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बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना का ऑपरेशन जारी, 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत

नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात बेहद गंभीर हैं। बीते दिनों विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत हो गई। घटनाओं की शुरुआत विद्रोहियों के हमलों से हुई, जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है। सुरक्षा स्थिति और प्रतिबंध बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि पिछले 40 घंटों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादी और 17 सुरक्षा कर्मियों की जान गई। सभी आतंकवादियों के शव अधिकारियों के कब्जे में हैं और पहचान की प्रक्रिया जारी है सुरक्षा कारणों से इंटरनेट और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, साथ ही कई सड़क मार्ग भी बंद हैं। क्वेटा और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा है।आतंकवादी गतिविधियां और अभियान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने जेलों, सेना के ठिकानों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया। डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को भी किडनैप किया गया। पाकिस्तान सेना ने बताया कि आतंकवादियों ने आम नागरिकों पर भी हमला किया, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत 18 लोग मारे गए। अभियान में 15 सैनिकों की भी मौत हुई। सेना ने कहा कि क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी में आतंकवादियों की गतिविधियों को नाकाम किया गया। तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुख्यमंत्री और खुफिया जानकारी मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने पहले ही क्वेटा में बड़े हमले की चेतावनी दी थी। शनिवार रात आतंकवादियों ने पुलिस और सीमावर्ती जवानों समेत सुरक्षा बलों और नागरिकों पर 12 अलग-अलग स्थानों पर हमला किया। क्वेटा में दो आत्मघाती हमलावरों को भी मार गिराया गया।भारत ने आरोप खारिज किए पाकिस्तान ने हिंसा का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह केवल पाकिस्तान की रणनीति है, जो अपनी घरेलू विफलताओं और बलूचिस्तान में उत्पीड़न से ध्यान हटाने के लिए भारत का नाम ले रहा है।

पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

Pentagon meeting, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संभावित युद्ध की आशंका गहराती दिख रही है। इसी बीच पेंटागन में अमेरिका और इज़राइल के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई। बैठक के केंद्र में ईरान और उसके खिलाफ संभावित सैन्य कदम रहे।बैठक में कौन शामिल था रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जनरल डैन केन और इज़राइली चीफ ऑफ स्टाफ आयल ज़मीर ने बीते शुक्रवार को बंद कमरे में चर्चा की। जमीर के वॉशिंगटन से लौटते ही इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कीं। इसमें इज़राइल के रक्षा मंत्री काट्ज़, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारीयों ने संभावित सैन्य तैयारी और किसी भी आपात स्थिति का आकलन किया।संभावित कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव अमेरिकी अधिकारी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इससे पहले सऊदी अरब और यूएई जैसे मुस्लिम देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हमला न करने के लिए मना चुके थे। हालांकि, अब हमले की संभावना फिर से बढ़ रही है।ईरान की चेतावनी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका युद्ध छेड़ेगा, तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध शुरू नहीं करेगा और किसी पर हमला करने का इरादा नहीं रखता, लेकिन “ईरानी जनता उन पर करारा जवाब देगी, जो हमला या परेशान करने की कोशिश करेंगे।” इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौते के लिए समय तेजी से समाप्त हो रहा है।

साल 2026-27 के बजट में बांग्लादेश को आधी मदद, भूटान को बड़ी राशि, चाबहार परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की विदेश सहायता नीति में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। बांग्लादेश के लिए आवंटित राशि इस बार आधी कर दी गई है। जबकि भूटान को पिछले वर्ष से अधिक मदद दी जाएगी। वहीं, ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए इस बार कोई फंड नहीं रखा गया। बांग्लादेश और पड़ोसी देशों को मदद इस वित्तीय वर्ष में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये सहायता के रूप में आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 में यह राशि 120 करोड़ रुपये थी। संशोधित अनुमान के अनुसार पिछली बार यह राशि 34.48 करोड़ रुपये रह गई थी। भूटान को सबसे अधिक मदद के रूप में 2,288 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नेपाल को 800 करोड़ रुपये, जबकि मालदीव और मॉरीशस को 550-550 करोड़ रुपये की सहायता मिल रही है। चाबहार परियोजना के लिए कोई फंड नहीं चाबहार बंदरगाह परियोजना, जिसमें भारत पिछले वर्षों से 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निवेश करता आया है, इस बार बजट में शामिल नहीं है। यह बंदरगाह अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संपर्क के लिए अहम माना जाता है और ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस बार चाबहार को कोई आवंटन नहीं दिया गया।अमेरिका द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के तहत भारत को चाबहार परियोजना पर छह महीने की छूट दी गई थी, जो 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है।विदेश मंत्रालय का बजट विदेश मंत्रालय के लिए 2026-27 के बजट में कुल 22,118 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो चालू वित्त वर्ष के 21,742 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान और 20,516 करोड़ रुपये के मूल अनुमान से अधिक है। विदेश साझेदारी विकास मद में कुल 6,997 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें करीब 4,548 करोड़ रुपये निकटवर्ती पड़ोसी देशों के लिए निर्धारित हैं। इस राशि का उपयोग पनबिजली संयंत्र, बिजली पारेषण लाइनों, आवास, सड़क और पुल जैसी बड़ी परियोजनाओं से लेकर छोटे पैमाने पर सामुदायिक विकास कार्यों तक किया जाएगा। लातिन अमेरिकी देशों के लिए कुल सहायता 120 करोड़ रुपये तय की गई है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट गया, राशिद लतीफ बोले- 'बहुत पैसा दांव पर है'

नई दिल्ली। 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।वास्तविक कारण और रणनीति सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया। राशिद लतीफ की टिप्पणी पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।  15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।वास्तविक कारण और रणनीति सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया।राशिद लतीफ की टिप्पणी पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।

भारत संग T20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा पाकिस्तान, JDU ने कहा- 'कड़े फैसले ले ICC', BJP क्या बोली?

नई दिल्ली । 2026 के टी20 वर्ल्ड कप को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. इस वैश्विक टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम भारत के साथ मैच नहीं खेलेगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीसीबी की ओर से यह फैसला लिया गया है. यह महामुकाबला 15 फरवरी को होना था. अब इस तरह के फैसलों के बाद सियासी गलियारे में बयानबाजी शुरू हो गई है. सोमवार 02 फरवरी 2026 को इस पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की ओर से रिएक्शन आया. पाकिस्तान को सबक सिखाना बेहद जरूरी पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार करने पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा “पीसीबी की क्या कठिनाई है हमें नहीं समझ आ रहा. कई स्पर्धाओं में वो खेलते हैं कई में नहीं खेलते हैं. हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ नहीं खेलने की धमकी भी दी थी. अब कहीं न कहीं आईसीसी को पाकिस्तान के खिलाफ कुछ कड़े फैसले लेने होंगे. पाकिस्तान को सबक सिखाना बेहद जरूरी है.” वो लोग नहीं आएं तो ज्यादा अच्छा हैबीजेपी पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर तंज कसते हुए बीजेपी के सांसद संजय जायसवाल ने कहा वो लोग नहीं आएं तो ज्यादा अच्छा है. क्योंकि हमारे यहां के टीवी चैनल से पीसीबी की जो कमाई होती है. नहीं तो उनके यहां जितनी फाकाकशी है वो अपने खिलाड़ियों को पैसे भी नहीं दे पाएंगे दरअसल बीते रविवार 01 फरवरी 2026 को पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि उनकी टीम सात फरवरी से शुरू हो रहे 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी. बता दें कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज पाकिस्तान और नीदरलैंड के मैच के साथ होगा. उधर टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से भारत के खिलाफ मैच न खेलने या बहिष्कार जैसी बातों पर आईसीसी की प्रतिक्रिया आई है. रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी ने कहा है “उसके सभी टूर्नामेंट ईमानदारी बराबरी और निष्पक्षता पर चलते हैं.

WPL 2026 Points Table: आरसीबी की धमाकेदार एंट्री सीधे फाइनल में, डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस बाहर

नई दिल्ली । वुमेंस प्रीमियर लीग WPL 2026 का लीग चरण रोमांच उलटफेर और हैरान करने वाले नतीजों के साथ समाप्त हो चुका है। आठ-आठ मुकाबले खेलने के बाद अब टूर्नामेंट अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है जहां सिर्फ तीन टीमें खिताब की रेस में बची हैं जबकि दो टीमों का सफर यहीं खत्म हो गया। इस सीजन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर यह रही कि मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु RCB ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे फाइनल में प्रवेश कर लिया। लीग स्टेज में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने 8 में से 6 मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार टेबल टॉपर टीम को सीधे फाइनल में खेलने का मौका मिलता है और इसी का फायदा आरसीबी को मिला। पूरे सीजन में टीम का संतुलन बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन उसे बाकी टीमों से अलग बनाता नजर आया। दूसरे स्थान पर गुजरात जायंट्स की टीम रही जिसने 8 में से 5 मैच जीतकर 10 अंक जुटाए। गुजरात का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा लेकिन टॉप पोजिशन से चूकने के कारण अब उसे फाइनल में पहुंचने के लिए एलिमिनेटर मुकाबला खेलना होगा। वहीं तीसरे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स की टीम रही जिसने संघर्षपूर्ण सफर के बाद 4 जीत और 8 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। दिल्ली की टीम भले ही उतनी लय में न दिखी हो लेकिन अहम मौकों पर जीत दर्ज कर उसने खुद को दौड़ में बनाए रखा। अब टूर्नामेंट का सबसे अहम करो या मरो मुकाबला गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। एलिमिनेटर मैच 3 फरवरी को वडोदरा में आयोजित होगा। खास बात यह है कि लीग स्टेज में गुजरात ने दिल्ली को दोनों मुकाबलों में हराया था जिससे गुजरात का मनोबल ऊंचा रहेगा जबकि दिल्ली बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगी। इस सीजन की सबसे बड़ी निराशा मुंबई इंडियंस का बाहर होना रही। डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद मुंबई सिर्फ 3 मैच ही जीत पाई और 6 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रही। वहीं यूपी वॉरियर्स की टीम भी 2 जीत और 4 अंकों के साथ आखिरी पायदान पर रही और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। अब सभी की नजरें एलिमिनेटर मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि उसकी विजेता टीम को 5 फरवरी को वडोदरा में होने वाले फाइनल में आरसीबी से भिड़ना होगा। सवाल यही है कि क्या आरसीबी इस बार अपने शानदार लीग प्रदर्शन को खिताब में बदल पाएगी या फिर एलिमिनेटर से निकलने वाली टीम फाइनल में उलटफेर करेगी।

पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम

नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने 1 फरवरी को अचानक यह ऐलान कर सबको चौंका दिया कि उनकी टीम टी20 विश्व कप 2026 में तो हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का ‘बॉयकॉट’ करेगी। पाकिस्तान के इस अड़ियल रुख के बावजूद भारतीय टीम अपने शेड्यूल के अनुसार कोलंबो रवाना होगी। इसके पीछे की वजह कोई समझौता नहीं बल्कि आईसीसी  के कड़े नियम और प्रोटोकॉल हैं। मैदान पर क्यों जाना होगा टीम इंडिया को? आईसीसी के नियमों के मुताबिक यदि कोई एक टीम मैच खेलने से मना कर देती है तो दूसरी टीम को वाकओवरके जरिए पूरे 2 अंक हासिल करने के लिए निर्धारित समय पर मैदान पर मौजूद रहना अनिवार्य है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम सभी प्रोटोकॉल का पालन करेगी। टीम इंडिया कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पहुँचेगी अभ्यास सत्र में हिस्सा लेगी और आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी। मैच के दिन कप्तान रोहित शर्मा टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और यदि पाकिस्तान की टीम वहां नहीं पहुँचती है तो मैच रेफरी आधिकारिक तौर पर भारत को विजेता घोषित कर अंक प्रदान करेंगे। पाकिस्तान पर मंडरा रहा है कड़ा प्रतिबंध पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ न खेलने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है जबकि वे श्रीलंका में अन्य टीमों के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था जिसे आईसीसी और अन्य सदस्य देश पचा नहीं पा रहे हैं। इस ‘मनमानी’ के लिए आईसीसी पाकिस्तान पर 5 बड़े प्रतिबंध लगा सकती है: भारी जुर्मानापीसीबी पर करोड़ों का वित्तीय दंड। पॉइंट्स की कटौतीवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में अंकों का नुकसान। रैंकिंग पर असरआईसीसी रैंकिंग से टीम को हटाना या अंक कम करना।  पर संकटपाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी। द्विपक्षीय सीरीज का बहिष्कारअन्य देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार। आईसीसी की चेतावनी आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर पीसीबी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है। सूत्रों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपने स्टैंड पर कायम रहता है तो उसे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच से हाथ धोना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय टीम का रुख साफ है वे खेल के नियमों का पालन करेंगे और 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

श्रीलंका की टीम को झटका, इंग्लैंड ने सीरीज में किया दबदबा कायम..

नई दिल्ली: T20 World Cup 2026 से पहले इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 सीरीज में दबदबा कायम कर दिया है इंग्लैंड ने पहले दोनों मैच जीतकर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली इससे पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी इंग्लैंड ने श्रीलंका को 2-1 से मात दी थी टी20 सीरीज का पहला मैच इंग्लैंड के नाम रहा जबकि दूसरा मैच बारिश से बाधित हुआ लेकिन इंग्लैंड ने संशोधित लक्ष्य छह विकेट से हासिल कर लिया श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 189 रन बनाए टॉप चार बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दी लेकिन टीम 200 का आंकड़ा पार नहीं कर सकी ओस और बारिश ने मैच की रणनीति पर असर डाला इंग्लैंड ने 190 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज शुरुआत की खेल के 17 ओवर में उन्हें 168 रन का संशोधित लक्ष्य मिला इंग्लैंड ने यह लक्ष्य 16.4 ओवर में चार विकेट खोकर पूरा किया और मैच तथा सीरीज अपने नाम कर लीइंग्लैंड के गेंदबाजों में जोफ्रा आर्चर ने चार ओवर में दो विकेट लिए और 42 रन खर्च किए वहीं विल जैक्स, लियाम डॉसन और आदिल रशीद को एक-एक सफलता मिली बल्लेबाजी में टॉम बैंटन ने 33 गेंदों में 54 रन बनाए जोस बटलर ने 29 गेंदों में 39 रन किए कप्तान हैरी ब्रूक ने 12 गेंदों में 36 रन बनाए उनका स्ट्राइक रेट तीन सौ रहा जिसमें दो चौके और चार छक्के शामिल थे सैम करन ने 14 गेंदों में 20 रन बनाए श्रीलंका की ओर से पवन रथनायके टॉप स्कोरर रहे जिन्होंने 22 गेंदों में 40 रन बनाए कामिल मिशारा ने 36 रन, पथुम निसंका 34 रन और कुसल मेंडिस 32 रन ही जोड़ पाए इस हार के साथ श्रीलंका की टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों को बड़ा झटका लगा इंग्लैंड ने टी20 सीरीज में दबदबा कायम कर अपनी ताकत दिखाईश्रीलंका के खिलाड़ी अब घर लौटकर अपनी रणनीति और प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान देंगे वहीं इंग्लैंड की टीम आत्मविश्वास के साथ आगामी टूर्नामेंट्स की तैयारी में जुट जाएगी इस सीरीज के परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंग्लैंड किसी भी हालात में दबदबा बनाए रखने में सक्षम है और श्रीलंका को अपनी कमजोरियों पर तुरंत काम करने की आवश्यकता है

CENTRAL BUDGET 2026: टैक्स शेयर घटा, लेकिन विकास की उम्मीद कायम: बजट 2026 में मध्य प्रदेश को कितना नुकसान और कहां से मिल सकती है राहत!

BUDGET 2026-2027

CENTRAL BUDGET 2026: मध्यप्रदेश। केंद्रीय बजट 2026 में मध्य प्रदेश को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को मिलने वाले करों में मध्य प्रदेश का हिस्सा 7.86 प्रतिशत से घटाकर 7.34 प्रतिशत कर दिया है। इसके चलते प्रदेश को अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक हर साल औसतन 7500 करोड़ रुपये कम मिलने का अनुमान है। MAHARASHTRA DEPUTY CM: अजित पवार के निधन के चौथे दिन सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री इस कटौती का असर सिर्फ आने वाले वर्षों तक सीमित नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भी अनुमानों में संशोधन किया गया है। पहले जहां राज्य को 1,11,662 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान था, अब यह घटकर 1,09,348 करोड़ रुपये रह गया है। यानी इस साल ही प्रदेश को करीब 2314 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा। टैक्स में कमी, लेकिन पूंजीगत खर्च से राहत की उम्मीद हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स हिस्सेदारी घटने के बावजूद बजट में किए गए कैपिटल एक्सपेंडिचर के प्रावधान मध्य प्रदेश के लिए राहत बन सकते हैं। केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में राज्य को इस बार करीब 1.12 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलने की संभावना जताई जा रही है। GUNA BIKE ACCIDENT: ड्यूटी से लौटते समय सड़क हादसे में कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये की विशेष पूंजीगत सहायता का ऐलान किया गया है। इस श्रेणी में आने वाले मध्य प्रदेश के करीब 10 शहरों को इसका लाभ मिल सकता है। 10 शहरों के विकास को मिल सकता है 5000 करोड़ तक का फंड वित्तीय जानकारों के अनुसार, इस फंड से भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों को 7000 करोड़ रुपये तक, जबकि अन्य शहरों को 5000 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। इस राशि का उपयोग सड़क नेटवर्क, जल आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन और अन्य शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। MP Weather Update: ग्वालियर में मौसम का बदला मिजाज, अगले 72 घंटे भारी; 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट इसके साथ ही देश में प्रस्तावित 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप में से एक भोपाल को मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। भोपाल के भौंरी क्षेत्र में राज्य सरकार पहले से ही एआई और नॉलेज सिटी विकसित कर रही है, जिसे यूनिवर्सिटी टाउनशिप का रूप दिया जा सकता है। सिंहस्थ 2028 के लिए पैकेज नहीं मिला हालांकि बजट से कुछ उम्मीदें जगी हैं, लेकिन सिंहस्थ कुंभ 2028 के आयोजन के लिए मध्य प्रदेश द्वारा मांगे गए 20,000 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज को लेकर केंद्र सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। इसे राज्य के लिए एक बड़ी निराशा के रूप में देखा जा रहा है। RAPE CASE : बर्थडे पार्टी में डीजे की आड़ में नाबालिग से दुष्कर्म, 10 घंटे में आरोपी गिरफ्तार शहरी निकायों और सामाजिक योजनाओं पर फोकस बजट में शहरी विकास को लेकर भी अहम प्रावधान किए गए हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े नगर निगम अब अमृत बॉन्ड के जरिए 1000 करोड़ रुपये तक जुटा सकेंगे, जिस पर केंद्र से अतिरिक्त सहायता मिलेगी। इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 7022 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनका फोकस जल आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन पर है। भोपाल में कोलार और बैरागढ़ क्षेत्रों में नई सीवेज परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। GWALIOR ROBBER BRIDE : 2 लाख में शादी कर फरार हुई लुटेरी दुल्हन, तीन आरोपी गिरफ्तार महिला, किसान और छात्राओं के लिए घोषणाएं महिला सशक्तीकरण के लिए बजट में ‘शी-मार्ट’ योजना की घोषणा की गई है, जिससे मध्य प्रदेश की 16 लाख से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं 75 लाख छोटे और सीमांत किसानों के लिए ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि मिशन और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने की योजना है। शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने राज्य के 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण के लिए सहायता देने का ऐलान किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी 52 जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग से रोजगार की उम्मीद वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पीएम मित्र पार्क को लेकर भी बजट में समर्थन दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, इससे राज्य में करीब 3 लाख लोगों को रोजगार और 6 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

बलूच विद्रोहियों के हमलों से हिला पाकिस्तान, अमेरिका और चीन के लिए क्यों है यह बड़ा संकेत

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को एक साथ कई इलाकों में बड़े पैमाने पर हिंसक हमले किए। ‘हेरोफ-2’ नाम दिए गए इस अभियान के तहत क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी, कलात, खारान और पंजगुर जैसे जिलों में आत्मघाती हमले, गोलीबारी और बम धमाके किए गए। इन हमलों में पुलिस थाने, जेल, सरकारी इमारतें, सुरक्षा ठिकाने और आम नागरिक क्षेत्र निशाने पर रहे। मस्तुंग में जेल पर हुए हमले के बाद करीब 30 कैदियों के फरार होने की खबर है। वहीं ग्वादर में प्रवासी मजदूरों के कैंप पर किए गए हमले में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बीएलए ने दावा किया है कि इस अभियान में उसके लड़ाकों ने 84 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों को मार गिराया और 18 को जिंदा पकड़ लिया, जबकि संगठन के सात लड़ाके मारे गए। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कुल मिलाकर करीब 200 लोगों की जान गई, जिनमें 31 नागरिक और 17 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। सेना ने जवाबी कार्रवाई का हवाला देते हुए दावा किया है कि 145 बीएलए लड़ाकों को ढेर कर दिया गया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्टी ने बीबीसी से बातचीत में स्वीकार किया कि मृतकों में आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है, हालांकि भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। यह ताजा हिंसा बलूचिस्तान में दशकों से चल रहे अलगाववादी संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। बलूचिस्तान पाकिस्तान के लिए क्यों है अहम बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह ईरान और अफगानिस्तान से सटा हुआ है और अरब सागर तक सीधी पहुंच देता है। यहां प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा, सोना और अन्य दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं। सुई गैस फील्ड जैसे संसाधन पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों की रीढ़ माने जाते हैं। इसके अलावा ग्वादर बंदरगाह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का केंद्र है, जो चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का अहम हिस्सा है। यह परियोजना चीन को मलक्का जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आपूर्ति का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराती है। अमेरिका और चीन के लिए क्यों है यह चेतावनी बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा अमेरिका और चीन दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। अमेरिका ने हाल ही में रेको डिक खदान में अहम खनिजों के लिए 1.25 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है, साथ ही दुर्लभ पृथ्वी तत्वों को लेकर 500 मिलियन डॉलर का समझौता भी किया गया है। दूसरी ओर चीन के लिए सीपीईसी और ग्वादर पोर्ट उसकी क्षेत्रीय रणनीति का आधार हैं। बीएलए लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि बाहरी शक्तियां बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन कर रही हैं, जबकि स्थानीय आबादी को इसका कोई ठोस लाभ नहीं मिल रहा। हालिया हमले न सिर्फ पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, बल्कि विदेशी निवेशकों के लिए भी यह साफ संदेश देते हैं कि इस क्षेत्र में स्थिरता अभी दूर है।