Diwali 2025: चित्रकूट में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, लाखों दीयों से रोशन होगी कामदगिरि

Diwali 2025: चित्रकूट। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में दीपावली के मौके पर पांच दिवसीय मेला शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन ही देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचे और धार्मिक उत्सव का हिस्सा बने। श्रद्धालुओं ने कामतानाथ स्वामी की परिक्रमा की और दीपदान कर खुशहाली, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। मेला क्षेत्र में प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल सके। विशेष रूप से, श्रद्धालु कामदगिरि पर्वत की आठ किलोमीटर लंबी परिक्रमा करते हैं। इसके बाद मंदाकिनी नदी में दीपदान कर अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हैं। चित्रकूट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित राम पथ के सभी धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कामतानाथ भगवान के अलावा श्रद्धालु स्फटिक शिला, सती अनुसुइया, रामघाट, भरतकूप, सीता रसोई समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर भी दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मेले के दौरान लाखों दीयों से पूरी कामदगिरि रोशन होगी और दीपावली की रंगत में चार चाँद लगेंगे। READ MORE: बेदखली नोटिस से फीकी पड़ी दिवाली, झुग्गी बस्ती के निवासियों में भय का माहौल
Bhopal News: बेदखली नोटिस से फीकी पड़ी दिवाली, झुग्गी बस्ती के निवासियों में भय का माहौल

Bhopal News: भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित मानस भवन के पीछे की झुग्गी बस्ती के निवासियों की दिवाली इस साल बेरंग रही। उन्हें बेदखली का नोटिस मिलने के बाद प्रशासन द्वारा उनके घरों को ढहा दिए जाने का डर सताने लगा। संकरी गली में लगे पोस्टरों में मोहल्ले का नाम ‘आदिवासी मोहल्ला’ लिखा है। प्रवेश करते ही हर घर पर पोस्टरों की एक श्रृंखला दिखाई देती है, जिनमें न्याय की मांग और घरों में रहने देने की गुहार शामिल है। बस्ती में 27 से अधिक परिवार रहते हैं, ज्यादातर आदिवासी समुदाय से। पुरुष दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि महिलाएं पास के बंगलों में काम कर परिवार का गुजारा करती हैं। पहले यह बस्ती दिवाली पर रंग-बिरंगी सजावट और बच्चों की हंसी से जगमगा उठती थी। इस बार दीवारें दीयों की जगह विरोध के पोस्टरों से ढकी हैं, जिन पर लिखा है, “हमारी दिवाली में अँधेरा क्यों है?” और “हम घर नहीं, न्याय माँग रहे हैं।” बेदखली का नोटिस 25 अगस्त को जारी किया गया था, जिसमें कहा गया कि सरकारी ज़मीन पर बसी बस्तियों को सात दिनों के भीतर खाली करना होगा। निवासियों का आरोप है कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि जल्द ही बुलडोज़र आ सकता है। 85 वर्षीय कर्मा बाई कहती हैं, “हमें रातों की नींद हराम हो रही है, इस डर से कि हमारा घर, जो 70 सालों से खड़ा है, अब नहीं रहेगा। हम तीन पीढ़ियों से यहाँ रह रहे हैं, और प्रशासन हमें जाने के लिए कह रहा है।” वहीं घरेलू सहायिका राजकुमारी कहती हैं, “हम दिवाली कैसे मनाएँ? हमें घर तोड़ने का नोटिस मिला है। क्या बुलडोज़र का इंतज़ार करें या खुद ही अपने घर गिरा दें?” बस्ती की बिलकिस बी ने कहा, “हमारे बच्चे यहीं पैदा हुए। अब हम कहाँ जाएँ? सरकार महिलाओं के लिए योजनाएँ शुरू करती है, लेकिन हमें बेघर कर दिया जा रहा है।” आधिकारिक बयान: एसडीएम दीपक पांडे ने कहा कि यह भूमि राजस्व विभाग की है, वन विभाग की नहीं। उन्होंने बताया कि निवासियों को नियमों और प्रक्रिया के अनुसार खाली करने के लिए कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेहतर सुविधाओं के साथ बसाने का वादा किया गया था। ‘कानून का उल्लंघन’ का दावा: कार्यकर्ता अनीश थिलेंकेरी और पार्षद शबिस्ता ज़की का कहना है कि यह कार्रवाई 2006 के वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करती है। अधिनियम के तहत, 2005 से पहले वन भूमि पर रह रहे परिवारों को उचित प्रक्रिया के बिना बेदखल नहीं किया जा सकता। READ MORE: आज लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, छोटी-सी गलती बिगाड़ सकती है आपकी किस्मत
Diwali 2025: आज लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, छोटी-सी गलती बिगाड़ सकती है आपकी किस्मत

Diwali 2025: भोपाल। दीपावली 2025 का पर्व पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक अमावस्या का यह पावन अवसर इस बार 20 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक रहेगा। घरों में दीपक जल रहे हैं, मंदिरों में आरती गूंज रही है और बाजारों में रौनक देखने लायक है। भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया, फिजी, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी भारतीय समुदाय दीपावली मना रहा है। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त: धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी की पूजा आज संध्या में की जाएगी। विद्वानों के अनुसार पूजन का मुख्य मुहूर्त 7:08 से 8:18 बजे तक है। प्रदोष काल: 5:46 से 8:18 बजे तक निशीथ काल: 11:41 से 12:31 बजे तक इस अवधि में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की विधि-विधान से पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पूजा में बरतें ये सावधानियां: पूजा से पहले घर की साफ-सफाई कर गंगाजल से शुद्धिकरण करें। सफेद या पीले वस्त्र पहनें। लाल या पीले कपड़े से सजी चौकी पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें। छह चौमुखे और 26 छोटे घी के दीपक जलाएं। देवताओं को गंगाजल, रोली, अक्षत, मिष्ठान, सफेद मेवा, धान का लावा और मधु अर्पित करें। पूजा के बाद घर में दीपक जलाए रखें और दरवाजे खुले रखें ताकि लक्ष्मी का आगमन हो सके। विदेशों में भी दीवाली का जश्न: नेपाल में इसे ‘तिहार’, श्रीलंका में ‘दीपोत्सव’, और मॉरीशस में ‘लाइट फेस्टिवल’ कहा जाता है। दुनियाभर में भारतीय दूतावास और प्रवासी समुदाय विशेष आयोजन कर रहे हैं। स्पेशल ट्रेनें खाली: त्योहार के इस मौसम में रेलवे ने दर्जनों स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यात्रियों की पसंद अब भी नियमित ट्रेनें बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में अगले एक महीने तक सीटें फुल हैं, जबकि स्पेशल ट्रेनों में सीटें खाली पड़ी हैं। उल्लुओं की सुरक्षा पर नजर: दीवाली के मौके पर अंधविश्वास में कुछ लोग उल्लू की बलि देते हैं, जिसे रोकने के लिए उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व में निगरानी बढ़ाई गई है। वन विभाग ने गश्त तेज की है। उल्लू संरक्षित प्रजाति में शामिल है और इसका शिकार करने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण: दीवाली से पहले दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। रविवार शाम से GRAP का दूसरा चरण (AQI 301-400) लागू कर दिया गया। आईएमडी और आईआईटीएम ने आने वाले दिनों में और गिरावट की चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है। महत्वपूर्ण जानकारी : दीवाली 2025 का पर्व इस वर्ष 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 से 21 अक्टूबर तक रहेगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा का विशेष महत्व है। पूजा का मुख्य मुहूर्त शाम 7:08 से 8:18 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रदोष काल 5:46 से 8:18 बजे तक और निशीथ काल 11:41 से 12:31 बजे तक शुभ माना गया है। इन समयों में पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली में GRAP-2 चरण 19 अक्टूबर की शाम से लागू किया गया है। बढ़ते AQI स्तर को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरती है। दीवाली के मौके पर उल्लू की बलि रोकने के लिए भी वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। भारतीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत उल्लू का शिकार करने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
Mahakal Temple : महाकाल को सुगंधित उबटन से किया गया श्रृंगारित, संध्या आरती में मनाया जाएगा दीपोत्सव

Mahakal Temple : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली पर्व की शुरुआत रूप चतुर्दशी के दिन भक्तिभाव के साथ हुई। सोमवार तड़के भगवान महाकाल का विशेष राजसी श्रृंगार किया गया। पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान को गर्म जल से स्नान कराकर सुगंधित उबटन चढ़ाया। मंदिर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। सुबह की भस्म आरती में भगवान महाकाल को मां लक्ष्मी के स्वरूप में सजाया गया। उन्हें भांग, चंदन, केसर और आभूषण पहनाए गए। सोने-चांदी के गहनों और नए वस्त्रों से भगवान का राजसी श्रृंगार किया गया। इसके बाद अन्नकूट भोग अर्पित कर फुलझड़ी आरती के साथ दिवाली उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पुजारी परिवार की महिलाओं को विशेष रूप से श्रृंगार में भाग लेने का अवसर मिला। उन्होंने सुगंधित द्रव्यों से उबटन तैयार किया और कर्पूर आरती कर भगवान को समर्पित की। पुजारी महेश के अनुसार, महाकाल को अन्नकूट भोग में धान, खाजा, शक्करपारे, मूली और बैंगन की सब्जी अर्पित की गई। यह परंपरा उज्जैन की विशेषता मानी जाती है। आमतौर पर अन्नकूट भोग गोवर्धन पूजा पर लगाया जाता है, लेकिन महाकाल मंदिर में यह दीपावली के अवसर पर ही संपन्न होता है। उज्जैन में दिवाली पर्व के बाद अब कार्तिक मास की सवारियों की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी। भगवान महाकाल रजत पालकी में शिप्रा तट पर विराजमान होंगे। यह सवारी 17 नवंबर तक चलेगी, जबकि 3 नवंबर को हरिहर मिलन सवारी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। READ MORE: पेंच-कान्हा से बुलाई गई 3 हाथियों की टीम, दो दिन से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन…
MP Tiger Attack: पेंच-कान्हा से बुलाई गई 3 हाथियों की टीम, दो दिन से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन…

MP Tiger Attack: बालाघाट। जिले के कटंगी वन परिक्षेत्र के अंबेझरी जंगल में आदमखोर बन चुके बाघ (MP Tiger Attack)ने ग्रामीणों में दहशत फैला रखी है। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पेंच और कान्हा से तीन हाथियों की टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है। जानकारी के अनुसार, बाघ पिछले एक महीने में चार ग्रामीणों की जान ले चुका है। हाल ही में ग्राम अंबेझरी के किसान सेवकराम गोपाले की बाघ के हमले में मौत हुई थी। वहीं, एक दिन पहले पिपरवानी निवासी 65 वर्षीय खेमराज नाने पर भी बाघ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें नागपुर रेफर किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ झाड़ियों में छिपकर खेत जाने वाले रास्तों पर हमला कर रहा है। खेती और जंगल के रास्ते एक जैसे होने से किसान खतरे में हैं। डर के कारण ग्रामीण शाम होते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वन विभाग ने बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए कैमरे, पिंजरे और शिकार का इंतजाम किया है। पेंच और कान्हा के तीन प्रशिक्षित हाथियों के साथ रेस्क्यू टीम लगातार जंगल में सर्चिंग कर रही है, लेकिन अब तक बाघ पकड़ से बाहर है। स्थानीय लोगों ने बाघ की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांवों में फैली दहशत खत्म हो सके। READ MORE: इंदौर की बहू बनेंगी किक्रेटर Smriti Mandhana, टीम इंडिया का 19 अक्टूबर को इंग्लैंड से मुकाबला