MP NEWS: आरएसएस प्रचारक पर जानलेवा हमला, सड़क पर उतरे लोग, जानें पूरा मामला

MP NEWS: बैतूल। जिले के मुलताई नगर में गुरुवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक शिशुपाल यादव पर कुछ युवकों द्वारा किए गए हमले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस घटना के बाद नगर के कई इलाकों में भारी भीड़ जमा हो गई । आखिर क्या है पूरा मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिशुपाल यादव किसी कार्य से बाइक पर निकले थे, तभी रास्ते में कुछ युवकों से उनका विवाद हो गया। कहा जा रहा है कि एक युवक ने जानबूझकर उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। यह मामला देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। हमले में यादव घायल हो गए। भारी पुलिस बल तैनात घटना की खबर फैलते ही नगर में अफरा-तफरी मच गई। गांधी चौक और बस स्टैंड क्षेत्र में दोनों समुदायों के लोग सड़कों पर उतर आए । मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीओपी और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रदर्शनकारियों ने शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके अतिक्रमण हटाने की मांग की है। फिलहाल नगर के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है । प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। आरएसएस कार्यकर्ता देवराज लोखंडे ने कहा, “हमारे जिला प्रचारक पर हमला बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे समाज में आक्रोश है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और उनके अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं।” READ MORE : MP में छिपा बैठा एक और ‘धन कुबेर’? इनके घर पर लोकायुक्त की बड़ी छापेमारी
Gondwana Express: गोंडवाना एक्सप्रेस में यात्री की मौत, इलाज न मिलने पर रेलवे पर उठे सवाल…

Gondwana Express: ग्वालियर। हजरत निजामुद्दीन से रायगढ़ जा रही गोंडवाना एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक 60 वर्षीय यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन समय पर चिकित्सकीय सहायता न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान गोपाल नंदी के रूप में हुई है, जो एस-5 कोच की 62 नंबर सीट पर सफर कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि जब गोपाल नंदी की तबीयत बिगड़ने लगी, तो उन्होंने तत्काल ट्रेन में मौजूद टीटीई और आरपीएफ से मदद की गुहार लगाई। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि मुरैना स्टेशन पर डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। समय पर नहीं मिला इलाज़ हालांकि, ट्रेन के मुरैना स्टेशन पर रुकने के बाद भी न तो कोई डॉक्टर पहुंचा और न ही रेल स्टाफ ने कोई सक्रियता दिखाई। इसके बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने गोपाल नंदी को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते इलाज मिल जाता, तो गोपाल नंदी की जान बचाई जा सकती थी। घटना को लेकर यात्रियों में भी नाराज़गी देखी गई और रेलवे की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। READ MORE : दीवार तोड़कर भागे 6 ‘खतरनाक’ नाबालिग, बाल सुधार गृह से फिर आई चौंकाने वाली खबर