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निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त

भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम-2020 के तहत, अब सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस संरचना किताबों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण 15 फरवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल इस समय-सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग के 5 बड़े नियम अभिभावकों के लिए राहत फीस में पारदर्शितास्कूलों को अपनी ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य सभी चार्जेस पोर्टल पर सार्वजनिक करने होंगे, ताकि अभिभावक पहले से तुलना कर सकें।किताबों की ‘कमीशनखोरी’ पर रोकस्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होगी ताकि वे खुले बाजार से खरीदी जा सकें।यूनिफॉर्म में बदलाव पर पाबंदीविभाग के नियम के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल 3 साल से पहले अपनी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। दुकानदारों पर भी नजरयदि किसी विशेष दुकान पर ही स्कूल की सामग्री मिलती है, तो उस दुकानदार का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।फीस वृद्धि की सीमास्कूल बिना अनुमति के सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते। इससे ज्यादा वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति अनिवार्य है। भोपाल के 150 स्कूलों पर लटकी तलवार अकेले भोपाल जिले में करीब 150 निजी स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग का यह कदम पारदर्शिता लाने और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

मंडला में मासूम की नादानी बनी आफत: खेल-खेल में पानी में मिलाया कीटनाशक, एक ही परिवार के 10 लोग अस्पताल पहुँचे

मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक 4 वर्षीय बच्ची की छोटी सी गलती ने पूरे परिवार को अस्पताल पहुँचा दिया। घर में रखे पानी में बच्ची ने अनजाने में कीटनाशक जहर मिला दिया जिसे पीने के बाद परिवार के 10 सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। ऐसे हुआ कांड जानकारी के अनुसार बागली गांव के एक परिवार में बच्चे घर के भीतर खेल रहे थे। इसी दौरान 4 साल की बच्ची ने पास ही रखा कीटनाशक उठाया और पीने के पानी के बर्तन में मिला दिया। परिवार के सदस्यों को इस बात की भनक तक नहीं लगी और उन्होंने वही पानी पी लिया। पानी पीने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी को चक्कर आने लगे उल्टियां शुरू हो गई और कुछ लोग बेहोश होने लगे। मरीजों में 5 बच्चे और 3 महिलाएं शामिल जैसे ही स्थिति बिगड़ी पड़ोसियों की मदद से सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। बीमार होने वालों में परिवार के 5 बच्चे 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने दी राहत की खबर जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों का समय पर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया था। राहत की बात यह है कि अब सभी 10 सदस्यों की हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो परिणाम घातक हो सकते थे।स घटना ने एक बार फिर घरों में रखे जहरीले रसायनों और कीटनाशकों को बच्चों की पहुँच से दूर रखने की जरूरत को रेखांकित किया है।

फिजिकल हेल्थ: शराब और सोडा से भी घातक हैं एनर्जी ड्रिंक्स! जानें कैसे ये आपकी किडनी को कर रहे हैं 'फेल', एक्सपर्ट्स की चेतावनी

नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंस्टेंट एनर्जी तुरंत ऊर्जा का चलन बढ़ गया है। थकान मिटाने के लिए लोग धड़ल्ले से एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा ले रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ड्रिंक्स आपकी किडनी के लिए शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं? नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजीव गोयल और नेफ्रोलॉजी डायरेक्टर डॉ. यासिर रिजवी ने आगाह किया है कि इन ड्रिंक्स में मौजूद हाई कैफीन और शुगर का जानलेवा कॉम्बिनेशन किडनी को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है। एनर्जी ड्रिंक्स: जहर का मीठा कॉम्बिनेशन एनर्जी ड्रिंक्स को खतरनाक बनाने के पीछे तीन मुख्य विलेन हैं: अत्यधिक कैफीन, सिंथेटिक शुगर और केमिकल प्रिजर्वेटिव्स। * शराब बनाम एनर्जी ड्रिंक: शराब किडनी को डिहाइड्रेट करती है और सोडा शुगर लोड बढ़ाता है, लेकिन एनर्जी ड्रिंक इन दोनों का घातक मिश्रण है। यह एक साथ शरीर को डिहाइड्रेट भी करता है और ब्लड शुगर को अचानक स्पाइक तेजी से बढ़ाना भी कर देता है।किडनी पर दबाव: साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी के एक रिव्यू 2008-2020 के अनुसार, ये ड्रिंक्स किडनी पर फिल्ट्रेशन का इतना दबाव डालते हैं कि किडनी की कोशिकाएं थक जाती हैं, जिससे इंफ्लेमेशन और डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। क्या इनमें सचमुच ‘एनर्जी’ होती है? डॉक्टरों का कहना है कि यह ‘एनर्जी’ नहीं बल्कि स्टिम्यूलेशन उत्तेजना है। हाई कैफीन आपके नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर देता है, जिससे आपको कुछ देर के लिए ऊर्जा का एहसास होता है। लेकिन जैसे ही इसका असर खत्म होता है, शरीर पहले से ज्यादा थकान और सुस्ती महसूस करने लगता है। रोजाना सेवन के भयानक नुकसान: किडनी स्टोन: हाई शुगर और डिहाइड्रेशन के कारण पथरी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।क्रॉनिक किडनी डिजीज लंबे समय तक सेवन से किडनी टॉक्सिन्स को फिल्टर करने की क्षमता खो देती है।हार्ट और लिवर पर असर: अत्यधिक कैफीन से दिल की धड़कन बढ़ना और लिवर में टॉक्सिसिटी का रिस्क बढ़ता है।ब्लड प्रेशर ये ड्रिंक्स अचानक बीपी बढ़ा देते हैं, जो किडनी की बारीक़ नसों को नुकसान पहुँचाता है।

MORENA CRIMES: दलित युवक के साथ अमानवीय व्यवहार, मुर्गा बनाकर पीटा; वीडियो सामने आने पर आरोपी गिरफ्तार

MORENA CRIMES

MORENA CRIMES: ग्वालियर। मुरैना जिले में एक दलित युवक के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। जहां पैसे न देने के विवाद में बदमाशों ने युवक को मुर्गा बनाकर पीटा और उससे अश्लील हरकतें कराईं। इस पूरी घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। Sanitation workers’ protest: 3 महीने से वेतन नहीं मिलने पर भड़के सफाईकर्मी, विधायक बाबू जंडेल का अल्टीमेटम: 4 दिन में पेमेंट नहीं तो FIR मामला अंबाह थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पीड़ित युवक आरोपी की ही गली में किराए से रहता था। आरोपी द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण युवक का परिवार घर छोड़कर कहीं चला गया है और फिलहाल लापता बताया जा रहा है। कर्ज विवाद में की गई मारपीट पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान पुई उर्फ धर्मेंद्र तोमर, निवासी रेतपुरा, पुराना अंबाह थाना क्षेत्र के पीछे की है। आरोपी अंबाह थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। सूचना के मुताबिक कर्ज की रकम वापस न देने के आरोप में आरोपी और उसके साथियों ने युवक को घर बुलाकर मारपीट और अभद्रता की। दो वीडियो आए सामने पीड़ित के साथ की गई प्रताड़ना के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में युवक को मुर्गा बनाकर खुद को थप्पड़ मारने के लिए मजबूर किया गया, जबकि दूसरे वीडियो में उससे साथ अश्लील हरकतें कराई गईं। वहीं, वीडियो आरोपी के एक साथी द्वारा रिकॉर्ड किया गया । आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी एसपी मुरैना समीर सौरभ ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष को सुरक्षा और न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। GOVT. HOSPITAL NEGLIGENCE : अस्पताल में मनमानी: गंभीर मरीज को ट्रॉमा सेंटर से बाहर निकाला, वीडियो वायरल

मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: 25 हजार विस्थापित आदिवासियों के पट्टों की होगी फ्री रजिस्ट्री; सिंचाई और संबल जैसी योजनाओं को 2031 तक विस्तार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के आदिवासी समाज और किसानों के लिए बड़ी सौगातों का पिटारा खोला गया है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित हजारों परिवारों के हक में एक बड़ा मानवीय फैसला लिया है। विस्थापितों को मुफ्त मालिकाना हक सरदार सरोवर परियोजना के कारण विस्थापित हुए 25,602 आदिवासी परिवारों को पूर्व में आवासीय पट्टे तो दिए गए थे, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। अब सरकार ने इन सभी पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों परिवारों को उनके घर का कानूनी स्वामित्व बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकेगा। सिंचाई और बुनियादी ढांचे को मजबूती कैबिनेट ने प्रदेश की कृषि क्षमता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:धनवाही सिंचाई परियोजना और बरही सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी। योजनाओं का विस्तार 2026 से 2031 तक सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाओं को अगले 5 सालों के लिए निरंतर जारी रखने का फैसला किया है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहने वाली प्रमुख योजनाएं हैं संबल योजना गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच। महिला एवं शिशु कल्याण: महिला पीड़ित सहायता योजना और किशोर कल्याण निधि। आर्थिक विकास: उद्यम योजना और पशु विकास योजना। वित्तीय भार: इन योजनाओं की निरंतरता से सरकार पर 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। प्रशासनिक सुधार और अन्य चर्चाएं राज्य समाज कल्याण बोर्ड: बोर्ड को भंग कर इसके कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति दी गई है। भावांतर योजना: कैबिनेट में बताया गया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने भावांतर योजना को पूर्णतः लागू कर 2 माह के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया। धार्मिक और पर्यटन विकास: 29 जनवरी को मंदसौर में ‘पशुपतिनाथ लोक’ के लोकार्पण और भोपाल में हुए ‘पुष्प महोत्सव’ की सफलता पर भी चर्चा हुई।

एमपी बजट 2026: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट; 18 फरवरी को CM दे सकते हैं 'वैट' कटौती का तोहफा

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों से जूझ रहे लोगों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उम्मीद की किरण जगाई है। बजट 2026 की पूर्व संध्या पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि सरकार के सामने वैट कम करने की चुनौती है और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ तालमेल बिठाकर ईंधन की दरों को कम करने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के बयान के मुख्य बिंदु वैट में कटौती की संभावना: सीएम ने कहा कि वैट कम करना एक चुनौती है, लेकिन 18 फरवरी के बजट में जनता को राहत देने का हमारा पूरा प्रयास रहेगा।केंद्र के साथ तालमेल: सीएम के अनुसार, राज्य जितनी ड्यूटी कम करेगा, केंद्र की ओर से रिटर्न की व्यवस्था उसी आधार पर होगी। राज्य का बजट केंद्र के विजन के साथ मिलकर चल रहा है।बजट 2026 का फोकस: मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बजट नारी सशक्तिकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन और स्टार्टअप पर केंद्रित होगा।वर्तमान स्थिति और राहत की उम्मीद अभी क्या है दाम: वर्तमान में मध्य प्रदेश खासकर भोपाल में पेट्रोल की कीमत करीब 108.28 रुपये और डीजल 93.61 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।कितनी हो सकती है कमी: पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ द्वारा अपने बजट में की गई कटौती को देखते हुए, कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम 1 से 3 रुपये तक कम हो सकते हैं।एमएसएमई और निवेश: बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन के तहत निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। सियासी वार-पलटवार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रक्षा बजट में 15% की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन विपक्ष को विकास दिखाई नहीं देता। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी इस आगामी बजट को ‘विकास और विश्वास’ का बजट करार दिया है।

बैतूल में 70 KM तक फिल्मी चेज: 14 गोवंशों से भरी पिकअप पकड़ी, तस्करों ने भागकर बचाई जान; कत्लखाने ले जाने की थी तैयारी

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में गोवंश तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र की सीमा से सटे इस इलाके में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर लगभग 70 किलोमीटर तक एक संदिग्ध पिकअप का पीछा किया और 14 गोवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहे। छिंदवाड़ा से शुरू हुआ पीछा मुलताई में खत्म घटनाक्रम की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले के लावा घोघरी इलाके से हुई जहाँ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में गोवंशों को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और वाहन का पीछा शुरू किया। लगभग 70 किलोमीटर तक चले इस ‘हाई-स्पीड चेज’ के बाद मुलताई के पास तस्करों ने खुद को घिरता देख पिकअप सड़क किनारे खड़ी की और जंगलों की ओर भाग निकले। पिकअप में कैद थी क्रूरता जब कार्यकर्ताओं और पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। एक छोटी सी पिकअप में कुल 14 गोवंशों को बेहद अमानवीय तरीके से हाथ-पांव बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कई पशु दम घुटने जैसी स्थिति में थे। सभी गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी गौशाला भिजवाया गया जहाँ उनका उपचार और चारे-पानी की व्यवस्था की गई। बॉर्डर पर तस्करी का बड़ा नेटवर्क मुलताई थाना पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ गोवंश प्रतिषेध अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पिकअप के नंबर के आधार पर मालिक और फरार तस्करों की तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बैतूल और महाराष्ट्र की सीमा खुली होने के कारण तस्कर इस रूट का इस्तेमाल अवैध कटाई के लिए पशुओं को ले जाने में लगातार कर रहे हैं।

Sanitation workers’ protest: 3 महीने से वेतन नहीं मिलने पर भड़के सफाईकर्मी, विधायक बाबू जंडेल का अल्टीमेटम: 4 दिन में पेमेंट नहीं तो FIR

Sanitation workers protest

Sanitation workers’ protest: ग्वालियर। शेयोपुर नगर पालिका के सफाईकर्मियों, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान की मांग को लेकर मंगलवार को कर्मचारियों ने काम बंद कर नगर पालिका से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और जोरदार प्रदर्शन किया। एमपी में आज का मौसम: पश्चिमी डिस्टर्बेंस का असर जारी, एमपी में बारिश-आंधी के साथ कोहरे का खतरा, 20 नवंबर को मावठे की चेतावनी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी हड़ताल पर गए कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। घर चलाना मुश्किल हो गया है, बैंक की किस्तें और एलआईसी प्रीमियम जमा नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों ने ये भी आरोप लगाया कि समस्या उठाने पर सीएमओ द्वारा समाधान के बजाय नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और कई इलाकों में कचरा जमा होने से गंदगी फैलने लगी है। बताया जा रहा है कि हालात बिगड़ते देख नगर पालिका की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र गर्ग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की स्थिति सुधारने में विफल रहने पर उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। विधायक ने दी चेतावनी आंदोलन को विधायक बाबू जंडेल और विपक्षी पार्षदों का समर्थन मिला है। विधायक ने नगर पालिका प्रशासन पर विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि चार दिन में पूरी राशि का हिसाब और भुगतान नहीं हुआ, तो अकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। श्योपुर अपराध: 58.90 लाख की अवैध शराब जब्त, श्योपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; दो बंधक अरेस्ट कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सीधे खाते में वेतन चाहिए। जल्द भुगतान नहीं होने पर सफाई के साथ पानी सप्लाई और अन्य आवश्यक सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी गई है।

माइकल वॉन की बड़ी भविष्यवाणी: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ये होंगे 4 सेमीफाइनलिस्ट, लिस्ट से एक 'दिग्गज' गायब!

नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की धरती पर 7 फरवरी से शुरू होने जा रहे आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच चरम पर है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट की तारीख नजदीक आ रही है क्रिकेट पंडितों और पूर्व दिग्गजों के बीच भविष्यवाणियों का दौर भी तेज हो गया है। इसी क्रम में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने चार संभाव सेमीफाइनलिस्टों के नाम साझा कर सबको हैरान कर दिया है। वॉन के अनुसार इस दसवें संस्करण के अंतिम चार में भारत, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया अपनी जगह बनाएंगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने इस सूची से दक्षिण अफ्रीका को बाहर रखा है जो 2024 के फाइनल में भारत के खिलाफ मात्र सात रनों से हारकर उपविजेता रही थी। 2026 का यह टूर्नामेंट 2024 के सफल फॉर्मेट पर ही आधारित होगा जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। हालांकि इस बार सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की अनुपस्थिति में स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रॉ में शामिल किया गया है। भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और यूएसए के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ खेलेगी। लेकिन टूर्नामेंट के सबसे हाई-वोल्टेज मैच यानी भारत बनाम पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले इस मुकाबले का बॉयकॉट करने का फैसला किया है जिससे भारत को बिना खेले वॉकओवर के अंक मिल सकते हैं। ग्रुप चरण की अन्य जंगों पर नजर डालें तो इंग्लैंड की टीम ग्रुप-सी में नेपाल, वेस्टइंडीज और इटली जैसी टीमों के खिलाफ अपना दम दिखाएगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-बी में मेजबान श्रीलंका और आयरलैंड के साथ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड की राह थोड़ी कठिन मानी जा रही है क्योंकि उनके ग्रुप-डी में अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें शामिल हैं। माइकल वॉन द्वारा दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर बताना क्रिकेट प्रशंसकों के गले नहीं उतर रहा है क्योंकि प्रोटियाज टीम हमेशा से इस फॉर्मेट की दावेदार रही है। वॉन का मानना है कि न्यूजीलैंड की निरंतरता और एशियाई परिस्थितियों में उनका अनुभव उन्हें दक्षिण अफ्रीका से आगे ले जा सकता है। डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए यह वर्ल्ड कप अपनी बादशाहत बरकरार रखने की अग्निपरीक्षा होगा। जहाँ एक तरफ माइकल वॉन ने भारत को टॉप-4 में रखा है वहीं पाकिस्तान के बॉयकॉट वाले रवैये ने आईसीसी और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। 8 मार्च को होने वाले फाइनल तक का सफर इस बार न केवल मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर की रणनीतियों और भविष्यवाणियों के कारण भी बेहद दिलचस्प होने वाला है। वॉन की यह भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट से पहले माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।

Valentine Date Ideas: कम बजट में शानदार वैलेंटाइन डेट! दिल्ली की ये 7 जगहें प्यार बढ़ाने के लिए हैं परफेक्ट

नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे आते ही हर किसी के मन में यही सवाल होता है कि अपने पार्टनर के साथ ऐसा क्या किया जाए जो दिन को खास बना दे, लेकिन जेब पर ज्यादा भारी भी न पड़े. महंगे होटल और फैंसी रेस्टोरेंट हर बार जरूरी नहीं होते, कई बार सादगी में ही सबसे ज्यादा प्यार छिपा होता है. अगर आप भी इस वैलेंटाइन अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, वो भी कम खर्च में, तो दिल्ली-एनसीआर आपके लिए परफेक्ट जगह है. यहां सिर्फ मॉडर्न कैफे ही नहीं, बल्कि शांत पार्क, खूबसूरत झीलें, ऐतिहासिक जगहें और ओपन स्पेस भी हैं, जहां आप खुलकर बातें कर सकते हैं, टहल सकते हैं और साथ में अच्छे पल जी सकते हैं. खास बात यह है कि इन जगहों पर जाने के लिए आपको बड़ी प्लानिंग या ज्यादा बजट की जरूरत नहीं होती. बस थोड़ा सा टाइम और सही जगह का चुनाव काफी है. अगर आप इस वैलेंटाइन डे को यादगार बनाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई इन 7 जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें. ओखला वाटरफ्रंट नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर स्थित ओखला वाटरफ्रंट सनसेट के लिए जाना जाता है. यहां का शांत माहौल कपल्स को काफी पसंद आता है. अगर आप और आपके पार्टनर को लंबी बातें करना और साथ टहलना अच्छा लगता है, तो यह जगह एकदम सही है. सूर्यास्त के समय यहां की हवा और नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. इंद्रप्रस्थ पार्क इंद्रप्रस्थ पार्क का जापानी स्टाइल गार्डन अभी भी कई लोगों के लिए अनजान है. यहां रंग-बिरंगे फूल, पत्थर और अलग ही तरह की वाइब देखने को मिलती है. नेचर लवर्स और फोटो के शौकीन कपल्स के लिए यह जगह परफेक्ट है. यहां की शांति आपके वैलेंटाइन डे को और भी खास बना सकती है. कनॉट प्लेस कनॉट प्लेस दिल्ली की सबसे पॉपुलर और हप्पेनिंग जगहों में से एक है. यहां आप कैफे डेट कर सकते हैं, स्ट्रीट फूड का मजा ले सकते हैं और चाहें तो शॉपिंग भी कर सकते हैं. हर बजट के ऑप्शन मिलने की वजह से यह कपल्स के लिए हमेशा से फेवरेट स्पॉट रहा है. संजय झील अगर आप भीड़ से दूर शांति चाहते हैं, तो संजय झील एक बेहतरीन ऑप्शन है. झील के किनारे वॉक करना, बोटिंग करना और नेचर के बीच समय बिताना कपल्स को काफी सुकून देता है. यहां का माहौल रिलैक्स करने के लिए बिल्कुल सही है. साइबर हब, गुरुग्राम मॉडर्न और स्टाइलिश डेट के लिए साइबर हब शानदार जगह है. यहां कई कैफे, रेस्टोरेंट और म्यूजिक स्पॉट्स हैं. अगर आप वैलेंटाइन डे पर नाइट आउट या पार्टी का प्लान बना रहे हैं, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी. सुंदर नर्सरी लोधी रोड के पास स्थित सुंदर नर्सरी कपल्स के लिए एक शांत और खूबसूरत जगह है. हरियाली, ओपन स्पेस और साफ-सुथरा माहौल इसे खास बनाता है. यहां पिकनिक स्टाइल डेट भी प्लान की जा सकती है, जो कम खर्च में शानदार अनुभव देती है. लोधी गार्डन लोधी गार्डन हमेशा से कपल्स की पसंदीदा जगहों में शामिल रहा है. यहां घूमते हुए ऐतिहासिक ढांचे देखना और हरियाली के बीच समय बिताना बेहद अच्छा लगता है. सुबह या शाम, दोनों समय यह जगह वैलेंटाइन डेट के लिए परफेक्ट है.