ENG vs WI Highlights: वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रन से रौंदा, शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारी

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के 15वें मुकाबले में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह रोमांचक मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 196 रन बनाए। टीम की पारी में शेरफेन रदरफोर्ड ने 42 गेंदों में 76 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि रोमारियो शेफर्ड 1 रन नाबाद रहे। इस दौरान ब्रैंडन किंग और शाई होप ने सलामी जोड़ी को मजबूत शुरुआत दी। इंग्लैंड की ओर से आदिल राशिद और जेमी ओवरटन ने गेंदबाजी में संघर्ष किया, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकने में सफल नहीं हो सके। जवाब में इंग्लैंड की टीम संघर्ष करती नजर आई। सलामी बल्लेबाजों जोस बटलर और फिल सॉल्ट ने शुरू में अच्छी शुरुआत दी, लेकिन 19वें ओवर में टीम 166 रन पर ढेर हो गई। इस दौरान लियाम डॉसन और सैम करन ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज की तूफानी गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी। सैम करन ने 30 गेंदों में 43 रन नाबाद बनाए। वेस्टइंडीज के लिए शेरफेन रदरफोर्ड को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने ग्रुप C में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, इससे पहले उन्होंने स्कॉटलैंड को हराया था। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया था, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी और कुशल गेंदबाजी के सामने टीम पिछड़ती गई। इंग्लैंड की टीम में फिल सॉल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर और आदिल राशिद शामिल थे। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम में शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), ब्रैंडन किंग, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, जेसन होल्डर, अकील होसेन, गुडाकेश मोती और शमर जोसेफ को शामिल किया गया। वेस्टइंडीज की यह शानदार जीत टीम को आत्मविश्वास और ग्रुप C में मजबूत स्थिति देती है, जबकि इंग्लैंड को अब अगले मुकाबलों में जीत के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी।
राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा। सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते। राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोपराहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही। सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईंनिर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है। ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठायाएआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।
राजपाल यादव की मदद की अफवाहों का बड़ा खुलासा: भाई ने कहा- एक रुपया भी नहीं आया, भीख नहीं मांग रहे

नई दिल्ली। चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को लेकर सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि कई हस्तियां उनके परिवार की मदद के लिए आगे आई हैं। लेकिन अब उनके बड़े भाई श्रीपाल यादव ने साफ तौर पर कहा है कि अब तक किसी ने आर्थिक मदद नहीं की है और परिवार के खाते में एक भी रुपया नहीं आया। श्रीपाल ने एक चर्चित अखबार मीडिया से बातचीत में कहा, मेरा भाई मेहनत कर रहा है, भीख नहीं मांग रहा। अगर किसी ने सच में मदद की है तो हमें क्यों नहीं बताया गया। हमारे पास कोई राशि नहीं आई। उन्होंने यह भी कहा कि सोनू सूद, तेज प्रताप यादव या अन्य लोगों के कथित दावे केवल सोशल मीडिया पर हैं, और परिवार को ऐसी कोई सहायता नहीं मिली है। राजपाल यादव का कानूनी मामलाराजपाल यादव पर 2010 की फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए प्राइवेट कंपनी से 5 करोड़ रुपए का लोन न चुकाने का आरोप है। फिल्म फ्लॉप होने के बाद समय पर भुगतान न होने से कई चेक बाउंस हो गए और मामला 2018 में अदालत तक गया। दिल्ली कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया और छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील की गई, लेकिन अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया गया। सहायता का विवादहालांकि सोशल मीडिया पर कई हस्तियों के मदद के दावे सामने आए हैं, जैसे सोनू सूद और तेज प्रताप यादव, श्रीपाल यादव ने स्पष्ट किया कि अभी तक परिवार को कोई पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा, अगर वास्तव में किसी ने आर्थिक मदद दी है, तो हमें इसका पता होना चाहिए। अफवाह फैलाना ठीक नहीं है। हालांकि तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया है कि उन्होंने 11 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन परिवार की ओर से कहा गया कि उन्हें अभी तक यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। परिवार की भावनाएं और उम्मीदराजपाल यादव का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का है। उनके पिता का हाल ही में निधन हुआ था। श्रीपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि परिवार परेशान नहीं है, लेकिन दुख जरूर है। उन्होंने अदालत से अपील की कि राजपाल की बात भी पूरी गंभीरता से सुनी जाए।श्रीपाल ने कहा, हम सच्चे हैं, और सच्चाई की जीत होगी। देर हो सकती है, लेकिन न्याय मिलेगा।
राजपाल यादव तिहाड़ में, छोटा राजन-नीरज बवाना के साथ, नहीं मिल रहा VIP ट्रीटमेंट

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इस समय 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर-2 में बंद हैं। खास बात यह है कि उन्हें किसी भी तरह की VIP सुविधा नहीं दी जा रही है और उनकी दिनचर्या एक सामान्य कैदी की तरह ही चल रही है। राजपाल यादव को उसी जेल में रखा गया है, जहां कुख्यात अपराधी छोटा राजन और नीरज बवाना भी बंद हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से उनसे अन्य कैदियों की मुलाकात सीमित रखी गई है। कैसे बीत रहा है जेल में समय?सूत्रों के मुताबिक, सुबह 6 बजे बैरक खुलती है। तय नियमों के तहत चाय-नाश्ता और शाम 6 बजे भोजन दिया जाता है। पूरा दिन जेल मैनुअल के अनुसार गुजर रहा है। क्या है पूरा मामला?साल 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए राजपाल यादव ने करीब ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज नहीं चुकाया जा सका। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह रकम बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ हो गई।लोन चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने पर कंपनी ने 7 केस दर्ज किए। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। बॉलीवुड से मिल रहा साथइस मुश्किल घड़ी में कई फिल्मी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। कुछ ने आर्थिक मदद की पेशकश की है तो कुछ ने काम देने की बात कही है।अब 12 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल नंबर 2 में बंद हैं, जहां उन्हें कोई VIP सुविधा नहीं मिल रही।उनकी अगली सुनवाई 12 फरवरी को है, और बॉलीवुड सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इस समय 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर-2 में बंद हैं। खास बात यह है कि उन्हें किसी भी तरह की VIP सुविधा नहीं दी जा रही है और उनकी दिनचर्या एक सामान्य कैदी की तरह ही चल रही है। राजपाल यादव को उसी जेल में रखा गया है, जहां कुख्यात अपराधी छोटा राजन और नीरज बवाना भी बंद हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से उनसे अन्य कैदियों की मुलाकात सीमित रखी गई है। कैसे बीत रहा है जेल में समय?सूत्रों के मुताबिक, सुबह 6 बजे बैरक खुलती है। तय नियमों के तहत चाय-नाश्ता और शाम 6 बजे भोजन दिया जाता है। पूरा दिन जेल मैनुअल के अनुसार गुजर रहा है। क्या है पूरा मामला?साल 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए राजपाल यादव ने करीब ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज नहीं चुकाया जा सका। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह रकम बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ हो गई।लोन चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने पर कंपनी ने 7 केस दर्ज किए। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। बॉलीवुड से मिल रहा साथइस मुश्किल घड़ी में कई फिल्मी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। कुछ ने आर्थिक मदद की पेशकश की है तो कुछ ने काम देने की बात कही है।अब 12 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल नंबर 2 में बंद हैं, जहां उन्हें कोई VIP सुविधा नहीं मिल रही।उनकी अगली सुनवाई 12 फरवरी को है, और बॉलीवुड सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इस समय 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर-2 में बंद हैं। खास बात यह है कि उन्हें किसी भी तरह की VIP सुविधा नहीं दी जा रही है और उनकी दिनचर्या एक सामान्य कैदी की तरह ही चल रही है। राजपाल यादव को उसी जेल में रखा गया है, जहां कुख्यात अपराधी छोटा राजन और नीरज बवाना भी बंद हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से उनसे अन्य कैदियों की मुलाकात सीमित रखी गई है। कैसे बीत रहा है जेल में समय?सूत्रों के मुताबिक, सुबह 6 बजे बैरक खुलती है। तय नियमों के तहत चाय-नाश्ता और शाम 6 बजे भोजन दिया जाता है। पूरा दिन जेल मैनुअल के अनुसार गुजर रहा है। क्या है पूरा मामला?साल 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए राजपाल यादव ने करीब ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज नहीं चुकाया जा सका। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह रकम बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ हो गई।लोन चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने पर कंपनी ने 7 केस दर्ज किए। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। बॉलीवुड से मिल रहा साथइस मुश्किल घड़ी में कई फिल्मी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। कुछ ने आर्थिक मदद की पेशकश की है तो कुछ ने काम देने की बात कही है।अब 12 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर

नई दिल्ली। भोपाल में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में जल्द ही कमिश्नर और कलेक्ट्रेट की नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसके साथ ही आईजी पुलिस कार्यालय, नजूल अधिकारी बैरागढ़ और भोपाल शहर के अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों के लिए भी नए भवन प्रस्तावित हैं। इस संबंध में बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण की रूपरेखा, शिफ्टिंग प्रक्रिया और विभागवार जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। 15 विभागों को खाली करने होंगे दफ्तरपुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 15 विभागों को अपने वर्तमान कार्यालय खाली करने होंगे। संभागायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिफ्टिंग के लिए स्पष्ट टाइम लिमिट तय करें ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्टाफ की संख्या के आधार पर आवश्यक स्थान का निर्धारण जल्द से जल्द करे। साथ ही एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर सके। नए परिसर में क्या होगा खास?योजना के तहत कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित शासकीय कार्यालयों की जगह एक समेकित प्रशासनिक परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे। नवीन आयुक्त कार्यालय कलेक्टर कार्यालय भोपाल आईजी पुलिस कार्यालय नजूल अधिकारी बैरागढ़ भोपाल शहर के अन्य शासकीय कार्यालय संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना में कोई नया कार्यालय जोड़ा नहीं जाएगा और न ही किसी वर्तमान कार्यालय को बाहर रखा जाएगा। मुख्यालय स्तर से मांगी गई शिफ्टिंग की जानकारीबैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने मुख्यालय स्तर पर शिफ्टिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। कलेक्टर कार्यालय से प्रभावित विभागों की सूची तैयार कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व किरण गुप्ता, एडीएम पी.सी. शाक्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों से उनके कर्मचारियों की संख्या और आवश्यक स्पेस की विस्तृत जानकारी ली गई।
भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे-146 पर अयोध्या बायपास को 10 लेन में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आशाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहे तक लगभग 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। परियोजना के तहत आनंद नगर में एक फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। हालांकि, इस विकास कार्य की आड़ में कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते अब तक 146 दुकानों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा तीन धार्मिक स्थलों, एक वार्ड कार्यालय और एक पुलिस चौकी को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब बारी केसर बस्ती की है, जहां करीब 90 झुग्गियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन द्वारा झुग्गीवासियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे बस्ती में रहने वाले परिवारों में चिंता का माहौल है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक आवास की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि न तो उन्हें उचित मुआवजे की स्पष्ट जानकारी दी गई है और न ही पुनर्वास की ठोस योजना बताई गई है। बस्ती के रहवासियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना अन्याय होगा। उनका तर्क है कि अचानक बेघर होने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होगी। कई परिवार दिहाड़ी मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपना जीवनयापन करते हैं, ऐसे में दूर किसी अज्ञात स्थान पर बसाए जाने से उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है। मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला, मोहित सक्सेना और रीतेश सोनी सहित अन्य प्रतिनिधि केसर बस्ती पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनका कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन गरीबों को उजाड़कर नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास और उचित मुआवजे की लिखित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए। यह मामला एक बार फिर विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन का सवाल खड़ा करता है। बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन इनके कारण प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास, बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। क्या चौड़ीकरण की रफ्तार के बीच विस्थापित होने वाले परिवारों को न्याय मिल पाएगा, या विकास की दौड़ में उनकी आवाज दबकर रह जाएगी यह आने वाला समय ही तय करेगा।
किरेन रिजिजू बोले- सरकार लाएगी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में लगाए गए आरोपों के कारण सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। रिजिजू ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने बिना पूर्व सूचना दिए कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। यह सदन के सदस्य का विशेषाधिकार उल्लंघन है और इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को दी जाएगी। क्या कहा किरेन रिजिजू ने? रिजिजू ने बताया कि बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कोई उपयोगी या ठोस सुझाव नहीं दिए बल्कि केवल आरोप लगाते रहे। उन्होंने कहा कि जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम पांच बजे चर्चा का जवाब देंगी तो राहुल गांधी को सदन में उपस्थित रहने की सलाह दी गई थी। सदन से समय से पहले चले गए सांसदों के नियम के अनुसार एक सदस्य को अपना भाषण समाप्त करने के बाद तुरंत सदन छोड़ने की अनुमति नहीं होती। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर अपना भाषण समाप्त करके तुरंत सदन छोड़ देते हैं और इसे गंभीर मामला माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाकर सदन के नियमों और सम्मान की रक्षा की जाएगी।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक

भोपाल। राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में कृषि रथ संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उन्नत यंत्रों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव तक पहुंचाना है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके। नरसिंहपुर जिले में कृषि रथ के जरिए किसानों को ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो सके। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कीट एवं रोग प्रबंधन और फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को यह बताया जा रहा है कि खेती को केवल परंपरागत तरीके से करने के बजाय इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार भी इस अभियान का हिस्सा है। नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को समझाया जा रहा है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। इसके स्थान पर सुपर सीडर हैप्पी सीडर जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन कार्य एक साथ कर सकते हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है और पैदावार में भी वृद्धि होती है। इसी तरह रतलाम जिले में भी कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों पर किसानों को जानकारी दी जा रही है। उद्यानिकी पशुपालन आत्मा और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो रहा है जिससे नवीन और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ गांव स्तर तक पहुंच रहा है। प्रदेश में संचालित यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। माना जा रहा है कि कृषि रथ की यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगी। राज्य शासन की यह कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
SGIVPURI POLICE ACTION: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 27 लाख से अधिक की अवैध शराब और गुड़ लहान नष्ट

HIGHLIGHTS: पिछोर क्षेत्र में आबकारी विभाग की बड़ी दबिश 27,200 किलो गुड़ लहान मौके पर नष्ट 46 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त 27.69 लाख रुपए की अवैध सामग्री जब्त 10 प्रकरण दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार SGIVPURI POLICE ACTION: ग्वालियर। शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ जिला आबकारी विभाग ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर रविंद्र चौधरी और उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता ग्वालियर संदीप शर्मा के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। बता दें कि कार्रवाई के दौरान करीब 27 लाख 69 हजार 200 रुपए कीमत की अवैध शराब और गुड़ लहान जब्त कर नष्ट किया गया। सिलपुरा कंजर डेरा समेत कई ठिकानों पर छापेमारी जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े के नेतृत्व में वृत्त पिछोर प्रभारी लोकेश बेवारिया की टीम ने खनियाधाना के पास सिलपुरा कंजर डेरा सहित कई स्थानों पर दबिश दी। यहां जमीन में बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर तिरपाल से ढककर गुड़ लहान छिपाया गया था। टीम ने 27,200 किलोग्राम गुड़ लहान के नमूने लेकर मौके पर ही नष्ट किया। खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी 46 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त कार्रवाई के दौरान 46 लीटर हाथ भट्टी मदिरा भी जब्त की गई। इसके अलावा सीमेंट की टंकियों में कच्ची शराब बनाने की सामग्री भरी मिली। शराब बनाने की भट्ठियां और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। 10 प्रकरण दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार आबकारी विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक तीर्थराज भारद्वाज, गौरव कुमार कोल सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। MP POILCE: न्यू कलेक्ट्रेट के पास अवैध डीजल बिक्री का खुलासा, 105 लीटर के साथ पकड़ाया युवक
जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत

भोपाल। मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि व्यापारी और क्रेता शामिल हुए। इस मंच पर मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित इकाइयों ने अपने उत्पादों और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया। ग्वालियर से 6 इकाइयों ने भागीदारी की जिनमें तंवर स्टोन इंडस्ट्रीज जैन स्टोन इंडस्ट्रीज के आर स्टोन इंडस्ट्रीज महाकाय इंडस्ट्रीज अभ्युदय इंटरप्राइजेज और श्री साईं राम स्टोन शामिल हैं। कटनी से एमके ग्रेनाइट एंड मार्बल कंपनी और श्री राम मार्बल्स ने प्रतिनिधित्व किया जबकि इंदौर से द राईट एंगल्स ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इन सभी इकाइयों को मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया। चयनित उद्यमों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें। इकाइयों का चयन मुख्यालय स्तर पर एमएसएमई विभाग के माध्यम से किया गया। चयन के लिए उत्पादों की गुणवत्ता नवाचार क्षमता बाजार संभावनाएं और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल होना प्रमुख आधार रहे। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों की विविधता और उनकी वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों को मंच प्रदान किया गया। प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने ग्रेनाइट मार्बल और अन्य प्राकृतिक पत्थरों से बने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। देश विदेश से आए व्यापारिक प्रतिनिधियों और क्रेताओं के साथ सार्थक व्यावसायिक संवाद स्थापित किए गए। इस सहभागिता से मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर और उत्पादन क्षमता का परिचय व्यापक स्तर पर हुआ। कई आगंतुकों ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन की सराहना की। यह पहल केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे निर्यात संभावनाओं के विस्तार के साथ साथ नए व्यापारिक समझौतों की राह भी खुली है। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह प्रयास अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता को नई गति देगी। स्टोन उद्योग मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश का स्टोन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।