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मल्टीप्लेक्स के शोर में भी बुलंद है इन सिनेमाघरों की गूंज: भारत के वो आइकोनिक सिंगल स्क्रीन थिएटर जो आज भी हैं शान की विरासत

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा केवल तीन घंटे का मनोरंजन नहीं बल्कि एक गहरा भावनात्मक अनुभव रहा है। एक वह भी दौर था जब बड़े पर्दे पर अपने पसंदीदा नायक को देखने के लिए लोग किसी त्यौहार की तरह सज-धजकर सिनेमाघरों का रुख करते थे। उस जमाने में ‘सिंगल स्क्रीन थिएटर’ इस अनुभव की आत्मा हुआ करते थे। आज भले ही मल्टीप्लेक्स संस्कृति और चमचमाते मॉल्स ने हर शहर में अपनी पैठ बना ली है लेकिन सिनेमा की वह पुरानी और गौरवशाली विरासत आज भी कुछ ऐतिहासिक थिएटरों के रूप में जिंदा है। हाल ही में आमिर खान और जावेद अख्तर जैसे दिग्गजों ने देश में थिएटरों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की लेकिन इसके बावजूद भारत में कुछ ऐसेआइकोनिक थिएटर मौजूद हैं जो समय की धूल को पछाड़कर आज भी सीना ताने खड़े हैं। इस सूची में राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर काराज मंदिर सबसे ऊपर आता है। साल 1976 में निर्मित यह थिएटर अपनी वास्तुकला के कारण ‘एशिया का गौरव’ कहा जाता है। इसकी भव्यता किसी शाही महल जैसी है जहाँ बड़े-बड़े झूमर और दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहाँ फिल्म देखना महज एक शो नहीं बल्कि एक राजसी अनुभव की तरह है। वहीं मायानगरी मुंबई कामराठा मंदिर तो भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अभिन्न अंग बन चुका है। ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ DDLJ को पिछले तीन दशकों से लगातार चलाने के कारण इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। सस्ती टिकट और आम आदमी से जुड़ाव इसे आज भी मुंबई की जान बनाए हुए है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो कनॉट प्लेस कारीगल सिनेमा इतिहास के पन्नों में दर्ज है। 1932 में बना यह हॉल राज कपूर का पसंदीदा था जहाँ उनकी फिल्मों के भव्य प्रीमियर हुआ करते थे। यहाँ तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी यहाँ सिनेमा देखने आया करते थे। दिल्ली में ही स्थितडिलाइट सिनेमा अपने विंटेज लुक और मॉडर्न साउंड सिस्टम के मेल के लिए मशहूर है। इसी तरह मुंबई कालिबर्टी सिनेमा जो 1947 में भारत की आजादी के साल बनकर तैयार हुआ अपनी आर्ट-डेको शैली और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्मों के साथ जुड़ी अपनी यादों के लिए प्रसिद्ध है। कोलकाता कामेट्रो सिनेमा और बेंगलुरु काएवरेस्ट टॉकीज भी इसी कड़ी के मजबूत स्तंभ हैं। 1935 में बना मेट्रो सिनेमा अपनी भव्य सीढ़ियों और ब्रिटिश कालीन फर्नीचर के जरिए दर्शकों को बीते जमाने की याद दिलाता है। ये थिएटर केवल ईंट और पत्थर की इमारतें नहीं हैं बल्कि ये उस दौर के गवाह हैं जब सिनेमा देखना एक साझा सामाजिक उत्सव होता था। मल्टीप्लेक्स के दौर में भी इन सिंगल स्क्रीन्स का टिके रहना यह साबित करता है कि विरासत को आधुनिकता कभी पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती।

सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' पर बड़ा अपडेट: रीशूट के चलते टली रिलीज, अब इस खास मौके पर सिनेमाघरों में मचेगा तहलका

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान के प्रशंसक इन दिनों उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर काफी उत्साहित हैं, लेकिन ताजा खबरों ने उनके इंतजार को थोड़ा और लंबा कर दिया है। काफी समय से चर्चा थी कि यह फिल्म इसी साल अप्रैल के महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी, मगर अब ताजा रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि फिल्म की रिलीज डेट को आगे खिसकाया जा सकता है। दरअसल, इसके पीछे की वजह कोई क्लैश या विवाद नहीं, बल्कि मेकर्स की फिल्म को ‘परफेक्ट’ बनाने की चाहत है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक अपूर्व लखिया और खुद सलमान खान ने फिल्म के कुछ खास हिस्सों को देखने के बाद यह महसूस किया कि कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ दृश्यों की दोबारा शूटिंग की जानी चाहिए। यह फैसला फिल्म की गुणवत्ता और उसकी भावनात्मक गहराई को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। सलमान खान और निर्देशक दोनों का मानना है कि चूंकि यह फिल्म एक बेहद संवेदनशील और देशभक्ति से ओत-प्रोत विषय पर आधारित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कमी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसी ‘परफेक्शन’ के चक्कर में शूटिंग का शेड्यूल थोड़ा बढ़ गया है और यही वजह है कि अप्रैल में फिल्म का सिनेमाघरों में आना अब मुश्किल लग रहा है। फिल्म की नई शूटिंग प्रक्रिया 9 फरवरी से मुंबई की मशहूर गोल्डन टबैको फैक्ट्री में शुरू होने जा रही है। बताया जा रहा है कि इस शेड्यूल के दौरान उन महत्वपूर्ण दृश्यों को फिल्माया जाएगा जिन्हें और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। फरवरी के अंत तक इस रीशूट के काम को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तुरंत बाद पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू होगा। निर्देशक अपूर्व लखिया फिल्म के हर फ्रेम पर बारीकी से ध्यान दे रहे हैं ताकि गलवान घाटी के संघर्ष की वीरता को दर्शक महसूस कर सकें। हालाँकि, पहले चर्चा थी कि फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी, लेकिन अब नई रणनीति के तहत मेकर्स इसे साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय अवसर यानी ‘स्वतंत्रता दिवस’ के आसपास रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं। अगस्त का महीना फिल्म के विषय के लिहाज से सबसे सटीक माना जा रहा है। भले ही रिलीज टलने से फैंस थोड़े मायूस हों, लेकिन खबरों की मानें तो 17 अप्रैल को मेकर्स फैंस के लिए फिल्म से जुड़ा कोई बड़ा सरप्राइज या धमाकेदार टीजर रिलीज कर सकते हैं। कुल मिलाकर, सलमान खान एक बार फिर अपनी इस फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं बस इसके लिए दर्शकों को थोड़ा धैर्य और दिखाना होगा।

घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी

नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक खबर सामने आई हैजिसने देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अमृतसर में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया हैजो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई हैजो अजनाला सेक्टर के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला और पेशे से किसान बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि हरपाल सिंह लगभग एक साल से ISI के संपर्क में था और नियमित रूप से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था। इस मामले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी के कब्जे से एक सीडी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन में कुछ पाकिस्तान के नंबर भी मिले हैंजिससे उसकी पाकिस्तानी एजेंसी के साथ कनेक्शन की पुष्टि होती है। खुफिया इनपुट के आधार पर SSO ने अमृतसर के खालसा कॉलेज इलाके में नाकेबंदी की और हरपाल सिंह को दबोच लिया। 35 वर्षीय आरोपी अमृतसर जिले की तहसील अजनाला के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला है। पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसकी गतिविधियों पर बनी हुई थीइसलिए कार्रवाई तुरंत संभव हो पाई। तलाशी के दौरान मिली सीडी में सेना से संबंधित डाटा और सैन्य गतिविधियों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारियां होने की बात सामने आई हैजो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है। आरोपी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से जुड़ा था। मोबाइल की कॉल डिटेलचैटसोशल मीडिया और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जाएगी ताकि पूरा नेटवर्क उजागर हो सके। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी कर रही हैताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके और मामले की गहराई से जांच हो सके। पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की जासूसी का जाल लगातार फैलता रहा है। अमृतसरपठानकोटफिरोजपुरफाजिल्का और गुरदासपुर से पहले भी कई ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैंजो पैसों और अन्य लालच में फंसकर जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बन गए। खासकर सीमा से सटे गांवों के लोग ISI की फंदेबाजी का शिकार बनते हैं। मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। लगातार जासूसों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि दुश्मन देश की साजिशें अभी भी जारी हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रही हैंताकि देश की सुरक्षा को किसी भी तरह का नुकसान न हो।

करोड़ों के नुकसान से बचे अनुपम खेर, खोया क्रेडिट कार्ड लेकर घर पहुंचा गार्ड, एक्टर बोले ईमानदारी जिंदा है’

नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता अनुपम खेर न सिर्फ अपने अभिनय बल्कि सोशल मीडिया पर अपनी सरलता और सीधेपन के लिए भी जाने जाते हैं। वह अक्सर अपने फैंस के साथ अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे पलों को साझा करते रहते हैं। कभी मां के साथ बातचीत का वीडियो तो कभी फैंस से मुलाकात की मीठी यादें उनकी पोस्ट्स हमेशा लोगों का दिल जीत लेती हैं। इसी कड़ी में अब उन्होंने एक ऐसी घटना साझा की है जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में ईमानदारी जिंदा है। दरअसल रविवार को अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने एक गार्ड संजय यादव की ईमानदारी की तारीफ की। उन्होंने बताया कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका क्रेडिट कार्ड गिर गया था। बाद में उन्हें काफी खोजने के बाद भी कार्ड नहीं मिला और वह परेशान हो गए क्योंकि कार्ड पर पिन नहीं था और किसी भी तरह की गैरकानूनी उपयोग की संभावना थी। फिर अचानक दत्तु जी का फोन आया कि किसी को उनका क्रेडिट कार्ड मिला है और वह उसे वापस लौटाना चाहते हैं। इस बात से अनुपम बेहद खुश और आश्चर्यचकित हुए। उन्होंने वीडियो में कहा संजय यादव जी आप बहुत महान आदमी हैं। मेरा सुबह मॉर्निंग वॉक जाते समय क्रेडिट कार्ड गिर गया था और मैंने बहुत ढूंढा काफी परेशान था। फिर मुझे फोन आया कि किसी को क्रेडिट कार्ड मिला है। कितनी अच्छी बात है! सबसे खास बात यह रही कि जब अनुपम ने संजय की ईमानदारी की तारीफ की तो उन्होंने बिल्कुल सामान्य अंदाज में कहा इसमें कौन सी बड़ी बात है! यह बात सुनकर अनुपम का दिल भर आया और उन्होंने कहा वाह यादव जी बहुत अच्छा लगा! जय हो! अनुपम ने अपने पोस्ट में लिखा ईमानदारी जिंदा है! और इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने संजय की तारीफ की और उन्हें सम्मानित किया। वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर हाल ही में अपने निर्देशन में बनी फिल्म तन्वी द ग्रेट में दिखाई दिए थे जिसमें नवोदित अभिनेत्री शुभांगी दत्त ने अभिनय किया था। अब वह जल्द ही खोसला का घोसला 2 में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ रणवीर शौरी किरण जुनेजा परवीन डबास तारा शर्मा और रवि किशन भी होंगे। यह फिल्म 2006 की हिट फिल्म खोसला का घोसला का सीक्वल है जिसमें अनुपम खेर बोमन ईरानी परवीन डबास विनय पाठक रणवीर शौरी और तारा शर्मा लीड रोल में थे।

भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड, ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी टीम इंडिया

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और WTC फाइनल को मिलाकर भारत ने कुल 123 मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया के 122 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ भारतीय टीम ने न सिर्फ अपनी निरंतरता साबित की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि लंबे समय से वह आईसीसी टूर्नामेंट्स में कितनी मजबूत और खतरनाक टीम रही है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की। भारत ने अपने पहले मैच में यूएसए को 29 रनों से हराया और कई रिकॉर्ड्स बनाए। इस जीत के साथ भारत ICC वर्ल्ड कप में 100 जीत हासिल करने वाला दूसरा देश बन गया। वहीं ओवरऑल आईसीसी टूर्नामेंट्स की बात करें तो टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया के नाम क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक 10 ICC ट्रॉफी जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। कंगारू टीम ने 6 वनडे वर्ल्ड कप, 1 टी20 वर्ल्ड कप, 2 चैंपियंस ट्रॉफी और 1 WTC का खिताब जीता है। इन 10 ट्रॉफियों के लिए उन्होंने कुल 122 मैच जीते थे। हालांकि ट्रॉफियों की संख्या में ऑस्ट्रेलिया अभी भी आगे है, लेकिन मैच जीतने के आंकड़ों में भारत अब शीर्ष पर है। टीम इंडिया के नाम फिलहाल 7 ICC ट्रॉफी हैं, जिसमें 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। भारत के बाद इस सूची में न्यूजीलैंड 101 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 95, साउथ अफ्रीका 92 और पाकिस्तान 91 जीत के साथ आगे हैं। श्रीलंका 87, वेस्टइंडीज 82, बांग्लादेश 30, जिम्बाब्वे 19 और अफगानिस्तान 18 जीत के साथ सूची में शामिल हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ है। इसके बाद 15 फरवरी को टूर्नामेंट का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है। लेकिन इस मुकाबले पर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है। हालांकि अभी तक उन्होंने ICC को आधिकारिक तौर पर कोई पत्र नहीं भेजा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान इस फैसले पर पुनर्विचार करेगा और मैच तय समय पर होगा।

सेट पर गालियां और आंखों में आंसू: जब आर्थिक तंगी के कारण नीना गुप्ता ने झेला अपमान का घूँट

नई दिल्ली :भारतीय सिनेमा जगत में आज नीना गुप्ता एक ऐसा नाम हैं, जिनकी अदाकारी और बेबाकी का लोहा हर कोई मानता है। लेकिन “बधाई हो” जैसी फिल्मों से मिली इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे संघर्ष की एक ऐसी काली परत छिपी है, जिसे याद कर आज भी उनकी आँखें नम हो जाती हैं। हाल ही में नीना गुप्ता ने अपने शुरुआती दिनों के उन जख्मों को कुरेदा है, जो यह बताते हैं कि ग्लैमर की इस दुनिया के पीछे का सच कितना कड़वा और दमघोंटू हो सकता है। नीना गुप्ता ने उस दौर को याद किया जब वह फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें एक निर्देशक की ऐसी बदसलूकी का सामना करना पड़ा, जिसकी कल्पना भी आज के दौर में करना मुश्किल है। सेट पर सबके सामने, बिना किसी ठोस वजह के, एक निर्देशक ने उन्हें न केवल अपमानित किया बल्कि भद्दी गालियां भी दीं। नीना बताती हैं कि उस वक्त उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे, मन विद्रोह करना चाहता था, लेकिन हाथ आर्थिक तंगी की बेड़ियों में जकड़े हुए थे। वह कहती हैं, “मेरे पास उस समय चुपचाप सब कुछ सहने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था क्योंकि मुझे काम की सख्त जरूरत थी और घर चलाने के लिए पैसे चाहिए थे।” यह केवल अपमान की बात नहीं थी, बल्कि अपनी कला के साथ समझौता करने की भी मजबूरी थी। नीना गुप्ता ने स्वीकार किया कि उस दौर में उन्होंने कई ऐसी फिल्में कीं, जिन्हें करने का उनका बिल्कुल मन नहीं था। कई बार तो हालात ऐसे थे कि उन्हें एक ‘गैंग’ के साधारण सदस्य जैसे महत्वहीन रोल निभाने पड़े। वह बताती हैं कि कई बार वह फिल्म साइन तो कर लेती थीं, लेकिन घर जाकर भगवान से यह दुआ मांगती थीं कि “हे भगवान, बस यह फिल्म कभी रिलीज न हो।” यह एक कलाकार की सबसे बड़ी विडंबना थी, जहाँ उसे अपने ही काम के छिपने की प्रार्थना करनी पड़ती थी। उस समय की इंडस्ट्री में महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए नीना ने स्पष्ट किया कि तब विरोध करने का मतलब था करियर का अंत। अगर कोई अभिनेत्री सेट पर हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाती थी, तो उसे “मुश्किल” कलाकार करार देकर काम देना बंद कर दिया जाता था। जिम्मेदारियों और जरूरतों के बोझ तले दबी नीना ने उस समय खुद को संभाला और अपमान का कड़वा घूँट पीकर भी अपना काम पूरा किया। लेकिन जैसा कि कहा जाता है, समय का पहिया हमेशा एक सा नहीं रहता। नीना गुप्ता की कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने साठ की उम्र के करीब पहुँचकर इंस्टाग्राम पर अपनी एक फोटो डाली और खुलेआम काम मांगा। उनकी उस ईमानदारी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा और फिर “बधाई हो” ने उनकी किस्मत बदल दी। आज नीना गुप्ता न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं जो संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि सफलता की चमक पाने के लिए कभी-कभी अपमान के अंधेरे रास्तों से भी गुजरना पड़ता है, लेकिन अगर इरादे मजबूत हों, तो देर से ही सही, सम्मान का सूरज जरूर उगता है।

Wealth Dreams Signs: अगर नींद में आते हैं ये 7 सपने, समझ लें जल्द ही होंगे मालामाल

नई दिल्ली। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने केवल हमारी कल्पना नहीं होते बल्कि कई बार वे भविष्य की संभावनाओं के संकेत भी देते हैं। इंसान दो तरह के सपने देखता है एक वे जिन्हें वह जागते हुए देखता है और मेहनत के बल पर पूरा करने की कोशिश करता है और दूसरे वे सपने जो नींद के दौरान अचानक दिखाई देते हैं। जागते हुए सपनों पर हमारा नियंत्रण होता है लेकिन नींद में आने वाले सपनों को हम रोक नहीं सकते। स्वप्न शास्त्र में नींद में दिखाई देने वाले कई दृश्य शुभ या अशुभ घटनाओं की भविष्यवाणी करते हैं। खासतौर पर कुछ सपने ऐसे होते हैं जो अचानक धन लाभ और आर्थिक मजबूती की ओर संकेत करते हैं। अगर आपको भी ऐसे सपने आते हैं तो समझिए आपकी किस्मत बदलने वाली है। सबसे पहले बात करें मंदिर के ध्वज सूर्य या पूर्णिमा के चंद्रमा की। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सपने में मंदिर का लहराता हुआ ध्वज आकाश में सूर्य देव का प्रकाश या पूर्णिमा का चंद्रमा दिखना धन लाभ का संकेत माना जाता है। यदि काले बादलों के बीच से सूर्य निकलता हुआ दिखाई दे तो यह आर्थिक परेशानियों के समाप्त होने की ओर संकेत करता है। ऐसे सपने देखने वाले व्यक्ति को आने वाले समय में स्थिरता और बढ़ती आमदनी की संभावना रहती है। दूसरा और सबसे शुभ संकेत है मां लक्ष्मी के दर्शन। सपने में धन की देवी मां लक्ष्मी का किसी भी रूप में दिखाई देना बेहद शुभ माना जाता है। यह सपना इस बात की ओर संकेत करता है कि व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा होने वाली है और उसे बड़ा आर्थिक लाभ लाभकारी अवसर या अचानक धन प्राप्ति हो सकती है। तीसरा संकेत है कमल का फूल। यदि सपने में तालाब बगीचे या गुलदस्ते में कमल दिखाई दे तो इसे सुख-समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है। चूंकि कमल मां लक्ष्मी से जुड़ा है इसलिए यह सपना धन वृद्धि की ओर संकेत करता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला होता है। सपनों में पशु-पक्षियों का दिखना भी शुभ माना जाता है। स्वप्न में हंस सारस या मोर जैसे पक्षियों का दिखाई देना सौभाग्य का प्रतीक है। वहीं हाथी का दिखना किस्मत का साथ मिलने का संकेत देता है। अगर सपने में गाय को बछड़े के साथ या दूध देते हुए देखा जाए तो यह भी धन लाभ का संकेत माना जाता है और पारिवारिक सुख-शांति का संकेत भी देता है। पानी से भरा कलश या जल से जुड़ा सपना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। सपने में पानी से भरा कलश या घड़ा दिखना नदी या समुद्र देखना या खुद को पानी में तैरते हुए देखना आर्थिक उन्नति का प्रतीक होता है। पानी का स्वभाव प्रवाहशील होता है इसलिए ऐसे सपने जीवन में धन के प्रवाह की ओर इशारा करते हैं। सनातन परंपरा में हल्दी को शुभता का प्रतीक माना गया है। यदि कोई व्यक्ति सपने में खुद को हल्दी लगे हुए देखे तो यह आने वाले समय में धन लाभ और शुभ घटनाओं का संकेत हो सकता है।आखिरी और बेहद खास संकेत है मधुमक्खी या उसका छत्ता। सपने में मधुमक्खी या छत्ता दिखाई देना तरक्की और मेहनत का फल मिलने का संकेत माना जाता है। यह सपना बताता है कि आपकी मेहनत का परिणाम अब मिलने वाला है और आपको जल्द ही सफलता और लाभ मिल सकता है।

T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?

नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर विवाद अभी भी जारी है। पाकिस्तान ने फिलहाल मैच में हिस्सा लेने से इनकार किया है, हालांकि यह अब तक आईसीसी को आधिकारिक रूप से लिखित नहीं बताया गया। आईसीसी इस हाईवोल्टेज मुकाबले को कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। 8 फरवरी को आईसीसी अधिकारियों और PCB चीफ मोहसिन नकवी की बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे।पाकिस्तान की तीन डिमांड जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा लेने के लिए तीन बड़ी डिमांड आईसीसी के सामने रखीं:अधिक रेवेन्यू शेयर: टूर्नामेंट में होने वाली कमाई में पाकिस्तान को अधिक हिस्सा चाहिए।बाइलेटरल क्रिकेट बहाली: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज फिर से शुरू की जाए।खिलाड़ियों का हाथ मिलाना: टूर्नामेंट के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक-दूसरे से हाथ मिलाना होगा। भारत नहीं मानेगा ये मांग इन तीन डिमांड्स में से दूसरी शर्त, यानी बाइलेटरल क्रिकेट शुरू करने की मांग, भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012 में खेली गई थी। राजनीतिक तनाव और पिछले साल पहलगाम हमला के बाद भारत का पाकिस्तान के प्रति रुख और भी सख्त हो गया है। इसी वजह से एशिया कप 2025 से टीम इंडिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना भी बंद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की बाकी दो डिमांड रेवेन्यू शेयर बढ़ाना और हाथ मिलाना पूरी की जा सकती हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज का फिर से शुरू होना फिलहाल असंभव लगता है।

Gold-Silver Price: सोना-चांदी के दामों में आयी तेजी, जानिए प्रमुख शहरों का आज का रेट

नई दिल्ली। सोमवार, 9 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। घरेलू फ्यूचर मार्केट में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च, 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा 1,54,224 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 1,53,931 रुपये पर बंद हुआ था। दिन की शुरुआत में ही सोना 1,55,674 रुपये तक पहुंच गया, यानी पिछले बंद रेट से करीब 1,800 रुपये की तेजी। शुरुआती कारोबार में MCX गोल्ड ने 1,57,000 रुपये तक का उच्च स्तर भी छुआ। चांदी में भी तेजी, जानें MCX रेटसोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती रही। MCX पर 5 मार्च 2026 की सिल्वर फ्यूचर वायदा 2,60,301 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है। यह पिछले बंद रेट से लगभग 10,400 रुपये की तेजी दिखाता है। शुरुआती कारोबार में सिल्वर 2,64,885 रुपये के उच्च स्तर तक भी गया। शहरवार सोने का रेट दिल्ली:24 कैरेट: ₹1,56,74022 कैरेट: ₹1,43,69018 कैरेट: ₹1,17,590 मुंबई:24 कैरेट: ₹1,56,59022 कैरेट: ₹1,43,54018 कैरेट: ₹1,17,440 चेन्नई:24 कैरेट: ₹1,57,30022 कैरेट: ₹1,44,19018 कैरेट: ₹1,23,490 कोलकाता:24 कैरेट: ₹1,56,59022 कैरेट: ₹1,43,54018 कैरेट: ₹1,17,440 अहमदाबाद:24 कैरेट: ₹1,56,64022 कैरेट: ₹1,43,59018 कैरेट: ₹1,17,490 लखनऊ:24 कैरेट: ₹1,56,74022 कैरेट: ₹1,43,69018 कैरेट: ₹1,17,590 पटना:24 कैरेट: ₹1,56,64022 कैरेट: ₹1,43,59018 कैरेट: ₹1,17,490 हैदराबाद:24 कैरेट: ₹1,56,59022 कैरेट: ₹1,43,54018 कैरेट: ₹1,17,440

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंत्री विजय शाह की आज अहम सुनवाई

भोपाल। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा मामला आज सोमवार उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिए पेश होगा। इस संवेदनशील प्रकरण पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि अदालत के समक्ष आज राज्य सरकार को अपना स्पष्ट रुख रखना है कि वह मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देती है या नहीं। उल्‍लेखनीय है कि पूरा विवाद मई 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए मंत्री विजय शाह के बयान से शुरू हुआ था। कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे कई लोगों ने अपमानजनक और सांप्रदायिक करार दिया। बयान के सामने आते ही देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और विभिन्न सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और राज्य पुलिस को मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद से यह मामला लगातार न्यायिक प्रक्रिया में बना हुआ है और अब उच्चतम न्यायालय तक पहुंच चुका है। इस दौरान यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बना रहा। 19 जनवरी 2026 को हुई पिछली सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर यह निर्णय लेने के निर्देश दिए थे कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं। अदालत ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाते हुए अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा था। आज राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना है। आज का दिन मंत्री विजय शाह के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।