रूस से जारी रहेगी तेल खरीद? 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सरकार की प्राथमिकता; जानें MEA ने और क्या कहा

नई दिल्ली । भारत सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है खासकर जब बात 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों की हो। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रूस से तेल आयात के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत अपने नागरिकों के हितों को पहले रखेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बहस छिड़ी हुई है। MEA ने जोर देकर कहा कि भारत की नीति संतुलित और स्वतंत्र है जो किसी एक देश पर निर्भर नहीं है। एनर्जी सिक्योरिटी है सबसे बड़ी प्राथमिकता MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा भारत की ऊर्जा सुरक्षा 1.4 अरब लोगों की जरूरतों पर आधारित है। सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना इसे सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे। वेनेजुएला लंबे समय से रहा है पार्टनर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा जहां तक वेनेजुएला की बात है यह ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार और निवेश दोनों तरफ से हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है। हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चा तेल आयात कर रहे थे जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। फिर हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद इसे रोकना पड़ा। ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारे नजरिए के मुताबिक भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के कमर्शियल फायदों को देखने के लिए तैयार है। बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होगी ऊर्जा नीति जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सम्मान करता है लेकिन अपनी ऊर्जा नीति को किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होने देगा। आंकड़ों के अनुसार 2022 से अब तक रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है जो कुल आयात का लगभग 40 फीसदी हिस्सा प्रदान करता है। इससे पहले भारत मुख्य रूप से मध्य पूर्वी देशों जैसे सऊदी अरब और इराक पर निर्भर था।
अपराधियों को पूरा विश्वास… ये सरकार कुछ नहीं उखाड़ सकती', सदन में खूब गरजे तेजस्वी यादव

नई दिल्ली । बिहार विधानसभा में गुरुवार 05 फरवरी, 2026 को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली. तेजस्वी यादव ने कहा कि आप लोगों ने लोकतंत्र को डरतंत्र बना दिया है. इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार की हालत देखकर तो यही लगता है कि अपराधियों को पूरा विश्वास हो गया है कि ये सरकार उसका कुछ नहीं उखाड़ सकती है. बिहार के अपराधियों में डर नहीं बल्कि सरकार में शर्म भी नहीं है. तेजस्वी यादव ने सदन में स्पीकर से कहा कि उनके पैर का नाखून पूरा उखड़ गया है इसलिए वे अपनी बात बैठकर कहना चाहते हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने बैठने की अनुमति दे दी. इसके बाद तेजस्वी यादव ने पटना के नीट कांड का जिक्र किया. इसके अलावा उन्होंने अन्य जिलों के बारे में कहा कि मधेपुरा में महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई, खगड़िया में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई. मुजफ्फरपुर में महिला और तीन बच्चों का अपहरण और फिर हत्या की गई. इसके साथ ही और भी अपराध को उन्होंने गिनवाया. बिहार सरकार को बताया कोल्ड स्टोरेज तेजस्वी यादव ने कहा कि थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह मदहोश है. जनता में इस सरकार के लिए अफसोस और आक्रोश है. बिहार सरकार कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है. हर मामले को ठंडा करने में लगी हुई रहती है.बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन? आरजेडी नेता ने कहा कि बिहार जब इतना विकास कर रहा है तो एक बात बता दें कि बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन है? आर राज्यों के मुकाबले बिहार सबसे ज्यादा गरीब है. सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. शिक्षा के मामले में फिसड्डी है. स्वास्थ्य के मामले में फिसड्डी है. भ्रष्टाचार में अव्वल है. अपराधियों का बोलबाला है. प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है. किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. जिन गरीबों का वोट लिया उसके घर को उजाड़ रहे हैं.
शहडोल में माफिया राज: अफसरों की हर चाल पर गुर्गों की नजर; खनिज विभाग के सामने से ट्रैक्टर लेकर फरार हुए रेत तस्कर

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेत माफिया अब कानून की सरहदों को पूरी तरह लांघ चुका है। जिले में रेत का कोई वैध ठेका न होने के बावजूद अवैध रेत का साम्राज्य इस कदर फैला है कि माफिया अब सीधे तौर पर सरकारी अमले से टकराने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में यह बात सामने आई है कि माफियाओं ने प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक मजबूत रेकी तंत्र खड़ा कर दिया है, जिसकी मदद से वे कार्रवाई से पहले ही सतर्क हो जाते हैं। खनिज निरीक्षक के सामने से भाग निकले ट्रैक्टर ताजा मामला उस समय का है जब खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले अपनी टीम के साथ सिंहपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन की सूचना पर पहुंचे थे। रात के अंधेरे में जब टीम ने रेत से लदे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, तो माफिया बेखौफ होकर ट्रैक्टरों को भगा ले गए। इस दौरान दो बाइक सवारों ने जानबूझकर खनिज अमले की गाड़ी के सामने बाधा उत्पन्न की ताकि ट्रैक्टरों को भागने का पर्याप्त समय मिल सके। यह घटना स्पष्ट करती है कि माफिया अब पूरी रणनीति और सुरक्षा घेरे के साथ अवैध कारोबार कर रहे हैं। ऑफिस के बाहर तैनात हैं गुप्तचर जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रेत माफिया ने खनिज विभाग के कार्यालय के बाहर अपने जासूस तैनात कर रखे हैं। ये गुर्गे विभाग की हर गाड़ी के निकलने की सूचना तुरंत अपने आकाओं को देते हैं। हाल ही में खनिज अमले ने कार्यालय के ठीक सामने से एक युवक को रेकी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच करने पर पता चला कि वह लगातार अधिकारियों के मूवमेंट की लोकेशन और तस्वीरें माफियाओं को भेज रहा था। खूनी खेल का इतिहास और बढ़ता खतरा शहडोल में रेत माफियाओं का इतिहास काफी हिंसक रहा है। इससे पहले अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे एक पटवारी और एक पुलिस एएसआई को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतारने जैसी सनसनीखेज वारदातें हो चुकी हैं। हाल ही में एक तहसीलदार पर भी हमले का प्रयास किया गया था। इन घटनाओं के बावजूद जिले में अवैध रेत का परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासन की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान है। खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले का कहना है कि तमाम बाधाओं और रेकी के बावजूद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन माफियाओं का सूचना तंत्र इतना सक्रिय है कि वे अक्सर चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं।
स्पेसएक्स और एक्सएआई का विलय, मस्क ने कहा-यह अध्याय नहीं, अभियान की अगली किताब

वाशिंगटन। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और प्रसिद्ध टेक उद्यमी एलन मस्क की दो कंपनियों स्पेसएक्स और एक्सएआई का विलय हो गया। स्पेसएक्स ने सोमवार को घोषणा की कि उसने एक्सएआई को खरीद लिया है। इस विलय के बाद यह दुनिया की सबसे मूल्यवान प्राइवेट इकाई बन गई है। स्पेसएक्स की वेबसाइट पर एक बयान में मस्क ने कहा, यह सिर्फ अगला अध्याय नहीं, बल्कि स्पेसएक्स और एक्सएआई के अभियान की अगली किताब है। सीएनएन की रिपोर्ट में इस विलय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि इस विलय को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में मुकाबला करने के लिए एक्सएआई को जरूरी नकद पूंजी और साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण (स्पेस एक्सप्लोरेशन) के भविष्य में तकनीक (टेक्नोलॉजी) के महत्व के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। यह कदम यह भी दिखाता है कि मस्क जैसी कंपनियों जैसे टेक दिग्गज एआई में ऊंची छलांग लगाने के लिए कितनी मशक्कत कर रहे हैं। मस्क ने लिखा, एआई में मौजूदा तरक्की बड़े जमीनी डेटा सेंटर पर निर्भर है। इसके लिए बहुत अधिक बिजली और कूलिंग की जरूरत होती है। इसलिए इस क्षेत्र को ऐसी जगह ले जाना है जहां बहुत अधिक बिजली और जगह हो। स्पेसएक्स ने शुक्रवार को फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन से 10 लाख सैटेलाइट का एक समूह ऑर्बिट में लॉन्च करने की इजाजत मांगी। अनुरोध में कहा गया है कि इसका मकसद सोलर-पावर्ड डेटा सेंटर का एक नेटवर्क देना है ताकि एआई की वजह से डेटा की बढ़ती डिमांड को पूरा किया जा सके। मस्क ने अनुमान जताया है कि दो से तीन साल में एआई कंप्यूट जेनरेट करने का सबसे सस्ता तरीका अंतरिक्ष में होगा।
क्लिंटन दम्पति आखिरकार जेफरी एपस्टीन जांच में बयान देने के लिए सहमत

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी पूर्व विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन आखिरकार कांग्रेस की जेफरी एपस्टीन जांच में व्यक्तिगत रूप से गवाही देने के लिए अपनी सहमति दे दी है। क्लिंटन दंपति ने यह सहमति हाउस में कांग्रेस की अवमानना मत से बचने के लिए दी है। अभी यह साफ नहीं है कि हाउस ओवरसाइट चेयरमैन जेम्स कोमर इस आखिरी समय पर सहमति प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे या नहीं। दोनों इससे पहले महीनों तक गवाही देने से बार-बार इनकार करते रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार क्लिंटन के प्रवक्ता एंजेल उरेना ने कोमर को एक चुनौती भरे ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, उन्होंने सद्भावना से बातचीत की, आपने नहीं की। बावजूद इसके पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व विदेश सचिव इस अवसर मौजूद रहेंगे। वे एक ऐसा उदाहरण स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं, जो सभी पर लागू हो। इसके बाद कोमर ने सोमवार शाम एक बयान में कहा कि उनके अभी भी इस प्रस्ताव पर कुछ सवाल हैं। उन्होंने कहा, क्लिंटन के वकील ने कहा है कि वे शर्तों से सहमत हैं, लेकिन उन शर्तों में एक बार फिर स्पष्टता की कमी है। उन्होंने गवाही के लिए कोई तारीख नहीं बताई है। उन्होंने शर्तों से सहमत होने की बात सिर्फ इसलिए कही है, क्योंकि हाउस ने अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ाई है। उन्होंने कहा, मैं उन शर्तों को साफ करूंगा जिनसे वे सहमत हो रहे हैं और फिर अपनी कमेटी के सदस्यों के साथ अगले कदमों पर चर्चा करूंगा। हालांकि, ओवरसाइट कमेटी के टॉप डेमोक्रेट ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लग रहा कि जिसमें पैनल के चेयरमैन प्रस्ताव को स्वीकार न करें। उन्होंने कहा कि क्लिंटन ने कोमर की सारी शर्तों को स्वीकार कर लिया है। रिपब्लिकन रॉबर्ट गार्सिया ने कहा, हमने पहले दिन से ही कहा है कि हम चाहते हैं कि बिल क्लिंटन ओवरसाइट कमेटी के सामने गवाही दें। मुझे खुशी है कि वे गवाही देने जा रहे हैं। कोमर ने क्लिंटन की कानूनी टीम से कहा, जब आपके मुवक्किल को पहली बार कमेटी का समन मिला था, तब से लगभग छह महीने हो गए हैं। क्लिंटन की विशेष सुविधा पाने की लालसा निराशाजनक है और अमेरिकी लोगों की पारदर्शिता की इच्छा का अपमान है। हाउस रूल्स कमेटी की चेयरपर्सन वर्जीनिया फॉक्स ने घोषणा की कि मौजूदा हालात को देखते हुए पैनल अवमानना प्रस्तावों को आगे बढ़ाने से रुकेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर रात भर में कोई और प्रगति नहीं होती है, तो अवमानना प्रस्ताव पर फिर से विचार होगा। बताया जा रहा है कि क्लिंटन की टीम कई दिनों से इस मामले से निकलने का रास्ता ढूंढ रही थी। उल्लेखनीय है कि जनवरी में दोनों पार्टियों के सांसदों ने क्लिंटन को एपस्टीन मामले की जांच के तहत व्यक्तिगत रूप से पेश होने से इनकार करने के लिए अवमानना का दोषी ठहराने के लिए वोट दिया था। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन के वकीलों ने रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली कमेटी के साथ कई बार बातचीत की है। क्लिंटन के शुरुआती प्रस्ताव को खारिज करके कोमर ने लगभग यह पक्का कर दिया था कि हाउस इस हफ्ते अवमानना प्रस्ताव पर अंतिम मतदान करेगा। क्लिंटन के वकीलों के 31 जनवरी के पत्र के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति स्वैच्छिक रूप से हाउस में बैठेंगे और लिखित बयान देंगे। यह सिर्फ एपस्टीन जांच के दायरे तक सीमित होगा। इस बीच दोनों पार्टियों के सांसद उनसे सवाल पूछ सकते हैं। वकीलों ने कहा कि क्लिंटन और कमेटी दोनों के पास अपना अनुवादक मौजूद हो सकता है। बिल क्लिंटन ने दिवंगत दोषी यौन अपराधी एपस्टीन से जुड़े किसी भी गलत काम में शामिल रहने से भी बार-बार इनकार किया है।
नर्मदा में जहर घोल रहा सीवेज: हाईकोर्ट ने नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड को थमाया नोटिस; हर दिन 98 करोड़ लीटर गंदा पानी मिलने का सनसनीखेज दावा

जबलपुर। मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के प्रदूषण को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बेहद गंभीर रुख अपनाया है। नदी में सीधे तौर पर मिल रहे गंदे पानी और सीवेज को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जबलपुर नगर निगममध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों से जवाब तलब किया है। याचिका में किए गए दावे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैंजिसमें कहा गया है कि नर्मदा में प्रतिदिन 98 करोड़ लीटर 980 MLD सीवेज का पानी बिना उपचार के मिल रहा है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने लिया संज्ञान इस संवेदनशील मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय शराप की युगलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी विनीता आहूजा ने अपनी याचिका में साक्ष्यों के साथ यह दलील दी कि तमाम वादों और प्रोजेक्ट्स के बावजूद नर्मदा के पवित्र जल में गंदे नालों का पानी मिलना बंद नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा है। इन प्रमुख विभागों को देना होगा जवाब हाईकोर्ट ने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत सूची को नोटिस जारी किया हैजिनमें शामिल हैं:प्रमुख सचिवलोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सचिव नगरीय विकास विभागजबलपुर नगर निगम मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण कोर्ट ने इस नई जनहित याचिका को पहले से लंबित इसी तरह की एक अन्य याचिका के साथ जोड़ दिया हैताकि नदी प्रदूषण के मुद्दे पर एक साथ और व्यापक सुनवाई की जा सके।98 करोड़ लीटर सीवेज: एक बड़ी चुनौती याचिका में दावा किया गया है कि शहर का सीवेज सिस्टम पूरी तरह विफल है और ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता इतनी नहीं है कि वह प्रतिदिन निकलने वाले 98 करोड़ लीटर गंदे पानी को साफ कर सके। परिणामस्वरुपयह प्रदूषित पानी सीधे नर्मदा में जाकर गिर रहा हैजिससे न केवल जल प्रदूषित हो रहा हैबल्कि जलीय जीवों और इस जल का उपयोग करने वाले लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर भी संकट मंडरा रहा है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम और प्रशासन हाईकोर्ट में क्या सफाई पेश करते हैं और नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए क्या ठोस कार्ययोजना कोर्ट के सामने रखी जाती है।
हरिद्वार में डॉ. मोहन यादव का 'शीर्षासन' अवतार: बाबा रामदेव के साथ किया कठिन योगाभ्यास; मुख्यमंत्री की सादगी और फिटनेस देख दंग रह गए लोग

हरिद्वार/भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने हरिद्वार प्रवास के दौरान एक बिल्कुल नए और ऊर्जावान रूप में नजर आए। पतंजलि योगपीठ पहुँचकर मुख्यमंत्री ने न केवल बाबा रामदेव से भेंट की, बल्कि उनके साथ योग के कठिन आसनों का अभ्यास भी किया। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और बाबा रामदेव की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दोनों एक साथ ‘शीर्षासन’ करते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री को इस कठिन मुद्रा में देखकर हर कोई हैरान है, क्योंकि शीर्षासन में महारत हासिल करना बिना नियमित अभ्यास के संभव नहीं है। योग के प्रति समर्पण और फिटनेस का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा रामदेव के साथ योगपीठ में विभिन्न प्राणायाम और आसनों का अभ्यास किया। डॉ. मोहन यादव का यह रूप संदेश देता है कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद नियमित रूप से योग को समय देते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय योग संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए ‘आधुनिक युग का भागीरथ’ करार दिया। संस्कार और सरलता: जब खुद के आसन पर बाबा को बिठाया योग अभ्यास के अलावा, मुख्यमंत्री ने अपनी सरलता और सनातन संस्कारों से भी वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। कन्या गुरुकुल में आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरक वाकया सामने आया। जब मुख्यमंत्री यज्ञ वेदी के समीप पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनके लिए एक विशेष आसन बिछाया गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत वह आसन सम्मानपूर्वक बाबा रामदेव को दे दिया और स्वयं बिना किसी आसन के जमीन पर बैठ गए। डॉ. मोहन यादव का यह व्यवहार उनके सहज व्यक्तित्व और संतों के प्रति उनके गहरे सम्मान को प्रदर्शित करता है।कन्या गुरुकुल में हवन और सनातन का सम्मान मुख्यमंत्री ने हरिद्वार दौरे के दौरान कन्या गुरुकुल का भ्रमण किया और वहां हो रहे हवन-पूजन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का मिलन ही भारत को विश्व गुरु बनाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती दी है, बल्कि युवाओं को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा भी दी है।
रेत खनन पर NGT का बड़ा प्रहार: 9 मंजूरियां अवैध घोषित; कहा बिना सिया के मूल्यांकन के खनन हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण NGT की सेंट्रल जोन बेंच ने मध्य प्रदेश में रेत खनन को लेकर चल रही मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने सीधे तौर पर रेत खनन से जुड़ी 9 मंजूरियों को अवैध करार देते हुए उन्हें शून्य घोषित कर दिया है। न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि ये मंजूरियां स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के अनिवार्य मूल्यांकन के बिना ही सीधे प्रमुख सचिव के अनुमोदन से जारी कर दी गई थीं, जो पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन है। क्या था पूरा विवाद? मामले की जड़ साल 2025 के उस घटनाक्रम में है जब मार्च से मई के बीच सिया की कोई बैठक आयोजित नहीं हो सकी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तत्कालीन अध्यक्ष एस.एन.एस. चौहान लगातार बैठक बुलाने के लिए मेंबर सेक्रेटरी को पत्र लिखते रहे, लेकिन प्रशासनिक खींचतान और अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण प्रक्रिया ठप रही। इसी दौरान, पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव के अनुमोदन पर प्रभारी मेंबर सेक्रेटरी ने 23 मई को 237 डीम्ड मंजूरियां आनन-फानन में जारी कर दीं। यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और अब एनजीटी ने प्रक्रियागत खामियों को देखते हुए इन मंजूरियों को रद्द कर दिया है।NGT की सख्त टिप्पणी: सिया की स्वीकृति अनिवार्य एनजीटी ने अपने आदेश में साफ कहा है कि किसी भी खदान में खनन कार्य शुरू करने से पहले सिया की तकनीकी और पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य है। बिना सूक्ष्म परीक्षण और जांच के किसी भी परियोजना को अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायाधिकरण ने इन सभी विवादित मामलों को दोबारा विचार करने के लिए सिया के पास वापस भेज दिया है। जब तक सिया इन पर नए सिरे से मूल्यांकन कर मंजूरी नहीं देती, तब तक इन खदानों में किसी भी प्रकार का खनन कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।समझें क्या है सिया और इसकी भूमिका? सिया यानी स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी एक ऐसी संवैधानिक संस्था है जो प्रदेश स्तर पर विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करती है। भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय स्तर पर मंजूरी ली जाती है, जबकि राज्य स्तरीय परियोजनाओं जैसे रेत खनन के लिए सिया को शक्तियां दी गई हैं। इसकी प्रक्रिया में विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण और डेटा का परीक्षण शामिल होता है, जिसे बाईपास करना कानूनन अपराध है।एनजीटी के इस फैसले से मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब उन सभी ठेकेदारों को अपनी खदानें बंद करनी होंगी जिनकी मंजूरियां इस विवादित प्रक्रिया के तहत जारी हुई थीं।
दो दीवाने सहर में' का ट्रेलर रिलीज, 20 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

ज़ी स्टूडियोज और भंसाली प्रोडक्शंस की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। टीजर ने जहां भावनात्मक माहौल बनाया था, वहीं ट्रेलर इस कहानी की दुनिया को और गहराई से दिखाता है। सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर यह फिल्म रोमांस को किसी सपनीली परीकथा की तरह नहीं, बल्कि असल जिंदगी के अनुभव की तरह पेश करती नजर आ रही है। यह फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म की कहानी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच पनपते एक रिश्ते पर आधारित है। ट्रेलर में दो ऐसे किरदारों की मुलाकात दिखाई गई है, जो एक-दूसरे को बदलने नहीं, बल्कि समझने की कोशिश करते हैं। उनकी नज़दीकियां शोर-शराबे से नहीं, बल्कि खामोश पलों, अधूरी बातों और छोटी-छोटी भावनात्मक झलकियों से बनती हैं। यह रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और हर मोड़ पर अपने साथ एक नया एहसास छोड़ जाता है। सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। दोनों ऐसे किरदार निभा रहे हैं जो खुद को समझने की प्रक्रिया में हैं, और इसी सफर में एक-दूसरे से जुड़ते हैं। फिल्म का निर्देशन रवि उद्यावर ने किया है, जबकि संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भारत कुमार रंगा इसके निर्माता हैं।
ग्रीस में कोस्ट गार्ड के जहाज की प्रवासी नाव से टक्कर में 15 लोगों की मौत

एथेंस । ग्रीस और तुर्किये के मध्य स्थित एजियन सागर में चियोस द्वीप के तट पर ग्रीक कोस्ट गार्ड के एक गश्ती जहाज एवं प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव के बीच टक्कर में 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 के शव समुद्र से बरामद किए गए। ग्रीक नेशनल ब्रॉडकास्टर ईआरटी की रिपोर्ट के अनुसार, बचाए गए 24 प्रवासियों में से एक की पास के अस्पताल में चोटों के कारण मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 11 पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। यह दुर्घटना स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 9:00 बजे हुई। घायलों में कई बच्चे और दो गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। दोनों महिलाएं चोट सह नहीं पाईं और कथित तौर पर गर्भपात हो गया। नेशनल इमरजेंसी एड सेंटर के अनुसार, बचाए गए ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आईं। कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है। इस अभियान में चार कोस्ट गार्ड जहाज, स्वयंसेवी गोताखोरों को ले जा रही एक निजी नाव और एक हेलेनिक वायु सेना का हेलीकॉप्टर शामिल हैं। ग्रीक के सरकारी रेडियो ईपीटी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। रात लगभग 12 बजे घायलों में से एक महिला को चियोस अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में दस बच्चे हैं। इसी बीच, दो कोस्ट गार्ड अधिकारी भी घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। ओइनौसेस के मेयर जियोर्गोस डैनियल ने कहा कि गश्ती जहाज ओइनौसेस में था। उसी ने प्रवासी नाव को देखा। ग्रीक के समाचार आउटलेट प्रोटोथेमा की रिपोर्ट के अनुसार, चियोस का यह वाकया कोस्ट गार्ड और प्रवासी तस्करों के बीच हुई टक्कर का नतीजा है। कोस्ट गार्ड के गश्ती जहाज पर छोटी नाव पर सवार तस्करों ने ही पैंतरेबाजी करते हुए टक्कर मारी। इससे अफरातफरी मच गई। कोस्ट गार्ड की कार्रवाई में कई प्रवासी मारे गए। कई घायल हो गए। यह लोग मर्सिनिडी इलाके के बताए गए हैं। इस दौरान गोलीबारी की भी खबरें हैं। मगर इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कहा जा रहा है कि नाव में लगभग 35 लोग सवार थे।