निशिकांत दुबे के नेहरू-गांधी परिवार पर विवादित बयान पर भड़का विपक्ष…. संसद में जमकर हुआ हंगामा

नई दिल्ली। संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) में बुधवार को एक बार फिर हंगामा मच गया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (BJP MP Nishikant Dubey) ने गांधी-नेहरू परिवार (Gandhi-Nehru family) पर विवादास्पद बयान दिया। दुबे ने अपने भाषण के दौरान कुछ किताबें लहराईं और उनके हवाले से नेहरू और कांग्रेस परिवार के खिलाफ आरोप लगाए, जिससे विपक्षी सांसद आगबबूला हो गए। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने इस बयान के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की है। निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “यहां एक किताब पर चर्चा हो रही है, जो आज तक छपी ही नहीं। लेकिन मैं उन किताबों के बारे में बात करना चाहता हूं, जो नेहरू और कांग्रेस परिवार के भ्रष्टाचार, गद्दारी और अय्याशी से भरी पड़ी हैं।” उन्होंने “एडविना और नेहरू” और “मथई” जैसे किताबों का हवाला देते हुए गांधी-नेहरू परिवार के निजी जीवन और उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाए। इसके अलावा, दुबे ने सोनिया गांधी पर लिखी किताबों को भी दिखाया और कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगाई। इस दौरान पीठासीन सभापति ने उन्हें किताबों का जिक्र करने से मना किया, लेकिन दुबे ने नियमों की अनदेखी करते हुए किताबें दिखाते रहे। विपक्षी सदस्य इससे नाराज हो गए और सदन में हंगामा करने लगे। कुछ सदस्यों को आसन के सामने कागज उछालते हुए भी देखा गया। हंगामा बढ़ने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी। **प्रियंका गांधी का पलटवार:**इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रियंका गांधी ने निशिकांत दुबे पर पलटवार किया। प्रियंका ने कहा, “जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो निशिकांत दुबे को खड़ा कर देती है। राहुल गांधी जी को एक पब्लिश हो चुकी किताब से उद्धृत नहीं करने दिया जाता, लेकिन निशिकांत दुबे छह किताबें लेकर आकर उन्हें दिखा रहे हैं, उनका माइक बंद नहीं किया जा रहा।” प्रियंका ने आगे कहा, “मोदी सरकार चाहती है कि संसद में सिर्फ उन्हीं की बात चले, और जो विपक्षी सांसद हैं, उन्हें बोलने का कोई मौका नहीं दिया जाए। यह लोकतंत्र का अपमान है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार देश का ध्यान भटकाने के लिए बार-बार नेहरू-गांधी परिवार का नाम लेकर विवाद पैदा कर रही है, जबकि असल मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है। प्रियंका ने कहा, “सरकार चाहती है कि लोग नरवणे जी की किताब से संबंधित बातें न जानें, जबकि जब चीन की सेना हमारे सीमा पर थी, तो सरकार निर्णय लेने में असमर्थ थी।”
MP में बड़े पैमाने में चल रहा था नशे का कारोबार.. अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से 320 Kg केमिकल जब्त, 5 गिरफ्तार

राजगढ़। राजस्थान (Rajasthan) की झालावाड़ पुलिस (Jhalawar Police) और जिला स्पेशल टीम ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही एक ड्रग्स फैक्ट्री (Drugs Factory) का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 320.72 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एमडी जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला था। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार रात को झालरापाटन थानाधिकारी अल्का और डीएसटी प्रभारी मोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रोथ सेंटर चौराहे पर खड़ी संदिग्ध पिकअप और महिंद्रा टीयूवी की जांच की। तलाशी के दौरान पिकअप में घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए छह ड्रम बरामद हुए, जिनमें केमिकल भरा हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए तस्करों – दीपक (30), जितेंद्र सिंह (41) और शैलेंद्र विलाला (26) ने बताया कि वे यह केमिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए महाराष्ट्र से कोटा मंगवाते थे और फिर इसे मध्यप्रदेश के आगर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इस सूचना पर पुलिस ने मध्यप्रदेश के सुसनेर में दबिश दी और मुख्य रिसीवर जयनारायण मामू और उसके साथी रामलाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार, जो इस ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा था, फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और उसके घर पर दबिश दी, जहां एक पूरी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल बरामद किए गए। इस ऑपरेशन में डीआरआई जयपुर के इनपुट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, कि यह केमिकल कहां से सप्लाई हो रहा था और इसका जाल राजस्थान और मध्यप्रदेश के किन हिस्सों में फैला है।
कांग्रेस सांसद थरूर फोन पर बात करते हुए संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाकर गिरे… अखिलेश यादव ने संभाला

नई दिल्ली। संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) में इन दिनों हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच बुधवार को एक दिलचस्प घटना घटी, जिसने सोशल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोरीं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) संसद भवन की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ा गए और गिरते हुए नजर आए। हालांकि, इस दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें सहारा देकर गिरने से बचाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शशि थरूर जैसे ही बैलेंस खोते हैं, अखिलेश यादव पास खड़े होते हुए तेजी से उनकी ओर बढ़ते हैं और उन्हें सहारा देते हैं। साथ ही एक महिला सुरक्षा अधिकारी भी तुरंत मदद के लिए पहुंची। अखिलेश ने शशि थरूर को कुछ समय तक सहारा दिया और फिर उन्हें कुछ सीढ़ियाँ नीचे उतारा। https://twitter.com/ShashiTharoor/status/2019102516416479508इस घटना के बाद शशि थरूर ने ट्विटर (अब एक्स) पर एक शायराना अंदाज में पोस्ट किया, “जिस दिए को, तूफां में जलना होगा, उसे संभल संभल कर चलना होगा। मैं ठीक हूं।” सोशल मीडिया पर इस सजीव और संवेदनशील मदद की काफी सराहना हो रही है, और लोग अखिलेश यादव की सहज शिष्टाचार की तारीफ कर रहे हैं। इससे पहले, शशि थरूर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे पर अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
अनिल अंबानी ने SC को दिया वचन, बोले- 'ED-CBI जांच के बीच देश नहीं छोड़ूंगा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications- RCom) और अनिल धीरभाई अंबानी ग्रुप (Anil Dhirubhai Ambani Group-ADAG) से जुड़े ₹40,000 करोड़ के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में एक कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया और साथ ही उद्योगपति अनिल अंबानी ( (Anil Ambani) को एक अहम वचन देने को कहा कि वे बिना अनुमति के भारत नहीं छोड़ेंगे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ई.ए.एस. सरमा के वकील, प्रशांत भूषण ने चिंता व्यक्त की कि धोखाधड़ी के बड़े पैमाने को देखते हुए मुख्य आरोपी, अनिल अंबानी, देश छोड़कर भाग सकते हैं। इस पर अंबानी के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को आश्वस्त किया कि “मेरे मुवक्किल का देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वे प्रतिदिन अपने कार्यालय जाते हैं और मैं वचन देता हूं कि वे बिना अदालत की अनुमति के विदेश नहीं जाएंगे।” सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अदालत को याद दिलाया कि पहले भी एक वचन दिया गया था, लेकिन वह व्यक्ति अंततः देश से भाग गया था। सरकार ने बताया कि अंबानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर पहले से जारी है, ताकि उनके विदेश जाने के प्रयास को रोका जा सके। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों द्वारा की गई देरी पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट 2020 में आई थी, लेकिन CBI ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में 2025 तक का समय लिया। अदालत ने जांच एजेंसी से निर्देश दिया कि बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत के हर मामले के लिए अलग-अलग FIR दर्ज की जाए। इसके अलावा, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि बैंक अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए कानूनी अनुमति की आवश्यकता नहीं है और यदि कोई अधिकारी धोखाधड़ी या साजिश में शामिल है, तो उसे तुरंत कार्रवाई का सामना करना चाहिए। IBC का दुरुपयोग:सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) का इस्तेमाल परिसंपत्तियों को कम मूल्य पर खरीदने के लिए किया जा रहा है। प्रशांत भूषण ने तर्क दिया कि RCom पर ₹47,000 करोड़ का बकाया था, लेकिन उसकी संपत्तियां केवल ₹430 करोड़ में (मुकेश अंबानी की कंपनी द्वारा) खरीदी गईं। अदालत ने इसे IBC का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि नीलामी प्रक्रिया पूर्व-नियोजित लगती है। ईडी का बयान:ईडी ने अदालत को सूचित किया कि अब तक 204 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है, जिनकी कीमत लगभग ₹12,012 करोड़ है। हाल ही में, रिलायंस ग्रुप के पूर्व निदेशक पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया गया है, जो 7 फरवरी तक हिरासत में रहेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की खुद निगरानी करेगा और जांच एजेंसियों को चार सप्ताह के भीतर ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया और जांच एजेंसियों को शीघ्रता से कार्रवाई करने की हिदायत दी है।
GWALIOR FRAUD NEWS: पूर्व व्यापारी संघ अध्यक्ष से कंपनी ने हड़पी सिक्योरिटी रकम, 12 लाख लेकर फरार

GWALIOR FRAUD NEWS: ग्वालियर। नया बाजार व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जहां बाहर की एक कंपनी ने सिक्योरिटी के तौर पर गए 12 लाख रुपए जमा कराए, मगर वापस नहीं किए। बता दें कि न्यायालय के आदेश पर कंपू थाना पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। GWALIOR WEATHER: ठंडी हवाओं से कांपा प्रदेश, अगले हफ्ते बारिश के आसार; जानें मौसम का हाल! 2018 में हुआ था अनुबंध महाराणा प्रताप नगर निवासी विजय जाजू, नया बाजार कंपू में व्यवसाय करते हैं। अप्रैल 2018 में उन्होंने उत्तरप्रदेश की कंपनी प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड से सामान खरीदने के लिए अनुबंध किया था। अनुबंध के तहत कंपनी ने सिक्योरिटी राशि जमा करने की शर्त रखी थी। 12 लाख रुपए बतौर सिक्योरिटी जमा विजय जाजू ने करीब 12 लाख रुपए कंपनी के पास सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए। जितना सामान आता, उतना भुगतान वे नियमित रूप से करते रहे। इसके बावजूद कंपनी ने बिना सूचना दिए अनुबंध समाप्त कर दिया और सिक्योरिटी राशि लौटाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद राशि वापसी के लिए कई बार संपर्क करने पर कंपनी प्रबंधन टालमटोल करता रहा और वर्ष 2021 तक जब कोई समाधान नहीं निकला तो विजय जाजू ने न्यायालय की शरण ली। PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत कोर्ट के आदेश पर FIR न्यायालय के आदेश के बाद कंपू थाना पुलिस ने विजय अग्रवाल, शशांक त्रिपाठी और कंपनी के लेखाधिकारी मनीष सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। साथ ही टीआई अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
Moringa Oil Benefits : प्रदूषण और तेज धूप से खराब होती स्किन के लिए आयुर्वेदिक सुरक्षा कवच

नई दिल्ली । बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण तेज धूप मानसिक तनाव और असंतुलित खानपान का सबसे पहला असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। कम उम्र में झुर्रियां एज स्पॉट्स पिगमेंटेशन और रूखी बेजान त्वचा अब आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में लोग महंगे केमिकल युक्त उत्पादों की ओर रुख करते हैं लेकिन लंबे समय में ये त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। आयुर्वेद में प्राकृतिक तेलों को त्वचा की सेहत के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार माना गया है जिनमें मोरिंगा तेल खास स्थान रखता है। मोरिंगा को आयुर्वेद में शोभांजन कहा गया है। इसके पत्ते फल छाल और बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और भीतर से स्किन को स्वस्थ बनाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड विटामिन ए सी और ई फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ उसे समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करते हैं। चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे और एज स्पॉट्स मुख्य रूप से धूप प्रदूषण और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इन समस्याओं पर सीधे काम करता है। विटामिन सी त्वचा में कोलेजन निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे स्किन की कसावट बनी रहती है और दाग धब्बे धीरे धीरे हल्के होने लगते हैं। नियमित रूप से चेहरे पर हल्के हाथों से इसकी मालिश करने से यह त्वचा की गहराई तक पहुंचकर असर दिखाता है। आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होते हैं। इससे पिगमेंटेशन और सन डैमेज की समस्या में राहत मिलती है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले कुछ बूंदें चेहरे पर लगाने से त्वचा लंबे समय तक मुलायम और चमकदार बनी रहती है। मोरिंगा तेल केवल दाग धब्बों तक सीमित नहीं है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण मुंहासों जलन एलर्जी और लालिमा में भी राहत देते हैं। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है जिससे रूखापन और खिंचाव कम होता है। फटे होंठ बेजान त्वचा और धूप से झुलसी स्किन के लिए भी इसे लाभकारी माना जाता है।
GWALIOR WEATHER: ठंडी हवाओं से कांपा प्रदेश, अगले हफ्ते बारिश के आसार; जानें मौसम का हाल!

GWALIOR WEATHER: ग्वालियर। मध्यप्रदेश में गुरुवार को कोहरे का असर पहले की तुलना में कम रहा, हालांकि ठंड अभी बनी हुई है। ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ अंचल में सुबह हल्का कोहरा देखने को मिला, जो दिन चढ़ने के साथ छंट गया। कई जिलों में धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत इन जिलों में दिखा कोहरा मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। वहीं सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया और शहडोल में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहा। अगले दो दिन का मौसम 6 फरवरी: ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में घना कोहरा 7 फरवरी: अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं क्यों बदल रहा है मौसम उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं। 8 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे 10 फरवरी के बाद मावठा गिरने की संभावना है। राहुल गांधी ने संसद को बनाया बंधक, लोकसभा में BJP सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला प्रमुख शहरों का तापमान भोपाल: न्यूनतम 9°C, अधिकतम 21°C ग्वालियर: न्यूनतम 8°C, अधिकतम 20°C भिंड: न्यूनतम 8.5°C, अधिकतम 20°C छतरपुर: न्यूनतम 8.2°C खरगोन: न्यूनतम 12.6°C SIR विवाद: ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में उठाए न्याय और मतदाता सूची पर सवाल
आयुष मंत्रालय की सलाह: चियासीड्स से रखें दिल दुरुस्त, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल रहेगा संतुलित

नई दिल्ली । चियासीड्स को आज के समय में पोषण का पावरहाउस माना जाता है। छोटे आकार के ये बीज सेहत के लिए कई तरह से लाभकारी साबित होते हैं। खासतौर पर हृदय स्वास्थ्य के लिहाज से चियासीड्स का नियमित सेवन बेहद उपयोगी माना गया है। फाइबर ओमेगा थ्री फैटी एसिड और प्रोटीन से भरपूर चियासीड्स न केवल दिल को मजबूत बनाते हैं बल्कि पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक होते हैं। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी चियासीड्स को हृदय रोगों से बचाव के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प मानता है। मंत्रालय के अनुसार इन छोटे काले बीजों में मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा थ्री फैटी एसिड पाए जाते हैं जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और रक्त संचार को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाते हैं। चियासीड्स में मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड विशेष रूप से अल्फा लिनोलेनिक एसिड के रूप में पाए जाते हैं। यह फैटी एसिड शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इससे धमनियों में जमा होने वाली चर्बी कम होती है और ब्लॉकेज का खतरा घटता है। यही कारण है कि चियासीड्स को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग नियमित रूप से चियासीड्स का सेवन करते हैं उनमें कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित बना रहता है। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी यह बीज सहायक होता है। चियासीड्स में पोटैशियम मैग्नीशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो रक्त वाहिकाओं को आराम देने में मदद करती है। इससे दिल पर दबाव कम पड़ता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नियंत्रित रहती है। चियासीड्स का सेवन बेहद आसान है। रोजाना एक से दो चम्मच चियासीड्स पर्याप्त माने जाते हैं। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाया जा सकता है। इसके अलावा दही स्मूदी सलाद दलिया ओट्स या फलों के साथ मिलाकर भी सेवन किया जाता है। पानी में भिगोने पर चियासीड्स जेल जैसी बनावट बना लेते हैं जो पेट के लिए लाभकारी होती है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है। इसके साथ ही चियासीड्स में फाइबर प्रोटीन कैल्शियम आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने ऊर्जा देने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित आहार के साथ चियासीड्स को दिनचर्या में शामिल करना सेहत के लिए एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।