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OPPO Reno 15c: मिड-प्रीमियम सेगमेंट का नया किंग? 5 साल के अपडेट और एडवांस AI टूल्स के साथ हुई एंट्री"

नई दिल्ली :स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो OPPO ने अपनी लोकप्रिय रेनो सीरीज का विस्तार करते हुए OPPO Reno 15c को भारतीय बाजार में पेश कर दिया है। यह डिवाइस उन यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो स्टाइल के साथ-साथ परफॉर्मेंस और लंबी सॉफ्टवेयर सपोर्ट की तलाश में रहते हैं। कंपनी ने इस बार “डिज़ाइन और ड्यूरेबिलिटी” पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके चलते फोन को ‘ऑल-राउंड आर्मर बॉडी’ और IP66, IP68 एवं IP69 जैसी उच्चतम रेटिंग्स दी गई हैं, जो इसे पानी और धूल से पूरी तरह सुरक्षित बनाती हैं। परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 1 प्रोसेसर दिया गया है, जो ColorOS 16 पर आधारित Trinity Engine के साथ मिलकर फोन को एक सुपर-स्मूथ अनुभव प्रदान करता है। ओप्पो ने इस बार सॉफ्टवेयर अपडेट के मामले में बड़ा दांव खेला है। कंपनी इस फोन के लिए 5 साल के ओएस OS अपडेट और 6 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा कर रही है, जो इस बजट में एक दुर्लभ उपलब्धि है। इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी यूएसपी USP इसमें दी गई 7,000mAh की विशाल बैटरी है। इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद फोन की मोटाई सिर्फ 8.14mm है। 80W की सुपरवूक SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग की मदद से यह फोन मात्र 64 मिनट में शून्य से सौ प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसके रियर में 50MP का मेन कैमरा और फ्रंट में 50MP का अल्ट्रा-वाइड सेल्फी कैमरा दिया गया है। यह फ्रंट कैमरा 100 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू और 4K HDR वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है, जो कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बेहतरीन है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में OPPO Reno 15c में ‘AI Mind Space’, ‘AI Recording Summary’ और ‘AI Writer’ जैसे टूल्स दिए गए हैं। साथ ही, Google Gemini इंटीग्रेशन की मदद से आप सिर्फ अपनी आवाज से कैलेंडर सेट करने या सेटिंग्स बदलने जैसे काम कर सकते हैं। 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 34,999 रुपये और 12GB+256GB वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर्स के तहत बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर 10% तक का कैशबैक और एक्सचेंज बोनस की सुविधा भी उपलब्ध है।

Galaxy F70e 5G भारत में लॉन्च प्रीमियम डिजाइन और लंबी बैटरी लाइफ के साथ Flipkart और Samsung स्टोर पर बिक्री

नई दिल्ली :Samsung ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Galaxy F70e 5G लॉन्च कर दिया है। यह फोन कंपनी की नई Galaxy F70 सीरीज का पहला मॉडल है और मिड रेंज यूजर्स को टारगेट करेगा। फोन की बिक्री Flipkart और Samsung India online store के जरिए की जाएगी। लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा, बैटरी और सॉफ्टवेयर सपोर्ट से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। लीक्स और अनुमान के अनुसार इसकी कीमत 10000 से 15000 रुपये के बीच हो सकती है। Galaxy F70e 5G को Limelight Green और Spotlight Blue कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। फोन का बैक vegan leather फिनिश के साथ आता है जो प्रीमियम लुक देता है। फोन की मोटाई 8.2 एमएम है और वजन 199 ग्राम रखा गया है। फ्लैट साइड डिजाइन से फोन हाथ में मजबूत पकड़ महसूस कराता है। यह डिजाइन लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। डिस्प्ले की बात करें तो फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला स्क्रीन दिया गया है। इसकी पीक ब्राइटनेस 800 निट्स तक पहुंचती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखती है। लेदर पैटर्न फिनिश ग्रिप बेहतर बनाने में मदद करता है। बड़ी स्क्रीन वीडियो देखने, गेम खेलने और रोजमर्रा के कामों के लिए आदर्श है। कैमरा सेटअप में Galaxy F70e 5G में ड्यूल रियर कैमरा मिलेगा। प्राइमरी कैमरा 50MP का है और दूसरा डेप्थ सेंसर 2MP का है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा वाटरड्रॉप नॉच डिजाइन में दिया गया है। यह सेटअप सामान्य फोटोग्राफी और वीडियो कॉल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फोन में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह फोन एक बार चार्ज करने पर दिन और रात तक चल सकता है। इसमें 25W वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट भी है। बड़ी बैटरी और लंबे बैकअप की वजह से हेवी यूजर्स को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परफॉर्मेंस के लिए Galaxy F70e 5G में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है। अनुमानित AnTuTu स्कोर करीब 623000 है। फोन 8GB तक RAM और 128GB तक स्टोरेज सपोर्ट करता है। सॉफ्टवेयर के मामले में यह Android 16 पर आधारित One UI 8 पर काम करेगा। सैमसंग ने 6 साल तक Android और सिक्योरिटी अपडेट देने की पुष्टि की है। कंपनी ने इस फोन के जरिए मिड रेंज में प्रीमियम लुक, लंबी बैटरी लाइफ और स्मूद परफॉर्मेंस देने पर फोकस किया है। 120Hz डिस्प्ले और बड़ी बैटरी के साथ Galaxy F70e 5G एंटरटेनमेंट और रोजमर्रा के काम दोनों के लिए उपयुक्त साबित होगा। फ्लिपकार्ट और Samsung ऑनलाइन स्टोर के जरिए फोन उपलब्ध होगा। कीमत और लॉन्च ऑफर की पूरी जानकारी लॉन्च वाले दिन सामने आएगी। Galaxy F70e 5G मिड रेंज स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग का एक मजबूत विकल्प बनने के लिए तैयार है।

BHOPAL NEWS: महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश

  BHOPAL NEWS: भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए। पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं। नकल माफिया पर गंभीर आरोप पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवाल उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। विजय शाह प्रकरण पर बयान विजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।BLO और SIR को लेकर आरोप पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

INDORE CYBER FRAUD: 8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी

  INDORE CYBER FRAUD: इंदौर । मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सतर्कता और जागरूकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला 8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि के नाम पर की जा रही साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस को विधिवत एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर “8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी” जैसे आकर्षक संदेश प्राप्त हो रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ सकता है, जिससे बैंक अकाउंट, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे निकाले जाने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की जिज्ञासा और वेतन वृद्धि की उम्मीद का दुरुपयोग किया जा रहा है। APK फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारियां, जैसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड साइबर अपराधियों तक पहुंच सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित का बैंक खाता पूरी तरह खाली हो सकता है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एडिशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड है, जिससे बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर या स्रोत से प्राप्त APK फाइल को डाउनलोड न करें और न ही ऐसे संदेशों पर विश्वास करें। पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वेतन आयोग, वेतन वृद्धि या अन्य शासकीय लाभों से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सक्षम शासकीय विभागों और अधिकृत पोर्टलों के माध्यम से ही साझा की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की फाइल या लिंक मोबाइल पर भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध मानी जानी चाहिए। क्राइम ब्रांच ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश प्राप्त होता है, तो वह तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल को इसकी सूचना दे। समय रहते सतर्कता बरतने से न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है, बल्कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस को सहायता मिल सकती है। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतें, किसी भी लालच भरे संदेश से दूर रहें और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं को सुरक्षित रखें।

GOLD- SILVER PRICE RISE: सोने-चांदी के भाव में तेज उछाल भोपाल में आज के रेट में बड़ी बढ़त..

  GOLD- SILVER PRICE RISE: नई दिल्ली :देशभर में सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। खासकर इस शादी के सीजन में सोने और चांदी के भाव ने निवेशकों और खरीदारों की ध्यान खींचा है। पिछले दो हफ्तों में गोल्ड मार्केट ने ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की थी। इस गिरावट के दौरान सोने का भाव पिछले एक हफ्ते में 13 हजार रुपए सस्ता हुआ जबकि चांदी 94 हजार रुपए तक सस्ती हुई। इसी बीच आज बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। भोपाल में आज 24 कैरेट सोने के दाम 157,610 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं। वहीं चांदी का भाव 261,380 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। यह बढ़त निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत की खबर है क्योंकि पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद बाजार में हड़कंप मचा हुआ था। देशभर में आज सोने का भाव 157,530 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 260,040 रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण हो रहा है। निवेशक इस समय सोने और चांदी में तेजी से ट्रेडिंग कर रहे हैं और खरीदारी के लिए सावधानी बरत रहे हैं। सोने और चांदी के बाजार में निवेश करते समय हॉलमार्क पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स BIS हॉलमार्क निर्धारित करता है। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और मिलावट रहित हो। 24 कैरेट सोने में विशेष अंक होते हैं जिन्हें देखकर खरीदार असली सोना पहचान सकते हैं। बिना हॉलमार्क की गहने खरीदना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसमें मिलावट होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक या खरीदार बाजार की हलचल को देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव आम बात है और यह वैश्विक आर्थिक स्थिति, डॉलर के भाव और मांग पर निर्भर करता है। आज की बढ़त के बाद निवेशकों में थोड़ी राहत है और खरीदार सोने-चांदी की कीमतों को देखकर खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं। भोपाल में आज के रेट के अनुसार यदि आप सोने की खरीदी का विचार कर रहे हैं तो 24 कैरेट सोने का भाव 157,610 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 261,380 रुपए प्रति किलो है। यह कीमतें स्थानीय बाजार में थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसके अलावा गहने खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क जांचना और शुद्धता पर ध्यान देना जरूरी है। इस प्रकार इस समय सोने और चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशक और खरीदार दोनों को सावधानी बरतते हुए बाजार की खबरों पर नजर रखनी चाहिए। खरीदारी करने से पहले कीमतों और शुद्धता की पुष्टि करना जरूरी है। बाजार में आज की तेजी ने निवेशकों के बीच नई उम्मीद जगाई है और खरीदारों को फैसला लेने के लिए अवसर दिया है।

INDORE COURT DECISION: इंदौर जिला न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला: गर्भस्थ शिशु को भी आश्रित मानते हुए मुआवजे का आदेश

INDORE COURT DECISION: इंदौर । इंदौर जिला न्यायालय ने सड़क दुर्घटना से संबंधित एक प्रकरण में अत्यंत संवेदनशील, मानवीय एवं दूरदर्शी निर्णय पारित करते हुए न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। न्यायालय ने आरक्षक की मृत्यु के उपरांत मुआवजा निर्धारण करते समय उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे अजन्मे शिशु को भी मृतक का आश्रित मानते हुए मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया है। यह मामला सीहोर जिले के जवरा थाना क्षेत्र में घटित एक भीषण सड़क दुर्घटना से संबंधित है। जानकारी के अनुसार आरक्षक सतीश, पिता कैलाश रुडेलें, जो उस समय झाबुआ जिले में पदस्थ थे, कार से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार एवं लापरवाही से चल रहे एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना की गंभीरता इतनी अधिक थी कि आरक्षक सतीश सहित एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के समय मृतक की पत्नी रेखा सात माह की गर्भवती थीं। पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार पर गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया। इसके पश्चात पीड़ित परिवार की ओर से न्यायालय में मुआवजा प्राप्त करने हेतु दावा याचिका प्रस्तुत की् की गई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस तथ्य को अत्यंत गंभीरता से लिया कि मृतक की पत्नी गर्भवती थी और गर्भ में पल रहा शिशु भी मृतक पर पूर्ण रूप से आश्रित माना जाना चाहिए। इस आधार पर न्यायालय ने गर्भस्थ शिशु को भी आश्रितों की श्रेणी में सम्मिलित करते हुए मुआवजे का निर्धारण किया। अधिवक्ता श्री राजेश खंडेलवाल के अनुसार, न्यायालय ने मृतक की पत्नी, दो नाबालिग बच्चों, माता, गर्भस्थ शिशु तथा साथ रहने वाले छोटे भाई को आश्रित मानते हुए कुल 50 लाख 88 हजार रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया है। इसके अतिरिक्त 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़ने पर यह राशि लगभग 60 लाख रुपये तक पहुंच गई है। कानूनी विशेषज्ञों ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह फैसला गर्भस्थ शिशु के अधिकारों को न्यायिक मान्यता देने की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। वहीं पीड़ित परिवार ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उनके जीवन को पुनः स्थिरता देने में सहायक सिद्ध होगा। यह फैसला न केवल न्याय की भावना को सुदृढ़ करता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में स्थापित हुआ है।

NEW Elevated Corridor: 350 करोड़ का मास्टरप्लान: इंदौर को मिलने जा रहा है नया एलिवेटेड कॉरिडोर 15 फरवरी से रखी जाएगी नींव जानिए क्या है पूरा रूट मैप

NEW Elevated Corridor: नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले एबी रोड पर रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार पलासिया, गीता भवन और नवलखा जैसे क्षेत्रों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम और लंबे सिग्नलों से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। इंदौर के बुनियादी ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है, जिसके तहत LIG चौराहे से लेकर नवलखा तक लगभग 7 किलोमीटर लंबा एक भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर आकार लेने जा रहा है। करीब 350 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही शहर की रफ्तार को एक नई दिशा मिलेगी। इस कॉरिडोर की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में राजीव गांधी चौराहे से LIG तक का जो सफर भारी ट्रैफिक के कारण 40 से 45 मिनट ले लेता है, इस कॉरिडोर के बनने के बाद वह महज 15 मिनट में सिमट जाएगा। यह न केवल लोगों के कीमती समय की बचत करेगा, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण को कम करने में भी मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रस्तावित कॉरिडोर LIG चौराहे से शुरू होकर गिटार चौराहा, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका और GPO जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के ऊपर से होते हुए सीधे नवलखा तक पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो इस पूरे रूट पर तीन विशाल रोटरी बनाई जाएंगी, जो ट्रैफिक के सुगम प्रबंधन के लिए LIG, शिवाजी वाटिका और नवलखा पर स्थित होंगी। इसके अलावा, गिटार चौराहा और व्हाइट चर्च रोड जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों पर कनेक्टिंग आर्म्स (रैम्प) दिए जाएंगे, ताकि आसपास की कॉलोनियों और अंदरूनी सड़कों से आने वाला ट्रैफिक भी बिना किसी बाधा के सीधे कॉरिडोर पर चढ़ सके। हालांकि, पहले इसे 6 लेन बनाने का विचार था, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद इसे 4 लेन करने का निर्णय लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह प्रोजेक्ट पिछले करीब 4 सालों से फाइलों और तकनीकी उलझनों में अटका हुआ था। साल 2009 में केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद कई बाधाएं आईं, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग ने इसे धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली है। वर्तमान में प्रस्तावित रूट पर मिट्टी की जांच (Soil Testing) का काम तेजी से चल रहा है और 15 फरवरी से कॉरिडोर की नींव रखने का मुख्य काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस विशाल निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष मैनेजमेंट प्लान भी तैयार किया गया है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले 2 सालों के भीतर यह कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा। इंदौर के विकास में यह एलिवेटेड रोड न केवल एक नई पहचान जोड़ेगी, बल्कि शहर के बढ़ते विस्तार और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी साबित होगी।

PANNA CRIMES: कलयुगी पति का खौफनाक चेहरा: कुल्हाड़ी से पत्नी की निर्मम हत्या, शव झाड़ियों में फेंककर फरार

  PANNA CRIMES: पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शाहनगर थाना अंतर्गत ग्राम खमतरा में एक कलयुगी पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। घटना ग्राम खमतरा के रामपुर खजुरी हार क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां 40 वर्षीय मीरा बाई का शव 8 फरवरी को झाड़ियों में संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला की हत्या धारदार हथियार से की गई है। 350 करोड़ का मास्टरप्लान: इंदौर को मिलने जा रहा है नया एलिवेटेड कॉरिडोर 15 फरवरी से रखी जाएगी नींव जानिए क्या है पूरा रूट मैप पुलिस जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाला सच सामने आया। मृतका की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति निर्भय सिंह राठौर ने ही की थी। आरोपी ने आपसी विवाद के चलते कुल्हाड़ी से पत्नी पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को झाड़ियों में फेंक दिया और फरार हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी पति निर्भय सिंह राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर हत्या का कारण आपसी कलह बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है। BJP LEADERS: मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सीधी में महिला पिटाई अशोकनगर में युवक पर हमला कानून व्यवस्था पर सवाल इस निर्मम हत्या की खबर सामने आने के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का व्यवहार पहले भी अक्सर आक्रामक रहता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस हद तक चला जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

GWALIOR RABIES NEWS: ग्वालियर में रेबीज का कहर 6 साल के मासूम समेत तीन की मौत अधूरा इलाज और बढ़ते आवारा कुत्ते चिंता का सबब

  GWALIOR RABIES NEWS: ग्वालियर में रेबीज का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है फरवरी 2026 के शुरुआती दिनों में ही छह साल के मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों का कारण अधूरा इलाज गलत मेडिकल सलाह और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को बताया जा रहा है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि समय पर पूरा वैक्सीनेशन लेने से रेबीज जैसी घातक बीमारी को रोका जा सकता है। दतिया जिले के हंस प्रजापति का मामला सबसे दुखद है। छह वर्षीय हंस को कुत्ते ने काटा था। कमला राजा शासकीय अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन के तीन डोज लगाए जा चुके थे। डॉक्टरों ने चौथा डोज अस्पताल में ही कराने की सलाह दी थी। परिजन बच्चे को घर ले गए और कुछ ही समय बाद उसकी हालत बिगड़ गई। स्कूल से लौटने के बाद उसके मुंह से लार बहने लगी, जो रेबीज का गंभीर लक्षण है। इसके बाद मासूम की मौत हो गई। पहली मौत 4 फरवरी को दर्ज की गई। ग्वालियर के बगिया इलाके के 48 वर्षीय किरण लालवानी को जनवरी में आवारा कुत्ते ने काटा था। परिजनों के अनुसार स्थानीय क्लीनिक में डॉक्टर ने केवल टिटनेस का इंजेक्शन लगाया और एंटी-रेबीज वैक्सीन देने से मना कर दिया। लगभग एक महीने बाद किरण में रेबीज के क्लासिक लक्षण सामने आए। न्यू जेएएच में भर्ती कराने के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का केस भी दर्ज किया गया। JABALPUR NEWS : ट्रेन में मारपीट मामले में सीटीआई निलंबित, अलग घटना में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर चाकू से हमला दूसरी मौत टीकमगढ़ जिले की 65 वर्षीय महिला की हुई, जिसे सियार ने काटा था। समय पर एंटी-रेबीज इलाज न मिलने के कारण संक्रमण तेजी से फैला। गंभीर हालत में महिला को ग्वालियर रेफर किया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और रेफरल सिस्टम की कमजोरी को उजागर किया। हालिया तीन मौतों ने ग्वालियर में डॉग बाइट मामलों की गंभीरता को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में हर साल हजारों डॉग बाइट केस सामने आते हैं लेकिन स्ट्रीट डॉग कंट्रोल, स्टरलाइजेशन और जन-जागरूकता की रफ्तार धीमी है। रेबीज एक बार फैलने के बाद 100 प्रतिशत घातक है लेकिन समय पर पूरा वैक्सीनेशन लेने से इसे रोका जा सकता है। विशेषज्ञों ने आम जनता को कुत्ते या किसी भी संदिग्ध जानवर के काटने के बाद घाव को साबुन और पानी से तुरंत धोने अस्पताल पहुंचने और एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स लेने की सलाह दी है। बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने और लापरवाही न करने की चेतावनी भी दी गई है। मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों और प्रशासन की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सिस्टम और समाज दोनों नहीं सतर्क हुए तो रेबीज और ज्यादा जानें ले सकता है। लोगों में जागरूकता और समय पर इलाज की समझ ही इस जानलेवा बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

तमिलनाडु में टाटा मोटर्स के नए प्लांट में 'रेंज रोवर इवोक' बनी यहाँ पहली गाड़ी

पनापक्कम!  भारत की अग्रणी कार और एसयूवी निर्माता, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) और उसकी सहयोगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव पीएलसी (जेएलआर/JLR), ने आज तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनापक्कम में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के संचालन की घोषणा की।   यह सुविधा टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सलिमिटेड(टीएमपीवी)और जेएलआर दोनों ब्रांडों के लिए अगली पीढ़ी के वाहनों (इलेक्ट्रिक वाहनों सहित) के उत्पादन हेतु विकसित किए जा रहे एक ‘ग्रीनफील्ड प्लांट‘ के पहले चरण को दर्शाती है। इस प्लांट से बाहर निकलने वाला पहला वाहन जेएलआर की स्थानीय स्तर पर निर्मित ‘रेंज रोवर इवोक‘ है, जो अपनी आधुनिक लग्जरी और बेहतरीन कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है।   इस प्लांट का औपचारिक उद्घाटन तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन और टाटा संस व टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन ने किया। इस अवसर पर कई गणमान्य मंत्री, जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ नौकरशाह, सरकारी अधिकारी और टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्स, जेएलआर व टाटा समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।   टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स–जेएलआर संयंत्र का उद्घाटन करते हुएतमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिनने कहा, “टाटा समूह ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और तमिलनाडु के साथ इसकी गहरी ऐतिहासिक साझेदारी रही है। पनापक्कम (रानीपेट) में इस नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा की शुरुआत और पहली रेंज रोवर इवोक के रोल–आउट के साथ, राज्य को विश्व स्तरीय ऑटोमोटिव निर्माण के विस्तार का साक्षी बनने पर गर्व है। तमिलनाडु इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत करता है और उन उद्योगों को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो रोजगार पैदा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं और मैन्युफैक्चरिंग व मोबिलिटी के अग्रणी केंद्र के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करते हैं।”   इस अवसर परटाटा संस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरनने कहा, “पनापक्कम प्लांट का उद्घाटन टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार मैन्युफैक्चरिंग में भारत के नेतृत्व को गति देने की टाटा समूह की यात्रा में एक अहम पड़ाव है। हमें तमिलनाडु के साथ अपनी पुरानी साझेदारी को और गहरा करने पर गर्व है, जो एक ऐसा राज्य है जो औद्योगिक उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशी विकास को लगातार आगे बढ़ा रहा है। इस सुविधा के माध्यम से हम भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए असाधारण गुणवत्ता, कारीगरी और तकनीक वाले वाहन तैयार करने के लिए तत्पर हैं।”   पनापक्कम प्लांट के बारे में टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सका पनापक्कम प्लांट विश्व स्तरीय वाहन बनाने के लिए उन्नत मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों और कुशल कार्यबल को एक साथ लाता है। इस प्लांट का संचालन पूरे तमिलनाडु के शॉपफ्लोर तकनीशियनों की एक विविध टीम द्वारा किया जा रहा है। ये कर्मचारी टाटा मोटर्स के ‘लक्ष्य‘ कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो एक “कमाई के साथ पढ़ाई” पहल है। यह कार्यक्रम तकनीशियनों को शॉपफ्लोर से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की भूमिकाओं तक पहुँचने में मदद करता है। इन युवाओं को पॉलिटेक्निक स्नातकों के राज्य–व्यापी कड़े मूल्यांकन के माध्यम से चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने जेएलआर की यूनिट्स में पांच महीने का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा किया, जिससे उन्हें विश्व स्तरीय परिचालन और तकनीकी दक्षता हासिल हुई।   काम के दौरान एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कंपनी–प्रायोजित बी.टेक डिग्री हासिल करने के अवसर के साथ, ये युवा अपने परिवार की देखभाल करते हुए अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक उन्नति कर सकते हैं। इनकी यह यात्रा दर्शाती है कि कैसे केंद्रित कौशल विकास और स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने से आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है और स्थायी आर्थिक व सामाजिक प्रभाव पैदा किया जा सकता है।   कामकाज शुरू होने के साथ ही वाहनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। अगले 5-7 वर्षों में यह प्लांट अपनी पूरी क्षमता यानी सालाना 2,50,000 वाहनों के उत्पादन तक पहुँच जाएगा, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा।   टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सअपनी दीर्घकालिक विकास योजनाओं के समर्थन में इस आधुनिक प्लांट को तैयार करने के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का इरादा रखती है। इस प्लांट में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है, साथ ही यह कौशल वृद्धि और एक मजबूत सहायक इकोसिस्‍टम के विकास को बढ़ावा देगा।   पनापक्कम प्लांट टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सके ‘सस्टेनेबिलिटी–फर्स्ट‘ दर्शन का भी उदाहरण है, जिसमें हर स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कामकाज को शामिल किया गया है। यह प्लांट पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा (रीन्‍यूएबल एनर्जी) पर संचालित होने और ‘वॉटर पॉजिटिव‘ बनने के लिए डिजाइन किया गया है, जो ऑटोमोटिव क्षेत्र में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। इसे दक्षता बढ़ाने, उत्सर्जन को न्यूनतम करने और कड़े वैश्विक पर्यावरणीय मानदंडों के पालन के लिए तैयार किया गया है।