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ओमान में बातचीत खत्म होते ही अमेरिका का ईरान पर नए तेल प्रतिबंधों का ऐलान, तेहरान सकते में

वॉशिंगटन। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत खत्म होने के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए तेल प्रतिबंधों की घोषणा कर दी। इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान के तेल निर्यात को और सीमित करना बताया गया है, और इसके बाद तेहरान सकते में है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अवैध तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात को रोकने के लिए अधिकतम दबाव की नीति पर कायम हैं। अमेरिका ने 14 जहाजों को निशाना बनाया है, जिन पर ईरानी तेल ढोने का आरोप है। इनमें तुर्की, भारत और यूएई के झंडे वाले जहाज भी शामिल हैं। इसके अलावा 15 कंपनियों और 2 व्यक्तियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अब इन जहाजों और संस्थाओं से जुड़े कोई भी लेन-देन अमेरिका में अवैध माना जाएगा। ट्रंप नीति जारीअमेरिका पहले भी ईरान पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाता रहा है। इनका उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाकर उसे अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों में बदलाव के लिए मजबूर करना है। दिलचस्प बात यह है कि यह घोषणा ऐसे समय हुई जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ओमान में बातचीत का माहौल सकारात्मक था। बावजूद इसके अमेरिका ने दबाव की नीति में कोई ढील नहीं दी। तनाव की पृष्ठभूमिओमान में बातचीत के समय ईरान में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी जन-आंदोलन जैसी घटनाओं को सरकार ने बलपूर्वक दबाया है। अमेरिका ने ईरान के तटों के पास अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है और राष्ट्रपति ट्रंप ने बल प्रयोग की चेतावनी दी है। विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका की रणनीति साफ संकेत देती है कि वह कूटनीतिक बातचीत जारी रखते हुए आर्थिक और सैन्य दबाव के जरिए ईरान को झुकाने की कोशिश कर रहा है।

राष्ट्रीय दलहन उत्पादक सम्मेलन : केंद्रीय कृषि मंत्री सहित नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों ने देखी उन्नत फसलें

सीहोर। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गांवों में सुगमता से बीजों की वैरायटी पहुंच सके, इसके लिए ‘बीज ग्राम’ बनाए जाएंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत आयोजित ‘राष्ट्र-स्तरीय परामर्श और रणनीति सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने उन्नत प्रौद्योगिकियों एवं किस्मों के प्रदर्शन के लिए खेतों का भ्रमण और किसानों से संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने ‘बीज ग्राम’ बनाने की घोषणा की। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रकाशित ‘बायोलॉजिकल सॉल्यूशंस एडवांसिंग री-जेनेरेटिंग एग्रीकल्चर फॉर हेल्थ एंड एनवायरनमेंट’ और वैश्विक स्तर पर अनुसंधान के लिए चर्चित आईसीएआरडीए की पुस्तक का विमोचन किया गया। साथ ही पल्स मिशन पोर्टल की लॉन्चिंग की गई। कार्यक्रम में जैविक खेती के विस्तार सहित कृषि के क्षेत्र में नवाचार व विशेष योगदान देने वाले किसानों को पुरस्कार भी वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने अतिथियों को अमलाहा स्थित क्षेत्र में तैयार चने और मसूर की उन्नत किस्मों की फसल का अवलोकन कराया। वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन पद्धतियों की जानकारी भी साझा की। सम्मेलन में दलहन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श चल रहा है। सम्मेलन में मप्र समेत प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और उद्योग प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से आए कृषि वैज्ञानिकों और नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना विकसित और आत्मनिर्भर भारत का है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता देश के लिए आवश्यक है और विदेशों से दाल आयात करना गर्व नहीं, बल्कि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 27 देशों के साथ समझौते किए, लेकिन किसानों के हितों से समझौता नहीं होने दिया। अब लक्ष्य है कि देश में दालों का उत्पादन बढ़ाया जाए। उन्होंने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि एक ही फसल बोने से जमीन भी थकती है और कीटों का प्रकोप बढ़ता है, इसलिए चना, मसूर, उड़द और तुअर जैसी फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने मध्य प्रदेश को दलहन उत्पादन में देश में नंबर वन बताते हुए कहा कि क्षेत्रफल में कमी चिंता का विषय है, जिसे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। आईसीएआरडीए सहित अन्य अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से उन्नत बीज विकसित किए जा रहे हैं, जो मौसम और बीमारियों के अनुकूल होंगे। बीज वितरण के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और आदर्श खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी। मध्य प्रदेश में लगेंगी 55 दाल मिल केंद्रीय मंत्री चौहान ने घोषणा की कि देशभर में 1000 नई दाल मिलें स्थापित की जाएंगी, जिनमें से 55 मध्य प्रदेश में लगेंगी। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि तुअर 8000 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द 7800 रुपये, चना 5875 रुपये और मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। “बीज से लेकर बाजार तक” किसानों की चिंता सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के बाद सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मंथन कर दलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस मिशन के तहत मध्य प्रदेश को 354 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि असली आनंद खेत, किसान और मिट्टी से जुड़कर काम करने में है, और सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा भारत : मुख्यमंत्री सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में अन्न और दाल का विशेष महत्व है। हमारी थाली में परोसा गया अन्न ही हमारे लिए देवतुल्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान, युवा, गरीब और नारी सशक्तीकरण के लिए निरंतर योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कृषि परंपरा प्राचीन और समृद्ध रही है। प्रदेश में स्थापित अनुसंधान केंद्र किसानों के हित में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनें, क्योंकि देश में मांग के अनुपात में उत्पादन अभी भी चुनौती बना हुआ है। डॉ. यादव ने कहा कि दलहन-तिलहन मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार दो कदम आगे रहकर कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे खातों में पहुंचाई गई। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों से आए कृषि मंत्रियों से भी आग्रह किया कि भारत की कृषि उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर दलहन उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम है।

कोहली-रोहित हुए B कैटेगरी में डिमोशन, A+ हटने के बाद टॉप पर शुभमन गिल, बुमराह और जडेजा

नई दिल्ली। टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2025-26 में डिमोशन का सामना करना पड़ा है। दोनों अब A+ कैटेगरी से हटकर B कैटेगरी में शामिल किए गए हैं। इससे पहले कोहली और रोहित सभी फॉर्मेट खेलते हुए A+ कैटेगरी में थे, लेकिन टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद यह स्थिति बदल गई। बीसीसीआई ने इस साल A+ कैटेगरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। पहले यह कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए थी जो लगातार तीनों फॉर्मेट खेलते हों, लेकिन अब क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल में कोई खिलाड़ी लगातार तीनों फॉर्मेट नहीं खेल रहा। इसके बाद पुरुष खिलाड़ियों के लिए तीन नई कैटेगरी तय की गई हैं: A, B और C। नई टॉप कैटेगरी (A):शुभमन गिल (टेस्ट और वनडे कप्तान), जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा (टी20 से संन्यास ले चुके हैं) B कैटेगरी:विराट कोहली, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव (T20I कप्तान), ऋषभ पंत, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, यशस्वी जयसवाल, श्रेयस अय्यर C कैटेगरी:अक्षर पटेल, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई और रुतुराज गायकवाड़। वेतन का मुद्दा:पिछले स्ट्रक्चर में A+ खिलाड़ियों को सालाना ₹7 करोड़, A को ₹5 करोड़, B को ₹3 करोड़ और C को ₹1 करोड़ मिलती थी। A+ कैटेगरी हटने के बाद नए पेमेंट सिस्टम का विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।इस बदलाव के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की कैटेगरी को फॉर्मेट आधारित और उपलब्धता के अनुसार व्यवस्थित किया है, जिससे अब टॉप कैटेगरी में केवल सक्रिय और लगातार फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी शामिल हैं।

DATIYA TENPLE NEWS: पीतांबरा पीठ मंदिर में साधक से मारपीट, कर्मचारी पर लगे गंभीर आरोप

DATIYA TEMPLE NEWS

DATIYA TENPLE NEWS: दतिया। जिले के प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में एक साधक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जहां आरोप है कि मंदिर के एक कर्मचारी ने मंदिर परिसर के भीतर ही साधक के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। बता दें कि यह घटना 25 जनवरी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। CJI सूर्यकांत का मध्यप्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा उद्घाटन सत्र में देंगे मार्गदर्शनCJI सूर्यकांत का मध्यप्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा उद्घाटन सत्र में देंगे मार्गदर्शन 14 साल से मंदिर में कर रहे थे साधना पीड़ित साधक हेमंत मिश्रा ने बताया कि वह पिछले 14 वर्षों से श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में नियमित रूप से भजन-पूजन और साधना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि किसी बात को लेकर मंदिर कार्यालय के कर्मचारी मनोज मुदगिल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। झाबुआ: रामा में जैविक उपज विक्रय हाट बाजार बना आकर्षण का केंद्र मंदिर परिसर में हुई मारपीट का आरोप साधक का कहना है कि यह पूरी घटना मंदिर परिसर के भीतर हुई, जिससे धार्मिक स्थल की गरिमा को ठेस पहुंची है। घटना के बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। थाने में की शिकायत, वीडियो वायरल घटना के तुरंत बाद हेमंत मिश्रा ने कोतवाली थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद अब घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर होता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार के जवाब से पहले विजय शाह का भावुक संदेश कहा सेना और समाज के प्रति कोई दुर्भावना नहीं TI बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी धीरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि आवेदन और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और साधकों में नाराजगी देखी जा रही है।

चार साल में 34 किताबों को मंजूरी, लेकिन नरवणे की किताब अब भी रक्षा मंत्रालय में पेंडिंग

नई दिल्ली। तथाकथित कश्मीर एकजुटता दिवस के मौके पर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से सक्रिय आतंकी संगठनों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडरों ने सार्वजनिक सभाओं में भारत के प्रमुख शहरों पर हमले और सीधे जिहाद का आह्वान किया। इन धमकियों के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। लश्कर की दिल्ली और आगरा को धमकीलाहौर में आयोजित रैली में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सैयद अब्दुल रहमान नकवी ने भारत की अखंडता को चुनौती देते हुए आगरा में आग लगाने और दिल्ली को हिला देने की धमकी दी। नकवी, जो हाफिज सईद की राजनीतिक मोर्चा ‘पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग’ का कमांडर है, ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की इच्छा पूरी करेंगे। नकवी का हाफिज सईद और उसके बेटे तलहा सईद के साथ करीबी रिश्ता है। जैश कमांडर का वैश्विक संदेशPoK के रावलाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने रैली में पाकिस्तानी युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक दुश्मन को कुचलने के लिए पूरी ताकत और आतंक के साथ तैयार हैं। मसूद कश्मीरी ने अपने भाषण में दिल्ली के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को चेतावनी दी। रैली में जैश के नए आतंकियों के ‘नेक्स्ट-जेनरेशन’ कैडर को भी सार्वजनिक रूप से पेश किया गया। वह पहले बहावलपुर में जैश मुख्यालय पर भारतीय हमलों के प्रभाव को स्वीकार कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने बताया था कि धमाकों ने आतंकवादियों के चिथड़े उड़ा दिए थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्कसीमा पार से संभावित खतरे और भड़काऊ बयानबाजी के मद्देनजर भारतीय खुफिया तंत्र ने LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयानबाजी हताशा का प्रतीक है, लेकिन सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरत रहे हैं।

CJI सूर्यकांत का मध्यप्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा उद्घाटन सत्र में देंगे मार्गदर्शनCJI सूर्यकांत का मध्यप्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा उद्घाटन सत्र में देंगे मार्गदर्शन

भोपाल /देश की न्यायिक प्रणाली को अधिक एकीकृत प्रभावी और जन केंद्रित बनाने की दिशा में आज भोपाल स्थित नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में दो दिवसीय राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। इस अहम सम्मेलन में भारत के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित देश के 25 से अधिक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ न्यायाधीश भाग ले रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका है जब उच्च न्यायपालिका के इतने बड़े स्तर के पदाधिकारी एक साथ भोपाल में एक मंच पर जुट रहे हैं। सम्मेलन की थीम एकीकृत कुशल और जन केंद्रित न्यायपालिका रखी गई है। इस विषय के अंतर्गत न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों न्यायिक प्रक्रिया में सुधार तकनीक के उपयोग और आम नागरिकों तक न्याय की पहुंच को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न उच्च न्यायालयों के अनुभव साझा कर न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए साझा और समन्वित रणनीति विकसित करना है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह मध्यप्रदेश का पहला आधिकारिक दौरा है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में CJI न्यायपालिका की भूमिका संस्थागत समन्वय और समयबद्ध न्याय वितरण प्रणाली पर अपना संबोधन देंगे। उनके विचारों को वर्तमान न्यायिक परिदृश्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में भाग ले रहे विभिन्न हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपने अपने राज्यों में न्यायिक प्रशासन से जुड़े अनुभव सुधारात्मक प्रयास और व्यावहारिक चुनौतियों को साझा करेंगे। विशेष रूप से लंबित मामलों को कम करने वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र ई कोर्ट्स न्यायिक प्रशिक्षण और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह संवाद न्यायपालिका के भीतर सहयोग और समन्वय को नई दिशा देगा। CJI के भोपाल आगमन को देखते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एयरपोर्ट से लेकर नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी तक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सम्मेलन के दौरान CJI की वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात की भी संभावना है। नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में आयोजित यह सम्मेलन केवल न्यायपालिका के आंतरिक सुधारों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका व्यापक प्रभाव आम नागरिकों तक न्याय को सरल पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर भी पड़ेगा। सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों के निष्कर्षों और सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तय किए जाने की संभावना है।

झाबुआ: रामा में जैविक उपज विक्रय हाट बाजार बना आकर्षण का केंद्र

झाबुआ। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास अब सार्थक रुप ग्रहण करते हुए नजर आ रहे हैं। जिले के जनपद मुख्यालय रामा में शुक्रवार को साप्ताहिक जैविक हाट बाजार के आयोजन में आम लोगों की दिलचस्पी इस बात को रेखांकित करती है। आयोजित जैविक उपज हाट बाजार का संचालन अंचल के जैविक, पारंपरिक, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा किया गया था, जिसमें बिना रासायनिक खाद, कीटनाशक रहित उगाए गए दाले, मसाले, फल, सब्जी एवं अनाज को बिक्री हेतु प्रस्तुत किया गया था। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर नेहा मीना द्वारा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषकों को जैविक खेती करने हेतु प्रेरित किया जाता रहा है। परिणामस्वरूप जिले में जैविक खेती की शुरुआत हुई, ओर जब जैविक फसल तैयार हुई तो किसानों को जैविक फसल का अच्छा प्रतिसाद मिले, इस उद्देश्य से जिला कलेक्टर द्वारा जिले के कृषि एवं उद्या निकी जैसे कृषिगत विभागों को जैविक उपज का साप्ताहिक बाजार लगाने के निर्देश दिए गए थे, ओर उन्हीं निर्देशों के पालन में शुक्रवार को रामा में जैविक उपज हाट बाजार लगाया गया। रामा के दशहरा मैदान में पृथक से लगाए गए जैविक उपज हाट बाजार में अंचल के जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों ने अपनी गुणवत्ता और पोषण से युक्त खा‌द्यान सामग्री आमजन को विक्रय के लिए उपलब्ध कराई। साप्ताहिक रूप से पृथक से लगाए गए जैविक उपज बाजार में किसानों द्वारा अपने खेत में उगाई देशी मक्का, अरहर दाल, उड़द दाल, मूंग की जैविक दाले, देशी चावल, कोदो, देशी किस्म की सेम, बैगन, अमरूद, देशी टमाटर, गाजर, मक्का के भुट्टे जैसे उत्पाद सुलभ कराए गए थे। इन जैविक उत्पादों की गुणवत्ता अंचल के आमजनों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। उक्त हाट बाजार में उप संचालक कृषि एन एस रावत ने स्वयं जैविक उपज बाजार में उपस्थित होकर अंचल के किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए किसानों से जैविक उपज खरीदी। रावत ने कहा कि हर आम जागरूक व्यक्ति बिना रासायनिक खाद के उगाए गए खा‌द्यान्न, फल और सब्जी का उपयोग करना चाहता है। जिले में कई किसान, स्वयं सहायता समूह जैविक और प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जियों, फलों तथा कोदो, कॅगनी, रागी जैसे अनाजों की खेती कर रहे हैं। जैविक बाजार के माध्यम से जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपने जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए उचित स्थान प्राप्त होता है। जिससे जैविक खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज का समुचित दाम प्राप्त होने से उनके जैविक खेती करने के मनोयोग को संबल मिलेगा, अन्य कृषक भी जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। किसानों के मध्य जैविक और प्राकृतिक उत्पाद बेचने के लिए भरपूर उत्साह था और उनके द्वारा आमजनता से इस सुविधा का लाभ उठाने का आव्हान भी किया। जैविक बाजार में अपनी उपज विक्रय करने के लिए ग्राम पलासड़ी, साड ओर नवापाड़ा से आए अग्रणी किसानों ने हाट में अपनी उपज विक्रय के लिए प्रस्तुत की, ओर उन्हें अच्छा प्रतिसाद मिला। साप्ताहिक रूप से आयोजित होने वाले जैविक उपज हाट बाजार में कृषि विभाग के सहायक संचालक एस.एस.रावत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ज्वाला सिंगाड़ सहित अन्य ‌विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे, साथ ही बड़ी संख्या में हाट करने आए लोोगों ने जैविक फसलों के हाट बाजार की सराहना की।

मनोज बाजपेयी सहित निर्माता निर्देशक पर कार्रवाई की मांग फिल्म पर तत्काल रोक लगाने का दबाव

उज्जैन : ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर सामने आते ही विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम और कुछ संवादों को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरी नाराजगी है। शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उज्जैन के माधव नगर थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माता निर्देशक एवं अभिनेता मनोज बाजपेयी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि फिल्म के टाइटल घूसखोर पंडत और इसमें प्रयुक्त संवाद ब्राह्मण लंगोट का ढीला होता है समाज की छवि को अपमानित करने वाले हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि पंडितों को घूसखोर बताना पूरे समाज का अपमान है जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फिल्म के संवाद जानबूझकर ब्राह्मण समाज को बदनाम करने के उद्देश्य से डाले गए हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि एक पूरे वर्ग को नीचा दिखाने की कोशिश है। चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो उज्जैन में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि भले ही फिल्म निर्माताओं ने कहीं माफी मांगी हो लेकिन समाज उन्हें माफ करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की मान प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। ऐसी फिल्मों के जरिए समाज को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फिल्म के टाइटल में तुरंत बदलाव किया जाए। फिल्म से विवादित संवाद हटाए जाएं और यदि अन्य आपत्तिजनक दृश्य या बयान हैं तो उन्हें भी हटाया जाए। साथ ही फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई।जानकारी के अनुसार फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं और वह एक पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में उन्हें पंडित नाम से संबोधित किया गया है जिस पर समाज को विशेष आपत्ति है। माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा शिकायत दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।फिल्म को लेकर देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह विवाद अब कानूनी और सामाजिक दोनों मोर्चों पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

दतियाः प्रसिद्ध पीताम्बरा पीठ में खुले में साधना-जप पर पूर्ण रोक

दतिया। मध्य प्रदेश दतिया में स्थित प्रसिध पीताम्बरा पीठ में दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा एवं मंदिर परिसर में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुले में साधना-जप पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। जनसम्पर्क अधिकारी निहारिका मीना ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय मणिपुर धाम नया स्वामी साधना केंद्र पीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर में गत दिवस जिला प्रशासन द्वारा पीठ प्रबंधन के साथ हुई बैठक में लिया गया। पीठ प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि पीताम्बरा पीठ परिसर में खुले में बैठकर साधना या जप करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही पीठ प्रबंधन द्वारा साधकों एवं पंडितों के लिए दो स्थान निर्धारित किए गए है। बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि पीताम्बरा पीठ परिसर स्थित वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर में विभिन्न साधकों द्वारा साधना किए जाने से मंदिर परिसर में भीड़, अव्यवस्था एवं दर्शनार्थियों को असुविधा की स्थिति बनती है। बैठक में लिए गए निर्णय वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की साधना नहीं की जाएगी। खुले में बैठकर साधना/जप पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साधना/जप केवल पीठ प्रबंधन द्वारा निर्धारित स्थानोंकृमणिपुर धाम एवं नया स्वामी साधना केंद्र में ही किया जाएगा। दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा तथा मंदिर परिसर में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना सर्वोपरि रहेगा। उक्त निर्णय/व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू रहेगी।

GUNA ACCIDENT: विजयपुर में सड़क हादसा, 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत

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GUNA ACCIDENT: गुना। जिले के विजयपुर इलाके में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बहन के जन्मदिन की तैयारी के लिए समोसे लेने निकला युवक घर लौटते समय अज्ञात वाहन की टक्कर का शिकार हो गया। बता दें कि इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पिता ने समोसे लेने भेजा था मिली जानकारी के अनुसार संतोष अहिरवार विजयपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत हैं और NFL परिसर में परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार को उनकी बेटी का जन्मदिन था। इसी खुशी के मौके पर उन्होंने अपने बेटे तनिष्क परिहार को समोसे लेने के लिए बाजार भेजा था। सुप्रीम कोर्ट में सरकार के जवाब से पहले विजय शाह का भावुक संदेश कहा सेना और समाज के प्रति कोई दुर्भावना नहीं घर लौटते समय हुआ हादसा तनिष्क शुक्रवार शाम करीब 7 बजे स्कूटी लेकर घर से निकला था। समोसे लेकर वह वापस लौट रहा था। वापस आते समय किसी अज्ञात वाहन ने उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी बुरी तरह टूट गई। सिर में गंभीर चोट, इलाज के दौरान मौत हादसे में तनिष्क के सिर में गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बह गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पहले NFL अस्पताल ले जाया गया। जिसके बात डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए बाहर रेफर कर दिया। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंदौर में टीचर्स के मीम्स बनाने वाले छात्र को स्कूल से निकाले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता: ICSE बोर्ड और MP सरकार से 13 फरवरी तक मांगा जवाब पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा डॉक्टरों के अनुसार सिर में गंभीर चोट और अधिक रक्तस्राव से युवक की मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।