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How To Get Glowing skin: चेहरे पर चाहिए नेचुरल चमक? ये 2 चीज लगाने से स्किन होगी रेशम जैसी मुलायम

नई दिल्ली।सर्दियों त्वचा के लिए यह किसी परीक्षा से कम नहीं होता. ठंडी और शुष्क हवाएं स्किन की नमी को धीरे-धीरे सोख लेती हैं, जिससे चेहरे का कुदरती निखार कहीं खो जाता है. अक्सर इस मौसम में चेहरा काला, बेजान और पपड़ीदार दिखने लगता है. जब हवा में नमी की कमी होती है तो हमारी त्वचा के प्राकृतिक तेल सूखने लगते हैं जिससे बारीक रेखाएं और झुर्रियां उभरने लगती हैं. महिलाएं अक्सर इस रूखेपन को छिपाने के लिए ढेर सारा मेकअप या केमिकल वाली क्रीम लगाती हैं. ऐसे में हम यहां आपको बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय रसोई में मौजूद केला और मलाई का कॉम्बो वाले पैक की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. केला विटामिन और पोटैशियम से भरपूर होता है जो त्वचा को पोषण देता है, वहीं मलाई एक नेचुरल मॉइस्चराइजर का काम करती है जो चेहरे पर कुदरती चमक और गुलाबी निखार लाती है. केले और मलाई का फेस पैक कैसे बनाएं?बनाने का तरीका: एक पका हुआ आधा केला लें और उसे अच्छी तरह मैश (मसल) लें. अब इसमें एक बड़ा चम्मच ताजी दूध की मलाई मिलाएं. अगर आपकी स्किन ज्यादा ड्राई है, तो इसमें आधा चम्मच शहद भी डाल सकते हैं. लगाने का तरीका: इस स्मूथ पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगाएं. इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें जब तक यह हल्का सूख न जाए. साफ करने का तरीका: चेहरे को गुनगुने पानी से हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. टॉवल से चेहरा पोंछने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपकी त्वचा रेशम जैसी मुलायम और चमकदार हो गई है.

हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है : संघ प्रमुख डॉ भागवत

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को मुंबई में कहा कि हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है। भाषा, भूषा, खान-पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं। संघ प्रमुख डॉ. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित “नए क्षितिज” कार्यक्रम के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भाषा, भूषा, खान पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं, ऐसा कहने से आपको कुछ भी छोडऩा नहीं होगा और न ही आपकी पहचान संकट नहीं पैदा होगा। इसके लिए संवाद की आवश्यकता होती है। हिन्दू-मुस्लिम एक हैं, यह नारा ही गलत है। हम एक ही थे। वह भूल गए उसे याद दिलाने की आवश्यकता है। एक कालखंड में उन्होंने पूजा-पद्धति बदली, अब उसे छोड़ नहीं सकते। लेकिन अपना मूल याद कर अपनी संस्कृति के आधार पर जुड़ तो सकते हैं। संघ की शाखा में आकर एक घंटे शरीर मन बुद्धि से व्यायाम करना और शेष 23 घंटे अपनी सुविधा और सामथ्र्य के अनुसार अपने समाज के लिए कार्य करना ,यह भी एक मार्ग है। भारत अपने स्वत्व के आधार पर सब प्रकार से खड़ा हो, इसके लिए आप कुछ भी कर रहे हैं तो एक प्रकारसे आप संघ का ही कार्य कर रहे हैं। संघ के बारे में संघ को देखकर मन और मत बनाइये, यही मेरा आग्रह है। सही स्रोत से संघ को समझिए। संघ की शाखा, संघ के कार्यक्रम, संघ स्वयंसेवकों के आचरण और उनके घर से आपको संघ समझ में आएगा। तथ्यों के आधार पर यदि आप हमारा विरोध करेंगे तो भी हम आपका स्वागत करेंगे। सर संघचालक ने कहा कि ग्राम विकास, गोसेवा आदि सर्वमान्य कार्यों से व्यवस्था परिवर्तन भले न हो पर इससे समाज में परिवर्तन आता है। समाज की सज्जन शक्ति को अच्छी तरीके से सक्रिय होने की आवश्यकता है और सभी एक दूसरे के पूरक हों। समाज की सज्जन शक्ति की सक्रियता और उनके बीच समन्वय के लिए ही पंच परिवर्तन का अभियान है। सामाजिक समरसता अर्थात अपने समाज के बीच बिना किसी भेदभाव के अपने संचार के क्षेत्र में सम्पूर्ण हिन्दू समाज के सभी वर्गों में अपने एक मित्र होने चाहिए। इसके लिए अलग से कुछ खर्च नहीं लगता और अलग से अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता। अपने घर के निकट चर्मकार का कार्य करने वाला या आपका माली ही हो, उसके साथ अपने कुटुम्ब के सदस्यों के समान व्यवहार करना, इससे अपने आप संदेश जाएगा। बच्चों के भीतर परिवार के संस्कार, यह 12 वर्ष की आयु तक दिए जाते हैं तो यह जीवन भर प्रभावी होते हैं। वर्तमान समय में परिवार के सभी सदस्य मोबाइल में अधिक समय बिताते हैं। आवश्यकता है कि सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ सामूहिक चर्चा करना, साथ ही भोजन करना। सभी को प्रामाणिकता और निस्वार्थ बुद्धि से अपने समाज की सेवा करना और उसकी चर्चा परिवार में करना, इसे मंगल संवाद कहते हैं। ऐसा करने से परिवार और समाज में बहुत सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। अपने घर की चारदीवारी के बीच भाषा, भूषा, भजन, हवन, भोजन, भ्रमण अपना ही होना चाहिए। अपनी भाषा में हस्ताक्षर से ही शुरू करें। उसके लिए किसी दूसरी या विदेशी भाषा की आवश्यकता क्या है। पंच परिवर्तन की बात स्वयंसेवकों ने अपने घरों में शुरू कर दी है। यह एक दिन में नहीं होगा लेकिन यह एक दिन अवश्य होगा। हम सम्पूर्ण समाज को भी पंच परिवर्तन के विभिन्न आयामों को अपनाने का आग्रह करते हैं।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 71 लाख के इनामी 7 नक्सली ढेर

मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) के गढ़चिरौली जिले (Gadchiroli district) में पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 71 लाख रुपये के इनामी 07 नक्सलियों मार गिराया है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल (Superintendent of Police Neelotpal) ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने शनिवार को गढ़चिरौली में पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में सिर्फ सात नक्सली बचे हैं, 31 मार्च तक जिले से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन और तीन रात तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस के जवानों ने बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया। हालांकि इसमें दीपक मडावी नाम का एक जवान बलिदान हो गया, जबकि एक जवान घायल हो गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस के जवान इस मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मारने में कामयाब रहे और इन सभी की पहचान हो गई है। इसमें दो बड़े कैडर शामिल हैं, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और कंपनी नंबर 10 का कमांडर प्रभाकर और कंपनी नंबर 5 का कमांडर पगु मोड्यम। इन सभी पर 200 मामले दर्ज हैं और महाराष्ट्र सरकार ने कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रभाकर से अब तक दस बार आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी। लेकिन जब से उसने कोई जवाब नहीं दिया, तब पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब गढ़चिरौली जिले में केवल 7 हथियारबंद नक्सली बचे हैं, जिनमें गढ़चिरौली जिले के दो और छत्तीसगढ़ के 5 कैडर शामिल हैं। उन्हें पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए ,वर्ना उन्हें 31 मार्च तक खत्म कर दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नक्सलियों ने मुठभेड़ में लगभग 1,000 राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस को 5,000 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में और भी नक्सली मारे गए होंगे। आने वाले दिनों में इसकी जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में प्रभाकर उर्फ रवि उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी उर्फ लोकेटी चंद्रराव (57) तेलंगाना राज्य के कामारेड्डी जिले के इसरोजीवाड़ा का रहने वाला था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, वेस्ट सबजोनल ब्यूरो और कंपनी नंबर 10 का इंचार्ज था। उसके खिलाफ 113 केस दर्ज थे और महाराष्ट्र सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पगु मोड्यम (30) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के डल्ला का रहने वाला था। वह सीवाईपीसी और कंपनी नंबर 5 का कमांडर था। उस पर 16 लाख रुपये का इनाम था। अनिला उर्फ बुदरी कोवाची (24) छत्तीसगढ़ के सुकमा की रहने वाली थी। वह प्रभाकर की बॉडीगार्ड थी। उसके खिलाफ 12 केस दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कामेश पाडा (35) छत्तीसगढ़ के दरबा का रहने वाला था। वह मैड एरिया स्पेशल प्लाटून का कमांडर था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम था। भजनथ उर्फ भीमा होली (40) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के टेकलगुडेम का रहने वाला था। भजनथ, जो परलकोट दलम का एसीएम है, उस पर 6 लाख रुपये का इनाम था। मंगली कुरसम पश्चिम बस्तर का रहने वाला था। कंपनी नंबर 10 के सदस्य मंगली पर 4 लाख रुपये का इनाम था। जोगी सोडी-मडावी (27) बीजापुर जिले के बुडगीचेरू का रहने वाला था। कंपनी नंबर 5 के सदस्य जोगी पर 6 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस उप महानिरीक्षक अंकित गोयल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस के उप महानिरीक्षक अजय कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोकुल राज जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

एसबीआई का मुनाफा तीसरी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये

नई दिल्‍ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) (State Bank of India (SBI) ने चालू वित्‍त वर्ष 2025-26 (Current Financial Year 2025-26) की दिसंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। एसबीआई ने शनिवार को कहा कि 31 दिसंबर को समाप्‍त अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका मुनाफा 13.06 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये रहा। बैंक को पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 18,853 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। एसबीआई ने बयान में बताया कि वित्‍त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ने 21,137 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। एकल आधार पर अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 24.48 फीसदी बढ़कर 21,028 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में यह 16,891 करोड़ रुपये रहा था। देश के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर कुल आय बढ़कर 1,40,915 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 1,28,467 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का कुल खर्च 1,04,917 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,08,052 करोड़ रुपये हो गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) का अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक बेहतर होकर 1.57 फीसदी रहा, जो सितंबर 2025 में 1.73 फीसदी था। वहीं, बैंक का कुल प्रावधान 4,507 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में 911 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक 14.04 फीसदी रहा।

T20 World Cup : सूर्यकुमार की तूफानी पारी से भारत की दमदार शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया

मुंबई। टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करते हुए अमेरिका (America) को 29 रन से पराजित किया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया (Team India) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रन बनाए, जिसके जवाब में अमेरिकी टीम 20 ओवर में 132 रन ही जुटा सकी। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनने वाली अमेरिकी टीम ने शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत को शुरुआती झटके लगे—अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे खाता खोले बिना लौटे। ईशान किशन (20) और तिलक वर्मा (25) ने कुछ योगदान दिया, लेकिन पारी की असली धुरी कप्तान सूर्यकुमार यादव रहे। सूर्यकुमार ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 84 रन बनाए। 49 गेंदों की उनकी पारी में सधी हुई आक्रामकता दिखी, जिसने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी ने मध्यक्रम को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति दी। अमेरिका की ओर से शेडली वैन शाल्कविक ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने एक ही ओवर में ईशान, तिलक और दुबे को आउट कर मैच का रुख पलटने की कोशिश की। हरमीत सिंह को भी दो विकेट मिले। लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की शुरुआत ठीक रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद सिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे—उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। गौरतलब है कि सिराज को चोटिल हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की, जबकि वरुण चक्रवर्ती को एक सफलता मिली। हार्दिक पांड्या महंगे जरूर साबित हुए, लेकिन टीम की जीत पर असर नहीं पड़ा। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में मजबूत आगाज किया है, जबकि इससे पहले पाकिस्तान और वेस्टइंडीज भी अपने शुरुआती मुकाबले जीत चुके हैं। भारत की नजर अब इस लय को आगे के मैचों में बरकरार रखने पर होगी।

क्रिकेट के तेज विस्तार पर चर्चा: वानखेड़े में आईसीसी चेयरमैन जय शाह से मिले अमेरिका के राजदूत

मुंबई। टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) के दौरान मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में भारत बनाम अमेरिका (India vs America) मुकाबले के बीच अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर (Ambassador Sergio Gore) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच अमेरिका में क्रिकेट के तेजी से बढ़ते दायरे और संभावनाओं पर चर्चा हुई। राजदूत गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि मुलाकात सकारात्मक रही और अमेरिका में क्रिकेट के “एक्सपोनेंशियल ग्रोथ” पर बातचीत हुई। उन्होंने अमेरिका में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरती प्रतिभाओं और बढ़ते फैन बेस का भी जिक्र किया। इसी मैच के दौरान गोर ने उद्योगपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी से भी मुलाकात की और इसे सुखद बताया। मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन की अहम पारी खेलकर टीम को 161/9 तक पहुंचाया। जवाब में अमेरिकी टीम 20 ओवर में 132/9 रन ही बना सकी। गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट हासिल किए। सिराज को अंतिम समय पर टीम में शामिल किया गया था, क्योंकि ऑलराउंडर हर्षित राणा चोट के कारण बाहर हो गए थे। वहीं तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बीमारी के चलते यह मैच नहीं खेल सके। डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरी भारतीय टीम पर इस बार भी खिताब बचाने का दबाव है। हालांकि पहले मैच में जीत से टीम ने सकारात्मक शुरुआत की है। अमेरिका में क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और आईसीसी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय संवाद यह संकेत देते हैं कि खेल का वैश्विक विस्तार नई दिशा पकड़ रहा है।

MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख

भोपाल। उत्तर प्रदेश- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सीमा पर सतना जिले (Satna district) में स्थित देश में प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम (Dharkundi Ashram) के संस्थापक महंत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज (Mahant Swami Paramhans Sachchidanand Maharaj) शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने 102 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही देशभर में फैले लाखों श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परम पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के परलोक गमन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का सम्पूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल अनुयायियों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है। धारकुंडी आश्रम के प्रमुख संत एवं शिष्य स्वामी संजय बाबा ने बताया कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज पिछले कुछ महीनों से मुंबई स्थित आश्रम में प्रवास कर रहे थे। एक जनवरी को उन्होंने चित्रकूट के धारकुंडी आश्रम में भक्तों के बीच अपना 102वां जन्मदिवस मनाया था। इसके बाद स्वास्थ्य खराब होने पर वे इलाज के लिए मुंबई गए थे। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे बदलापुर स्थित आश्रम में ठहरे हुए थे, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने बताया कि मुंबई से उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर रात चित्रकूट स्थित धारकुंडी आश्रम लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने आराध्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन कराए जाएंगे, जबकि सोमवार को आश्रम की परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन और समाधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वामी अड़गड़ानंद महाराज विशेष विमान से धारकुंडी पहुंच चुके हैं। चित्रकूट सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधु, संत और महंत भी आश्रम पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यूपी–एमपी सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चित्रकूट प्रभारी एसपी सत्यपाल सिंह और सतना एसपी हंसराज सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। 1956 में हुई थी आश्रम की स्थापनास्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी। उस समय यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा माना जाता था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कहा जाता है कि स्वामी जी ने आश्रम परिसर में बहने वाली स्वच्छ और निरंतर जलधाराओं से बिजली उत्पादन की व्यवस्था शुरू कराई थी। आश्रम में स्थित दो झरनों का पानी वर्ष भर लगातार बहता रहता है, जो आगे चलकर नदी का रूप ले लेता है। मान्यता है कि स्थापना काल से लेकर वर्ष 1970 तक कई बार शेर भी आश्रम परिसर में आते-जाते थे और स्वामी जी के सान्निध्य में रहते थे। इससे जुड़ी अनेक कथाएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।

ग्वालियर व्यापार मेले में वायुसेना के बैण्ड पर बालीवुड की धुन पर झूमे श्रोता

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में चल रहे श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेले (Shrimant Madhavrao Scindia Trade Fair) में वायुसेना की बैण्ड (Air Force Band.) ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी अपनी प्रस्तुति दी। वायुसेना के बैण्ड द्वारा दी गई रोमाटिंक गानों की शानदार धुन को सुनकर दर्शक हतप्रद रह गए और झूमते नजर आए। ग्वालियर व्यापार मेले में पहली बार वायुसेना के बैण्ड ने दो दिवसीय अपनी प्रस्तुति दी है। इस प्रस्तुति में वायुसेना के जवानों के कई रंग देखने को मिले। शनिवार की शाम हिंदुस्तान मेरी जान गीत के साथ वायुसेना के बैण्ड ने मेले में प्रस्तुति की शुरुआत की। देर तक चली इस प्रस्तुति में वायुसेना के बैण्ड पर रोमांटिक वालीवुड के गानों को सुनकर जो दर्शक जहां खडा था, वहीं पूरी तन्मयता के साथ खड़ा रहा और प्रस्तुति को सुनने में मग्न नजर आया। इस अवसर पर एयर कमोडोर मनीष शर्मा (वायु सेवा मेडल एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर फोर्स स्टेशन ग्वालियर), ग्रुप कैप्टन सुभाष सी सिंह (चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर), ग्रुप कैप्टन अमित बाजपेई (स्टेशन सिक्योरिटी ऑफिसर), कलेक्टर रूचिका चौहान व नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने एयरफोर्स के बैंड द्वारा दी गई शानदार प्रस्तुति के लिए एयरफोर्स के अधिकारियों और बैंड के सदस्यों को धन्यवाद दिया। साथ ही सभी को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। रोमाटिंक गीतों की प्रस्तुति में दिखा वायुसेना का अलग रूपग्वालियर व्यापार मेले में वायुसेना के बैण्ड ने शुरुआत फन फेयर की मधुर धुन से की। इसके बाद वंदे मातरम एवं हिंदुस्तान गीत की मधुर धुन प्रस्तुत की। इसके बाद वायुसेना के बैण्ड ने बालीवुड के रोमांटिक गानों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। बालीवुड के गानों में 80-90 के दशक के रोमांटिक गानों ने समा बांध दिया। सबसे पहले बदन पर सितारे लपेटे हुए.. हो जाने तमन्ना… कहां जा रही हो… गाने की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद जब हम चले…, छू कर मेरे मन को किया तुने क्या इशारा… आदि गानों की प्रस्तुति दी। स्टॉल पर दिखी सामान खरीदने उमडी भीडव्यापार मेले में वायुसेना की ओर से स्टॉल भी लगाया गया था, इस स्टॉल पर वायुसेना की टोपी, टीशर्ट सहित विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखी थीं। इन वस्तुओं को मेले में आए सैलानियों ने काफी पंसद किया और जमकर वस्तुओं की खरीदारी की।