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इकरा हसन को तीन तलाक-हलाला से बचना है तो…, एक और हिंदूवादी नेता की टिप्पणी, वीडियो वायरल

नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को लेकर एक और हिंदूवादी नेता ने अभद्र टिप्पणी की है। शामली के गांव कंडेला में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान 31 जनवरी को की गई टिप्पणी का वीडियो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में स्वामी राम विशाल दास महाराज मंच से इकरा हसन को तीन तलाक और हलाल से बचने के तरीके बता रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद से इकरा के समर्थकों में भारी नाराजगी है। इसे नारी शक्ति का अपमान और चुनावी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करार दिया गया है। इससे पहले करणी सेना के उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा ने इसी तरह से अमर्यादित टिप्पणी इकरा हसन पर की थी। सोशल मीडिया पर जो 51 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें स्वामी राम विशाल दास महाराज सांसद इकरा हसन के चुनाव प्रचार के तरीकों पर कटाक्ष करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं कि इकरा हसन ने चुनाव के दौरान गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में खुद को ‘गुर्जर की बेटी’ बताया था और इसी आधार पर वोट मांगे थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जिन्हें सांसद के समर्थकों ने ‘अत्यंत अमर्यादित’ और ‘महिला विरोधी’ बताया है। समर्थकों में उबाल, कार्रवाई की मांग वीडियो वायरल होने के बाद कैराना और शामली के विभिन्न हिस्सों में इकरा हसन के समर्थकों ने कड़ी नाराजगी जताई है। समर्थकों का कहना है कि इकरा हसन एक सम्मानित जनप्रतिनिधि हैं और उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब पर भी प्रहार है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के दौरान इकरा हसन को जिस तरह सर्वसमाज विशेषकर मुस्लिम और गुर्जर गठबंधन का समर्थन मिला था, यह टिप्पणी उसी भाईचारे को निशाना बनाने के लिए की गई है। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेने और धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि इस मामले को लेकर अब तक पुलिस में किसी औपचारिक लिखित शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी यूपी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। अब देखना यह होगा कि सांसद इकरा हसन या उनका दल इस पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है और पुलिस इस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के बाद क्या कदम उठाती है।

क्या हम रिश्तों में ‘यूज़र मैनुअल’ ढूंढने लगे हैं? आधुनिक जीवनशैली में साथी और दोस्त को समझने की कोशिश

नई दिल्ली । आज के तेज़ और डिजिटल जीवन में रिश्तों की परिभाषा बदलती जा रही है। पहले जहाँ भावनाओं, अनुभव और व्यक्तिगत संवाद के भरोसे रिश्ते बनाए जाते थे, वहीं अब लोग साथी या मित्र के व्यवहार, पसंद-नापसंद और प्रतिक्रियाओं को समझने के लिएयूज़र मैनुअल खोजने लगे हैं।जीवन की बढ़ती चुनौतियाँ, करियर के दबाव और सोशल मीडिया पर तुलना की प्रवृत्ति ने लोगों को अपने रिश्तों में स्पष्टता और नियंत्रण की चाह दी है। इसी कारण हर व्यक्ति साथी या मित्र के व्यवहार को समझने के लिए संकेत, नियम और टिप्स ढूँढने लगता है। युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, ब्लॉग्स और सोशल मीडिया की मदद से अपने साथी की मानसिकता और प्राथमिकताओं को जानने की कोशिश कर रही है। इससे छोटे झगड़े कम होते हैं और संवाद अधिक सहज बनता है। कई लोग मानते हैं कि प्रारंभिक गाइडलाइन से रिश्ते तनावमुक्त और समझदार बन सकते हैं।हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि रिश्तों को केवल नियमों और गाइडबुक तक सीमित करना भावनात्मक गहराई को कमजोर कर सकता है। वास्तविक समझ और सामंजस्य समय, संवाद और अनुभव से ही विकसित होते हैं। सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण से इस प्रवृत्ति का सकारात्मक पक्ष यह है कि लोग साथी की भावनाओं और आवश्यकताओं के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं। लेकिन नकारात्मक पहलू यह है कि अचानक या अप्रत्याशित भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता घट सकती है, जिससे रिश्तों में spontanity और गहराई कम हो सकती है।इसलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि यूज़र मैनुअल केवल एक शुरुआती सहारा हो सकता है, लेकिन रिश्तों की असली ताकत समय, विश्वास और संवाद में निहित होती है।

पार्टनर रह जाएगा दंग, वैलेंटाइन डे पर गुलाब जैसा निखार पाने के लिए आज ही शुरू करें ये 7-डे स्किनकेयर चैलेंज

नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे आने वाला है और इस खास दिन पर हर कोई सबसे सुंदर दिखना चाहता है. लेकिन काम की थकान और धूल-मिट्टी की वजह से अक्सर चेहरे की चमक खो जाती है और चेहरा मुरझाया हुआ लगने लगता है. अगर आप भी चाहती हैं कि इस वैलेंटाइन डे आपका चेहरा गुलाब की तरह चमक उठे, तो अब महंगे पार्लर जाने की जरूरत नहीं है. हम आपके लिए लाए हैं एक बहुत ही आसान 7 दिनों का घरेलू नुस्खा. आज से ही इसे शुरू करके आप घर बैठे अपनी त्वचा को सुंदर और चमकदार बना सकती हैं. ये छोटे-छोटे तरीके आपके चेहरे पर ऐसा निखार लाएंगे कि आपकी डेट नाइट और भी खास बन जाएगी. चेहरे को साफ रखें आप दिन में कम से कम दो बार अपने चेहरे को किसी अच्छे फेस वॉश या घरेलू चीज से धोएं. अगर आपकी त्वचा सूखी है तो आप कच्चे दूध का इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो आप बेसन से चेहरा धो सकती हैं. यह आपके चेहरे से धूल और गंदगी को पूरी तरह साफ करने में मदद करेगा. त्वचा में नमी बनाए रखें चेहरा धोने के तुरंत बाद उसे कभी भी खाली न छोड़ें. चेहरे को हल्का सुखाकर उस पर एलोवेरा जेल या अपनी पसंद की कोई अच्छी क्रीम लगाएं. ऐसा करने से आपकी त्वचा की नमी बनी रहेगी और चेहरा मुलायम नजर आएगा. यह रूखापन दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है. धूप से बचाव करें दिन के समय अपनी त्वचा को धूप से बचाना बहुत जरूरी है. चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें. यह आपकी त्वचा को काला होने से रोकता है और सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. खूब पानी पिएं चेहरे पर असली चमक तभी आती है जब आपका शरीर अंदर से स्वस्थ हो. इसलिए आप दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीने की आदत डालें. पानी आपके शरीर से गंदगी को बाहर निकालता है जिससे चेहरे पर एक प्यारा और कुदरती निखार आता है.

यूपी पंचायत चुनाव टल सकते हैं? पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने दिया अपडेट, क्या बोले

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी संशय के बाद अब कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने चुनाव टलने की सभी चर्चाओं को केवल एक भ्रम करार दिया है। राजभर ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर काम चल रहा है। चुनावों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यानी मतपत्रों की छपाई का काम पूरा हो चुका है। यही नहीं, ये मतपत्र अब विभिन्न जिलों में पहुंचाए भी जा रहे हैं। भारत समाचार चैनल से बातचीत में ओपी राजभर ने कहा कि मतदाता सूची का काम अपने अंतिम चरण में है और 28 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी कर दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार दोनों ही चुनाव को समय पर संपन्न कराने के लिए कटिबद्ध हैं। चुनाव टलने जैसी कोई संभावना अभी नहीं दिखती है।भ्रम के पीछे का कारण चुनाव टलने की खबरों पर सफाई देते हुए राजभर ने कहा कि लोग अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार राग अलाप रहे हैं। भ्रम का मुख्य कारण यह है कि वर्तमान में कर्मचारी एसआईआर  के काम में व्यस्त हैं। इसके अलावा, आगामी जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी लोग कयास लगा रहे हैं कि चुनाव टल सकते हैं। राजभर ने जोर देकर कहा कि सरकार और निर्वाचन आयोग अपना काम कर रहे हैं।पिछड़ा वर्ग आरक्षण और पिछड़ा आयोग का गठन ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मंत्री ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पिछड़ा आयोग के गठन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही इसका गठन होगा, वह पिछड़ों के आरक्षण को लेकर अपना काम शुरू कर देगा। भाजपा से गठबंधन और पिछड़ों-वंचितों को टिकट पर उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में कहा, जिसकी जितनी हिस्सेदारी है, उसको उतना हिस्सा दिया जाएगा। कब होगी तारीखों की घोषणा? चुनाव की सटीक तारीख के सवाल पर पंचायती राज मंत्री ने कहा कि यह निर्णय निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच संयुक्त बैठक के बाद लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सही समय आने पर तारीखों का ऐलान हो जाएगा। लेकिन फिलहाल सभी का ध्यान तैयारियों को अंतिम रूप देने पर है। मंत्री के इस बयान के बाद उन भावी प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली है जो पिछले काफी समय से गांवों में चुनाव प्रचार और जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।

3 फरवरी से खुला राष्ट्रपति भवन का गार्डन, ‘अमृत उद्यान’ घूमने के लिए जान लें कहीं टिकट फ्री तो नहीं?

नई दिल्ली । दिल्ली घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अमृत उद्यान एक खास आकर्षण है। पहले मुगल गार्डन कहलाने वाला यह उद्यान राष्ट्रपति भवन में स्थित है और हर साल सर्दियों में आम जनता के लिए खोला जाता है। यहां प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है, बस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है। रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और शांत माहौल इसे घूमने लायक बनाते हैं। देश की राजधानी दिल्ली में घूमने के लिए सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। कुतुब मीनार, लाल किला जैसी ऐतिहासिक जगहों के साथ-साथ हर साल सर्दियों में खुलने वाला मुगल गार्डन भी लोगों को काफी पसंद आता है। अब मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है, जो राष्ट्रपति भवन के अंदर स्थित है। इस साल भी अमृत उद्यान को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। यहां आप तय तारीखों के बीच सुबह से शाम तक घूम सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अमृत उद्यान में प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है। टिकट लेने के लिए आपको पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है, इसके बाद तय समय पर एंट्री मिलती है। खूबसूरत फूल, हरियाली और शांत माहौल के लिए अमृत उद्यान एक बेहतरीन जगह है। अगली स्लाइड्स में आप इसके बारे में और जानकारी जान सकते हैं। कब से कब तक खुलने वाला है अमृत उद्यान? आम जनता के लिए अमृत उद्यान 3 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा।यह बगीचा हफ्ते में 6 दिन खुलेगा, जबकि सोमवार को बंद रहेगा।घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।आखिरी एंट्री शाम 5:15 बजे तक ही मिलेगी, उसके बाद प्रवेश नहीं होगा। अमृत उद्यान में क्या-क्या देख सकेंगे? यहां आपको अलग-अलग प्रजाति के खूबसूरत फूल देखने को मिलते हैं। बगीचे में 145 से ज्यादा किस्मों के गुलाब लगे हुए हैं।इसके अलावा 85 तरह के अन्य फूलों के पौधे भी हैं। रंग-बिरंगे ट्यूलिप लोगों को खासा आकर्षित करते हैं।साथ ही झरनों जैसी बहती पानी की धाराएं, छोटी नहरें और शांत माहौल वाला बरगद का बगीचा भी देखने लायक है।​कितने का है टिकट और कहां से बुक करें? यहां एंट्री बिल्कुल मुफ्त है। लेकिन पहले से ऑनलाइन बुकिंग जरूरी है। आप आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in से टिकट बुक कर सकते हैं। अमृत उद्यान पहुंचकर टिकट नहीं मिलता, इसलिए घर से ही बुकिंग करें।​इन जरूरी बातों को भी जान लें यहां प्रवेश राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 35 से होगा।होली के दिन अमृत उद्यान बंद रहेगा।एंट्री बिल्कुल मुफ्त है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग जरूरी है।अमृत उद्यान में लगे क्यूआर कोड स्कैन करके फूलों और पौधों की जानकारी ले सकते हैं।​कैसे पहुंच सकते हैं यहां? अमृत उद्यान पहुंचने के लिए सबसे आसान तरीका मेट्रो है। आप सेंट्रल सेक्रेटेरिएट या उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। यहां से ऑटो, ई-रिक्शा या टैक्सी लेकर राष्ट्रपति भवन गेट नंबर 35 तक पहुंचा जा सकता है। बस से आने वालों के लिए भी आसपास कई रूट उपलब्ध हैं। अगर आप अपनी गाड़ी से आ रहे हैं तो पार्किंग की जानकारी पहले ऑनलाइन जांच लें। सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाता है, इसलिए समय से पहुंचना बेहतर रहता है।

ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था। आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं। किराया नहीं मिला तो खुला राज शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी। भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की। 24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं। गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

Google पर कैसे बनते हैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स? समझिए इसके पीछे काम करने वाली टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली । डिजिटल दौर में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कोई खबर, फिल्म, खिलाड़ी या घटना अचानक Google पर ट्रेंड करने लगती है। कभी यह ब्रेकिंग न्यूज होती है, तो कभी किसी सेलिब्रिटी से जुड़ी चर्चा। ऐसे में सवाल उठता है कि Google आखिर कैसे तय करता है कि कौन-सा विषय ट्रेंड कर रहा है? इसके पीछे एडवांस टेक्नोलॉजी और मजबूत डेटा एनालिसिस सिस्टम काम करता है, जो अलग-अलग स्रोतों से आने वाली जानकारी का तुरंत विश्लेषण करता है। क्या होता है ट्रेंडिंग टॉपिक? सरल शब्दों में कहें तो जब किसी विषय को लेकर बहुत कम समय में अचानक बड़ी संख्या में सर्च होने लगती हैं, तो Google उसे ट्रेंडिंग टॉपिक के रूप में पहचानता है। यह सामान्य सर्च पैटर्न से अलग होता है। यानी कोई विषय, जिसे पहले कम लोग खोज रहे थे, अचानक हजारों या लाखों लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बन जाता है। Google कैसे पकड़ता है ट्रेंड? Google के पास हर सेकंड दुनियाभर से करोड़ों सर्च क्वेरी आती हैं। इसके एल्गोरिदम इन रियल-टाइम सर्चेस की तुलना पुराने डेटा से करते हैं। अगर किसी कीवर्ड या टॉपिक में अचानक असामान्य तेजी दिखाई देती है, तो सिस्टम उसे संभावित ट्रेंड मान लेता है और ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल कर देता है। ट्रेंड के पीछे AI और डेटा एनालिसिस Google सिर्फ सर्च की संख्या नहीं देखता, बल्कि यह भी समझने की कोशिश करता है कि लोग किसी विषय को क्यों खोज रहे हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है। ये तकनीकें न्यूज वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, वीडियो प्लेटफॉर्म और ब्लॉग्स से डेटा जुटाकर उसका विश्लेषण करती हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि कोई विषय वास्तव में महत्वपूर्ण है या सिर्फ थोड़े समय की हलचल है। जगह और समय की अहम भूमिका हर ट्रेंड हर जगह एक जैसा नहीं होता। कई बार कोई विषय सिर्फ किसी खास देश, राज्य या शहर तक सीमित रहता है। Google यूजर की लोकेशन और समय के आधार पर ट्रेंडिंग टॉपिक्स दिखाता है। जैसे चुनाव, मौसम या स्थानीय घटनाएं अक्सर क्षेत्रीय स्तर पर ही ट्रेंड करती हैं। क्या है Google Trends? Google Trends दरअसल Google की ट्रेंडिंग तकनीक का सार्वजनिक रूप है। इस टूल के जरिए यह देखा जा सकता है कि कोई टॉपिक कब, कहां और कितनी तेजी से खोजा गया। ग्राफ और तुलना के जरिए यह टूल सर्च ट्रेंड्स को समझना आसान बना देता है।

सदन में बोलने से रोका गया, यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात, राहुल गांधी का स्पीकर को पत्र

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार 3 फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सरकार के इशारे पर सदन में बोलने से रोका गया, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष सहित हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है, लेकिन इन अधिकारों की अनदेखी से संसद में एक असाधारण स्थिति पैदा हो गई है। संसद में जारी गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित एक लेख का हवाला देते हुए चीन से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें आसन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने उस लेख को सत्यापित कर सदन के पटल पर रखा था। पत्र में क्या लिखा राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उनसे जिस लेख का उल्लेख करना था, उसे सत्यापित करने को कहा गया था। मंगलवार को जब उन्होंने अपना भाषण आगे बढ़ाया, तो उन्होंने निर्देश के अनुसार संबंधित दस्तावेज को सत्यापित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय परंपरा और पूर्व अध्यक्षों के फैसलों के अनुसार, किसी भी सदस्य को दस्तावेज का उल्लेख करने से पहले उसे सत्यापित करना होता है और उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है।संसदीय परंपरा का उल्लंघन राहुल गांधी ने कहा कि एक बार दस्तावेज सत्यापित हो जाने के बाद अध्यक्ष की भूमिका समाप्त हो जाती है और सरकार को उसका जवाब देना होता है। इसके बावजूद उन्हें बोलने से रोकना न केवल संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर नेता प्रतिपक्ष को जानबूझकर चुप कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का अहम हिस्सा है और उस पर संसद में चर्चा जरूरी है।लोकतंत्र पर काला धब्बा राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में हर सदस्य, खासकर विपक्ष के अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रत्येक सांसद का बोलने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार के दबाव में अध्यक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकना पड़ा। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा बताते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

कोटद्वार में विवाद: मुस्लिम दुकानदार के पक्ष में खड़े दीपक पर दर्ज हुई FIR

कोटद्वार । उत्तराखंड के कोटद्वार में मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के समर्थन में सामने आए जिम संचालक दीपक कुमार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। दीपक के साथ उनके सहयोगी विजय रावत को भी इस FIR में शामिल किया गया है। यह कार्रवाई बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई। दीपक कुमार का कहना है कि वे किसी भी हाल में नफरत के दबाव में नहीं आएंगे। पूरा मामला 26 जनवरी का है, जब बजरंग दल से जुड़े कुछ युवकों ने वकील अहमद की बाबा स्कूल ड्रेस नाम की दुकान पर आपत्ति जताई थी और नाम बदलने को लेकर दबाव बनाया गया। इस दौरान दीपक कुमार और कुछ स्थानीय लोगों ने दुकानदार का समर्थन किया। बाद में 31 जनवरी को देहरादून से आए कुछ लोगों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दीपक कुमार यह कहते दिखाई दिए कि दुकान पिछले 30 वर्षों से इसी नाम से चल रही है और इसे बदला नहीं जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और दीपक को संविधान व इंसानियत के लिए खड़ा होने वाला व्यक्ति बताया। दीपक कुमार ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विरोध के चलते उनका जिम बंद पड़ा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और अब भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं। वहीं, कई स्थानीय लोग दीपक के समर्थन में सामने आए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी किया है। हाल के महीनों में उत्तराखंड में इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।

ड्रीमलाइनर फ्यूल स्विच पर DGCA की जांच से राहत, तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित पाया गया विमान

नई दिल्ली। एयर इंडिया के ग्राउंड किए गए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को राहत देने वाली जानकारी साझा की। मंत्रालय के मुताबिक विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच पूरी तरह सही स्थिति में पाए गए हैं। इससे पहले पायलट ने इंजन स्टार्ट के दौरान एक स्विच के ‘RUN’ पोजिशन में ठीक से लॉक न होने की शिकायत की थी। यह तकनीकी जांच विमान निर्माता बोइंग की सिफारिश पर की गई, जिसे एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम ने DGCA अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा किया। जांच में क्या सामने आया मंत्रालय ने बताया कि बाएं और दाएं दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तार से जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई और दोनों स्विच सुरक्षित व संचालन योग्य पाए गए। DGCA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फ्यूल स्विच को सही तरीके से हैंडल न किया जाए, तो वह ‘RUN’ और ‘CUTOFF’ के बीच खिसक सकता है। उल्लेखनीय है कि एक फरवरी को लंदन में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANX) में इंजन स्टार्ट के समय इसी तरह की समस्या सामने आई थी। क्यों गंभीर माना गया मामला यह मामला इसलिए संवेदनशील हो गया क्योंकि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में 260 लोगों की जान गई थी। उस दुर्घटना की शुरुआती जांच में पता चला था कि टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन के फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए थे, जिससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया। इसी पृष्ठभूमि में हालिया घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया और विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया गया। मंत्रालय का रुख नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दोहराया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पायलट की शिकायत मिलते ही विमान की उड़ान रोक दी गई और गहन तकनीकी जांच कराई गई। हालांकि फ्यूल स्विच सही पाए गए हैं, लेकिन विमान को सेवा में वापस लाने से पहले सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। DGCA और एयर इंडिया दोनों पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।राहत भरी जांच रिपोर्ट के बावजूद, पिछली दुर्घटना की वजह से ड्रीमलाइनर विमानों की तकनीकी निगरानी और सख्त कर दी गई है। यह घटना दिखाती है कि विमानन क्षेत्र में किसी भी छोटी तकनीकी आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाता।