श्रीलंका के लिए चिंता का सबब, वानिंदु हसरंगा की अनुपस्थिति में टूर्नामेंट चुनौतीपूर्ण

नई दिल्ली ।टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबान श्रीलंका को बड़ा झटका लगा है। टीम के दिग्गज स्पिनर वानिंदु हसरंगा इंजरी के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। हसरंगा को रविवार को कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। सोमवार को एमआरआई स्कैन में उनके बाएं हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट पाई गई। यूके के एक विशेषज्ञ की सलाह के बाद उन्हें विश्व कप से बाहर कर दिया गया है। इस चोट के कारण हसरंगा कम से कम चार सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। हसरंगा की अनुपस्थिति श्रीलंका के लिए बड़ा झटका है। वह केवल बेहतरीन और मैच जिताऊ गेंदबाज ही नहीं हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर टीम की कई बार जीत सुनिश्चित कर चुके हैं। आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में हसरंगा ने 4 ओवर में केवल 25 रन देकर 3 विकेट लिए थे, जिससे टीम को जीत की राह आसान हुई थी। उनके बाहर होने से श्रीलंका की गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी में दबाव बढ़ गया है। टीम प्रबंधन ने हसरंगा की जगह लेगस्पिनर दुशान हेमंथा को शामिल करने पर विचार करना शुरू कर दिया है। 31 वर्षीय हेमंथा ने अब तक श्रीलंका के लिए 5 वनडे और 3 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने कुल 6 विकेट लिए हैं। यदि हेमंथा को शामिल किया गया, तो उन्हें टीम में नई भूमिका निभानी होगी और मैच के अहम मोड़ों पर जिम्मेदारी संभालनी होगी। श्रीलंका का अगला ग्रुप मैच 12 फरवरी को पल्लेकेले में ओमान के खिलाफ खेला जाएगा। इसके बाद 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और 19 फरवरी को कोलंबो में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है। पहले मैच में आयरलैंड पर मिली 20 रन की जीत ने टीम को टूर्नामेंट की शुरुआत में आत्मविश्वास दिया था।आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में श्रीलंका ने खराब शुरुआत के बावजूद छह विकेट पर 163 रन बनाए थे। कामिंडू मेंडिस ने 19 गेंदों में 44 रन और कुसल मेंडिस ने नाबाद 56 रन की पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए आयरलैंड की टीम 19.5 ओवर में 143 रन पर ऑलआउट हो गई। रॉस एडेयर ने 23 गेंदों पर 34 रन और हैरी टेक्टर ने 34 गेंदों पर 40 रन बनाए, लेकिन टीम जीत से दूर रही। हसरंगा की चोट श्रीलंका के लिए चिंता का विषय है। विश्व कप में स्पिनिंग आक्रमण और निचले क्रम की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुशान हेमंथा जैसे नए खिलाड़ी को टीम में शामिल करना श्रीलंका के लिए चुनौती और अवसर दोनों है। आगामी मैचों में टीम को संतुलन बनाए रखना होगा और बल्लेबाजी के दबाव को संभालना होगा। टी20 विश्व कप में हर मैच अहम है और हसरंगा की अनुपस्थिति में श्रीलंका को रणनीति बदलनी होगी। टीम के कोच और कप्तान इस समय खिलाड़ियों के मनोबल और गेंदबाजी संयोजन पर ध्यान दे रहे हैं। खेल प्रेमियों की नजरें अगले मैचों पर हैं कि नई स्थिति में श्रीलंका किस तरह से मुकाबला करती है।
हल्की खांसी भी हो सकती है फेफड़ों के कैंसर की चेतावनी, आयुष मंत्रालय ने दिए जरूरी लक्षण

नई दिल्ली ।देश में डायबिटीज और थायराइड की बढ़ती समस्या के बाद अब फेफड़ों का कैंसर भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 81,219 पुरुष और 30,109 महिलाओं में नए फेफड़ों के कैंसर के मामले दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की खांसी और सामान्य श्वसन संबंधी परेशानियां भी कभी-कभार कैंसर का संकेत हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने हाल ही में फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया है और इस गंभीर बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए हैं। आयुष मंत्रालय ने बताया कि फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और इन्हें सामान्य श्वसन संबंधी बीमारियों से मिलाया जा सकता है। लगातार खांसी, थकान, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। मंत्रालय ने जोर दिया कि सही समय पर लक्षणों को पहचानकर डॉक्टर से सलाह लेना और इलाज शुरू करना कई लोगों की जान बचा सकता है। फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारणों में सिर्फ तंबाकू या धूम्रपान ही शामिल नहीं हैं। इसमें परोक्ष धूम्रपान वायु प्रदूषण और रसायनों या एस्बेस्टस से जुड़े व्यावसायिक उद्योग भी जोखिम बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारकों के प्रभाव को समझना और बचाव के उपाय अपनाना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। फेफड़ों का कैंसर मूलतः तब होता है जब फेफड़ों की कोशिकाएं सामान्य विभाजन प्रक्रिया के दौरान अनियमित रूप से बदल जाती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इस स्थिति में फेफड़े ठीक से काम नहीं कर पाते और समय रहते इलाज न मिलने पर शरीर के अन्य हिस्सों में भी बीमारी फैल सकती है। फेफड़ों में मुख्यतः दो प्रकार के कैंसर पाए जाते हैं। पहला नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर है और दूसरा स्मॉल सेल लंग कैंसर। भारत में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर के मामले अधिक पाए जाते हैं। यदि इसे शुरुआती दौर में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है और मरीज स्वस्थ हो सकते हैं। वहीं स्मॉल सेल लंग कैंसर अधिक खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह शरीर के अन्य हिस्सों में तेजी से फैलता है और इलाज मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर जांच और उपचार न होने पर दोनों प्रकार के कैंसर गंभीर परिणाम दे सकते हैं। आयुष मंत्रालय ने लोगों से आग्रह किया है कि फेफड़ों से जुड़ी किसी भी असामान्य समस्या को नजरअंदाज न करें। हल्की खांसी को भी गंभीरता से लें और डॉक्टर से जांच कराएं। साथ ही तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें, वायु प्रदूषण से बचाव करें और व्यावसायिक जोखिमों को समझें। यदि समय पर सावधानी और इलाज शुरू कर दिया जाए तो फेफड़ों के कैंसर से बचाव और रोग प्रबंधन दोनों ही संभव हैं। देश में जागरूकता फैलाना और लोगों को लक्षणों की पहचान कराना बेहद महत्वपूर्ण है। आयुष मंत्रालय की पहल इसी दिशा में एक कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर इलाज से फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
अमेरिकी बाजार में और मजबूत होगी भारतीय दवाओं की पकड़ एक्सपर्ट

नई दिल्ली ।भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर जहां कई सेक्टरों में संशय और आशंकाएं बनी हुई हैं वहीं फार्मा सेक्टर को लेकर तस्वीर काफी सकारात्मक नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील के बाद भारतीय फार्मा इंडस्ट्री की पकड़ अमेरिकी बाजार में और मजबूत होगी। कम लेबर कॉस्ट उन्नत निर्माण क्षमता और किफायती दवाओं के कारण भारत पहले से ही अमेरिका के लिए एक अहम फार्मा सप्लायर बना हुआ है और आने वाले समय में यह निर्भरता और गहरी हो सकती है। जोटा हेल्थकेयर के चेयरमैन केतन जोटा ने इस विषय पर कहा कि अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा एफडीए अप्रूव्ड दवा निर्माण प्लांट भारत में स्थित हैं। यह अपने आप में भारतीय फार्मा सेक्टर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। भारत से अमेरिका को बड़ी मात्रा में जेनरिक दवाएं लाइफ सेविंग मेडिसिन और क्रॉनिक बीमारियों की दवाएं निर्यात की जाती हैं। यही वजह है कि अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम में भारत की भूमिका बेहद अहम बन चुकी है। केतन जोटा के अनुसार प्रस्तावित ट्रेड डील भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टैरिफ के मामलों में अमेरिका का रुख आमतौर पर सख्त रहा है और वह शायद ही कभी झुकता है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कूटनीतिक स्तर पर संतुलित और लाभकारी समझौता संभव हुआ है। यह डील दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है जिससे व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत से अमेरिका को मुख्य रूप से लाइफस्टाइल और क्रॉनिक बीमारियों से जुड़ी दवाओं का निर्यात किया जाता है। इसमें डायबिटीज ब्लड प्रेशर थायराइड और अन्य लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। अमेरिकी बाजार में इन दवाओं की मांग लगातार बनी रहती है क्योंकि वहां स्वास्थ्य सेवाओं की लागत काफी अधिक है और भारतीय जेनरिक दवाएं किफायती विकल्प के रूप में देखी जाती हैं। केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील से भी भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत कई दवाओं के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनने का मौका मिलेगा। साथ ही इस डील से टेक्नोलॉजी और व्यापार का ट्रांसफर भी भारत में होगा जिससे दवा निर्माण प्रक्रिया और उन्नत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सीधा असर भारत में दवा उत्पादन की लागत पर पड़ेगा। बड़े पैमाने पर उत्पादन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दवाओं की लागत और कम होगी। इसका फायदा केवल एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि घरेलू बाजार में भी मरीजों को सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस तरह भारत अमेरिका ट्रेड डील और यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। इससे भारत की वैश्विक साख मजबूत होगी एक्सपोर्ट में इजाफा होगा और देश के भीतर हेल्थकेयर सिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। फार्मा सेक्टर आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर सकता है।
CM MOHAN YADAV: मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सामाजिक कल्याण, जनजातीय विकास, ऊर्जा, न्यायिक सेवा और पेंशन व्यवस्था से जुड़े कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे-मातरम् के सामूहिक गायन से हुई। CM MOHAN YADAV: मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस स्वीकृति के तहत जनजातीय कार्य विभाग की प्रमुख योजनाओं में पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपये और आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल को शुल्क प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। HONEYTRAP CASE: शिवपुरी में हनीट्रैप गैंग गिरफ्तार: व्यापारी से जबरन ठगे 1 लाख मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया। इसके तहत 63,077 अविद्युतीकृत घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार का अंश 220 करोड़ 3 लाख रुपये और राज्य सरकार का अंश 146 करोड़ 69 लाख रुपये रहेगा। इसके साथ ही म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 8,521 घरों के ऑफ-ग्रिड सोलर + बैटरी विद्युतीकरण के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है। बैठक में उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 और पेंशन के सारांशीकरण नियम 2026 को मंजूरी दी। इन नियमों के तहत पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। खास बात यह है कि अब परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया है। KARNATAKA POLITICS: ’80-90 MLA ने हाई कमांड से डीके शिवकुमार को CM पद का मौका देने का किया अनुरोध’, दिल्ली रवाना हुए डिप्टी सीएम इसके साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली नियम 2026 और एनपीएस के अंतर्गत उपदान संदाय नियम 2026 को भी मंजूरी दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इनमें अभिदाता की मृत्यु पर परिवार पेंशन, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ई-सेवा पुस्तिका, उपदान भुगतान और विभागीय जांच से जुड़े स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। सरकार के इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा, जनजातीय उत्थान और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
IND vs PAK : ‘इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं’, IND vs PAK मैच से पहले शाहिद अफरीदी ने उगला जहर; जानें अब क्या कहा

IND vs PAK : नई दिल्ली ।टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर पिछले काफी दिनों से विवाद चल रहा है. पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, लेकिन अब अपने फैसले से यू-टर्न लेते हुए उन्हें खेलने के लिए राजी होना पड़ा. इस बीच शाहिद अफरीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हमेशा की तरह इसमें भी वह भारत के खिलाफ जहर ही उगल रहे हैं. पूरा पाकिस्तान इस समय बौखलाया हुआ है, जो उनके बयानों से साफ झलक रहा है. दरअसल पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स पहले इस बात से खुश थे कि उनके देश ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया. उन्हें लगा कि इससे बीसीसीआई या आईसीसी दबाव में आ जाएगा, लेकिन इसके उलट पीसीबी पर ही दबाव बढ़ता गया और अंत में उन्हें भारत के खिलाफ खेलने के लिए राजी होना पड़ा. शाहिद अफरीदी का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि भारत को सिर्फ 4 गुजराती चला रहे हैं. शाहिद अफरीदी ने उगला भारत के खिलाफ जहर पाकिस्तानी टीवी चैनल समा पर एक शो के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा, “इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं. 2 बेच रहे हैं और 2 चला रहे हैं. अगर नीचे काम करने वालों को इन्हीं चारों को खुश करना है तो ऐसे चीजें चलती नहीं हैं.” अफरीदी की बातों से साफ झलक रहा था कि वह आईसीसी के सामने पाकिस्तान क्रिकेट की बेबसी और हालत देखकर कितने मायूस हैं. 15 फरवरी को होगा भारत-पाकिस्तान मैच भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप (A) में शामिल हैं. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में मैच होना है. पाकिस्तान ने जब इस मैच के बहिष्कार का फैसला किया था तो उसके बाद सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा था कि टीम इंडिया मैच खेलने जाएगी, चाहे विरोधी टीम आए या न आए. भारत शुरुआत से अपने स्टैंड पर अड़ा रहा, लेकिन अंत में पाकिस्तान को झुकना पड़ा.
RJD COMMENT ON NITISH: बुड्ढा लड़का लोफर है…’, RJD ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर की अभद्र टिप्पणी

RJD COMMENT ON NITISH: नई दिल्ली । बिहार में विधान परिषद में सत्र की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व सीएम राबड़ी देवी को लड़की कहे जावने के मामले पर विवाद बढ़ता चला जा रहा है। पहले रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर सीएम नीतीश पर निशाना साधा था। इसके बाद तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को डिमेंशिया और अल्जाइमर का शिकार बता दिया था। वहीं अब राजद ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। राजद ने सीएम नीतीश को लोफर और बुड्ढा तक कह दिया था। RJD ने क्या ट्वीट किया? राजद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए विवादित टिप्पणी की। राजद ने कहा संवैधानिक पद पर बैठ महिलाओं के लिए अश्लील बातें करने वाला बिहार का बुड्ढा लड़का लोफर है। आज विधान परिषद में मार्शल बुलाए गए मंगलवार को बिहार विधानसभा में लगातार हंगामा देखने को मिला। इसके बाद विपक्ष के लगातार हंगामे के बाद सभापति ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को मार्शल से दिन भर के लिए बाहर करवा दिया। सभापति ने बार बार कहा कि प्रश्नकाल को बाधित नहीं करें सदन की कार्यवाही में व्यवधान न डालें बावजूद विपक्ष के सदस्य बेल तक पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। इसके बाद सभापति ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर करने का आदेश दे दिया। बाहर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक सभापति के आदेश से मार्शल बुलाए गए जिन्होंने बीच-बचाव करते हुए सदस्यों को अलग किया। सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री अशोक चौधरी काफी गुस्से में दिखाई दिए वहीं विपक्ष के नेता भी आक्रोशित नजर आए। इस दौरान अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से कहा तुम क्या हो जिस पर सुनील सिंह ने जवाब देते हुए उन्हें नौटंकीबाज तक कह दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में भारी शोर-शराबा और हंगामे का माहौल बना रहा।
UTS APP: रेल यात्री अलर्ट! 1 मार्च से जनरल टिकट वाला UTS ऐप होगा बंद, इस नए ऐप से करें बुकिंग

UTS APP: नई दिल्ली ।अगर आप रोजाना लोकल ट्रेन या अनरिजर्व्ड टिकट के लिए UTS on Mobile ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों को जानकारी दी है कि UTS on Mobile ऐप को 1 मार्च 2026 से पूरी तरह बंद किया जा रहा है। यानी इस तारीख के बाद UTS ऐप से न तो टिकट कटेगा और न ही कोई दूसरी सुविधा मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते RailOne ऐप पर शिफ्ट हो जाएं, ताकि उनकी रोजमर्रा की यात्रा में कोई परेशानी न आए। RailOne एक नया ऐप है, जिसमें टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। आज के समय में लाखों यात्री रोज़ाना मोबाइल से टिकट बुक करते हैं। ऐसे में UTS ऐप का बंद होना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रेलवे का कहना है कि RailOne ऐप यात्रियों को पहले से ज्यादा आसान, तेज और भरोसेमंद अनुभव देगा। अगर आपने अब तक RailOne ऐप डाउनलोड नहीं किया है, तो आगे चलकर आपको टिकट लेने में दिक्कत हो सकती है। क्यों बंद हो रहा UTS on Mobile ऐप भारतीय रेलवे लगातार अपनी डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। UTS on Mobile ऐप पिछले कई सालों से अनरिजर्व्ड टिकट के लिए इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब रेलवे ने फैसला लिया है कि अलग-अलग ऐप की जगह एक ही ऑल-इन-वन ऐप दिया जाए। RailOne ऐप क्या है और इसमें क्या मिलेगा RailOne ऐप भारतीय रेलवे की नई डिजिटल पहल है। इस ऐप के जरिए यात्री एक ही जगह पर कई काम कर सकते हैं। RailOne ऐप से आप अनरिजर्व्ड टिकट ले सकते हैं, रिजर्व्ड टिकट से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं, यात्रा प्लान कर सकते हैं, ट्रेन से जुड़ी जरूरी सेवाएं पा सकते हैं। यानी अब टिकट बुकिंग के लिए अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत नहीं होगी। कब से बंद होगा UTS ऐप रेलवे द्वारा जारी सूचना के मुताबिक UTS on Mobile ऐप 1 मार्च 2026 से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद ऐप काम नहीं करेगा। टिकट बुकिंग के लिए केवल RailOne ऐप का ही इस्तेमाल करना होगा। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि आखिरी समय का इंतजार न करें। ऐसे डाउनलोड करें RailOne ऐप RailOne ऐप को डाउनलोड करना बेहद आसान है। Android यूजर्स Google Play Store से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। iPhone यूजर्स Apple App Store से RailOne ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं। डाउनलोड के बाद अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें और जरूरी जानकारी भरकर ऐप का इस्तेमाल शुरू करें।
HONEYTRAP CASE: शिवपुरी में हनीट्रैप गैंग गिरफ्तार: व्यापारी से जबरन ठगे 1 लाख

HIGHLIGHTS: शिवपुरी में व्यापारी को हनीट्रैप में फंसाया। जंगल में मारपीट कर वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल किया। पीड़ित से 1,05,640 रुपए फोन-पे से ठगे। पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार। संगठित गैंग के अन्य सदस्य फरार, पूछताछ जारी। HONEYTRAP CASE: शिवपुरी। दोस्ती का झांसा देकर मारपीट और ब्लैकमेलिंग करने वाली गैंग को देहात थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरियादी आदित्य जैन (26) के अनुसार, गैंग की युवती ने खुद को “अंजली” बताया और लगातार बातचीत कर उसे विश्वास में लिया। और बड़ी ही चालाकी से उससे पैसे ठग लिए। SCHOOL ROOF COLLAPSED: स्कूल परिसर में अचानक गिरी छत, लंबे समय से नहीं हो रहा था उपयोग अकेले मिलने बुलाया, जंगल में धमकाया 31 जनवरी 2026 को आदित्य अपनी कार से बड़ोदी टंकी पहुंचे। युवती ने उसे अकेले में मिलने के लिए बड़ागांव रोड की ओर ले जाया। वहां पहले से मौजूद पांच युवकों ने मारपीट की और जंगल में ले जाकर वीडियो बनाया। संभल के पूर्व सीओ अनुज चौधरी को उच्च न्यायालय से राहत, FIR के आदेश पर रोक पैसे की मांग और डर का फायदा आरोपियों ने धमकी दी कि वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा और झूठे मामले दर्ज करवा दिए जाएंगे। डर के कारण आदित्य ने फोन-पे के माध्यम से 1,05,640 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद गैंग मौके से फरार हो गया। साइबर सेल और पुलिस कार्रवाई साइबर सेल की मदद से संदिग्ध नंबरों का पता लगाया गया। जांच में पता चला कि नंबर आकाश ओझा के नाम पर था। पुलिस ने आकाश के भाई राजा ओझा, उसकी पत्नी कल्पना रजक, और अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 25 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। Collectorate Public Hearing: 13 साल की नौकरी के बाद हटाई गई दिव्यांग महिला, कलेक्टर के सामने फूट-फूटकर रोई पुलिस का कहना पुलिस के अनुसार यह एक संगठित गैंग था और सरगना चंद्रपाल धाकड़ था। आशंका है कि इससे पहले भी कई लोगों को निशाना बनाया गया। पूछताछ जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Air Taxi in Delhi-NCR: दिल्ली-NCR में चलेगी एयर टैक्सी, 10 मिनट में तय होगा डेढ़ घंटे वाला सफर; इस रूट पर सबसे पहले मिलेगी सुविधाा

नई दिल्ली । अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और रोज ऑफिस जाने के लिए लंबा सफर तय करते हैं तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में भी एयर टैक्सी चलाने का प्लान है और इसक ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया गया है. एयर टैक्सी चलने के बाद दिल्ली में हर रोज लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी निजात मिलेगी. ऐसे में चलिए जानते हैं कि किस रूट के लोगों को सबसे पहले एयर टैक्सी की सुविधा मिलेगी और इसका पूरा प्लान क्या है. इस रूट पर 10 मिनट में तय होगा सफर अब वो दिन दूर नहीं जब दिल्ली से गुरुग्राम जाने के लिए सड़क नहीं आसमान का रास्ता लिया जाएगा. ट्रैफिक में फंसे रहने की जगह लोग सीधे हवा में उड़ती टैक्सी से सफर करेंगे. बता दें, भारतीय उद्योग परिसंघ CII की नई रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का प्लान सामने आया है. इस प्लान के तहत दिल्ली, गुरुग्राम और जेवर एयरपोर्ट को हवाई रास्ते से जोड़ा जाएगा. मतलब जिस गुरुग्राम से कनॉट प्लेस पहुंचने में आज एक-डेढ़ घंटा लग जाता है वही सफर सिर्फ 7 से 10 मिनट में पूरा हो सकेगा. कैसी होगी एयर टैक्सी?प्लान के मुताबिक, ये एयर टैक्सी असल में छोटी इलेक्ट्रिक उड़ने वाली गाड़ियां होंगी जो हेलिकॉप्टर की तरह सीधी ऊपर उठेंगी और सीधे तय जगह पर उतर जाएंगी. CII की रिपोर्ट कहती है कि पहले इसे ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा, अगर सब कुछ ठीक रहा तो धीरे-धीरे आम लोगों के लिए इसे शुरू किया जा सकता है.इससे फायदा यह होगा कि ट्रैफिक से छुटकारा मिलेगा, वक्त बचेगा और इलेक्ट्रिक तकनीक होने की वजह से प्रदूषण भी कम होगा. आसान नहीं है एयर टैक्सी का रास्ता दिल्ली-एनसीआर में एयर टैक्सी का रास्ता इतना आसान नहीं है. दरअसल, दिल्ली का आसमान पहले से ही विमानों से भरा रहता है. ऐसे में एयर टैक्सी उड़ाने के लिए नए नियम, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और खास लैंडिंग जगहें बनानी होंगी. सरकार और विमानन एजेंसियों की मंजूरी के बिना ये सपना हकीकत नहीं बनेगा. रिपोर्ट के मुताबिक 2026 से 2028 के बीच इसका ट्रायल शुरू हो सकता है और अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चला तो आने वाले सालों में दिल्ली से गुरुग्राम जाना कुछ वैसा हो जाएगा, जैसे आज मेट्रो पर बस फर्क इतना होगा कि मेट्रो जमीन पर चलती है और ये टैक्सी आसमान में उड़ती दिखेगी.
Sambhal Violence: संभल के पूर्व सीओ अनुज चौधरी को उच्च न्यायालय से राहत, FIR के आदेश पर रोक

Sambhal Violence: नई दिल्ली । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल के पूर्व पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज कुमार चौधरी समेत कई अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मंगलवार को रोक लगा दी। चौधरी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति समित गोपाल ने यह आदेश पारित किया। चौधरी ने संभल के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा नौ जनवरी को पारित आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख निर्धारित की। चौधरी की याचिका के अलावा, राज्य सरकार ने भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। दोनों ही याचिका पर अदालत एक साथ सुनवाई कर रही है। क्या था मामला? तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने आलम नाम के युवक के पिता यामीन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173 (4) के तहत दायर अर्जी स्वीकार कर ली थी। अर्जी में, यामीन ने आरोप लगाया था कि 24 नवंबर 2024 को सुबह करीब पौने नौ बजे आलम जामा मस्जिद के पास ठेले पर ’रस्क’ और बिस्कुट बेच रहा था, तभी कुछ पुलिस कर्मियों ने अचानक भीड़ पर गोली चलानी शुरू कर दी। चौधरी और कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार तोमर को इस अर्जी में नामजद किया गया था। सीजेएम सुधीर ने अपने 11 पन्नों के आदेश में कहा था कि पुलिस आपराधिक कृत्यों के लिए आधिकारिक कर्तव्य की आड़ नहीं ले सकती। उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का संदर्भ लेते हुए सीजेएम ने कहा था कि किसी व्यक्ति पर गोलीबारी को आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं माना जा सकता। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध होने को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा था कि उपयुक्त जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।