GWALIOR SCRIMES: ग्वालियर में युवक पर फायरिंग, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दी थी हत्या की चेतावनी

GWALIOR SCRIMES: ग्वालियर। हजीरा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। जहां एक बदमाश ने युवक पर गोली चला दी। खास बात यह रही कि आरोपी ने वारदात से करीब एक घंटे पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर “COMING SOON–307” लिखकर स्टोरी डाली थी, जो आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) की ओर इशारा करती है। भारत की वायुसेना को बड़ा बूस्ट: 100 से ज्यादा राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा, खर्च 3.25 लाख करोड़ घायल युवक की पहचान कांचमिल, पंजाब वाली गली निवासी मोनू के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में काम करता है। गुरुवार रात वह किसी काम से जा रहा था, तभी भोले बाबा मंदिर के पास विक्की उर्फ आदित्य सिकरवार ने उसका रास्ता रोक लिया। रंगदारी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। जिसके बाद आरोपी ने कमर से कट्टा निकालकर गोली चला दी। मोनू ने बचने की कोशिश की, लेकिन गोली उसके पैर में लग गई। Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया । बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ में उसने रंगदारी विवाद की बात कबूल की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पहले भी सिरोल क्षेत्र में शराब दुकान पर और पुलिस पर फायरिंग कर चुका है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
मणिपुर के डिप्टी सीएम पर क्यों हो गया बवाल, कुकी समुदाय ने किया विधायकों का बहिष्कार

नई दिल्ली। मणिपुर में नई सरकार बनते ही चुराचांदपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई। जानकारी के मुताबिक तुइबोंग इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नई सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों ने आग जलाकर प्रदर्शन किए। भीड़ को नियंत्रण करे के प्रयास में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। उपमुख्यमंत्री का हो रहा था विरोध यह झड़प समुदाय के एक विधायक नेमचा किपगेन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने के विरोध में हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी तुइबोंग बाजार के पास जमा हुए और टायर जलाकर किपगेन के खिलाफ नारे लगाए। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति तब और बिगड़ गई जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। वहां तैनात कर्मियों की तुलना में भीड़ की संख्या अधिक थी और उन्होंने पथराव किया जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बलों को भेजा गया है।” कांगपोकपी के रहने वाले किपगेन के बुधवार शाम को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से जिले में तनाव व्याप्त है। कुकी समुदाय ने कर दी बहिष्कार की घोषणा मणिपुर सरकार में तीन कुकी-जो विधायकों के शामिल होने के बाद एक संगठन ने उन पर समुदाय के साथ विश्वासघात करने और मेइती समुदाय के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की। कई समूहों ने कुकी बहुल चूड़ाचांदपुर जिले में शुक्रवार को ‘पूर्ण बंद’ का आह्वान भी किया। मणिपुर में मई 2023 में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी थी, जिसके चलते पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। कुकी-जो समुदाय के नेताओं द्वारा समुदाय के लिए एक अलग प्रशासनिक इकाई की मांग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यह पदभार भाजपा नेता एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के लगभग एक वर्ष बाद संभाला। कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट की विधायक एल. दिखो ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। विधानसभा में कुकी-जो समुदाय के कुल 10 विधायक हैं, जिनमें से सात भाजपा से हैं। हमार जनजाति के विधायक एन. सनाते, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उस दल का हिस्सा थे, जिन्होंने इंफाल में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर राज्य में सरकार गठन का दावा पेश किया। इस दल में कुकी-जो जनजाति के एक अन्य विधायक, एल. एम. खौते भी शामिल थे। हमारे लोग कुकी-जो समुदाय का हिस्सा हैं। कुकी जो परिषद (केजेडसी) ने गुरुवार को एक बयान में मणिपुर सरकार के गठन में कुछ कुकी-जो विधायकों की भागीदारी की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हुए कहा कि यह 13 जनवरी 2026 के लुंगथू प्रस्ताव का घोर उल्लंघन है।प्रस्ताव के अनुसार, कुकी-जो समुदाय के सदस्य सरकार गठन में तभी भाग लेंगे जब केंद्र और राज्य के अधिकारियों से लिखित आश्वासन प्राप्त होगा कि एक विधायिका के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में एक अलग प्रशासन होगा। इसमें कहा गया है कि सरकार में शामिल होकर, इन कुकी विधायकों ने प्रभावी रूप से खुद को मेइती लोगों के साथ जोड़ लिया है और उन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है। संगठन ने बयान में कहा, ”केजेडसी मणिपुर सरकार के गठन में भाग लेने वाले सभी कुकी-जो विधायकों की निंदा करता है और कुकी-जो के सभी क्षेत्रों में उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की घोषणा करता है।” संगठन ने कुकी-जो लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी सामाजिक, पारंपरिक या सार्वजनिक मामले में उनके साथ सहयोग या संबंध न रखें। संगठन ने कहा कि यह बहिष्कार तब तक लागू रहेगा जब तक वे कुकी-जो लोगों के सामूहिक रुख के अनुरूप स्वयं को स्थापित नहीं कर लेते। कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन में भाग लेने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। बुधवार रात कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और सड़क पर बांस रखकर नेमचा किपगेन के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का विरोध किया। कुकी लिबरेशन आर्मी (लेटखोलुन) ने एक बयान में कहा कि वह एक “स्पष्ट और अंतिम चेतावनी” जारी कर रही है। संगठन ने कहा कि कोई भी कुकी-जो प्रतिनिधि, जो सरकार के गठन में भाग लेने का फैसला करता है, उसे समुदाय के लोगों के साथ विश्वासघात करने वाला माना जाएगा। बयान में कहा, ”ऐसे किसी भी कदम के चलते अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उन कुकी-जो विधायकों पर ही होगी।” मणिपुर में तीन मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है, जिसकी शुरुआत पहाड़ी जिलों में निकाली गई एक आदिवासी एकजुटता रैली के बाद हुई थी। यह रैली बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में निकाली गई थी। हिंसा में अब तक कुकी और मेइती समुदायों के सदस्यों तथा सुरक्षा कर्मियों सहित कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है, तथा हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर मंडरा रहा खतरा, Google ने दी चेतावनी, पुराने Android यूजर्स सतर्क रहें

applr नई दिल्ली। गूगल ने स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि दुनिया भर में करीब 40% स्मार्टफोन मैलवेयर और स्पाईवेयर के जोखिम में हैं। यह खतरा मुख्य रूप से पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वर्जन्स के कारण है जो अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। फॉर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार एंड्रॉयड 13 या उससे पुराने वर्जन्स वाले स्मार्टफोन सबसे अधिक जोखिम में हैं। ऐसे यूजर्स की संख्या 1 अरब से अधिक है और ये साइबर अटैक्स के शिकार हो सकते हैं। Android वर्जन्स की स्थिति:Android 16: 7.5% स्मार्टफोनAndroid 15: 19.3%Android 14: 17.9%Android 13: 13.9% रिपोर्ट बताती है कि 58% स्मार्टफोन अभी भी सिक्योरिटी सपोर्ट में हैं जबकि 40% स्मार्टफोन अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। ऐसे यूजर्स संभावित साइबर खतरों का सामना कर सकते हैं। पुराने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल की सलाह:गूगल ने पुराने Android OS वाले स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे लेटेस्ट OS में अपडेट करें और सिक्योरिटी पैच नियमित रूप से इंस्टॉल करते रहें। यह कदम मैलवेयर और स्पाईवेयर से सुरक्षा के लिए जरूरी है। iPhone यूजर्स को राहत:iPhone यूजर्स को समय पर सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं, इसलिए उन्हें इस खतरे का सामना नहीं करना पड़ता। यदि किसी एंड्रॉयड डिवाइस का सपोर्ट बंद हो गया है, तो नया स्मार्टफोन खरीदना सुरक्षित विकल्प है। स्मार्टफोन कंपनियों की नीति:अधिकतर कंपनियां 4–5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देती हैं। Samsung और Google Pixel ने अब 7 साल से अधिक के अपडेट देने की पहल की है, जिससे यूजर्स को अतिरिक्त सुरक्षा मिल रही है। सिक्योरिटी अपडेट का महत्व:सिक्योरिटी अपडेट स्मार्टफोन की कमजोरियों और बग्स को ठीक करने के लिए जारी किए जाते हैं। इन कमजोरियों का फायदा हैकर्स उठा सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं। इसलिए नियमित अपडेट्स आवश्यक हैं। Android OS का उपयोग कई कंपनियों जैसे Samsung, Realme, Redmi, Oppo और OnePlus में होता है। वहीं iOS केवल Apple स्मार्टफोन्स में उपलब्ध है, जिसकी संख्या सीमित है।
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की पूजा में क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? भूल से भी न करें ये गलतियां, वरना रूठ सकते हैं महादेव!

नई दिल्ली । Mahashivratri 2026 Date: भगवान शिव की आराधना के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन भक्त उपवास रखकर शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक और पूजा करते हैं. कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई शिव पूजा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान शिव को क्या चढ़ाना शुभ माना जाता है और किन चीजों को चढ़ाने से बचना चाहिए. महादेव को क्या अर्पित करें? शिवजी को सादगी प्रिय है. यदि आप पूरी श्रद्धा से ये चीजें अर्पित करते हैं, तो आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.बेलपत्र: महादेव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा न हो और उसमें तीन पत्तियां एक साथ जुड़ी हों.धतूरा और भांग: ये चीजें शिवजी को नकारात्मकता दूर करने के प्रतीक के रूप में चढ़ाई जाती हैं.कच्चा दूध और गंगाजल: शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए शुद्ध कच्चा दूध और गंगाजल सबसे उत्तम माना जाता है.चंदन: शिवजी को सफेद चंदन का तिलक लगाएं. इससे मन को शांति मिलती है अक्षत (चावल): पूजा में साबुत चावल का प्रयोग करें. टूटे हुए चावल खंडित कभी न चढ़ाएं भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें !केतकी के फूल: पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था.तुलसी दल: भगवान शिव ने जालंधर असुर का वध किया था, जिसकी पत्नी वृंदा (तुलसी) थी. इसलिए तुलसी शिव पूजा में नहीं चढ़ाई जाती.सिंदूर या कुमकुम: महादेव वैरागी हैं और सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक है, जिसे विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए लगाती हैं.शंख से जल: शिवजी ने शंखचूड़ नामक असुर का वध किया था, इसलिए उनकी पूजा में शंख वर्जित माना जाता है. पूजा के दौरान न करें ये गलतियां कभी भी खंडित शिवलिंग की पूजा न करें. हालांकि, नर्मदेश्वर शिवलिंग को अपवाद माना जाता है. जल चढ़ाने के लिए तांबे का पात्र श्रेष्ठ है, लेकिन तांबे के बर्तन में दूध डालकर अभिषेक नहीं करना चाहिए. दूध के लिए चांदी या स्टील के बर्तन का प्रयोग करें. शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं की जाती. हमेशा आधी परिक्रमा करें और जहां से जल बाहर निकलता है (जलाधारी), उसे कभी न लांघें. महाशिवरात्रि व्रत का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है. यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन शिवभक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत और पूजा करते हैं. महाशिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. यह व्रत आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार,जो भक्त सच्चे मन से महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और विवाहित लोगों के वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.
जनकपुरी में बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरा, मौत, दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दिए..

नई दिल्ली । दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात एक बाइक सवार युवक गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। युवक पालम से जनकपुरी की ओर आ रहा था तभी सड़क पर बने गड्ढे में गिरा। घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि गड्ढा काफी समय से खुला हुआ था और इसे दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था। लोगों का कहना है कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लापरवाही जारी रही। युवक पालम से जनकपुरी की तरफ आ रहा था और वह सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूरी रात वहीं फंसा रहा जिसके बाद उसकी मौत हो गई। दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया:दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि घटना की गंभीर जांच की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही या कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। AAP का आरोप:दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक मासूम बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर रातभर फंसा रहा और उसकी मौत हो गई लेकिन दिल्ली की बीजेपी सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया। वे रोज झूठ बोलते हैं। पिछला मामला:हाल ही में नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क पर गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटा दिया और एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
UP Panchayat Election 2026: यूपी पंचायत चुनाव लेकर बड़ी खबर आई सामने, अब राज्य आयोग ने जारी किया ये खास आदेश

नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं. जिसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारियो को सूचनाओं में विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. चुनाव आयोग के आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में सभी जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं नगरीय निकाय को जानकारी दे दी है. जिसमें पंचायती राज द्वारा उपलब्ध कराए गए सदस्य ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत के आंकड़ों में अंतर मिला है. इसलिए आयोग ने इसे पोर्टल पर ठीक करने का निर्देश दिया है. चुनाव आयोग ने दिए निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी के ये कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. जिसमें ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत विवरण का मिलान करने को कहा गया है. आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के परिसीमन के बाद सूचना उपलब्ध कराई गई है. आयोग ने निदेशक को निर्देश दिए हैं कि पंचायती राज द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना से आयोग के पोर्टल पर जनपदों द्वारा फ़ीड की गई सदस्य ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत की सूचना में भिन्नता पाई गई है. इसलिए इस सूचना का ग्राम पंचायत की सूचना को मिलान करते हुए आयोग के पोर्टल पर शुद्ध किया जाए. ग्राम पंचायत डाटा में मिली अशुद्धता चुनाव आयोग ने साफ़ कहा कि डाटा की शुद्धता निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए जरूरी है. इसलिए जल्द से जल्द ये सूचनाओं के विवरण का सत्यापन कर पोर्टल पर सही विवरण दर्ज कराया जाए. बता दें उत्तर प्रदेश में जल्द ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, जिसे लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है. कयास लग रहे है कि इस साल अप्रैल-मई में ये चुनाव कराए जा सकते हैं, चुनाव की ये पूरी प्रक्रिया दो महीने में पूरी हो जाएगी.
Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला

नई दिल्ली ।पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर उस समय हुईजब लक्की ओबेरॉय अरदास के बाद बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने वाले थे. तभी पहले से घात लगाए बैठे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गयाजहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए. पुलिल कर रही है जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है. रुद्वारे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैताकि हमलावरों की पहचान की जा सके कि कौन लोग थे और लक्की को क्यों निशाना बनाया गया. इस हत्या के बाद पुलिस अपनी जांच का दायरा कई पहलुओं तक बढ़ा रही है. पुरानी रंजिश से लेकर किसी बदमाश गैंग द्वारा वारदात को अंजाम देने या जिम्मेदारी लेने के एंगल तकहर संभावित कारण की गहन जांच की जा रही है. आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची- कांग्रेस पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए आम आदमी पार्टीसरकार को जिम्मेदार ठहराया है. हत्या की खबर सामने आते ही बाजवा ने एक्स पर पोस्ट कर कहाजालंधर के एक गुरुद्वारे के बाहर आप नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या ने इस भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है. अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैंतो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है? उन्होंने आगे सवाल कियापंजाब आज भयगिरोह हिंसा और प्रशासनिक गतिरोध की चपेट में हैजबकि AAP सरकार जनसंपर्क और बहानेबाजी में व्यस्त है. मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना होगाइस पूर्ण व्यवस्था के पतन के लिए कौन जिम्मेदार है?
महाशिवरात्रि पर 300 वर्षों में दूसरी बार 12 योग, काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारी

नई दिल्ली । देवाधिदेव महादेव के विवाहोत्सव महाशिवरात्रि पर इस साल 12 दुर्लभ योग बनेंगे। तीन सौ वर्षों में यह दूसरा मौका है जब दस से अधिक योग एक साथ बन रहे हैं। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद है, इसलिए खास तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर लगातार 40 घंटे से अधिक समय तक खुला रहेगा। 15 फरवरी को भोर सवा दो बजे मंगला आरती के साथ कपाट खुलेंगे और 16 फरवरी की रात आरती के बाद बंद होंगे। 14 से 17 फरवरी तक स्पर्श और सुगम दर्शन पर रोक रहेगी। इस बार के 12 योगप्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, सर्वार्थसिद्ध, साध्य, शिव, शुक्ल, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव। इससे पहले 2024 में शिवरात्रि पर 11 योग बने थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस तिथि पर सृष्टि में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ और आदियोगी ने पार्वती के साथ गृहस्थ लीला रची थी। ज्योतिषीय लाभज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री के अनुसार, तीन सौ वर्षों में दूसरी बार बनने वाले ये योग मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी होंगे। फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 15 फरवरी शाम 05:06 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी शाम 05:35 बजे समाप्त होगी। योगों का क्रम:-सुबह 05:45 से शिवयोग06:43–09:37 सर्वार्थसिद्धि योग11:19–11:23 प्रीति योग12:17–13:54 आयुष्मान योग17:07–17:53 सौभाग्य योग19:47–20:34 शोभन योग20:54–22:02 साध्य योग22:42–23:58 शुक्ल योग00:54–02:54 राज योग02:57–05:53 ध्रुव योग प्रहरवार अभिषेक और मंत्र जप:-प्रथम प्रहर: दूध से अभिषेक, ऊँ ह्रीं ईशान्य नमःद्वितीय प्रहर: दही से अभिषेक, ऊँ ह्रीं अघोराय नमःतृतीय प्रहर: देशी घी से अभिषेक, ऊँ ह्रीं वामदेवाय नमःचतुर्थ प्रहर: शहद से अभिषेक, ऊँ ह्रीं सध्योजाताय नमः तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ:-मेष: वित्तीय लाभ, पदोन्नति, नेतृत्व क्षमता में विकासमिथुन: पेशेवर जीवन में ऊँचाई, बड़े व्यापारिक अवसरसिंह: धनागमन, अचल संपत्ति में वृद्धि काशी विश्वनाथ मंदिर में आरती का क्रम:-मंगला आरती: 02:15–03:15; 03:30 से दर्शनमध्याह्न भोग आरती: 11:40–12:20 चारों प्रहर की आरती:-प्रथम प्रहर: 21:00–00:30द्वितीय प्रहर: 01:30–02:30तृतीय प्रहर: 03:30–04:30चतुर्थ प्रहर: 05:00–06:15 इस बार की महाशिवरात्रि अपने दुर्लभ 12 योगों और विशेष प्रहरवार आरती के कारण श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर कम होने के कारण मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन में ठिठुरन अधिक हो गई है और रात का तापमान कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा। आज सुबह हल्का कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा रहा। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका असर देखा गया। अगले दो दिन का मौसम 7 फरवरी हल्का कोहरा, बारिश की संभावना नहीं, लेकिन ठंड का असर जारी। 8 फरवरी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं।पश्चिमी हिमालय में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिसका असर फिर से प्रदेश में दिखेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।
भारत-खाड़ी देशों के बीच FTA बातचीत फिर शुरू, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कूटनीतिक कदम

नई दिल्ली । GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है जिसमें सऊदी अरब UAE कतर कुवैत ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रहते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह FTA वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाने निवेश को बढ़ावा देने और नीतिगत स्थिरता लाने का लक्ष्य रखता है। पाक-सऊदी रक्षा समझौते का प्रभावभारत और GCC के बीच बातचीत उस समय शुरू हो रही है जब क्षेत्रीय भू-राजनीति जटिल है। सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान ने ‘सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता’SMDA पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिरोधऑपरेशन सिंदूर के कुछ महीनों बाद हुआ। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में तनावजहां पाकिस्तान-सऊदी नजदीकियां बढ़ रही हैं वहीं UAE और पाकिस्तान के संबंधों में खटास देखी जा रही है। UAE ने पाकिस्तान के साथ एक विमानतल प्रबंधन सौदा रद्द कर दिया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार यह सौदा स्थगित किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने स्थानीय साझेदार का नाम नहीं भेजा। विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते के बाद UAE-पाकिस्तान दूरी बढ़ी है। भारत-UAE के बढ़ते संबंधUAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की दिल्ली यात्रा ने भारत-UAE संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यात्रा के कुछ घंटों बाद दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार $200 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं।विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और UAE के साथ भारत के बढ़ते संबंध खाड़ी देशों की प्राथमिकताओं में बदलाव को दिखाते हैं।