांच के बाद ये सामान्य उपकरण या फिर तकनीकी भ्रम ही पाई गई हैं।
NIGERIA GAS LEAK:नाइजीरिया में खदान में हुआ जहरीली गैस का रिसाव…. 37 लोगों की मौत, 26 घायल

NIGERIA GAS LEAK: अबुजा। उत्तर-मध्य नाइजीरिया (North-central Nigeria) में एक खदान में जहरीली गैस (Poisonous Gas.) के रिसाव से कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 26 अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रवक्ता अल्फ्रेड अलाबो (Alfred Alabo) ने एक बयान में बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के पठार राज्य के वासे क्षेत्र में स्थित कम्पानी जुरक समुदाय में हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि खनिकों को लेड ऑक्साइड और इससे जुड़ी अन्य गैसों जैसे सल्फर तथा कार्बन मोनोऑक्साइड के अचानक रिसाव का सामना करना पड़ा, जो मनुष्यों के लिए बेहद विषाक्त और खतरनाक होती हैं। खासकर बंद या खराब हवादार जगहों में इन गैसों का प्रभाव जानलेवा साबित होता है। GWALIOR SUSPICIOUS DAETH: चार दिन बाद मिला शव: इंदौर के कार डेकोरेटर की ग्वालियर में संदिग्ध मौत अलाबो ने आगे बताया कि मृतकों के शवों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। फिलहाल नाइजीरिया सरकार ने खनन स्थल को सील कर दिया है और रिसाव के कारणों की जांच जारी है। ठोस खनिज विकास मंत्री डेले अलाके ने एक बयान में कहा कि खनिक खनन के दौरान जहरीली गैस के उत्सर्जन से अनजान थे और उन्होंने अपना काम जारी रखा, जिस कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उस जगह पर किस खनिज का खनन हो रहा था और क्या खदान कानूनी रूप से संचालित थी। नाइजीरिया सरकार देश भर में सोने और अन्य खनिजों के अवैध खनन पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है, जिसमें पिछले कई वर्षों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।