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भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है। डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है। अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे

ग्वालियर /मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक शर्मनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई है। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला और उसकी नाबालिग बहन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह मामला घरेलू विश्वास और नजदीकी रिश्तों के दुरुपयोग का उदाहरण है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के मुख्य आरोपी महिला का मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसका साथी अमन खान है। आरोप है कि दोनों ने शादीशुदा महिला के पति के अहमदाबाद में काम करने का फायदा उठाया। देर रात बहानों के सहारे आरोपी बहनों के घर रुके और शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया। सिर्फ यहीं नहीं, आरोपी हाथ साफ करते हुए 40 हजार रुपये नगद और चांदी की पायल भी लूटकर फरार हो गए। पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बिजौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (आईपीसी 376) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की खोज में लगी हुई है और जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए देर रात को घर में रुके, ताकि किसी की नजर न पड़े और बहाने बनाकर पीड़िताओं को बहकाया जा सके। यह मामला न केवल समाज में सुरक्षा की चिंता को उजागर करता है, बल्कि घरेलू और पारिवारिक विश्वास की हिफाजत की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। सामाजिक और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है, बल्कि पीड़िताओं को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करना भी बेहद आवश्यक है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी ने आरोपियों के बारे में कोई जानकारी है, तो तुरंत थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। जांच पूरी होने तक पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यह घटना न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लोगों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सुरक्षित वातावरण के महत्व को याद दिलाती है।

8 फरवरी महाकाल भस्म आरती: चंदन के त्रिपुंड और त्रिनेत्र से सजे बाबा महाकाल, अलौकिक श्रृंगार के हुए दर्शन

उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के 8 फरवरी को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके साथ ही श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कपाट खुलते ही गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारियों ने भगवान महाकाल सहित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और जलाभिषेक से आरती की शुरुआत हुई । इसके पश्चात भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का अत्यंत मनोहारी और दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को चंदन का त्रिपुंड लगाया गया, त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया और भांग से राजा स्वरूप में सजाया गया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावविभोर कर देने वाला रहा। भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई, जो महाकाल की विशिष्ट पहचान और शिव तत्व का प्रतीक मानी जाती है। भस्म अर्पण के पश्चात भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और फूलों से बाबा महाकाल का भव्य अलंकरण किया गया, जिससे गर्भगृह दिव्यता से आलोकित हो उठा। अल सुबह संपन्न हुई इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। भक्तों की आस्था और भक्ति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर हर मनोकामना पूर्ण होने की आशा जाग उठती है। जो श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंच सके, वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी भस्म आरती के दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

आज फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष सप्तमी, स्वाति और विशाखा नक्षत्र का संयोग

नई दिल्ली। 08 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है। आज रविवार का दिन है और सप्तमी तिथि पर स्वाति नक्षत्र और विशाखा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM अमृत काल: 07:17 PM – 09:03 PM ब्रह्म मुहूर्त: 05:30 AM – 06:18 AM अशुभ मुहूर्त:राहू काल: 04:51 PM – 06:14 PM यम गण्ड: 12:41 PM – 02:04 PM कुलिक: 03:27 PM – 04:51 PM दुर्मुहूर्त: 04:45 PM – 05:30 PM वर्ज्यम्: 08:40 AM – 10:26 AM सूर्य और चंद्रमा का समय: सूर्योदय: 07:07 AM सूर्यास्त: 06:14 PM चन्द्रोदय: Feb 09, 12:18 AM चन्द्रास्त: Feb 09, 11:23 AM विशेष जानकारी:आज स्वाति और विशाखा नक्षत्र के संयोग के कारण नये कार्य, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय के लिए शुभ समय माना जाता है। अभिजीत और अमृत मुहूर्त में किए गए कार्य लाभकारी रहेंगे। वहीं, राहू काल और दुर्मुहूर्त में किए गए कार्य से बचना चाहिए क्योंकि ये अशुभ परिणाम दे सकते हैं। सूर्य और चंद्रमा के समय के अनुसार पूजा, उपासना और ध्यान के लिए भी सही समय का चुनाव किया जा सकता है। रविवार होने के कारण सूर्य देव की आराधना करने से स्वास्थ्य, ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

सूर्यकुमार यादव के कॉल ने मोहम्मद सिराज की टी20 वर्ल्ड कप की कहानी बदल दी

नई दिल्ली। मोहम्मद सिराज की 15 फरवरी की योजना बिल्कुल साधारण थी, रियल मैड्रिड का मैच देखना और घर पर परिवार के साथ समय बिताना। लेकिन अचानक कप्तान सूर्यकुमार यादव का फोन आया और उनकी पूरी किस्मत बदल गई। टी20 वर्ल्ड कप में पहले हर्षित राणा चोटिल हो गए, और सिराज को उनकी जगह टीम में बुलाया गया। यूएसए के खिलाफ पहले मैच में सिराज ने चार ओवर में 3 विकेट लेकर केवल 29 रन दिए। जसप्रीत बुमराह के बीमार होने के कारण सिराज सीधे प्लेइंग XI में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार टी20 2024 में खेला था। मोहम्मद सिराज ने मैच के बाद कहा, मेरा प्लान था कि 15 तारीख को रियल मैड्रिड का मैच देखूं और रमजान की तैयारी करूं। लेकिन भगवान ने मेरी किस्मत बदल दी। मैच से दो दिन पहले सूर्या भाई का कॉल आया—उन्होंने कहा, ‘मिया, तैयार हो जाओ…बैग पैक करो और आ जाओ।’ मैंने कहा, ‘मजाक मत करो’, लेकिन उन्होंने बताया कि वह सच कह रहे हैं। यह मेरे लिए चौंकाने वाला और अविश्वसनीय पल था। सिराज ने आगे बताया कि टीम के साथ प्लेन में बैठना “एक सपने जैसा” था क्योंकि उन्हें लगा था कि पिछले एक साल में उन्हें इस फॉर्मेट में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। यूएसए के खिलाफ अपने प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा, मैंने उसी लाइन और लेंथ पर बॉलिंग की जो रणजी ट्रॉफी में कर रहा था। नई गेंद पर टिके रहना और विकेट टू विकेट बॉलिंग करना मेरा प्लान था। उसी रणनीति के जरिए मुझे टीम के लिए महत्वपूर्ण विकेट मिले।सिराज की यह कहानी बताती है कि कैसे अचानक मिलने वाले मौके और सही तैयारी मिलकर खिलाड़ी की किस्मत बदल सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शहडोल दौरा: 767 करोड़ की सौगात, माता शबरी प्रतिमा का अनावरण और विकास कार्यों की ऐतिहासिक शुरुआत

नई दिल्ली । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले को विकास की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। अपने व्यस्त दौरे के तहत मुख्यमंत्री जहां एक ओर आस्था और संस्कृति से जुड़े ऐतिहासिक स्थल सीतामढ़ी धाम में माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे वहीं दूसरी ओर शहडोल जिले के लिए 767 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले और पूर्ण हो चुके कुल 142 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। यह दौरा जिले के सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिन सुबह 10:30 बजे कटनी जिले से शुरू होगा जहां वे दोपहर 12:10 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 1:35 बजे हेलीकॉप्टर से शहडोल जिले के धनपुरी जैतपुर पहुंचेंगे। यहां वे सड़क पुल शिक्षा स्वास्थ्य जल संरक्षण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 142 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। ये परियोजनाएं शहडोल जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएंगी। धनपुरी में मुख्यमंत्री नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वाटर पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। यह वाटर पार्क न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्मियों में राहत और मनोरंजन का साधन बनेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति देगा। इसके साथ ही साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के 15 हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। दोपहर करीब 3:20 बजे मुख्यमंत्री गंधिया गांव ब्यौहारी जयसिंहनगर विकासखंड स्थित पवित्र सीतामढ़ी धाम पहुंचेंगे। यह स्थल रामायण काल से जुड़ा हुआ है और भगवान राम के वनवास मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है जहां माता शबरी ने अपनी अनन्य भक्ति से प्रभु श्रीराम को फल अर्पित किए थे। यहां माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। यह प्रतिमा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का नया केंद्र बनेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। सीतामढ़ी धाम में भी विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन प्रस्तावित है। इधर राजधानी भोपाल में आज मध्य प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक समीक्षा बैठक भी आयोजित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भोपाल संभाग से इस समीक्षा की शुरुआत की जा रही है जिसमें संगठन की मजबूती जमीनी फीडबैक और भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन होगा। प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में हो रही ये बैठकें पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम करीब 6 बजे गंधिया से स्टेट हैंगर भोपाल के लिए रवाना होंगे। कुल मिलाकर आज का दिन शहडोल जिले के लिए विकास आस्था और रोजगार के नए अवसरों का संदेश लेकर आ रहा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: दवाइयां, डायमंड्स, मसाले पर 0% टैरिफ, किसानों और डेयरी को पूरी सुरक्षा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विस्तार से जानकारी दी कि किन उत्पादों पर अमेरिका ने 0% टैरिफ लागू किया है। वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने किसी भी कृषि और डेयरी उत्पादों पर कोई छूट नहीं दी है, ताकि किसानों और घरेलू उत्पादन की सुरक्षा बनी रहे। गोयल ने बताया कि अमेरिका ने भारत के लिए जिन वस्तुओं पर 0% टैरिफ लागू किया है, उनमें शामिल हैं:जेम्स और डायमंड्स, सोने-चांदी की आभूषण सामग्रीदवाइयां, फार्मा प्रोडक्ट्स, स्मार्टफोनमसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, केस्यू नट्सकेला, आम, चीनी, पाइनएपल, मशरूम, सब्जियों के रूट्सएयरक्राफ्ट और मशीनरी पार्ट्स, एल्यूमिनियम और जिंक ऑक्साइड, मिनरल्स, नेचुरल रबरप्रोसेस्ड फल जैसे अमरूद का जेम्स उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत ने मीट, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्‍का, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, अमरनाथ फल, ग्रीन टी, कोका, चना, एनीमल सीड्स, नॉन-एल्कोहलिक उत्पाद, इथेनॉल और तंबाकू जैसी कृषि और डेयरी वस्तुओं पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी। पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते से अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है। अमेरिकी टैरिफ अब भारत के लिए पड़ोसी देशों की तुलना में बहुत कम है—जैसे चीन पर 35%, वियतनाम 20%, और इंडोनेशिया 19% टैरिफ है, जबकि अमेरिका ने इसे भारत के लिए 18% कर दिया है। गोयल ने कहा कि आज का दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फरवरी 2025 से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का व्यापार हासिल करना था। इस समझौते से देश के निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और अमेरिका भारत के लिए सबसे पसंदीदा निर्यात राष्ट्र बन जाएगा।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में रूस का तेल नहीं बनेगा बाधा, सरकार ने दिया ये स्‍पष्‍ट जवाब

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर रूस से तेल खरीद का मुद्दा चर्चा में है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या रूस से तेल की खरीद भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कोई पेच खड़ा कर सकती है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात और बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की रणनीति का अहम हिस्सा है। मंत्रालय ने किसी भी तरह का सीधे-सीधे “हां” या “ना” वाला जवाब देने से परहेज़ किया। वाणिज्य मंत्रालय भी इस मामले में सवालों को विदेश मंत्रालय के पाले में डाल देता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि इस विषय में जवाब विदेश मंत्रालय देगा। उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का ब्योरा देते हुए बताया कि इसमें घरेलू उत्पादकों और कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपजों को पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसमें मीट, पोल्ट्री, सोयामील, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी और मिलेट्स जैसी वस्तुएं शामिल हैं, ताकि किसानों और घरेलू उत्पादन पर कोई असर न पड़े। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क हटा दिया है, जो रूस से कच्चे तेल की खरीद पर लगाया गया था। अमेरिका ने यह कदम भारत के प्रयासों और अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग विस्तार के फैसले के बाद उठाया। अमेरिका का कहना है कि भारत ने रूस से तेल के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात को बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और वह अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद करेगा।विदेश मंत्रालय ने बार-बार दोहराया कि भारत के सभी कदम ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं और आगे भी इसी उद्देश्य के तहत रणनीति बनाई जाएगी।

किसानों के हित सर्वोपरि, ट्रेड डील से भारतीय कृषि उत्पादों को कोई नुकसान नहीं : शिवराज सिंह

भोपाल। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह डील पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत की नीति समझौते की है, समझौते में झुकने की नहीं। इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। किसानों के हित सर्वोपरि हैं, उन पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को अपने भोपाल स्थित आवास पर भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हुए यह ट्रेड डील की गई है। डिप्लोमेसी मतलब राष्ट्र प्रथम, डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में भारतीय कदम बढ़ाने लिए ट्रेड डील बड़ा आधार है। भारतीय कृषि और किसान की सारी चिंताओं का समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह डील हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसान को सर्वोपरि रखा गया है। यूपीए की सरकार में भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी और अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। हमारे वो सारे कृषि उत्पाद, जो हमारे किसानों की मूल ताकत है, उन सबको इस समझौते से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयाँ और गति देने वाली है। यह समझौता केवल व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का एक उत्तम उदाहरण है। यह ट्रेड डील हमारे किसानों को न केवल पूरी तरह से सुरक्षित रखती है, बल्कि हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है। चौहान ने कहा कि अगर कृषि और कृषि उत्पादों को देखें, तो भारतीय किसानों को नुकसान हो, ऐसा कोई भी उत्पाद सम्मिलित नहीं किया गया है। सभी ऐसी वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूँ, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल, तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ में छूट नहीं दी गई है। सबसे ज्यादा चिंता इसी बात की थी कि हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए, वो सब के सब सुरक्षित रखे गए हैं। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल, हमारे डेयरी उत्पाद उनके लिए कोई द्वार अमेरिका के लिए नहीं खोला गया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं दी गई है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कृषि क्षेत्र में कई उत्पादों पर जो टैरिफ था, उसे अमेरिका ने 50 परसेंट से घटाकर शून्य किया है। इनमें मसाले प्रमुख हैं, हमारे मसालों का बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। इसके अलावा चाय, कॉफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति मोम, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम तथा जौ जैसे कुछ अनाज भी इसमें सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि डब्बा बंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगे। वर्ष 2024-25 में 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने के साथ भारत ने वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है और हमारे मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब हमारे मसालों को भी नया बाजार मिलेगा। भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादन को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि बाजार में अगर ऐसा कोई उत्पाद आता है तो उनको टैरिफ में जाना पड़ेगा। समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष कर युवाओं के सपनों को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। 18% टेक्सटाइल के निर्यात को एक नई गति और दिशा मिलेगी और टेक्सटाइल के निर्यात का मतलब है किसानों को भी फायदा। विशेष कर कपास उत्पादक किसान टेक्सटाइल, गेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंटस इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई को ढेर सारे बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री इस दौरान ट्रेड डील पर सवाल खड़े करने वाले लोगों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बाद विपक्ष वेंटिलेटर पर चला गया है। विपक्ष को आशंका थी कि डील के बाद शोर शराबा करने का मौका मिलेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते वे वेंटिलेटर पर हैं।

कुबेरेश्वरधाम पर आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय का आज होगा श्रीगणेश

सीहोर। देश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केन्द्र के बाद अब सर्व सुविधायुक्त प्राथमिक चिकित्सालय की सुविधा आज रविवार से आरंभ होने जा रही है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अपने पिताश्री पंडित स्वर्गीय रामेश्वर दयाल मिश्रा की स्मृति में धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं और आस-पास के ग्रामीणों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ मिले, इस उद्देश्य से परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सालय का शुरुआत करने जा रहे हैं। आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू सुविधा के शुरू होने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुविधा धाम पर आने वालों के अलावा आस-पास के ग्रामीणों को मिलेगी। इसका शुभारंभ रविवार को दोपहर साढ़े बारह बजे मंत्री विश्वास सारंग के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुओं के द्वारा किया जाएगा। सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि हर रोज हजारों की संख्या में कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। इसको आने वाले समय में बड़े रूप में चिकित्सालय को विकसित किया जाएगा। जिससे जहां क्षेत्रवासियों को धाम में ही और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी, इससे उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। यहां सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके केन्द्र में बीपी, शुगर सहित अन्य की जांच भी मौके पर हो जाएगी। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू, जनरल ओपीडी के अलावा अन्य सुविधा दी जाएगी। वहीं समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। कुबेरेश्वर धाम पर चिकित्सा सुविधाओं में रहेंगी ये सुविधाएं निशुल्क जांच व दवा: प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में रक्तचाप, मधुमेह और अन्य आवश्यक जांच नि:शुल्क होगी। सुविधाएं: केंद्र में बेड की व्यवस्था के साथ ही अनुभवी नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। एम्बुलेंस सेवा: आपातकालीन स्थिति के लिए धाम पर 24/7 एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी।