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चारधाम यात्रा में टूटे सभी रिकॉर्ड: केदारनाथ में भक्तों की भारी भीड़

नई दिल्ली । उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर चल रही चारधाम यात्रा 2026 इस बार आस्था और श्रद्धा के नए रिकॉर्ड बना रही है। शुरुआती चरण में ही 12.60 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के दर्शन कर चुके हैं, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है।  केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़इस वर्ष सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम में पहुंच रहे हैं। कठिन चढ़ाई, कम ऑक्सीजन और बदलते मौसम के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। बाबा केदार के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है।  अन्य धामों में भी लगातार भीड़बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में भी सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच अटूट आस्थाचारधाम यात्रा हमेशा से अपनी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जानी जाती है। तेज ठंड और बारिशऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमीखड़ी और पथरीली चढ़ाई इन सब चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ रही है। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “जय बदरीविशाल” के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। प्रशासन की मजबूत व्यवस्थभीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं: मार्गों पर सीसीटीवी और सुरक्षा बलों की तैनातीजगह-जगह हेल्थ कैंप और ऑक्सीजन सुविधाऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्थाभीड़ प्रबंधन के लिए विशेष नियंत्रण प्रणाली विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो चारधाम यात्रा 2026 इतिहास में एक नए ‘स्वर्ण युग’ के रूप में दर्ज हो सकती है, जहां आस्था ने हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया।

Coconut Water Benefits: गर्मी में रोजाना नारियल पानी पीना कितना फायदेमंद है?

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है, और ऐसे में कई लोग नेचुरल ड्रिंक्स की तरफ रुख करते हैं। इन्हीं में से एक है नारियल पानी, जिसे हेल्दी और एनर्जी देने वाला पेय माना जाता है। गर्मियों में रोजाना इसका सेवन करने से शरीर पर कई सकारात्मक असर देखने को मिलते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा पीने पर कुछ स्थितियों में नुकसान भी हो सकता है। Coconut water में इलेक्ट्रोलाइट्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि गर्मी में यह डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प माना जाता है। शरीर को तुरंत मिलती है ठंडक और एनर्जीगर्मियों में रोजाना नारियल पानी पीने से शरीर को तुरंत ठंडक मिलती है। यह शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करता है और थकान को कम करता है। बहुत ज्यादा पसीना आने पर शरीर में जो इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो जाते हैं, नारियल पानी उन्हें तेजी से पूरा करता है। पाचन तंत्र को करता है बेहतरनारियल पानी हल्का और आसानी से पचने वाला पेय है। यह पेट की गर्मी को शांत करता है और एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है। रोजाना इसका सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। स्किन और किडनी के लिए फायदेमंनियमित रूप से नारियल पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है, जिससे त्वचा साफ और ग्लोइंग बनी रहती है। साथ ही यह किडनी को भी साफ रखने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह शरीर से अतिरिक्त सोडियम और अपशिष्ट को बाहर निकालने में सहायक होता है। दिल की सेहत के लिए भी अच्छाइसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन दिल की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। लेकिन ज्यादा पीना भी हो सकता है नुकसानदायकहालांकि Coconut water फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम की अधिक मात्रा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन पैदा कर सकती है, खासकर किडनी की समस्या वाले लोगों में। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर होती है। कितना पीना सही है?विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में रोजाना 1 नारियल पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह या दोपहर के समय पीना ज्यादा अच्छा होता है, ताकि शरीर दिनभर हाइड्रेटेड रहे। गर्मियों में नारियल पानी एक नेचुरल और हेल्दी ड्रिंक है, जो शरीर को ठंडक, एनर्जी और हाइड्रेशन देता है। लेकिन किसी भी चीज की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना जरूरी है, ताकि इसके फायदे पूरी तरह मिल सकें और कोई साइड इफेक्ट न हो।

सावधान! माइक्रोवेव में कुछ फूड्स को गर्म करना बन सकता है जहर जैसा असर

नई दिल्ली। आज के समय में माइक्रोवेव ओवन हर घर की रसोई का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह जल्दी खाना गर्म करना हो या रात का बचा हुआ भोजन दोबारा तैयार करना हो, माइक्रोवेव ने जिंदगी को काफी आसान बना दिया है। लेकिन सुविधा के साथ-साथ इसका गलत इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। कई लोग बिना सोचे-समझे हर तरह का खाना माइक्रोवेव में गर्म कर लेते हैं, जबकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें दोबारा गर्म करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार Microwave oven में कुछ चीजें गर्म करने से न सिर्फ उनका स्वाद और पोषण खराब होता है, बल्कि वे शरीर के लिए हानिकारक भी बन सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि माइक्रोवेव का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाए। उबले अंडे को माइक्रोवेव में गर्म करना हो सकता है खतरनाकठंडे उबले अंडे को दोबारा माइक्रोवेव में गर्म करना नुकसानदायक हो सकता है। अंडे के अंदर तेजी से भाप बनने के कारण वह फट भी सकता है। इससे न सिर्फ खाना खराब होता है, बल्कि चोट लगने का खतरा भी रहता है। इसलिए अंडे को हल्की आंच पर धीरे-धीरे गर्म करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। बचा हुआ चावल बन सकता है सेहत के लिए जोखिमचावल को बार-बार गर्म करना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। लंबे समय तक बाहर रखा चावल बैक्टीरिया पैदा कर सकता है, और माइक्रोवेव हर हिस्से को समान रूप से गर्म नहीं कर पाता। ऐसे में कुछ हानिकारक बैक्टीरिया जीवित रह सकते हैं, जो पेट की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां बार-बार गर्म न करेंपालक, मेथी और अन्य हरी सब्जियों को बार-बार माइक्रोवेव में गर्म करने से उनमें मौजूद नाइट्रेट्स बदल सकते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके अलावा इनका स्वाद और पोषण भी कम हो जाता है। मिर्च और तीखी चीजों से रहें सावधानहरी और लाल मिर्च को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचना चाहिए। इसमें मौजूद कैप्साइसिन हवा में फैल सकता है, जिससे आंखों और गले में जलन हो सकती है। कई बार माइक्रोवेव खोलते ही तेज तीखी गैस जैसा असर महसूस होता है। प्रोसेस्ड मीट भी हो सकता है नुकसानदायकसॉसेज, सलामी और अन्य प्रोसेस्ड मीट को माइक्रोवेव में गर्म करने पर इनके फैट और प्रिजर्वेटिव्स बदल सकते हैं, जिससे हानिकारक तत्व बन सकते हैं। साथ ही इनकी बनावट भी खराब हो जाती है। माइक्रोवेव का इस्तेमाल कैसे करें सुरक्षितविशेषज्ञ सलाह देते हैं कि Microwave oven का उपयोग करते समय माइक्रोवेव-सेफ बर्तन ही इस्तेमाल करें। खाना हमेशा ढककर गर्म करें ताकि तापमान समान रूप से फैल सके। बहुत लंबे समय तक खाना गर्म करने से बचें क्योंकि इससे पोषण भी कम हो सकता है। इसके अलावा माइक्रोवेव की नियमित सफाई भी जरूरी है, क्योंकि अंदर गिरने वाले खाने के कण बैक्टीरिया पैदा कर सकते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो माइक्रोवेव सुरक्षित और बेहद उपयोगी उपकरण है, लेकिन लापरवाही इसे स्वास्थ्य के लिए जोखिमभरा बना सकती है।

पहाड़ों में वेकेशन प्लान? जानिए मनाली और दार्जिलिंग में कौन देगा बेस्ट एक्सपीरियंस

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं। भारत में वैसे तो कई खूबसूरत हिल स्टेशन हैं, लेकिन Manali और Darjeeling सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले समर डेस्टिनेशन माने जाते हैं। दोनों ही जगहें अपनी अलग खूबसूरती, मौसम और अनुभव के लिए मशहूर हैं। ऐसे में अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि गर्मियों में घूमने के लिए कौन-सी जगह ज्यादा बेहतर रहेगी। अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो यहां जानिए मनाली और दार्जिलिंग में क्या है खास। Manali एडवेंचर और बर्फ का मजाहिमाचल प्रदेश में स्थित Manali गर्मियों में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। मई-जून के दौरान यहां का तापमान लगभग 10 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ठंडी हवाएं और पहाड़ों पर जमी बर्फ लोगों को खूब आकर्षित करती है। मनाली खासतौर पर उन लोगों के लिए बेस्ट माना जाता है जिन्हें एडवेंचर पसंद है। यहां पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग और स्नो एक्टिविटीज का शानदार अनुभव मिलता है। Solang Valley, Rohtang Pass, Atal Tunnel और Hadimba Devi Temple यहां की सबसे मशहूर जगहों में शामिल हैं। अगर बजट की बात करें, तो दिल्ली से 3-4 दिन की मनाली ट्रिप करीब 5 हजार से 8 हजार रुपये में आराम से पूरी हो सकती है। बस या वोल्वो से यहां पहुंचना भी काफी आसान है। Darjeeling  शांति और प्राकृतिक सुंदरता का संगअगर आप भीड़भाड़ और एडवेंचर से ज्यादा शांत माहौल और खूबसूरत नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो Darjeeling आपके लिए परफेक्ट जगह हो सकती है। पश्चिम बंगाल का यह हिल स्टेशन अपनी चाय बागानों, बादलों से ढकी पहाड़ियों और कंचनजंगा के शानदार दृश्यों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। गर्मियों में यहां का तापमान 12 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, जो काफी आरामदायक महसूस होता है। Tiger Hill, Batasia Loop और Darjeeling Himalayan Railway यानी टॉय ट्रेन यहां के सबसे बड़े आकर्षण हैं। हालांकि दार्जिलिंग की यात्रा मनाली के मुकाबले थोड़ी महंगी पड़ सकती है। यहां पहुंचने के लिए पहले न्यू जलपाईगुड़ी जाना पड़ता है और फिर टैक्सी से पहाड़ों तक सफर करना होता है। 3-4 दिन की ट्रिप में लगभग 8 हजार से 15 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है। आखिर कौन-सी जगह है बेस्टअगर आप कम बजट में एडवेंचर, बर्फ और रोमांच का मजा लेना चाहते हैं, तो Manali आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आप शांत माहौल, प्राकृतिक सुंदरता और रिलैक्सिंग ट्रिप चाहते हैं, तो Darjeeling का अनुभव आपको जरूर पसंद आएगा। दोनों ही जगहें अपने-अपने अंदाज में बेहद खास हैं। अब यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है कि आप रोमांच से भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं या बादलों और चाय बागानों के बीच सुकून तलाशना चाहते हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत हैं नॉर्थ-ईस्ट के ये हिल स्टेशन, एक बार जरूर जाएं

नई दिल्ली। भारत का नॉर्थ-ईस्ट अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और अनोखी संस्कृति के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की पहाड़ियां, बादलों से ढकी वादियां, झरने और हरियाली किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। गर्मियों में जब मैदानी इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करती है, तब नॉर्थ-ईस्ट के हिल स्टेशन ठंडी हवा और सुकून भरे माहौल से यात्रियों को अपनी ओर खींच लेते हैं। यहां की यात्रा सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि रास्तों की खूबसूरती, लोकल संस्कृति और मौसम हर पल को खास बना देते हैं। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के ये 10 हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। Shillong बादलों और बारिश का खूबसूरत शहरमेघालय की राजधानी Shillong आज भी अपने पुराने ब्रिटिश हिल स्टेशन वाले अंदाज को संभाले हुए है। पाइन के पेड़, हल्की बारिश और छोटे-छोटे कैफे इस शहर को बेहद खास बनाते हैं। गर्मियों में यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है और हर तरफ फैली हरियाली मन को सुकून देती है। Gangtok  पहाड़ों के बीच बसा शांत शहरGangtok अपने साफ-सुथरे माहौल, शांत सड़कों और खूबसूरत मठों के लिए मशहूर है। शाम के समय धुंध पूरे शहर को ढक लेती है, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। यहां का लोकल बाजार और पहाड़ी कैफे भी पर्यटकों को खूब पसंद आते हैं। Tawang सुकून और आध्यात्म का अनोखा संगमअरुणाचल प्रदेश का Tawang पहुंचने में समय जरूर लगता है, लेकिन यहां की खूबसूरती सफर की सारी थकान मिटा देती है। ऊंचे पहाड़, बदलता मौसम और यहां का प्रसिद्ध मठ इसे बेहद खास बनाते हैं। यहां की शांति लोगों को शहरों की भागदौड़ से दूर ले जाती है। Ziro Valley प्रकृति और संस्कृति का मेलZiro Valley अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लोकल संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। धान के खेत, पाइन के जंगल और शांत वातावरण यहां आने वाले लोगों को अलग ही अनुभव देते हैं। Cherrapunji  बारिश और बादलों की दुनियाCherrapunji सिर्फ बारिश के लिए ही नहीं, बल्कि अपने खूबसूरत रूट ब्रिज और बादलों से ढकी पहाड़ियों के लिए भी मशहूर है। गर्मियों में यहां का मौसम बेहद रोमांटिक और ठंडा रहता है। Haflong भीड़ से दूर सुकून भरी जगहअसम का Haflong कम चर्चित जरूर है, लेकिन इसकी यही खासियत इसे खास बनाती है। झीलों और हरियाली से घिरा यह छोटा हिल स्टेशन शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन जगह है। Pelling कंचनजंगा का शानदार नजाराPelling उन लोगों के लिए परफेक्ट जगह है, जो पहाड़ों के बीच शांति का अनुभव करना चाहते हैं। यहां से कंचनजंगा की बर्फीली चोटियां बेहद खूबसूरत दिखाई देती हैं। Kalimpong शांत और खूबसूरत पहाड़ी शहरKalimpong दार्जिलिंग की तुलना में कम भीड़भाड़ वाला और ज्यादा शांत माना जाता है। यहां के पुराने चर्च, मठ और पहाड़ी बाजार पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं। Aizawl पहाड़ियों पर बसा खूबसूरत शहरमिजोरम की राजधानी Aizawl अपनी ढलानों पर बने घरों और धुंध से ढकी पहाड़ियों के लिए जानी जाती है। यहां का शांत माहौल यात्रियों को काफी पसंद आता है। Darjeeling चाय बागानों और टॉय ट्रेन का शहरDarjeeling आज भी भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शामिल है। चाय बागान, टॉय ट्रेन और हिमालय के खूबसूरत नजारे इसे खास बनाते हैं। सुबह के समय यहां की वादियां किसी सपने जैसी लगती हैं।

समर स्पेशल हेल्दी टी: शरीर को रखे ठंडा और दिमाग को शांत

नई दिल्ली। भीषण गर्मी के मौसम में शरीर में थकान, बेचैनी, तनाव और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। ऐसे में गुड़हल की चाय एक बेहतरीन नेचुरल ड्रिंक साबित हो सकती है। लाल रंग के खूबसूरत गुड़हल के फूलों से तैयार यह हर्बल चाय न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाती है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में भी मदद करती है। आयुर्वेद में भी गुड़हल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी गुड़हल की चाय को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बता चुका है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर और मन दोनों को शीतल रखने में सहायक माना जाता है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगारगुड़हल की चाय हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक होते हैं, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घट सकता है। वजन घटाने में भी असरदाअगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो गुड़हल की चाय आपकी डाइट का अच्छा हिस्सा बन सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी व नमक बाहर निकालने में सहायक होती है। कम कैलोरी होने की वजह से यह फिटनेस पसंद लोगों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है। डायबिटीज और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंदगुड़हल की चाय ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मदद कर सकती है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। इसके अलावा यह लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी उपयोगी बताई जाती है। ऐसे बनाएं गुड़हल की चायसूखे गुड़हल के फूल लेंइन्हें गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक उबालें या भिगो देंस्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैंदिन में 1 से 2 कप गुड़हल की चाय पर्याप्त मानी जाती है। इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानीगर्भवती महिलाएंलो ब्लड प्रेशर वाले लोगनियमित दवाइयां लेने वाले मरीज

कितना खतरनाक है नोरो वायरस? जानें इसके लक्षण, फैलने का तरीका और बचाव

नई दिल्ली। दुनिया अभी कोरोना वायरस और दूसरे संक्रमणों के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब एक और तेजी से फैलने वाला संक्रमण लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। इस वायरस का नाम है Norovirus, जिसे दुनिया के सबसे संक्रामक पेट संबंधी संक्रमणों में गिना जाता है। यह वायरस अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करता है। हाल ही में कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर इसके फैलने से 100 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर बीमार पड़ गए, जिसके बाद यह संक्रमण फिर चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक Norovirus पेट और आंतों में संक्रमण फैलाने वाला बेहद संक्रामक वायरस है। यह खासतौर पर भीड़भाड़ और बंद जगहों में तेजी से फैलता है। स्कूल, अस्पताल, हॉस्टल, नर्सिंग होम और क्रूज शिप जैसी जगहों पर इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित खाना खाने या गंदा पानी पीने से यह वायरस आसानी से फैल सकता है। इस संक्रमण के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं। मरीज को तेज उल्टी, बार-बार दस्त, मतली और पेट में मरोड़ की शिकायत होती है। कई लोगों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। डॉक्टरों के अनुसार संक्रमण के 12 से 48 घंटे के भीतर इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। आमतौर पर मरीज 1 से 3 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस दौरान शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। लगातार उल्टी और दस्त के कारण शरीर तेजी से पानी खोने लगता है, जिससे कमजोरी, चक्कर आना, मुंह सूखना और पेशाब कम होना जैसे संकेत दिखाई देते हैं। छोटे बच्चों में रोते समय आंसू कम आना और अत्यधिक नींद आना भी डिहाइड्रेशन के संकेत माने जाते हैं। यही वजह है कि यह संक्रमण बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी Centers for Disease Control and Prevention यानी CDC के मुताबिक हर साल दुनियाभर में करीब 68 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आते हैं। इनमें बड़ी संख्या पांच साल से कम उम्र के बच्चों की होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल हजारों बच्चों की मौत डिहाइड्रेशन और इलाज की कमी के कारण हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि Norovirus के कई प्रकार होते हैं, इसलिए एक बार संक्रमित होने के बाद भी व्यक्ति दोबारा इसकी चपेट में आ सकता है। फिलहाल इस वायरस की कोई खास वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं भी इस पर असर नहीं करतीं, क्योंकि यह बैक्टीरिया नहीं बल्कि वायरस से होने वाला संक्रमण है। इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बाहर का दूषित खाना खाने से बचें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूरी बनाए रखें। डॉक्टर मरीजों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देते हैं। अगर उल्टी-दस्त लंबे समय तक जारी रहें या शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्किन केयर में बेसन का कमाल: इन 3 तरीकों से इस्तेमाल कर बढ़ाएं चेहरे की चमक

नई दिल्ली। रसोई में आसानी से मिलने वाला बेसन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि त्वचा की खूबसूरती निखारने में भी बेहद असरदार माना जाता है। बेसन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को साफ, चमकदार और हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। अगर चेहरे पर दाग-धब्बे, टैनिंग, मुंहासे या रूखापन परेशान कर रहा है, तो बेसन के ये घरेलू फेस पैक आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो दे सकते हैं। 1. बेसन और हल्दी फेस पैकअगर चेहरे पर मुंहासे, पिंपल्स और दाग-धब्बों की समस्या है, तो बेसन और हल्दी का फेस पैक काफी फायदेमंद हो सकता है। कैसे बनाएं2 चम्मच बेसन लेंइसमें चुटकीभर हल्दी मिलाएंकुछ बूंदें नींबू का रस डालेंसभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लेंलगाने का तरीकाइस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें। फिर साफ पानी से चेहरा धो लें। फायदेचेहरे की रंगत निखारता हैएक्ने और पिंपल्स कम करने में मदद करता हैदाग-धब्बों को हल्का करता हैस्किन को नेचुरल चमक देता है हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें। 2. बेसन और शहद फेस पैकड्राई और बेजान त्वचा के लिए बेसन और शहद का फेस पैक बेहद असरदार माना जाता है।कैसे बनाएं2 चम्मच बेसन1 चम्मच शहददोनों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार करें।लगाने का तरीकाइस फेस पैक को चेहरे पर 15-20 मिनट तक लगाएं और फिर पानी से धो लें। फायदेत्वचा को मॉइश्चराइज करता हैटैनिंग कम करने में मदद करता हैस्किन को मुलायम और ग्लोइंग बनाता हैचेहरे की डलनेस दूर करता है बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में 2-3 बार लगाएं। 3. बेसन और मलाई फेस पैक अगर त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है, तो बेसन और मलाई का फेस पैक स्किन को पोषण देने में मदद कर सकता है। कैसे बनाएं2 चम्मच बेसन1 चम्मच मलाईआधा चम्मच अखरोट पाउडरकुछ बूंदें गुलाब जलइन सभी चीजों को मिलाकर पेस्ट तैयार करें। लगाने का तरीकाचेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से स्क्रब करें और 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। फायदेस्किन ड्राईनेस दूर करता हैडेड स्किन हटाने में मदद करता हैचेहरे की रंगत निखारता हैत्वचा को सॉफ्ट और स्मूद बनाता हैइस फेस पैक का इस्तेमाल सप्ताह में 2 बार किया जा सकता है। ध्यान रखेंकिसी भी फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो नींबू का इस्तेमाल कम करें।फेस पैक लगाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

स्क्रीन की लत बिगाड़ सकती है आपकी सेहत, आज ही सुधारें स्लीप साइकिल वरना होगा नुकसान

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करने के बाद भी लोग घर पहुंचकर सोशल मीडिया, वीडियो और चैटिंग में व्यस्त हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालने लगती है। लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम न सिर्फ आंखों को थकाता है, बल्कि इंसान की स्लीप साइकिल भी खराब कर देता है। यही वजह है कि आजकल बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा, थकान और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही है। यह रोशनी दिमाग को यह संकेत देती है कि अभी दिन का समय है, जिससे शरीर सही तरीके से “स्लीप मोड” में नहीं जा पाता। आमतौर पर रात के समय शरीर मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो नींद लाने में मदद करता है, लेकिन देर रात तक स्क्रीन देखने से इस हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि इंसान बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक सो नहीं पाता और करवटें बदलता रहता है। लगातार खराब नींद का असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। सुबह उठने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है, आंखों में जलन और सिर भारी रहने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इतना ही नहीं, नींद पूरी न होने से दिनभर सुस्ती बनी रहती है और काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऑफिस में बैठे-बैठे जम्हाई लेते नजर आते हैं, क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह आराम नहीं कर पाता। लंबे समय तक खराब स्लीप साइकिल रहने से मानसिक तनाव, कमजोरी और याददाश्त पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लगातार नींद की कमी दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों का पूरा रूटीन बिगड़ने लगता है। वे सुबह समय पर उठ नहीं पाते, जिससे दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन बना रहता है। यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं। अगर आप भी देर रात तक फोन चलाने की आदत से परेशान हैं, तो कुछ आसान बदलाव आपकी मदद कर सकते हैं। कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें। रात में हल्की रोशनी रखें और बेवजह सोशल मीडिया स्क्रॉल करने से बचें। अगर काम की वजह से लंबे समय तक स्क्रीन देखना जरूरी हो, तो हर 20 से 30 मिनट बाद आंखों को कुछ सेकंड का आराम जरूर दें। इसके अलावा सोने से पहले किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या परिवार के साथ समय बिताना दिमाग को शांत करने में मदद करता है। डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि अच्छी नींद ही शरीर को नई ऊर्जा देती है। इसलिए आज से ही अपनी स्लीप साइकिल सुधारने की कोशिश शुरू करें, वरना छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकती है।

साफ़ और चमकदार त्वचा के लिए रोज़ाना करें सब्जा सीड्स का सेवन

नई दिल्ली। सब्जा सीड्स आजकल नेचुरल स्किनकेयर का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ये छोटे काले बीज सिर्फ शरीर को ठंडक ही नहीं देते, बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से स्किन अंदर से हेल्दी और चमकदार बन सकती है। त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद हैं सब्जा सीड्स?सब्जा सीड्स में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ सेल रिपेयर में मदद करते हैं। मुंहासों और पिंपल्स में राहतसब्जा सीड्स में मौजूद डिटॉक्सिफाइंग गुण शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे बार-बार होने वाले पिंपल्स और ब्रेकआउट्स की समस्या कम हो सकती है। इनके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण त्वचा की लालिमा और सूजन भी घटाते हैं। स्किन को रखते हैं हाइड्रेटपानी में भिगोने पर सब्जा सीड्स जेल जैसी परत बना लेते हैं, जो शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करती है। बेहतर हाइड्रेशन का असर त्वचा पर भी दिखता है और स्किन मुलायम व फ्रेश नजर आती है। बढ़ाते हैं नैचुरल ग्लइन बीजों में मौजूद फ्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। इससे त्वचा की डलनेस कम होती है और स्किन ज्यादा ब्राइट व स्मूद दिखाई देती है। एंटी-एजिंग में मददगारसब्जा सीड्स में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से फाइन लाइन्स और झुर्रियों की समस्या कम हो सकती है। सूजन और जलन में राहतइनकी ठंडी तासीर त्वचा की जलन, रैशेज और सनबर्न जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकती है। यह स्किन को शांत और रिलैक्स महसूस कराने में सहायक माने जाते हैं। कैसे करें सेवन?रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करेंनींबू पानी, दूध या स्मूदी में मिलाकर पी सकते हैंफालूदा, शरबत और दही में भी उपयोग किया जाता है ध्यान रखने वाली बातेंसीमित मात्रा में ही सेवन करेंकिसी एलर्जी या गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेंछोटे बच्चों को देने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें