Hindu Children in MP Madrasas : मध्य प्रदेश के मदरसों में 200 से ज्यादा हिंदू बच्चे, शिक्षा विभाग की रिपोर्ट से खुलासा

हाइलाइट्स मध्य प्रदेश में 55 मदरसों में से 29 अभी संचालित। संचालित मदरसों में 254 हिंदू बच्चे नामांकित। सीएम का आदेश था कि, मदरसों में नहीं होगी गैर-मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई। Hindu Children in MP Madrasas : भोपाल। मध्य प्रदेश में मदरसों को लेकर एक बार फिर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुरैना जिले में संचालित मदरसों में 200 से अधिक हिंदू बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यह स्थिति तब सामने आई है, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुके हैं कि मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई नहीं होनी चाहिए। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में क्या सामने आया? शिक्षा विभाग ने जांच के बाद पुष्टि की है कि जिले में 26 मदरसे अनुदान न मिलने से बंद हो चुके हैं। बाकी 29 मदरसों में से 8 ऐसे हैं जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। इन 8 मदरसों में कुल 254 हिंदू बच्चे और 696 मुस्लिम बच्चे नामांकित हैं। शेष 21 मदरसों में केवल मुस्लिम बच्चे ही पढ़ रहे हैं। विभाग ने इन मदरसों को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। WOMEN PROTEST : अवैध शराब के खिलाफ आदिवासी महिलाओं का हल्ला बोल, पाली हाईवे पर चक्का जाम अंबाह विकासखंड का उदाहरण सबसे बड़ा अंबाह विकासखंड के खडियार गांव स्थित मदरसा आयशा इस्लामिया में सबसे ज्यादा हिंदू बच्चे पढ़ते हैं। यहां कुल 448 छात्रों में 135 हिंदू बच्चे शामिल हैं। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि पास में यही एक अच्छा स्कूल उपलब्ध है इसलिए वे यहां पढ़ाई करवा रहे हैं। यह बात RTE कानून के प्रावधानों पर सवाल उठाती है। RTE के अनुसार 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में सरकारी स्कूल होना चाहिए। फिर भी ये बच्चे मदरसों में क्यों पढ़ रहे हैं? NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने उठाए गंभीर सवाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि मुरैना और शिवपुरी जिलों में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में लगभग 550 हिंदू बच्चों के दाखिले की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू बच्चों को कुरान और इस्लाम से जुड़े विषय पढ़ाकर धर्मांतरण की साजिश रची जा रही है। कानूनगो ने मांग की है कि ऐसे बच्चों को तुरंत सरकारी स्कूलों में भेजा जाए। मदरसा क्या होता है? मदरसा अरबी शब्द है जिसका मतलब ‘पढ़ने का स्थान’ है। यहां मुख्य रूप से इस्लामिक शिक्षा दी जाती है। इसमें कुरान, हदीस, तफसीर, फिकह और इस्लामिक इतिहास शामिल होता है। कुछ मदरसों में आधुनिक विषय जैसे गणित, विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी भी पढ़ाए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक, पाठ्यक्रम तीन प्रकार के होते हैं – दीनिया (धार्मिक), आधुनिक और संयुक्त। मदरसों का संचालन एनजीओ, धार्मिक संगठन, दानदाता और निजी स्रोतों से होता है। सरकार भी कुछ मदरसों को अनुदान देती है। MORENA NEWS : तेज रफ्तार ट्रक ने मारी कॉलेज बस को टक्कर, 25 छात्र घायल असली समस्या सिस्टम की विफलता है यह मुद्दा केवल पाठ्यक्रम या धन का नहीं है। असली समस्या शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की नाकामी है। RTE कानून के तहत हर बच्चे को नजदीकी स्कूल में मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। फिर भी हजारों हिंदू बच्चे मदरसों में क्यों पढ़ रहे हैं? विभाग स्कूल भर्ती अभियान चलाता है, लेकिन ये बच्चे उसमें दिखाई क्यों नहीं देते? क्या सरकारी स्कूलों की कमी या जागरूकता की कमी इसका कारण है? यह सवाल पूरे प्रदेश के सामने खड़ा है। विभाग ने क्या कदम उठाए? शिक्षा विभाग ने मुरैना के मदरसों को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। विभाग का कहना है कि सभी हिंदू बच्चे अभिभावकों की सहमति से शासन द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठन इसे गंभीर मानते हैं।
WOMEN PROTEST : अवैध शराब के खिलाफ आदिवासी महिलाओं का हल्ला बोल, पाली हाईवे पर चक्का जाम

WOMEN PROTEST : मध्यप्रदेश। श्योपुर में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में आदिवासी महिलाओं ने पाली हाईवे पर सलापुरा गांव के पास प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आबकारी विभाग पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर क्षेत्र में खुलेआम अवैध शराब बिकवाने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे पारिवारिक व सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। MORENA NEWS : तेज रफ्तार ट्रक ने मारी कॉलेज बस को टक्कर, 25 छात्र घायल नारेबाजी से गूंजा हाईवे चक्का जाम के दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अवैध शराब की बिक्री तत्काल बंद कराने की मांग की। उनका कहना था कि शराब की वजह से घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी और अपराध बढ़ रहे हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। आश्वासन के बाद खुला जाम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने चक्का जाम हटाया, जिससे यातायात पुनः सुचारु हो सका। प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
MORENA NEWS : तेज रफ्तार ट्रक ने मारी कॉलेज बस को टक्कर, 25 छात्र घायल

MORENA NEWS : मध्यप्रदेश। मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 552 पर आज सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। ग्राम अजनौधा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने कॉलेज छात्रों से भरी बस को टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार 25 छात्र घायल हो गए। लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। AMBEDKAR POSTER CASE : अंबेडकर पोस्टर विवाद: अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से मिली जमानत घटना सुबह करीब 10 बजे की है। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज, बानमोर की बस छात्रों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। सूचना की माने तो ट्रक चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। GWALIOR COLD WAVE : ग्वालियर में शीतलहर का प्रकोप: घना कोहरा छाया, स्कूल बंद, ट्रेन सेवाएं प्रभावित बता दें कि छात्रों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्रों को उनके घर भेज दिया गया। साथ ही पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
AMBEDKAR POSTER CASE : अंबेडकर पोस्टर विवाद: अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से मिली जमानत

AMBEDKAR POSTER CASE : ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंबेडकर पोस्टर जलाने के विवाद में गिरफ्तार एडवोकेट अनिल मिश्रा को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपए के निजी मुचलके और एक लाख रुपए की जमानत राशि जमा करने के बाद रिहा करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई सवाल उठाए सूचना के मुताबिक हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि अनिल मिश्रा को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। कोर्ट ने नोट किया कि एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कई गलतियां हुईं हैं। GWALIOR COLD WAVE : ग्वालियर में शीतलहर का प्रकोप: घना कोहरा छाया, स्कूल बंद, ट्रेन सेवाएं प्रभावित एफआईआर रद्द करने प्रक्रिया शुरू अनिल मिश्रा को 1 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में कुल आठ लोग आरोपी बनाए गए हैं। हाईकोर्ट ने जुलूस निकालने और अन्य संबंधित गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है। आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द जमानत मिल सकती है, जबकि एफआईआर रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया अलग से आगे बढ़ाई जाएगी।
GWALIOR COLD WAVE : ग्वालियर में शीतलहर का प्रकोप: घना कोहरा छाया, स्कूल बंद, ट्रेन सेवाएं प्रभावित

GWALIOR COLD WAVE : मध्यप्रदेश। ग्वालियर समेत पूरे अंचल में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार गिरते तापमान के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में छुट्टी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम, ग्वालियर और मऊगंज में बुधवार को भी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया। दतिया, ग्वालियर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, रीवा, जबलपुर, कटनी, सतना और शहडोल समेत कई जिलों में भी घना कोहरा छाया रहा। GWALIOR ACID CASE : 58 दिन बाद एसिड अटैक पीड़ित विधवा महिला की मौत, जेठ पर हत्या का मामला दर्ज ट्रेनें निर्धारित समय से लेट कोहरे के कारण दिल्ली से ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। MORENA NEWS : युवतियों ने मनचले को सिखाया सबक; मेले में जमकर हुई पिटाई, वीडियो वायरल मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने ग्वालियर सहित आसपास के जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। दिन में भी ठंड का असर बना हुआ है, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।