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रणझी की छोटी विक्टोरिया बनी बड़ी उम्मीद 45 करोड़ का 100 बेड अस्पताल दो लाख लोगों को देगा राहत

जबलपुर के उपनगरीय क्षेत्र रणझी में स्थित सिविल अस्पताल जिसे लोग वर्षों से छोटी विक्टोरिया के नाम से जानते हैं अब इतिहास रचने जा रहा है यह वही अस्पताल है जो अब तक केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया था लेकिन अब इसकी पहचान पूरी तरह बदलने वाली है करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार चार मंजिला हाईटेक 100 बिस्तरों वाला नया अस्पताल भवन क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है इस अस्पताल के शुरू होने के बाद रणझी और आसपास के इलाकों के लगभग दो लाख लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी अब तक हार्ट अटैक ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज जैसे गंभीर मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता था इस प्रक्रिया में 20 से 25 मिनट का कीमती समय निकल जाता था जो कई बार मरीज की जान के लिए खतरा बन जाता था नए भवन के संचालन में आने के बाद हालात पूरी तरह बदलने की उम्मीद है अस्पताल में आधुनिक जांच मशीनें स्थापित की गई हैं 100 बिस्तरों की सुविधा शुरू होने के साथ ही डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भी पर्याप्त तैनाती होगी इससे सामान्य बीमारियों के साथ साथ गंभीर रोगों का इलाज भी यहीं संभव हो सकेगा रणझी सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 300 से 350 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण अब तक उन्हें सीमित सुविधाएं ही मिल पाती थीं नए अस्पताल भवन के शुरू होने से मरीजों को बेहतर जांच सही समय पर उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिलेगी रणझी के छह वार्डों के अलावा मटामर सोनपुर मानेगांव मोहनिया खमरिया पिपरिया और उमरिया जैसे क्षेत्रों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के अनुसार नए भवन के चालू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी बढ़ जाएगा अस्पताल में जरूरी जांच सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सक और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा इस चार मंजिला अस्पताल भवन की संरचना भी पूरी तरह आधुनिक है पहली मंजिल पर प्रशासनिक ब्लॉक बनाया गया है दूसरी मंजिल पर पुरुष और महिला वार्ड की सुविधा है तीसरी मंजिल पर अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं भवन में सीढ़ी रैंप और तीन लिफ्ट की सुविधा दी गई है साथ ही बाहर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है अस्पताल में दो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं जहां माइनर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी इसके अलावा एक पैथोलॉजी लैब भी बनाई गई है जिसमें जरूरी जांच की सुविधाएं होंगी नई ओपीडी वार्ड इमरजेंसी वार्ड और अन्य संसाधन भी मरीजों को उपलब्ध कराए जाएंगे कुल मिलाकर छोटी विक्टोरिया के नाम से पहचाने जाने वाले इस अस्पताल का यह नया रूप रणझी और आसपास के इलाकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई शुरुआत साबित होगा जहां समय पर इलाज मिलने से न सिर्फ लोगों की जान बचेगी बल्कि शहर पर स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव भी कम होगा

जलपक्षियों की राजधानी बना जबलपुर एशियाई वॉटरबर्ड गणना में प्रदेश में नंबर वन

जबलपुर /मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर ने एक बार फिर अपनी प्राकृतिक समृद्धि का लोहा मनवाया है। एशियाई वॉटरबर्ड सेंसरस में जबलपुर पूरे प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है। जलपक्षियों के लिए जबलपुर अब सबसे सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाने के रूप में उभर कर सामने आया है। हाल ही में संपन्न हुई 40वीं एशियाई वॉटरबर्ड गणना के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जबलपुर के जलाशय जैव विविधता के लिहाज से बेहद समृद्ध हैं। इस वॉटरबर्ड सेंसरस में मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और वन मंडलों को शामिल किया गया था। पहली बार पूरे प्रदेश में स्थानीय और प्रवासी जलपक्षियों की एक साथ वैज्ञानिक तरीके से गणना की गई। इस व्यापक सर्वेक्षण में जबलपुर वन मंडल ने सबसे अधिक जलपक्षियों की मौजूदगी दर्ज कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है जबकि राजधानी भोपाल दूसरे नंबर पर रहा। जबलपुर वन मंडल के एसडीओ एम एल बरकड़े के अनुसार यह गणना पूरी तरह आधुनिक तकनीक के माध्यम से की गई। ई बर्ड ऐप के जरिए पक्षियों की प्रजातियों और संख्या को डिजिटल रूप से दर्ज किया गया जिससे आंकड़े अधिक सटीक और पारदर्शी बन सके। यह तरीका न केवल विश्वसनीय है बल्कि भविष्य में जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। सर्वेक्षण में जबलपुर के पनागर क्षेत्र स्थित मोहारी तालाब जलपक्षियों का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर सामने आया है। यहां कुल 139 प्रजातियों के देशी और विदेशी जलपक्षी देखे गए। बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों ने इस तालाब को अपना अस्थायी बसेरा बनाया है जो इस क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है। मोहारी तालाब में इंडियन स्पॉट बिल्ड डक साइबेरियन और यूरेशियन प्रजातियों के पक्षी ग्रेलेग गूज नॉर्दर्न पिंटेल गार्गेनी पर्पल मूरहेन कॉमन कूट ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट रेड वॉटल्ड लैपविंग लिटिल ग्रीब इंडियन कॉर्मोरेंट डार्टर ग्रे हेरॉन व्हाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर स्टॉर्क बिल्ड किंगफिशर और पाइड किंगफिशर जैसे कई दुर्लभ और आकर्षक पक्षी देखे गए। इन पक्षियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि मोहारी तालाब अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रवासी पक्षियों के लिए भी सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि जबलपुर के जलाशयों में पर्याप्त पानी स्वच्छ वातावरण और मानवीय हस्तक्षेप की सीमित मौजूदगी ने इन पक्षियों को आकर्षित किया है। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जबलपुर की बड़ी सफलता है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि यदि जल स्रोतों का सही तरीके से संरक्षण किया जाए तो जैव विविधता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। एशियाई वॉटरबर्ड सेंसरस में मिली यह उपलब्धि जबलपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली है। यह न केवल पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को भी मजबूत करेगी। जलपक्षियों की यह बढ़ती संख्या आने वाले समय में जबलपुर को बर्ड वॉचिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

GUNA NEWS: महू खान गांव के पास जली अवस्था में मिला युवक , ग्वालियर जाते समय मौत

GUNA NEWS

HIGHLIGHTS: गुना में सड़क किनारे जली हालत में युवक मिला। 90% झुलसा, ग्वालियर जाते वक्त दम तोड़ा। पैसे और सामान सुरक्षित, मोबाइल जल गया। पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। GUNA NEWS: गुना। कैंट थाना क्षेत्र के महू खान गांव के पास सोमवार सुबह एक युवक जली हुई अवस्था में मिला। गंभीर रूप से झुलसे विकास को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे ग्वालियर रेफर किया गया। लेकिन ग्वालियर जाते समय रास्ते में युवक की मौत हो गई।   भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार विकास, जो सेमरा गांव का रहने वाला था और वर्तमान में साईं सिटी कॉलोनी, गुना में रहता था, सोमवार सुबह 9 बजे घर से कटिंग कराने के लिए निकला था और घटना के समय वह अकेला ही बाइक पर जा रहा था। ग्रामीणों ने सड़क किनारे युवक को जली हुई हालत में देखा, पास में उसकी बाइक खड़ी थी। बताया जा रहा है कि युवक ने मौके पर अपना नाम बताया और कुछ समय बातचीत भी की। आश्चर्यजनक रूप से पास रखे उसके पैसे और अन्य सामान सुरक्षित थे, हालांकि उसका मोबाइल पूरी तरह जल गया था। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि युवक 90% से अधिक झुलस गया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर ग्वालियर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। शव को जिला अस्पताल वापस लाकर मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। NAGAR PALIKA  ALLEGATION: पूर्व विधायक ने भिंड नगर पालिका पर लगाए गंभीर आरोप: बोले- विकास नहीं, सिर्फ कागजी काम” कैंट थाना प्रभारी TI अनूप भार्गव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण अभी तक बयान नहीं दे पाया। घटना के कारण स्थानीय लोग और परिवारजन शोक में हैं। लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने कैसे आग पकड़ ली। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से जानकारी जुटा रही है, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके।

भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

भोपाल । भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS प्रथम वर्ष 2025 बैच की छात्रा कोहेफिजा इलाके के एक प्राइवेट पीजी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में स्थित पीजी में रह रही थी। मंगलवार सुबह उसे उसके कमरे के बाथरूम में बेसुध अवस्था में पाया गया। परिजनों और दोस्तों ने कमरे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव के पास एक खाली एसिड की बोतल बरामद हुई है जिससे मौत की वजह पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन एसिड की मौजूदगी ने मामले को और जटिल बना दिया है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना बड़ी चुनौती बन गया है कि क्या यह आत्महत्या थी या किसी अन्य साजिश का हिस्सा। अभी तक कोई स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया है लेकिन एसिड की बोतल होने के कारण जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है। पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हैमिडिया अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पता चलेगा कि छात्रा की मौत एसिड के कारण हुई थी या किसी अन्य वजह से। कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही छात्रा के मोबाइल बैग और अन्य सामानों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्रा के साथ कोई मानसिक दबाव तो नहीं था या किसी प्रकार का दबाव/हैरानी वाली घटना तो नहीं हुई। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास के छात्रों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। कई छात्रों और परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावास/पीजी में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है जो इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में एसिड से संबंधित कारण सामने आते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने स्वयं ही आत्महत्या की या किसी ने उसे मारकर मामले को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।

बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान

भोपाल । मध्यप्रदेश बीजेपी में अब से नकद चंदा बंद किया जा रहा है। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि अब से सहयोग निधि केवल ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही जमा होगी। यह नई व्यवस्था कल से शुरू हो रहे सहयोग निधि अभियान के साथ लागू होगी। बीजेपी के प्रदेश स्तर पर आज बड़ी बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी को मिलने वाली सहयोग निधि में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नकद चंदा पूरी तरह बंद किया जाएगा। अभियान कल से शुरू हो रहा है और यह 15 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर पर पार्टी के बैंक खाते में कोई राशि जमा नहीं होगी। सभी योगदान सीधे प्रदेश स्तर के खाते में आएंगे और बाद में उन्हें जिलों को भेजा जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपए या इससे अधिक की राशि बिना PAN नंबर के स्वीकार नहीं की जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की सूची तैयार की जाएगी, जिसमें नाम-पता, बैंक का नाम-पता और चेक-बुक नंबर जैसी जानकारी दर्ज होगी। यह अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि से शुरू हो रहा है। इससे पहले पिछले साल स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की शताब्दी वर्ष पर समर्पण निधि का अभियान चलाया गया था, जिसमें करीब 100 करोड़ से अधिक राशि जुटाई गई थी। बीजेपी का यह कदम पार्टी की वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, इससे फंडिंग के स्रोतों की स्पष्टता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। केंद्र और प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय समय की मांग माना जा रहा है। साथ ही, चुनावी साल में वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब यह देखना होगा कि इस अभियान के तहत कितनी सहयोग निधि जुटती है और पार्टी के लिए यह नया तरीका कितना प्रभावी साबित होता है।

NAGAR PALIKA  ALLEGATION: पूर्व विधायक ने भिंड नगर पालिका पर लगाए गंभीर आरोप: बोले- विकास नहीं, सिर्फ कागजी काम”

BHIND NAGAR PALIKA

NAGAR PALIKA  ALLEGATION:  भिंड। नगर पालिका को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद गर्मा गया है। लंबे समय से विवादों में घिरी भिंड नगर पालिका पर अब पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों की नाराजगी और परिषद की बैठकों में हंगामे के बीच पूर्व विधायक ने विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए। नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप भ्रष्टाचार और कागजी खानापूर्ति का आरोप संजीव सिंह कुशवाह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में नगर पालिका में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ा है। विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं दिखता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में मंजूर टेंडरों पर अभी भी काम चल रहा है और नए विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं। योजनाओं में घोटाले का दावा पूर्व विधायक ने संबल योजना सहित अन्य योजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया। उनके अनुसार नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी गरीबों का हक हड़प रहे हैं। शहर की गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में नई सड़कें नहीं बनीं, लेकिन टेंडरों के जरिए भुगतान निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित पार्षदों में नाराजगी, इस्तीफे की नौबत संजीव सिंह कुशवाह ने कहा कि पार्षदों में भारी आक्रोश है और कई इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के संरक्षण में हो रहा है। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि विधायक परिषद की बैठकों का संचालन करते हैं और पार्षदों व अधिकारियों को डांट-फटकार लगाते हैं, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। GWALIOR NEWS: ग्वालियर में शुरू हुई 12वीं बोर्ड परीक्षा, 26,744 छात्र शामिल विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का पलटवार विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। हाल ही में 50 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। गौरी तालाब पर जाली लगाई गई है, तालाब के पास सड़क निर्माण का काम चल रहा है और अन्य विकास कार्य भी जारी हैं।

मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक

भोपाल । मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का एक माह से गायब रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान उनके न मिलने की वजह के रूप में एक गैंग से डर की बातें सामने आईं। मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने इसे राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और सत्ता की अक्षमता बताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि प्रदेश में पहले लाडली बहन जैसी घटनाएँ हो रही थीं अब बीजेपी के विधायक भी गायब हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप पटेल मूसा गैंग से डरकर गायब हुए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में कितनी गैंगें चल रही हैं और माफियाओं का राज है। कांग्रेस ने इसे नया माफिया कहकर सरकार पर हमला किया। पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार अपने ही विधायक को ढूंढ नहीं पा रही जबकि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम जनता पहले से ही परेशान है और अब विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला विधानसभा में उठाया जाएगा और सड़कों पर भी आवाज़ उठेगी। उनका कहना था कि बीजेपी का विधायक गायब है और सरकार उसे खोज नहीं पा रही इससे शर्मनाक स्थिति और कुछ नहीं हो सकती। दूसरी ओर डिप्टी सीएम और विंध्य क्षेत्र के नेता राजेंद्र शुक्ल ने इस खबर को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदीप पटेल सक्रिय विधायक हैं और जनता की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं है और गैंग की खबरों में कोई वास्तविकता नहीं है। राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है और यह सारी बातें अफवाहें हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधायक लगातार काम कर रहे हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। मामले को लेकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार को अपने ही विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से इसे निराधार बताते हुए मामला शांतिपूर्ण रूप से टाला जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि विधायक की असल स्थिति क्या है और प्रशासन इस मामले में कब तक स्पष्टता देगा।

MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन यानी सोमवार को 12वीं के छात्रों ने अंग्रेजी का पेपर दिया। इस साल लगभग 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल में 104 केंद्रों पर 2600 के करीब छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा को शांतिपूर्ण नकलमुक्त और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। नकल रोकने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कई विद्यार्थियों ने पेपर को आसान और सामान्य स्तर का बताया। जलज शर्मा ने कहा कि आज का एग्जाम बहुत अच्छा रहा जबकि उन्नति ने बताया कि पेपर वैसा ही आया जैसा उन्होंने सोचा था। वंश ठाकुर ने भी कहा कि पेपर आसान था और उम्मीद के अनुसार ही रहा। प्रदेश में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं की परीक्षा देंगे जबकि लगभग 7 लाख छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं। सभी जिलों में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे जो पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी होंगे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। नकल रोकने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इन कैमरों की निगरानी भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधे की जाएगी। इसके अलावा प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान थानों से वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती भी की गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नोटिस बोर्ड मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षा संबंधी सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रहे। इसके अलावा बोर्ड ने हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

अरबपतियों की दुनिया में महा-उलटफेर: मार्क जुकरबर्ग ने बेजोस को पछाड़ा, टॉप-20 से फिसले गौतम अडानी!

नई दिल्ली।दुनिया के सबसे अमीर शख्सियतों की संपत्ति और उनकी रैंकिंग के लिए मशहूर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को आए आंकड़ों के अनुसार वैश्विक अमीरों की सूची में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है जिसका सीधा असर अमेरिकी टेक दिग्गजों से लेकर भारतीय उद्योगपतियों तक पड़ा है। इस फेरबदल की सबसे बड़ी सुर्खी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग रहे जिनकी संपत्ति में एक ही दिन में 5.58 अरब डॉलर का भारी इजाफा दर्ज किया गया। इस उछाल के साथ जुकरबर्ग अब 239 अरब डॉलर की कुल नेटवर्थ के साथ दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दिया है जिन्हें इस दौरान 822 मिलियन डॉलर का घाटा सहना पड़ा और वे अब पांचवें पायदान पर खिसक गए हैं। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के सिंहासन पर अब भी टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क मजबूती से काबिज हैं। मस्क की दौलत में 4.35 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है जिससे उनकी कुल संपत्ति अब 676 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। उनके ठीक बाद गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज 278 अरब डॉलर के साथ दूसरे और सर्गी ब्रिन तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। हालांकि संपत्ति में सबसे बड़ी छलांग ओरेकल के लैरी एलिसन ने लगाई जिनकी दौलत में 14.5 अरब डॉलर का अविश्वसनीय इजाफा हुआ लेकिन रैंकिंग के गणित के कारण वे फिलहाल छठे स्थान पर ही बने हुए हैं। टेक सेक्टर के अन्य दिग्गजों की बात करें तो एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग की किस्मत भी चमकी है और वे अब 157 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। भारतीय संदर्भ में देखें तो यह रिपोर्ट गौतम अडानी के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन की संपत्ति में हालांकि 370 मिलियन डॉलर की मामूली वृद्धि हुई लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अन्य अरबपतियों की तेज रफ्तार के कारण वे टॉप-20 की प्रतिष्ठित सूची से बाहर हो गए हैं। अब 86 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ अडानी 21वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। अंबानी की संपत्ति में 595 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई जिससे उनकी कुल नेटवर्थ अब 99 अरब डॉलर हो गई है और वे रैंकिंग में सुधार करते हुए 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। यह ताजा बदलाव स्पष्ट करता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की अस्थिरता किस तरह पलक झपकते ही अरबपतियों की किस्मत पलट देती है। जहां एक ओर अमेरिकी टेक कंपनियां एआई (AI) और डिजिटल विज्ञापनों के बूते अपनी तिजोरियां भर रही हैं वहीं भारतीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव ने घरेलू दिग्गजों की रैंकिंग को प्रभावित किया है। वॉल्टन परिवार जैसे दिग्गजों को भी इस बार नुकसान उठाना पड़ा है फिर भी वे टॉप-10 में अपनी जगह बचाने में सफल रहे। ब्लूमबर्ग की यह सूची दर्शाती है कि आने वाले समय में तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र के बीच की यह जंग और भी दिलचस्प होने वाली है।

नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप

ग्वालियरडबरा । ग्वालियर के डबरा शहर में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, लेकिन यह भव्य आयोजन एक दुखद हादसे में बदल गया। स्टेडियम ग्राउंड से शुरू हुई कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही थी, जिसमें हजारों महिलाएं एक ही रंग की साड़ियों में शामिल थीं। भीड़भाड़ और उत्साह के बीच अचानक एक संकरे मार्ग या चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई गिर पड़ीं। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 5 महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंचकर आयोजकों और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के उपाय न के बराबर थे। साथ ही आपातकालीन सुविधाओं की कमी और आयोजन स्थल पर समुचित व्यवस्था न होने का आरोप भी लगाया। यह आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा किया जा रहा है। 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 11 दिवसीय महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम), प्रदीप मिश्रा और कुमार विश्वास जैसे संत-कवि शामिल होंगे। आयोजक समिति ने घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार को सहायता देने की बात कही है। कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव पहले ही आयोजन की तैयारियों का जायजा ले चुके थे, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।इस दुखद घटना ने महोत्सव की शुरुआत को ही झकझोर दिया है और लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।