BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है? इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई। क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है। सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा? वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर में एक धार्मिक आयोजन में नर्मदा उद्गम कुंड में पुरानी प्रतिमा के स्थान पर मां नर्मदा की नई प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठित श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक के सौजन्य से 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ किया जाएगा। जिसका सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। मां नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की स्थापना से अमरकंटक की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी। श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी, परम पूज्य श्री हिमाद्री मुनि महाराज ने बताया कि 11 फरवरी बुधवार को प्रातः 11 बजे मां नर्मदा की ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित भव्य प्रतिमा को श्री नर्मदा मंदिर के उद्गम स्थल पर स्थित पुरानी प्रतिमा को बदल कर नयी प्रतिमा विधिवत रूप से विराजित किया जाएगा। मां नर्मदा की इस नवीन प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का पावन कार्य में श्री नर्मदा मंदिर अमरकंटक के विद्वान पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी, पंडित उमेश द्विवेदी सहित अन्य आचार्यगण द्वारा सम्पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न कराया जाएगा। परम तपस्वी एवं संत शिरोमणि बाबा कल्याण दास जी महाराज के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। इस अवसर पर श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक से पूज्य जगदीश आनंद जी महाराज,स्वामी हर स्वरूप जी महाराज,स्वामी धर्मानंद जी महाराज,स्वामी सुंदरानंद जी महाराज,विनोद कारकी रुपेश द्विवेदी उत्तम द्विवेदी एवं अन्य पुजारी उपस्थित रहें।
महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में श्री कृष्ण कामधेनु सामाजिक एवं धार्मिक लोक न्यास द्वारा प्रतिवषार्नुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। सोमवार को आयोजन की तैयारियों को लेकर न्यास के सदस्यों ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। संस्था ने बताया कि आगामी 15 फरवरी, रविवार को भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। प्रात: 11 बजे भगवान की राजभोग आरती और दर्शन के पश्चात, न्यास द्वारा भगवान पशुपतिनाथ को फरियाली खिचड़ी का नैवेद्य अर्पित किया जाएगां। इसके तुरंत बाद मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और शिवभक्तों के लिए प्रसाद वितरण का शुभारंभ होगा। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य और प्रकाशमय बनाने के लिए न्यास द्वारा विशेष पहल की जा रही है। संध्या 7 बजे से मंदिर क्षेत्र के आकाश में स्काय लालटेन उड़ाए जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में हवा में तैरते ये दीपक पूरे मंदिर क्षेत्र को अलौकिक आभा प्रदान करेंगे, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। न्यास का उद्देश्य धर्म और सेवा के माध्यम से भक्तों को जोड़ना है। खिचड़ी वितरण के साथ-साथ इस बार आकाश दीपों का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होगा। पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में होंगी लोक गायन-भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुतिसंस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियों पर एकाग्र महादेव महोत्सवका आयोजन 15 फरवरी, 2026 को सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। समारोह में लोक गायन, शिव केंद्रित नृत्य नाटिका एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियाँ संयोजित की जाएंगी। यह आयोजन जिला प्रशासन, मंदसौर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में पहली प्रस्तुति इंदौर के मुकेश चौहान एवं साथी कलाकारों के लोक गायन की होगी। इसके पश्चात देवास के प्रफुल्ल सिंह गहलोत एवं साथी कलाकार शिव केंद्रित नृत्य नाटिका पेश करेंगे। अंतिम सभा में भोपाल के अखिलेश तिवारी एवं साथी कलाकार भगवान शिव पर केंद्रित भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे।
डॉन 3' विवाद: क्या रणवीर सिंह को चुकाने होंगे 40 करोड़? फरहान अख्तर की कंपनी के साथ तकरार तेज
नई दिल्ली । बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों एक बड़ी कानूनी और वित्तीय जंग की आहट सुनाई दे रही है। खबर है कि सुपरस्टार रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर विवाद गहरा गया है। मामला इतना बढ़ चुका है कि प्रोडक्शन हाउस ने रणवीर सिंह से 40 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मुआवजे कंपनसेशन की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने कथित तौर पर ‘डॉन 3’ से अपने हाथ पीछे खींच लिए जिसके बाद फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सेल एंटरटेनमेंट का तर्क है कि रणवीर सिंह की वजह से उन्हें न केवल समय का नुकसान हुआ है बल्कि भारी आर्थिक चपत भी लगी है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। चर्चा तो यहाँ तक है कि इस घाटे की भरपाई के लिए प्रोडक्शन हाउस को अपने कुछ कर्मचारियों तक को नौकरी से निकालना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रणवीर सिंह ने पहले स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी और उनकी सहमति के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था ऐसे में अब पीछे हटने से हुए नुकसान की जिम्मेदारी एक्टर की ही बनती है। दूसरी ओर रणवीर सिंह का पक्ष इस मामले में बिल्कुल अलग है। सूत्रों की मानें तो रणवीर फिल्म की स्क्रिप्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कई बार स्क्रिप्ट में बदलाव के सुझाव दिए थे लेकिन बात नहीं बनी। रणवीर के मुताबिक रचनात्मक मतभेदों के चलते फिल्म छोड़ना एक पेशेवर फैसला है और इसके लिए 40 करोड़ रुपये का मुआवजा देना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक लंबी बातचीत हुई लेकिन घंटों चली इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। अब खबर आ रही है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए ‘प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया’ को भी शामिल किया जा सकता है। एक तरफ जहाँ ‘डॉन 3’ को लेकर खींचतान जारी है वहीं रणवीर सिंह के फैंस के लिए एक राहत भरी खबर भी है। अभिनेता अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म के पहले भाग में जसकीरत सिंह रंगी के रूप में उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। अब हर तरफ ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का इंतजार हो रहा है जो 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि क्या ‘डॉन 3’ का यह विवाद कोर्ट तक जाएगा या फिर बॉलीवुड के ये दो दिग्गज आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालेंगे?
कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस मौके पर देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के अलावा प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों का समागम किया जाएगा। महोत्सव में आगामी 20 फरवरी को प्रसिद्ध आचार्य कौशिक महाराज धाम पर पहुंचेंगे। सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा स्थल पर पहुंचकर यहां पर आने वाले श्रद्धालु से चर्चा की। आगामी 14 फरवरी से होने वाले महोत्सव के लिए छह दिन पहले ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे है। यहां पर नियमित रूप से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। आचार्य कौशिक महाराज अपनी ओजस्वी वाणी में 18 महापुराणों जैसे शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि की कथाओं के माध्यम से मानव जीवन को दोषमुक्त, भक्तिपूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का संदेश देते हैं। वे कथाओं में भगवान की लीलाओं, जीवन में संतोष, और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं। गौरतलब है कि विगत कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है। शिव महापुराण एवं सत्संग: महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा। दो महान विभूतियों का महामिलन: विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। इसके अलावा कथा वाचक पंडित देवकीनंद ठाकुर 19 फरवरी को शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति द्वारा आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।
मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना

नई दिल्ली । बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों एक अजीब सा लेकिन दिलचस्प पैटर्न देखने को मिल रहा है। जहां पहले कलाकार साल में पांच-पांच फिल्में करके स्क्रीन पर छाए रहने की होड़ में रहते थे वहीं अब पंकज त्रिपाठी विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे मंझे हुए कलाकार अचानक ‘ब्रेक’ की घोषणा कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सफलता के शिखर पर बैठे ये सितारे खुद ही लाइमलाइट से दूर जा रहे हैं? इसका जवाब केवल काम की कमी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति और निजी सुकून की तलाश है। इस ट्रेंड की नींव अनजाने में ही सही लेकिन शाहरुख खान ने रखी थी। ‘जीरो’ की असफलता के बाद किंग खान ने चार साल का लंबा वनवास काटा। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि उनका दौर खत्म हो गया लेकिन 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ के साथ उन्होंने जो वापसी की उसने पूरी इंडस्ट्री की सोच बदल दी। एक्टर्स को समझ आ गया कि स्क्रीन से गायब रहने का मतलब स्टारडम का खत्म होना नहीं बल्कि वापसी की भूख जगाना है। दूसरी ओर पंकज त्रिपाठी और आर. माधवन जैसे कलाकारों के लिए ब्रेक का अर्थ ‘क्रिएटिव रिफ्रेशमेंट’ है। माधवन ने खुद स्वीकार किया कि जब रोल एक जैसे होने लगें तो रिसर्च और खुद पर काम करना जरूरी हो जाता है। वहीं पंकज त्रिपाठी का साफ कहना है कि वे केवल ईएमआई (EMI) भरने के लिए मशीन की तरह काम नहीं करना चाहते। वे अपनी ऊर्जा केवल उन्हीं किरदारों में लगाना चाहते हैं जो दर्शकों और उनके भीतर के कलाकार को संतुष्ट कर सकें। अब कलाकार ‘क्वांटिटी’ से ज्यादा ‘क्वालिटी’ को अहमियत दे रहे हैं। कोरोना काल के बाद दर्शकों का मिजाज भी बदला है। अब फिल्में स्टार पावर से नहीं बल्कि ठोस कहानी से चलती हैं। अक्षय कुमार और आमिर खान जैसे बड़े सितारों की फिल्मों का फ्लॉप होना इस बात का सबूत है कि दर्शक अब कुछ नया चाहते हैं। यही वजह है कि विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे कलाकार मेंटल हेल्थ और फैमिली टाइम को प्राथमिकता दे रहे हैं। विक्रांत अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में संतुलन चाहते हैं तो जाकिर खान ने अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए 2030 तक का लंबा ब्रेक लेकर सबको चौंका दिया है। अंत में आर्थिक सुरक्षा भी एक बड़ा कारण है। आज के दौर में एक्टर्स केवल एक्टिंग पर निर्भर नहीं हैं। सुनील शेट्टी के स्टार्टअप्स और प्रीति जिंटा की आईपीएल टीम जैसे उदाहरण बताते हैं कि कलाकार अब बिजनेस माइंडेड हो चुके हैं। उनके पास आय के कई स्रोत हैं जो उन्हें यह लग्जरी देते हैं कि वे काम का चुनाव अपनी शर्तों पर करें न कि मजबूरी में। कुल मिलाकर यह ‘ब्रेक’ इंडस्ट्री के एक मैच्योर परिपक्व दौर की शुरुआत है जहां कलाकार खुद को एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि एक इंसान के तौर पर देख रहे हैं।
उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। जहां पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष घेरा बनाया जाएगा वहीं यातायात थाना पुलिस द्वारा अलग से ट्रेफिक प्लान बनाया गया है। महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर उज्जैन में पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। 15 और 16 फरवरी को महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इस भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम से बचने के लिए उज्जैन यातायात पुलिस ने विस्तृत डायवर्सन और पार्किंग प्लान जारी किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से मंदिर के नजदीक पहुंचाया जाएगा। यह रहेगी यातायात व्यवस्था – बडनगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा चौराहा होते हुए मुरलीपुरा कृषि उपार्जन केंद्र (क्र.10) में पार्क होंगे। – नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी और कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातडय़िा रोड होकर राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क किए जाएंगे। * आगर से आने वाले वाहनों को मकोडय़िा आम चौराहा से खाकचैक, जाट धर्मशाला और जूना सोमवारिया होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड (क्र.8) भेजा जाएगा। * आगर से आने वाली बसों और बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका, साडू माता की बावड़ी होते हुए राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क कराया जाएगा। * मक्सी, देवास, भोपाल और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी और पाइप फैक्ट्री मार्ग से मन्नत गार्डन एवं इंपीरियल होटल के पीछे स्थित पार्किंग (क्र.3) में खड़ा कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक ले जाया जाएगा, जहां से वे पैदल दर्शन के लिए जा सकेंगे। भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्सन * इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से बडनगर बायपास होकर डायवर्ट किया जाएगा। * मक्सी से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को पांड्याखेड़ी चौराहा, शैफी, मारुति शोरूम और नरवर बायपास होते हुए इंदौर की ओर भेजा जाएगा। * नागदा और उन्हेल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोहनपुरा ब्रिज से धर्म बडला होते हुए बदनावर फोरलेन से इंदौर, देवास और भोपाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा। शहर में ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित 14 फरवरी की शाम 4 बजे से हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन सेंटर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा और चारधाम पार्किंग, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट और दानीगेट, भूखी माता टर्निंग से नृसिंह घाट, दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पार्किंग व्यवस्था: शहर के बाहर बने बड़े केंद्र प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इंपीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि, कार्तिक मेला ग्राउंड, राठौर छत्री ग्राउंड और कृषि उपार्जन केंद्र को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है। इंदौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान और शनि मंदिर मैदान को रिजर्व पार्किंग के रूप में रखा गया है। वहीं मक्सी, बडनगर, नागदा और आगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, दुर्गादास राठौर छत्री, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि और कृषि उपार्जन केंद्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था इंदौर, देवास और मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन कचरा घर, जंतर-मंतर और लालपुल टर्निंग होते हुए कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। बडनगर और नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन क्षत्रीय तेली समाज के पास स्थित मैदान और गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर पार्क होंगे। पार्किंग से बाहर निकलने के तय मार्ग कर्कराज पार्किंग में खड़े वाहन लालपुल टर्निंग, चिंतामण ब्रिज और सिंहस्थ बायपास के जरिए इंदौर, भोपाल, देवास, नागदा और आगर की ओर जा सकेंगे। हरिफाटक होटल के पीछे की पार्किंग से वाहन वांकणकर ब्रिज, दाउदखेड़ी और सिंहस्थ बायपास होकर बाहर निकलेंगे। वहीं हरिफाटक ब्रिज के नीचे खड़े वीआईपी वाहन नीलगंगा चौराहा, शास्त्री नगर और नानाखेड़ा चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।
GWALIOR NEWS: ग्वालियर में शुरू हुई 12वीं बोर्ड परीक्षा, 26,744 छात्र शामिल

GWALIOR NEWS: ग्वालियर। जिले में मंगलवार को 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा के पहले दिन अंग्रेजी विषय का पेपर सुबह 9 बजे से आयोजित किया गया। छात्र निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षा में शामिल हुए। USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार 84 परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था जिले में कुल 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 26,744 छात्र शामिल हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्रों की सघन जांच की गई, ताकि कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या नकल सामग्री परीक्षा केंद्र में न ले जा सके। रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, विदेश मंत्री बोले- भारत की अध्यक्षता में BRICS का हम करेंगे समर्थन ‘उम्मीद की पेटी’ से दी सुविधा प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर ‘उम्मीद की पेटी’ भी रखी गई है। इसमें छात्र गलती से ले आई हुई नकल सामग्री पहले ही डाल सकते हैं। वहीं, जांच के दौरान यदि किसी छात्र के पास नकल सामग्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कक्षा 10वीं परीक्षा 13 फरवरी से कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू होंगी। इसके लिए जिले में 91 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 22,777 छात्र शामिल होंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 7 परीक्षा केंद्र रिजर्व रखे गए हैं। USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार संवेदनशील परीक्षा केंद्र और सुरक्षा जिले के 73 सामान्य, 12 संवेदनशील और 6 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एमपी बोर्ड ने नकल रोकने के लिए 16 उड़नदस्तों का गठन किया है, जिनमें जिला प्रशासन, बोर्ड और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है, और कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। GWALIOR CRIMES: ग्वालियर में हड्डियों से भरा ट्रक पकड़ा, गौवंश के अवशेष होने की आशंका इलेक्ट्रॉनिक गैजेट प्रतिबंधित परीक्षा केंद्रों में प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र की अनिवार्यता है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव

भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। पहाड़ी इलाकों से गुजर रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर पड़ने और बर्फ पिघलने के बाद प्रदेश में एक बार फिर उत्तर से सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर यह होगा कि मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में इजाफा होगा। बीते सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ा। हालांकि रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहेगा, भले ही पारे में हल्की बढ़ोतरी हो।क्यों बदलेगा मौसम?मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के गुजरने और पहाड़ों की बर्फ पिघलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं भी प्रदेश को प्रभावित करेंगी। इससे पहले प्रदेश में 11 फरवरी को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी। जबकि 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ोत्तरी की संभावना है। ठंड का असर मुख्य रूप से रात और अलसुबह रहेगा।13 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारासोमवार रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा क्षेत्र कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8, दतिया में 8.1, रीवा में 8.3, राजगढ़ में 8.6, उमरिया में 8.8, शिवपुरी में 9, मंडला में 9.4, मलाजखंड में 9.5 और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से

भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल बाेर्ड की परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हाे रही है। आज हायर सेकण्डरी (कक्षा 12वीं) की पहली परीक्षा है। करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इनके लिए प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी। मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बैठेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि हायर सेकण्डरी की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होकर 07 मार्च तक चलेगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा नियमित तथा स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रात: 8 बजे एवं परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.30 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा।उन्होंने बताया कि परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 10 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.50 बजे उत्तर पुस्तिका एवं 5 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.55 बजे प्रश्न-पत्र दिए जाएंगे। प्रत्येक परीक्षार्थी का उपस्थिति पत्रक की फोटो से मिलान किया जाएगा। प्रवेश पत्र में भी फोटो लगाना अनिवार्य है। परीक्षार्थी यथा संभव पेयजल की बोतल स्वयं लेकर आएं।मंडल के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए मंडल ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पहले दो घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रश्नपत्र के लीक होने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि कोई परीक्षार्थी किसी भी कारण से दो घंटे के भीतर परीक्षा केंद्र से बाहर जाने का प्रयास करता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि परीक्षार्थी दो घंटे पूरे होने के बाद भी परीक्षा केंद्र छोड़ता है, तो उसकी जानकारी तत्काल मंडल को भेजी जाएगी। इस स्थिति में संबंधित छात्र की उत्तरपुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करा लिया जाएगा और उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।