इस CM का राज्य के प्रबुद्धजन ही कर रहे विरोध… Ex IAS, डॉक्टरों और लेखकों ने चीफ जस्टिस से लगाई ये गुहार?

नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) के खिलाफ राज्य के 40 से अधिक रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (Retired IAS officers), डॉक्टरों, शिक्षाविदों, लेखकों, पत्रकारों और अन्य प्रसिद्ध नागरिकों ने खुलकर विरोध जताया है। इन प्रबुद्ध नागरिकों ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के कथित “नफरती भाषण” और एक विशेष समुदाय के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि संवैधानिक उल्लंघनों के प्रति चुप्पी या निष्क्रियता संविधान की नैतिक शक्ति को कमजोर कर सकती है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ( Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने कई सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान दिए हैं जो प्रथम दृष्टया नफरती भाषण, सरकारी धमकी और एक खास समुदाय को बदनाम करने जैसे प्रतीत होते हैं। चिट्ठी में विशेष रूप से मुख्यमंत्री के ‘मियां’ (बांग्ला भाषी मुसलमानों) के खिलाफ दिए गए टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है। इन लोगों ने चीफ जस्टिस से मांग की है कि वह इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें। CM के बयान को संविधान विरोधी बतायापत्र में कहा गया है कि बांग्ला भाषी मुसलमान असम के समाज का हिस्सा बन चुके हैं, और मुख्यमंत्री के बयान अमानवीय, सामूहिक बदनामी और राज्य प्रायोजित उत्पीड़न की धमकियों जैसे हैं। यह टिप्पणी संविधान की भावना के खिलाफ मानी जा रही है। यहाँ यह भी महत्वपूर्ण है कि ‘मियां’ शब्द असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक रूप से इस्तेमाल होता है। गैर-बांग्ला भाषी लोग इन्हें अक्सर बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं, जिससे समुदाय पर सामाजिक और राजनीतिक दबाव बढ़ता है। पत्र पर साइन करने वालों में कौन-कौन?गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वालों में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें विद्वान डॉ. हिरेन गोहेन, असम के पूर्व DGP हरेकृष्ण डेका, गुवाहाटी के पूर्व आर्कबिशप थॉमस मेनमपारामपिल, राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां, रिटायर्ड IAS अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। ज्ञापन में हस्ताक्षर करने वालों ने कहा है कि वे मौलिक अधिकारों के संरक्षक के रूप में गुवाहाटी हाई कोर्ट की संवैधानिक भूमिका में पूर्ण विश्वास रखते हैं और इसी विश्वास के साथ अदालत से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। हाई कोर्ट से क्या मांग की गई?पत्र में हाई कोर्ट से कई महत्वपूर्ण निर्देशों की मांग की गई है, जिनमें शामिल हैं:उचित मामले दर्ज करने के निर्देशप्रभावित समुदाय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायसार्वजनिक पद धारकों के लिए संवैधानिक अनुशासन की पुष्टि धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने का निर्देशविशेष रूप से, यह मांग की गई है कि गुवाहाटी हाई कोर्ट संविधान की मूल संरचना के हिस्से के रूप में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए। यह ज्ञापन असम में बढ़ते सामाजिक तनाव और भाषणों के संभावित प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता का संकेत है, और इससे राज्य में संवैधानिक मूल्यों और साम्प्रदायिक सौहार्द की रक्षा के मुद्दे फिर से सामने आए हैं।
श्रीलंका को लगा जोर का झटका: टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुए तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा

नई दिल्ली । आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल आज यानी 7 फरवरी से बजने जा रहा है लेकिन टूर्नामेंट के पहले ही दिन श्रीलंका क्रिकेट के खेमे से एक निराशाजनक खबर सामने आई है। टीम के उभरते हुए 25 वर्षीय तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा कंधे की गंभीर चोट के कारण इस मेगा इवेंट से बाहर हो गए हैं। मलिंगा का बाहर होना श्रीलंका के लिए एक बड़ा सामरिक नुकसान माना जा रहा है क्योंकि वह टीम के गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी थे। इंग्लैंड सीरीज के दौरान लगी थी चोट रिपोर्ट्स के अनुसार ईशान मलिंगा को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ संपन्न हुई टी20 सीरीज के दौरान कंधे में चोट लगी थी। बोर्ड को उम्मीद थी कि वह समय रहते फिट हो जाएंगे लेकिन मेडिकल टीम के गहन परीक्षण के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है। मलिंगा की गैरमौजूदगी में श्रीलंका की डेथ ओवरों की रणनीति पर गहरा असर पड़ सकता है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके विकल्प की घोषणा की है जिसे आईसीसी की तकनीकी समिति ने भी अपनी हरी झंडी दे दी है। मलिंगा के स्थान पर अब दाएं हाथ के तेज गेंदबाज प्रमोद मदुशन श्रीलंका की जर्सी में नजर आएंगे। 8 फरवरी को पहला मुकाबला श्रीलंका को इस टूर्नामेंट के ग्रुप B में रखा गया है जहाँ उसका सामना ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे जैसी टीमों से होगा। लंकाई टीम अपने अभियान की शुरुआत कल यानी 8 फरवरी को कोलंबो के ऐतिहासिक आर प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयरलैंड के खिलाफ करेगी। घरेलू परिस्थितियों में खेलते हुए टीम पर मलिंगा की कमी को न खलने देने का भारी दबाव होगा। बदली हुई लंकाई टीम पर एक नजर मदुशन के आने से टीम के अनुभव में इजाफा हुआ है। टीम की कमान दासुन शनाका के हाथों में है और उनके पास वानिंदु हसरंगा, महीश थीक्षाना और मथीशा पथिराना जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज मौजूद हैं। हालांकि मलिंगा की सटीक यॉर्कर और गति को रिप्लेस करना कप्तान शनाका के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह है कि ऐन मौके पर हुए इस बदलाव के बावजूद क्या श्रीलंका अपने घर में वर्ल्ड कप का विजयी आगाज कर पाती है या नहीं। अपडेटेड श्रीलंका टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड:दासुन शनाका (कप्तान), पथुम निसांका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस, कामिन्दु मेंडिस, कुसल जेनिथ परेरा, चैरिथ असलांका, जेनिथ लियानागे, पवन रथनायके, वानिंदु हसरंगा, डुनिथ वेललागे, महीश थीक्षाना, दुष्मंथा चमीरा, मथीशा पथिराना, प्रमोद मदुशन।
रिकॉर्ड्स के सुल्तान बने वैभव सूर्यवंशी, फाइनल और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का दोहरा खिताब

नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर जब प्रतिभा और जुनून का संगम होता है तो इतिहास जन्म लेता है और दक्षिण अफ्रीका की धरती पर कुछ ऐसा ही करिश्मा 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कर दिखाया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए वह कर दिखाया जो आज तक इस स्तर पर कोई नहीं कर सका था। वैभव की 175 रनों की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने न केवल इंग्लैंड को 100 रनों से पटखनी दी बल्कि रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। ऐतिहासिक पारी और रिकॉर्ड्स की झड़ी मैच की शुरुआत से ही वैभव के इरादे साफ थे। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की ऐसी बारिश की कि विपक्षी टीम के पास कोई जवाब नहीं था। वैभव ने महज 71 गेंदों में अपना 150 रन पूरा किया जो अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी 175 रनों की पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और 15 दर्शनीय चौके शामिल रहे। यह किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव के इस प्रलयंकारी प्रदर्शन की मदद से भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भावुक पल और समर्पण मैच के बाद जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी में वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कारों से नवाजा गया तो वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। आंखों में खुशी के आंसू लिए वैभव ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय टीम के सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस अहसास को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। पिछले 7-8 महीनों से हम सभी ने जो मेहनत की है यह उसका परिणाम है। हमारे सपोर्ट स्टाफ ने हर मोड़ पर हमारा साथ दिया चाहे बात हमारी फिटनेस की हो या मानसिक मजबूती की। वैभव ने अपना प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत और यह सम्मान उन्हीं के मार्गदर्शन का नतीजा है। मैच का लेखा-जोखा लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम वैभव के प्रहारों के सदमे से उबर नहीं पाई। हालांकि कालेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर उम्मीदें जगाईं लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को 311 रनों पर समेट दिया। वैभव सूर्यवंशी ने न केवल बल्ले से बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने कुल 439 रन बनाए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी झटका। आईपीएल में अपनी छोटी सी झलक दिखाने वाले वैभव अब विश्व क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित दिखाया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि उम्र महज एक संख्या है जब आपके पास प्रतिभा और संकल्प की शक्ति हो।
MP POLICE PHYSICAL TEST: पुलिस आरक्षक भर्ती के फिजिकल टेस्ट शुरू,10 DIG बनेपरीक्षा केंद्र अध्यक्ष

MP POLICE PHYSICAL TEST: ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक (जीडी) के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PPT) का आयोजन 23 फरवरी से 13 मार्च तक किया जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में 10 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। MP WEATHER UPDATE: ग्वालियर में लौट आई कंपकंपाने वाली ठंड, 4 दिन तक राहत के आसार नहीं; जाने मौसम का हाल परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती भोपाल पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार, फिजिकल टेस्ट को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए 10 उप महानिरीक्षक (DIG) को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अपने-अपने केंद्रों पर संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे हर महीने 1500 रुपये मुख्य समिति में तीन वाहिनी के सेनानी शामिल फिजिकल टेस्ट के संचालन के लिए गठित मुख्य समिति में तीन विशेष सशस्त्र बल (SAF) वाहिनी के सेनानियों को सदस्य बनाया गया है। यह समिति परीक्षा की समग्र व्यवस्था, अनुशासन और नियमों के पालन की जिम्मेदारी निभाएगी। परीक्षा केंद्रों के प्रभारी भी किए गए नियुक्त इसके अलावा, परीक्षा संचालन को और मजबूत करने के लिए 09 सेनानियों और एक पुलिस उप महानिरीक्षक को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी मैदान स्तर पर फिजिकल टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन और अभ्यर्थियों की उपस्थिति की जिम्मेदारी संभालेंगे। ICC T20 World Cup 2026: टीम इंडिया का पहला मुकाबला अमेरिका से कल, देखें पूरा शेड्यूल किन टेस्ट से गुजरना होगा अभ्यर्थियों को? शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ लंबी कूद गोला फेंक में निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदर्शन करना होगा। फिजिकल टेस्ट प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शुरू होगा। इन 10 स्थानों पर होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा भोपाल: लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद इंदौर: माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD), RAPTC जबलपुर: परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी SAF, रांझी ग्वालियर: परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी SAF, कम्पू उज्जैन: महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड सागर: शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, बहेरिया रीवा: परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी SAF बालाघाट: फुटबॉल–हॉकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी SAF रतलाम: भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुरैना: परेड ग्राउंड, 5वीं वाहिनी SAF आधार और दस्तावेज अनिवार्य फिजिकल टेस्ट के दिन आधार और e-KYC सत्यापन अनिवार्य रहेगा। उम्मीदवारों को अपना आधार कार्ड, सभी मूल दस्तावेज और उनकी स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां साथ लानी होंगी। अधूरे दस्तावेज होने पर परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।
MP WEATHER UPDATE: ग्वालियर में लौट आई कंपकंपाने वाली ठंड, 4 दिन तक राहत के आसार नहीं; जाने मौसम का हाल

MP WEATHER UPDATE: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आगामी चार दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में शीतलहर का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। बता दें की ग्वालियर में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। Harshit Rana injury: T20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को झटका, हर्षित राणा हुए बाहर, जानें वजह मौसम क्यों बदल रहा है? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हाल ही में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब कमजोर हो गया है। इसके चलते मौसम साफ हुआ और उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं ने तापमान और गिरा दिया। यही कारण है कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। ICC T20 World Cup 2026: टीम इंडिया का पहला मुकाबला अमेरिका से कल, देखें पूरा शेड्यूल देशभर में ठंड का हाल राष्ट्रीय स्तर पर भी ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में ठंड से सतर्क रहने की सलाह दी है। इन शहरों में दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान (°C) कटनी (करौंदी): 5.6°C शहडोल / खजुराहो: 6.6°C रीवा: 7.0°C राजगढ़ / उमरिया: 8.0°C शाजापुर: 8.1°C नौगांव / पचमढ़ी: 8.6°C सतना: 9.2°C दमोह: 9.5°C मंडला / सीधी: 9.8°C ग्वालियर: 10°C से नीचे आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होगा। जिसके चलते 8 और 9 फरवरी को ग्वालियर सहित कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है। साथ ही 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
यात्रा से पहले दिखने वाले संकेत:भारतीय लोकमान्यताओं में शुभ और अशुभ संकेतों का इतिहास

नई दिल्ली।भारत में यात्रा को केवल एक जगह से दूसरी जगह जाने तक सीमित नहीं माना गया बल्कि इसे निर्णय जोखिम और परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया समझा गया है। यही वजह है कि परंपरागत समाज में यात्रा के समय आसपास घटने वाली घटनाओं और दृश्य संकेतों को विशेष महत्व दिया गया। समय के साथ इन संकेतों को शुभ और अशुभ में वर्गीकृत किया गया जो आज भी जनमानस में प्रचलित हैं। समाजशास्त्रियों के अनुसार जब वैज्ञानिक जानकारी और पूर्वानुमान के साधन सीमित थे तब मनुष्य अपने अनुभवों के आधार पर प्रकृति और जीव-जंतुओं के व्यवहार को समझने की कोशिश करता था। यात्रा के दौरान बार-बार घटने वाली घटनाओं से लोगों ने निष्कर्ष निकाले और इन्हें संकेतों का रूप दिया। यही प्रक्रिया आगे चलकर शकुन परंपरा के रूप में स्थापित हुई। लोक मान्यताओं में कुछ पशु और पक्षियों को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया। यात्रा के समय मोर नीलगाय या नेवले का दिखना कई क्षेत्रों में शुभ संकेत माना जाता रहा। ग्रामीण समाज में आज भी इन दृश्यों को यात्रा की सफलता और कार्य में लाभ से जोड़ा जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे विश्वास व्यक्ति को मानसिक रूप से निश्चिंत करते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। कुछ संकेत सीधे मानव जीवन और सामाजिक मूल्यों से जुड़े हैं। जैसे घर से निकलते समय किसी शांत व्यक्ति गाय या जल से भरे पात्र का दिखना संतुलन स्थिरता और समृद्धि का संकेत माना गया। इतिहासकार बताते हैं कि ये प्रतीक उस समय के सामाजिक और धार्मिक मूल्यों को दर्शाते हैं जब शुद्धता और संतुलन को जीवन का आधार माना गया। भारतीय लोक परंपरा में पक्षियों की आवाज़ और दिशा पर भी ध्यान दिया जाता रहा। शांत स्वर में बोलती चिड़िया या स्थिर बैठे पक्षी को लाभकारी माना गया जबकि अचानक घबराहट में उड़ते पक्षियों को सतर्कता का संकेत माना गया। यह पर्यावरणीय बदलावों को समझने की मानवीय कोशिश भी हो सकती है।कुछ मान्यताओं में यह देखा गया कि संकेत किस दिशा से दिखाई दे रहे हैं। दाईं ओर दिखने वाली गतिविधियों को कई क्षेत्रों में सकारात्मक माना गया। ये विश्वास क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार विकसित हुए हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसे संकेत व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर असर डालते हैं। सकारात्मक संकेत आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और बेहतर निर्णय में मदद करते हैं जबकि नकारात्मक संकेत सतर्कता और जोखिम कम करने में सहायक साबित होते हैं।आधुनिक समय में शहरों और तकनीकी समाज में इन संकेतों को अब व्यक्तिगत आस्था के रूप में देखा जाता है। हालांकि ये पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन्हें अंधविश्वास न मानकर सांस्कृतिक विरासत और व्यवहारिक मनोविज्ञान के संदर्भ में समझना चाहिए।