ओंकारेश्वर में ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू रक्तदाताओं को वीआईपी दर्शन पास मिलेगा..

खंडवा जिले में ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से एक ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू की जा रही है इस यूनिट के माध्यम से जो भी श्रद्धालु रक्तदान करेगा उसे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में वीआईपी एंट्री पास दिया जाएगा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर यह व्यवस्था शुरू की जाए काशी विश्वनाथ तिरुपति बालाजी और शिर्डी में पहले से इस तरह की व्यवस्था चल रही है कलेक्टर ने कहा कि रक्तदान करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिए गए कि ब्लड बैंक में आने वाले रक्तदाताओं को फल ताजा रस स्मृति चिन्ह और कैरी बैग चाबी का छल्ला जैसे प्रोत्साहन दिए जाएं इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का प्रचार-प्रसार किया जाए और रक्तदाताओं को चार माह बाद रिमाइंडर भेजने की सुविधा भी लागू की जाए वहीं इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में 2 फरवरी को 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल को आरोपी बनाया है पुलिस ने मृतका के परिजनों के आरोप और एसीपी पराग सैनी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दहेज प्रताड़ना धारा 498 ए और आत्महत्या के लिए उकसाने धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया है जांच में सामने आया कि विवाह के बाद मोनिका को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था पिता हीरालाल चौहान ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मोनिका को ससुराल में परेशान किया जा रहा था बड़ी बेटी ने बताया कि मोनिका मानसिक तनाव में थी और लगातार परेशान की जा रही थी रितेश पटेल ने प्रारंभिक बयान में कहा कि घटना के समय वह घर पर नहीं था और आत्महत्या से पहले सिलाई के कपड़े को लेकर कहासुनी हुई थी पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी यह प्रकरण दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है जबकि ओंकारेश्वर में रक्तदान पहल समाज में लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करेगी और श्रद्धालुओं को उनकी सेवा के लिए सम्मान प्रदान करेगी
MP Board Exam: शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से नहीं हट सकते, कार्रवाई का खतरा

मध्य प्रदेश बोर्ड की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही है। राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के अनुसार परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा। बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी से इनकार करता है या अपनी जगह उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि परीक्षा समय पर सुचारू रूप से आयोजित हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर ड्यूटी से नाम हटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते, लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को ड्यूटी से छूट चाहिए तो उसे वैध प्रमाण देना होगा। ऐसा न करने पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों, केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों की उपस्थिति शत-प्रतिशत अनिवार्य होगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या व्यवधान न हो। बोर्ड अधिकारियों ने कहा है कि इस बार परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा कड़ी होगी और सभी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों को समय पर सूचना दी जा चुकी है। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि ड्यूटी से गैरहाजिरी या अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए यह कदम अनिवार्य और महत्वपूर्ण है।
गूगल ला रहा सस्ता AI फोन Pixel 10a, 18 फरवरी को होगा लॉन्च..

नई दिल्ली । गूगल ने अपने किफायती AI स्मार्टफोन Pixel 10a की लॉन्चिंग की आधिकारिक घोषणा कर दी है कंपनी ने टीजर वीडियो के जरिए बताया कि यह फोन 18 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा Pixel 10a गूगल की Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल होगा जिसे कम कीमत में प्रीमियम AI अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है यह लॉन्चिंग ऐसे समय हो रही है जब एपल और सैमसंग भी अपने नए स्मार्टफोन्स की तैयारी में हैं Pixel 10a गूगल की लोकप्रिय A-सीरीज का नया फोन है जो खास तौर पर मिड-रेंज यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस डिवाइस में वही लेटेस्ट AI फीचर्स मिलेंगे जो फ्लैगशिप मॉडल्स में दिए जाते हैं A-सीरीज को पहले भी सॉफ्टवेयर और कैमरा परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता रहा है टीजर वीडियो में Pixel 10a के डिजाइन की पहली झलक दिखाई गई है सबसे बड़ा बदलाव इसके रियर कैमरा डिजाइन में होगा इस बार फोन के पीछे कैमरा मॉड्यूल पूरी तरह फ्लैट रहेगा पिछली Pixel 9a की तरह उभरा कैमरा बंप नहीं मिलेगा गूगल का यह नया फ्लैट डिजाइन फोन को ज्यादा स्लीक और सिंपल लुक देता है Pixel 10a में गूगल के लेटेस्ट Gemini AI फीचर्स का सपोर्ट मिलेगा Gemini Live के जरिए यूजर्स फोन से रियल-टाइम बातचीत कर सकेंगे इसके अलावा Circle to Search फीचर भी मिलेगा जिससे किसी भी फोटो या वीडियो पर गोला बनाकर तुरंत सर्च किया जा सकेगा टेक इंडस्ट्री में इन फीचर्स को एपल के Apple Intelligence से ज्यादा एडवांस माना जा रहा है गूगल ने लॉन्चिंग फरवरी में रखी है जबकि एपल मार्च में किफायती iPhone 17e पेश कर सकता है वहीं सैमसंग भी अपनी फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज पर काम कर रहा है गूगल की रणनीति है कि इन बड़े लॉन्च से पहले भारत अमेरिका और जापान जैसे अहम बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत की जाए कीमत का खुलासा अभी नहीं हुआ है लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि RAM और हार्डवेयर की बढ़ती लागत से कीमत में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है फिर भी A-सीरीज की पहचान किफायती प्रीमियम फोन की रही है गूगल हर साल फ्लैगशिप Pixel के कुछ महीनों बाद A-सीरीज लॉन्च करता है इसमें प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर फ्लैगशिप जैसे ही होते हैं जबकि बॉडी मटेरियल और कुछ हार्डवेयर फीचर्स में कटौती कर कीमत कम रखी जाती है
JLR के साइबर अटैक और चीन की सुस्ती से सालाना रेवेन्यू में 26 प्रतिशत की गिरावट

नई दिल्ली । मुंबई टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बड़ा झटका लगा कंपनी को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,486 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड घाटा हुआ जबकि पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 5,406 करोड़ था कमजोर नतीजों का मुख्य कारण कंपनी की लग्जरी कार यूनिट जगुआर लैंड रोवर पर साइबर अटैक और चीन के बाजार में आई सुस्ती रही कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 70,108 करोड़ रुपए रह गया पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 94,738 करोड़ था JLR के संचालन पर साइबर हमले का सीधा असर पड़ा जिससे प्रोडक्शन सप्लाई चेन और बिक्री प्रभावित हुई JLR का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा इस तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 प्रतिशत गिरकर करीब 55,000 करोड़ रुपए रह गया टैक्स से पहले JLR को लगभग 3,800 करोड़ का घाटा हुआ साइबर अटैक के कारण कुछ समय के लिए डिजिटल सिस्टम बाधित रहे जिससे ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी प्रभावित हुई चीन में सुस्ती और पुराने मॉडल्स का चरणबद्ध बंद होना बिक्री वॉल्यूम पर दबाव डाल रहा है अमेरिका में बढ़े हुए आयात शुल्क ने भी लागत और मुनाफे पर असर डाला घरेलू कारोबार ने कंपनी को राहत दी भारतीय पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख यूनिट रही GST दरों में कटौती नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और EV सेगमेंट में बढ़ती मांग ने घरेलू बाजार को मजबूत कियाCFO धीमन गुप्ता ने कहा कि यह तिमाही अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रही जैसा कि साइबर अटैक के कारण अनुमान था घरेलू बिजनेस में सुधार के संकेत मिले हैं और चौथी तिमाही में JLR के ऑपरेशंस सामान्य होने से प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घाटा कॉन्सोलिडेटेड आधार पर है जिसमें 100 से अधिक सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियों के नतीजे शामिल हैं JLR जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का प्रदर्शन सीधे समेकित नतीजों को प्रभावित करता हैविशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को पटरी पर लाना टाटा मोटर्स के लिए आने वाली तिमाहियों में अहम चुनौती रहेगा
इंदौर में नवविवाहिता की मौत: पति और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विजयनगर क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है जहाँ कल्प कामधेनू नगर में रहने वाली 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने ससुराल की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस की गहन जांच और एसीपी पराग सैनी की रिपोर्ट के बाद इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मृतका के पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घटना की शुरुआत 2 फरवरी को हुई जब मोनिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने शुरुआती मर्ग कायम कर जब मामले की परतें खोलना शुरू कीं तो प्रताड़ना की एक दर्दनाक कहानी सामने आई। एसीपी की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विवाह के महज कुछ महीनों के भीतर ही मोनिका को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घरेलू विवाद और ससुराल पक्ष के कठोर व्यवहार ने मोनिका को इस कदर तोड़ दिया था कि उसने अपनी उम्र के 20वें साल में ही दुनिया को अलविदा कहना बेहतर समझा। जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच सिलाई के कपड़े लाने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। मोनिका सिलाई का काम करके घर में सहयोग करती थी जबकि उसका पति रितेश रेपिडो बाइक चालक है। हालांकि पति ने पुलिस को दिए बयान में खुद को बेगुनाह बताते हुए घटना के समय घर पर न होने का दावा किया था लेकिन परिजनों के आरोपों ने सच्चाई की दिशा बदल दी। मृतका के पिता हीरालाल चौहान ने पुलिस को बताया कि करीब दस महीने पहले मोनिका अचानक लापता हुई थी जिसकी शिकायत खजराना थाने में की गई थी। बाद में पता चला कि उसने रितेश से प्रेम विवाह कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। मोनिका की बड़ी बहन ने भी उसके मानसिक तनाव में होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने समाज के लोगों के साथ मिलकर पहले भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी। वर्तमान में विजयनगर पुलिस ने सभी साक्ष्यों को आधार बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
मुरैना महिला एसआई को हाईकोर्ट से झटका, एडवोकेट सुसाइड केस में अग्रिम जमानत खारिज

ग्वालियर। हाईकोर्ट ने मुरैना की महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या से जुड़ा है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में केवल निजी तनाव नहीं बल्कि धमकी और पद के दुरुपयोग के गंभीर संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी एक सेवारत पुलिस अधिकारी है और उससे कानून के पालन की अपेक्षा अधिक रहती है। हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि घटना के कुछ ही दिनों बाद मृतक द्वारा आत्महत्या करना अभियोजन पक्ष के तर्क को मजबूत करता है। कोर्ट ने यह भी देखा कि गवाहों को प्रभावित करने और कथित घटनास्थल से हथियार की बरामदगी न होने के कारण हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।मामला मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एसआई प्रीति जादौन और उनके मंगेतर ग्वालियर निवासी एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान से जुड़ा है। 14-15 दिसंबर 2025 की रात मृत्युंजय ने गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी 15 दिसंबर को सामने आई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 12 दिसंबर को मृतक मुरैना पुलिस लाइन स्थित प्रीति जादौन के सरकारी क्वार्टर पहुंचे थे। वहां मृतक ने एक आवेदन लिखा जिसे जांच एजेंसियां अघोषित सुसाइड नोट मान रही हैं। आवेदन में आरोप था कि महिला एसआई और क्वार्टर में मौजूद आरक्षक अराफात खान ने उनके साथ मारपीट की। मृतक ने इस घटना की शिकायत सिविल लाइन और सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उल्टे महिला एसआई के प्रभाव के चलते उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामला निजी संबंधों में तनाव का है और मृतक ने जबरन सरकारी आवास में प्रवेश किया। हालांकि शासकीय अधिवक्ता ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन, ऑडियो वीडियो साक्ष्य और मृतक की मां के बयान को आधार बनाकर आरोपों की पुष्टि की। कोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इस बीच, ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई दबिश के दौरान एसआई प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान अपने आवास से अनुपस्थित पाए गए। पुलिस की तलाश जारी है और मामला न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कवि प्रदीप : शब्दों से राष्ट्रभावना जगाने वाले अमर गीतकार

– शरद जोशी, रतलाम भारतीय फिल्म संगीत और हिंदी काव्य जगत में कवि प्रदीप का नाम अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। वे उन विरले रचनाकारों में से थे, जिनके शब्द केवल गीत नहीं बने, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की आवाज़ बने। 6 फ़रवरी 1915 को मध्यप्रदेश के उज्जैन ज़िले के बड़नगर में जन्मे कवि प्रदीप का वास्तविक नाम रामचंद्र नारायण द्विवेदी था। बचपन से ही उनमें काव्य प्रतिभा के स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे थे। उनकी साहित्यिक क्षमता से प्रभावित होकर महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने उन्हें “प्रदीप” उपनाम दिया—जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बना। कवि प्रदीप के जीवन का एक महत्वपूर्ण और अपेक्षाकृत कम चर्चित पक्ष रतलाम से जुड़ा है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रतलाम में उनके ननिहाल में हुई। यहाँ वे अपने नाना कामदार रामलाल जी जोशी के सान्निध्य में रहे, प्रदीप जी रिश्ते में लेखक के ताऊ थे। रतलाम की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना ने उनके विचारों को गहराई प्रदान की। बड़नगर के विद्यालय में अध्ययन के दौरान वे उस समय के मेधावी विद्यार्थियों में गिने जाते थे। उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उसी विद्यालय में उनके सहपाठी रहे—जो इस शैक्षणिक परिवेश की ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है। कवि प्रदीप ने हिंदी सिनेमा को केवल गीत नहीं दिए, बल्कि जनभावनाओं को स्वर दिया। उन्होंने लगभग 85 से अधिक फिल्मों के लिए 1800 से ज्यादा गीत लिखे और कई गीत स्वयं भी गाए। उनकी रचनाएँ मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति चेतना जगाने का कार्य करती रहीं। ‘जागृति’,’ नास्तिक,’ ‘किस्मत ‘जय संतोषी’ माँ’, ‘हरिश्चंद्र तारामती’, ‘पैगाम’, ‘संबंध’ जैसी फिल्मों में उनके गीतों ने भक्ति, नैतिकता और सामाजिक जागरण को नई ऊँचाइयाँ दीं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लिखे गए “चल चल रे नौजवान” और “दूर हटो ऐ दुनिया वालों, हिंदुस्तान हमारा है” “देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इंसान ” जैसे गीतों ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्ज्वलित की। 1962 के भारत-चीन युद्ध के पश्चात रचित “ऐ मेरे वतन के लोगों” भारतीय इतिहास का अमर गीत बन गया। जब इस गीत को लता मंगेशकर ने स्वर दिया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी भावुक होकर आँसू नहीं रोक सके। यह गीत आज भी शहीदों के बलिदान का जीवंत स्मारक है। कवि प्रदीप समाज की पीड़ा और नैतिक पतन के भी संवेदनशील कवि थे। “देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान” जैसा गीत समाज के आत्ममंथन का सशक्त दस्तावेज़ है। उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता थी—सरल शब्दों में गहन भावों की अभिव्यक्ति। उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा गया, जिनमें भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रमुख है। 11 दिसंबर 1998 को वे इस दुनिया से विदा हो गए, किंतु उनके गीत आज भी जीवित हैं। हर राष्ट्रीय पर्व, सांस्कृतिक आयोजन और भावनात्मक अवसर पर उनके शब्द गूंजते हैं। कवि प्रदीप की सांस्कृतिक विरासत आज भी उनके परिवार के माध्यम से जीवंत है। उनके दो बेटियां थी सरगम और मितुल परिवार में अब अकेली रह गई पुत्री मितुल प्रदीप मुंबई के विले पार्ले क्षेत्र में “तूलिका आर्ट्स सेंटर” के माध्यम से फाइन आर्ट्स की कक्षाएँ संचालित कर रही हैं। वे चित्रकला के माध्यम से नई पीढ़ी को कला, संवेदना और सृजनशीलता का संस्कार दे रही हैं—यह उनके पिता की सांस्कृतिक चेतना की ही निरंतरता है। कवि प्रदीप केवल एक गीतकार नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रभावना, भक्ति और सामाजिक चेतना के अमर स्वर थे। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..

जबलपुर :डुमना एयरपोर्ट का विस्तार और आधुनिकीकरण पर केंद्र सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं उम्मीद जताई गई थी कि इससे जबलपुर को देश के बड़े शहरों से सीधी और नियमित हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी लेकिन हालात इसके उलट हैं अत्याधुनिक टर्मिनल और लंबा रनवे होने के बावजूद उड़ानों की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में विस्तारित एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था और यात्रियों ने इससे नई उम्मीदें लगाईं लेकिन आज भी कई अहम रूट्स पर फ्लाइट न होने के कारण लोग ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर हैं इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है क्षमता बढ़ी है लेकिन कनेक्टिविटी अभी भी कम है विस्तार से पहले डुमना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1998 मीटर लंबा था जिसे अब बढ़ाकर 2750 मीटर कर दिया गया है टर्मिनल की क्षमता भी 150 यात्रियों से बढ़ाकर 800 यात्रियों तक पहुंचाई गई है अब एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान उतर सकते हैं इसके बावजूद उड़ानों की संख्या में अपेक्षित इजाफा नहीं हुआ दूसरे शहरों से तुलना में जबलपुर पिछड़ गया है इंदौर से जहां 20 से ज्यादा शहरों के लिए 40-50 उड़ानें संचालित हो रही हैं वहीं भोपाल से भी दर्जनों फ्लाइट्स उपलब्ध हैं लेकिन संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद जबलपुर में सीमित उड़ानें यात्रियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैंभोपाल और प्रयागराज के लिए सीधी उड़ानों की चर्चाएं पिछले वर्ष से जारी हैं और इन रूट्स पर मांग काफी अधिक है लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ इससे व्यापारियों छात्रों और धार्मिक यात्रियों को नुकसान हो रहा है एयरपोर्ट विस्तार से पहले दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु और पुणे के लिए रोजाना चार से आठ विमानों की आवाजाही थी लेकिन अब उड़ानों की संख्या छह से बढ़कर केवल सात तक ही सीमित है फिलहाल जबलपुर से दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु बिलासपुर और जगदलपुर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही हैंएयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे का कहना है कि एयरपोर्ट में अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता है लेकिन नए रूट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेना जरूरी है यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों और एयरपोर्ट की क्षमताओं के बीच यह संतुलन अभी तक नहीं बन पाया है
MAUGABJ RAPE CASE: मऊगंज में आठवीं छात्रा के साथ दुष्कर्म, 4 युवकों ने किया गैंगरेप; बच्ची की हालत गंभीर

MAUGABJ RAPE CASE: मध्यप्रदेश। मऊगंज में 14 साल की आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ अपहरण और गैंगरेप का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि छात्रा गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे सहेली के साथ प्री-बोर्ड परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी। पूरे देश में हो रहा पंडितों का अपमान; ब्राह्मणों के सम्मान में, मायावती मैदान में, केंद्र सरकार से यह मांग रास्ते में हमला दो बाइक पर सवार चार युवक रास्ते में मिले और दोनों छात्राओं को जंगल ले गए। आरोप है कि एक छात्रा को रस्ते में ही छोड़ दिया गया, जबकि दूसरी के साथ गैंगरेप किया गया। आरोपियों ने छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया। GWALIOR SCRIMES: ग्वालियर में युवक पर फायरिंग, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दी थी हत्या की चेतावनी परिजनों की खोज परिजन छात्रा के देर तक घर न लौटने पर खोजबीन में जुट गए। कुछ देर बाद गांव के पास जंगल में वह बेसुध अवस्था में मिली जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। साथ ही परिवार ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस कार्रवाई एसपी दिलीप सोनी और एसडीओपी सची पाठक ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। GWALIOR SCRIMES: ग्वालियर में युवक पर फायरिंग, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दी थी हत्या की चेतावनी आगे की जांच एसपी ने बताया कि छात्रा अब होश में है, लेकिन स्पष्ट बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और पीड़िता के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूरे देश में हो रहा पंडितों का अपमान; ब्राह्मणों के सम्मान में, मायावती मैदान में, केंद्र सरकार से यह मांग

नई दिल्ली। वेब सीरीज घूसखोर पंडत पर अब सियासत भी गरमाने लगी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीरीज भी इस विवाद में कूद गई हैं। उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज के अपमान से जोड़ते हुए फिल्मकारों पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत फिल्मों में ‘पंडित’ को ‘घुसपैठिया’ बताकर पूरे समाज का अनादर किया जा रहा है। इसे लेकर मायावती ने एक्स पर पोस्ट लिखा है। केंद्र सरकार से तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की है।मायावती ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि यह बड़े दुख और चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि अब फिल्मों में भी ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा फिल्मों में ’पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है, उससे समूचे ब्राह्मण समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त है। हमारी पार्टी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। घुसपैठिया शब्द पर जताई कड़ी आपत्ति मायावती के बयान में सबसे अहम बिंदु ‘घुसपैठिया’ शब्द का इस्तेमाल रहा। दरअसल, विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि इस वेब सीरीज में ब्राह्मण पात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है और उन्हें व्यवस्था को नुकसान पहुxचाने वाले ‘घुसपैठियों’ की तरह पेश किया गया है। मायावती ने इसे ‘जातिसूचक’ करार देते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि ऐसी फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। वेब सीरीज में क्या दिखाया गया है? यह वेब सीरीज मुख्य रूप से सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर प्रहार करने का दावा करती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक सरकारी कर्मचारी, जो ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखता है और ‘पंडत’ उपनाम का उपयोग करता है, अपने पद का दुरुपयोग कर लोगों से काम के बदले अवैध वसूली करता है। सीरीज में सिस्टम की खामियों और एक व्यक्ति के लालच को कहानी का आधार बनाया गया है। आरोप है कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य और संवाद भी शामिल किए गए हैं जो सरकारी दफ्तरों में होने वाले ‘लेनदेन’ के काले खेल को दर्शाते हैं। विवाद और आपत्ति के मुख्य कारण वेब सीरीज को लेकर मुख्य रूप से ‘सनातन रक्षक दल’ और अन्य ब्राह्मण संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनकी मुख्य आपत्ति इसके नाम को लेकर ही है। विरोध करने वालों का कहना है कि सीरीज का नाम घूसखोर पंडत रखना सीधे तौर पर एक पूरी जाति और समुदाय को अपमानित करने की कोशिश है। उनका तर्क है कि पंडत शब्द ज्ञान और सम्मान का प्रतीक है, उसके साथ ‘घूसखोर’ विशेषण जोड़ना समाज में गलत संदेश फैलाता है। आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार किसी भी जाति का व्यक्ति कर सकता है, लेकिन जानबूझकर एक विशिष्ट जाति (ब्राह्मण) को भ्रष्ट के रूप में पेश करना एक एजेंडा का हिस्सा लगता है। सीरीज के पोस्टर और ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं जहां पात्र को धार्मिक वेशभूषा या प्रतीकों के साथ गलत काम करते दिखाया गया है। विरोधियों का कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।