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भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बढ़ते हादसों से नाराज़ संत समाज, बड़े आंदोलन की चेतावनी

भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में ग्वालियर भिंड नेशनल हाईवे 719 को लेकर संत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और केंद्र सरकार के हालिया बजट में इसके निर्माण या उन्नयन के लिए कोई प्रावधान न किए जाने से नाराज़ संत समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। दरअसल, इस मुद्दे पर हाल ही में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछा गया था। सवाल सुनते ही मंत्री नाराज़ हो गए और बिना जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद मामला और गरमा गया है। संत समाज और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस हाईवे की बदहाल स्थिति के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही है। अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने ऐलान किया है कि अब यह आंदोलन निर्णायक होगा। उन्होंने कहा कि देश के शंकराचार्य, मठ मंदिरों के महंत और साधु संत सड़कों पर उतरेंगे। अगले 20 से 25 दिनों में व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। संत समाज का आरोप है कि ग्वालियर भिंड हाईवे पर हर साल होने वाली मौतें सरकारी फाइलों में केवल आंकड़े बनकर रह जाती हैं। जब तक इस मार्ग के निर्माण या चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और यातायात के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। बढ़ते हादसों ने लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है।

इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार अब केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1.06 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। जांच में सामने आया है कि उनके पास मौजूद संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से 175 प्रतिशत अधिक है। यह मामला मूल रूप से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ईओडब्ल्यू ने राजेश परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान साल 2007 से 2022 तक की आय और संपत्ति का विस्तृत आकलन किया गया। ईडी की जांच में सामने आया कि इस 15 वर्ष की अवधि में राजेश परमार ने करीब 1.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। जब इन संपत्तियों की तुलना उनकी आधिकारिक सैलरी और अन्य वैध आय स्रोतों से की गई तो यह अंतर चौंकाने वाला निकला। एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक पाई गई। जांच एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अपराध से अर्जित संदिग्ध आय लगभग 1.21 करोड़ रुपये हो सकती है। अटैच की गई संपत्तियों में मकान प्लॉट और जमीन शामिल हैं जो राजेश परमार और उनके परिजनों के नाम दर्ज हैं। इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है ताकि जांच के दौरान इनका हस्तांतरण या विक्रय न किया जा सके। ईडी का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित नकदी को सीधे निवेश करने के बजाय पहले बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया। ईडी के अनुसार बड़ी मात्रा में नकद राशि को स्वयं और परिवार के सदस्यों के खातों में जमा कराया गया। इसके बाद बैंक ट्रांसफर के जरिए इन्हीं पैसों से अचल संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य धन के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाना था। प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई को इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे। चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा। जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए। सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MP POILCE: न्यू कलेक्ट्रेट के पास अवैध डीजल बिक्री का खुलासा, 105 लीटर के साथ पकड़ाया युवक

DATIYA CRIMES

HIGHLIGHTS: न्यू कलेक्ट्रेट के पास पुलिस की कार्रवाई 105 लीटर डीजल के साथ युवक गिरफ्तार बिना लाइसेंस डीजल की खरीद-फरोख्त मोटरसाइकिल और अन्य सामान जब्त आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज MP POILCE: ग्वालियर। दतिया में अवैध रूप से डीजल की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। बता दें कि बड़ौनी थाना पुलिस ने न्यू कलेक्ट्रेट के पास से एक युवक को 105 लीटर डीजल के साथ गिरफ्तार किया। टीआई दिनेश राजपूत के अनुसार, देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम रिछारी निवासी रंजीत यादव ट्रकों से सस्ते दामों पर डीजल खरीदकर उसे ब्लैक में बेचता है। मोटरसाइकिल से कर रहा था परिवहन सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। न्यू कलेक्ट्रेट के पास एक युवक मोटरसाइकिल पर प्लास्टिक की केन लेकर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने राहगीरों की मौजूदगी में उसे रोका और जांच की। केनों में डीजल भरा मिला। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रंजीत पिता हेतम यादव (26) निवासी रिछारी बताया। DATIYA NEWS: इंदरगढ़ मेन बाजार में चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में 6 बसों सहित कई वाहनों पर चालान 105 लीटर डीजल और बाइक जब्त आरोपी डीजल के परिवहन और भंडारण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने तीन प्लास्टिक की केनों में भरे कुल 105 लीटर डीजल, एक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (एमपी 32 एमएफ 6345) और एक लोहे की कमानी जब्त की। प्रत्येक केन से सैंपल लेकर उन्हें सीलबंद किया गया। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़

नए इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव Form 128 से प्रॉपर्टी समेत कई ट्रांजैक्शन पर मिलेगा लोअर या NIL TDS का रास्ता आसान

नई दिल्ली। इनकम टैक्स एक्ट 2025 के लागू होते ही टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। अब प्रॉपर्टी और अन्य ट्रांजैक्शन पर लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए नया Form 128 लागू किया गया है जो पुराने Form 13 की जगह लेगा। सरकार का मकसद नियमों को आसान बनाना और प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी तथा स्ट्रीमलाइन करना है ताकि जिन लोगों पर वास्तविक टैक्स देनदारी कम है उन्हें अनावश्यक रूप से ज्यादा TDS कटने की परेशानी न झेलनी पड़े। यदि कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी बेच रहा है और उसे लगता है कि उसकी कुल टैक्स देनदारी कम है या शून्य है तो वह निर्धारित अवधि के लिए लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई संपत्ति अप्रैल से अक्टूबर के बीच बिकनी है तो उसी अवधि के लिए सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है। इससे टैक्सपेयर्स को कैश फ्लो मैनेज करने में आसानी होगी और बाद में रिफंड के झंझट से राहत मिलेगी। नए Form 128 में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले Form 13 में पिछले चार साल के ITR की कॉपी अपलोड करनी पड़ती थी जिससे प्रोसेस लंबा और दस्तावेज आधारित हो जाता था। अब केवल ITR से जुड़ी जरूरी जानकारियां जैसे अकनॉलेजमेंट नंबर फाइलिंग डेट टैक्सेबल इनकम और टैक्स लाइबिलिटी देना पर्याप्त होगा। इसी तरह पहले पेयर्स का TAN PAN या आधार नंबर देना होता था लेकिन अब केवल TAN या PAN देना ही काफी है। इससे दस्तावेजों का बोझ कम हुआ है और आवेदन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हुई है। बजट 2026 में सरकार ने NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए ऑटोमैटेड सिस्टम लाने की घोषणा की थी। हालांकि फिलहाल Form 128 के तहत प्रक्रिया मैन्युअल ही है। फॉर्म में चार कैटेगरी दी गई हैं जिनमें NPO स्पेसिफाइड एंटिटी बिजनेस या प्रोफेशन वाले व्यक्ति और अन्य शामिल हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में अन्य कैटेगरी में आने वाले छोटे टैक्सपेयर्स को ऑटोमैटिक सर्टिफिकेट जारी करने की सुविधा मिल सकती है जिससे उन्हें Assessing Officer की मैन्युअल मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी की प्रक्रिया के अनुसार टैक्सपेयर को ई फाइलिंग पोर्टल पर Form 128 भरना होगा। इसके बाद Assessing Officer संबंधित दस्तावेज और इनकम रिकॉर्ड की जांच करेगा। संतुष्ट होने पर वह लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट जारी करेगा। यह सर्टिफिकेट संबंधित पेयर को दिया जाएगा और उसी के आधार पर तय दर से TDS काटा जाएगा। पहले सेक्शन 197 के तहत Form 13 भरकर यह सुविधा ली जाती थी लेकिन अब नए कानून में यही काम Form 128 के जरिए होगा। कुल मिलाकर यह बदलाव टैक्स सिस्टम को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है जिससे प्रॉपर्टी डील समेत अन्य बड़े ट्रांजैक्शन में टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके।

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह

भोपाल। एकात्म मानववाद के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र को दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से निर्मित उद्यान का शुभारंभ किया तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश समारोह भी आयोजित हुआ जहां बच्चों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह उद्यान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क पर्यावरण की दृष्टि से क्षेत्र के लिए श्रेष्ठ स्थल होगा जहां बच्चे युवा और बुजुर्ग सभी सुबह-शाम समय व्यतीत कर सकेंगे। पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा समाज को उनके आदर्शों और विचारों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा तब तक सफलता संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और विद्यार्थियों को भी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत में व्यक्ति नहीं बल्कि गुणों की पूजा होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित करता है वही पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सादगी विद्वत्ता और राष्ट्रसेवा के माध्यम से जो विचार दिए वे आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं। श्री तोमर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की स्थापना भी उसी विचारधारा का परिणाम है जिसमें सबका साथ सबका विकास की भावना निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के साक्षी बनने वाले ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने झागरिया में स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की। यह आयोजन न केवल एक उद्यान और प्रतिमा के अनावरण तक सीमित रहा बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति लक्ष्य निर्धारण और समाज सेवा की भावना जगाने का संदेश भी देता नजर आया।

बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़

नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है. विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की गई अभद्र टिप्पणी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग न सिर्फ गलत, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी है. सदन में जाने से पहले विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन मर्यादा और भाषा की सीमा लांघना लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने विपक्ष की इस मानसिकता को पूरी तरह अनुचित बताया और संयम व जिम्मेदारी की अपील की. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लेकर सदन में नीतीश कुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि जिस भाव से मुख्यमंत्री ने कहा उन दोनों का देवर-भौजाई का रिश्ता है. उन्होंने कहा कि राजनीति नहीं अपनत्व का प्रकट मुख्यमंत्री ने किया जिसे गलत सेंस में लेना कतई उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा सबको रखने की जिम्मेवारी है और मुख्यमंत्री का वैसा कोई भाव नहीं था. विपक्ष को संविधान पर नहीं है विश्वास- विजय कुमार सिन्हा वहीं विपक्ष के 119 सांसदों के द्वारा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष को संविधान में विश्वास नहीं है. ये लोग संवैधानिक पद का सम्मान नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने विधायकी कार्य को बेहतर करने एवं सुंदर वातावरण बनाने का काम किया है. विपक्ष की अराजकता को रोकने के लिए जब वो सतर्क और सावधान करते हैं. अविश्वास प्रस्ताव से संवैधानिक संस्था को डिमोरलाईज करने का प्रयास विपक्ष करती है. संवैधानिक संस्था का अपमान करना ही है कांग्रेस का चरित्र- सिन्हा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों का चरित्र ही वैसा है. संवैधानिक संस्था का अपमान करना, भय का वातावरण बनाना और वैसे लोग जो बेहतर काम करते हैं उनको डिमोरलाईज करने का काम ये लोग करते हैं.उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था, सीबीआई, चुनाव आयोग पर ये सवाल उठाते रहे हैं. लेकिन अब ये देश के सबसे बड़े मंदिर के सबसे बड़े पुजारी पर सवाल खड़े कर सदन की गरिमा को गिराने का काम कर रही है.

DATIYA NEWS: इंदरगढ़ मेन बाजार में चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में 6 बसों सहित कई वाहनों पर चालान

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HIGHLIGHTS: इंदरगढ़ मेन बाजार में प्रशासन का अतिक्रमण विरोधी अभियान 6 बसों सहित कई वाहनों पर चालानी कार्रवाई कुल 4 हजार रुपए का जुर्माना वसूला व्यापारियों ने पक्षपात के लगाए आरोप ट्रैफिक सुधार के लिए कार्रवाई जारी DATIYA NEWS: दतिया। इंदरगढ़ नगर के मेन बाजार में बढ़ते अस्थायी अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा कि रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुए प्रशासन ने दुकानों और घरो पर बुलडोजर चलाया। ग्वालियर रोड और सेवड़ा रोड पर दुकानदारों द्वारा सड़क पर रखे हाथ ठेले, फल-सब्जी की दुकानें और अन्य अस्थायी कब्जों को हटाया गया। पुलिस बल और नगर परिषद कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर सड़क को खाली कराया। 6 बसों सहित कई वाहनों पर चालान कार्रवाई के दौरान सड़क पर अवैध रूप से खड़ी 6 बसों, एक लोडिंग वाहन और एक ट्रैक्टर पर चालानी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने कुल 4 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क पर खड़े वाहनों के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो रही थी। वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार व्यापारियों ने लगाए पक्षपात के आरोप कार्रवाई के बाद कुछ दुकानदारों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि केवल छोटे दुकानदारों और ठेले वालों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि रसूखदार व्यापारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि बार-बार की कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। दो घंटे चला अभियान, एकतरफा कार्रवाई पर नाराजगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ग्वालियर चौराहे से शुरू होकर करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान सड़क की एक साइड पर ही अधिक कार्रवाई होने से नगरवासियों ने असंतोष जताया और समान रूप से कार्रवाई की मांग की। MP DOMESTIC VOILENCE: सहिड़ाखुर्द में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत का खुलासा, पति और सास पर मामला दर्ज रॉ मैटेरियल से बढ़ रहा हादसों का खतरा बावड़ी सरकार मंदिर, कामत रोड, ग्वालियर रोड और भांडेर रोड पर दुकानदारों द्वारा सड़क पर सीमेंट, गिट्टी और ईंट रखे जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन ने कुछ दुकानदारों का सामान जब्त कर सख्त चेतावनी दी है कि दोबारा उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई होगी। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी: तहसीलदार तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि नगर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर खड़े बाइक, चारपहिया और बसों के कारण जाम की समस्या बढ़ रही है। भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह

भारत-चिली FTA: क्रिटिकल मिनरल में भारत की रणनीतिक मजबूती, इलेक्ट्रिक व्हीकल और क्लीन एनर्जी सेक्टर को बड़ा लाभ

नई दिल्ली। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील की चर्चाओं के बीच भारत चुपचाप एक और अहम मोर्चे पर काम कर रहा है। भारत और दक्षिण अमेरिकी देश चिली के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। चिली दुनिया के प्रमुख लिथियम और अन्य क्रिटिकल मिनरल रिजर्व वाला देश है। यह समझौता सिर्फ व्यापार के लिहाज से ही नहीं बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लिथियम इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरियों और ऊर्जा स्टोरेज सिस्टम के लिए सबसे जरूरी संसाधन है और चिली दुनिया में इसका सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इसके अलावा चिली में कॉपर, कोबाल्ट, रेनियम और मोलिब्डेनम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल भी मौजूद हैं। ये मिनरल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोलर सेक्टर के लिए जरूरी हैं। वर्तमान में क्रिटिकल मिनरल केवल इंडस्ट्री के कच्चे माल नहीं हैं, बल्कि उनका ग्लोबल पावर बैलेंस पर भी बड़ा असर है। कई देश सप्लाई चेन को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए भरोसेमंद सोर्स से मिनरल की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है। भारत और चिली के बीच 2006 से प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट लागू है। लेकिन अब दोनों देश इसे आगे बढ़ाकर एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट करना चाहते हैं। प्रस्तावित समझौते में केवल सामान का व्यापार ही नहीं बल्कि डिजिटल सर्विस, निवेश और एमएसएमई सहयोग भी शामिल होगा। खास बात यह है कि इसमें क्रिटिकल मिनरल सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। क्रिटिकल मिनरल की स्थिर और किफायती सप्लाई से भारत के मेक इन इंडिया और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स को बड़ा फायदा मिलेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और सोलर पैनल प्रोडक्शन के लिए इन मिनरल की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। अगर चिली से भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित होती है तो डोमेस्टिक प्रोडक्शन में विस्तार, लागत कम करना और रणनीतिक मजबूती हासिल करना संभव होगा। इस समझौते से भारत को न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक लाभ भी मिलेगा। क्रिटिकल मिनरल की उपलब्धता से देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत का प्रभाव बढ़ेगा। इसके अलावा, यह कदम भारत के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह मजबूत करने का भी जरिया बनेगा। अमेरिका और यूरोप के साथ ट्रेड डील की चर्चाओं के बीच चिली के साथ भारत का यह रणनीतिक कदम शिक्षा देता है कि क्रिटिकल मिनरल पर फोकस केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा और इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी जरूरी है।

कम कर्ज और तगड़ा मुनाफा! Afcom Holdings के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी, निवेशकों को दिया 349% का मल्टीबैगर रिटर्न

नई दिल्ली। एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Afcom Holdings Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही Q3FY26के बेहद शानदार आंकड़े पेश किए हैं। इन नतीजों का असर कंपनी के शेयरों पर साफ देखने को मिला, जहाँ एक ही दिन में शेयर करीब 12.3% की बढ़त के साथ ₹960.05 के स्तर तक जा पहुंचे।Q3FY26 के प्रमुख आंकड़े: रेवेन्यू और मुनाफे में छलांगकंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर हर पैमाने पर शानदार प्रदर्शन किया है: रेवेन्यू Revenue: सालाना आधार पर रेवेन्यू 208% बढ़कर ₹49.6 करोड़ से सीधे ₹153 करोड़ हो गया।नेट प्रॉफिट Net Profit: कंपनी का शुद्ध मुनाफा 326% की जबरदस्त छलांग लगाते हुए ₹9.04 करोड़ से बढ़कर ₹38.5 करोड़ पर पहुंच गया।प्रति शेयर आय EPS: यह ₹11.42 से बढ़कर ₹15.48 हो गई है, जो निवेशकों के लिए अच्छे संकेत हैं।विस्तार की तैयारी: MRO सेक्टर में कदमAfcom Holdings केवल मौजूदा बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी के बोर्ड ने भारत में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल MROबिजनेस के लिए एक नई ग्रीनफील्ड सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी को एविएशन सेक्टर की वैल्यू चेन में और मजबूती प्रदान करेगा।फाइनेंशियल मैट्रिक्स: क्यों आकर्षक है यह स्टॉक?कंपनी के बुनियादी ढांचे Fundamentalsकाफी मजबूत नजर आते हैं, जो लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से इसे आकर्षक बनाते हैं:वित्तीय मानक Metricवैल्यू Valueविश्लेषणROCE36%पूंजी का बेहतरीन इस्तेमालROE28.9%निवेशकों को शानदार रिटर्नDebt-to-Equity0.12लगभग कर्ज मुक्त कंपनीPEG Ratio0.18वैल्यूएशन के लिहाज से सस्ताशेयरों का प्रदर्शन और कामकाजAfcom Holdings चेन्नई से अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस संचालित करती है। यह ASEAN देशों सहित दुनिया के कई हिस्सों में फार्मा, हाई-वैल्यू कार्गो और फ्रेश प्रोड्यूस जैसे स्पेशलाइज्ड लॉजिस्टिक्स समाधान देती है।रिटर्न: पिछले 3 सालों में इस शेयर ने 349% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। पिछले एक हफ्ते में ही स्टॉक 29% तक चढ़ चुका है।