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वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

MP DOMESTIC VOILENCE: सहिड़ाखुर्द में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत का खुलासा, पति और सास पर मामला दर्ज

DOMESTIC VOILENCE

HIGHLIGHTS: सहिड़ाखुर्द गांव में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत पति और सास पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप पोस्टमार्टम में जहर सेवन की पुष्टि मृतका के शरीर पर मिले चोट के निशान आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज MP DOMESTIC VOILENCE: दतिया। बडौनी थाना क्षेत्र के सहिड़ाखुर्द गांव में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बता दें कि मृतका की पहचान मनीषा रावत (28) पत्नी रामअवतार रावत के रूप में हुई है। प्रारंभ में यह मामला ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में मर्ग के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में जांच के लिए केस डायरी बडौनी थाना भेजी गई थी। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के पिता, मां और भाइयों के बयान दर्ज किए। परिजनों का आरोप है कि मनीषा के पति रामअवतार रावत और सास मीरा रावत द्वारा उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि आए दिन मारपीट की जाती थी और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया जाता था। 12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर सेवन की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला द्वारा जहर सेवन किए जाने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेज दिया है। पंचनामा के दौरान मृतका के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति और सास के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। ASHOKNAGAR CRIMES: हनुमान मंदिर से 700 ग्राम चांदी के मुकुट-कुंडल चोरी, सुरक्षा पर उठे सवाल  

एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह

नई दिल्ली। शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स लिमिटेड यानी SEIL तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रबंधन कंपनी के रूप में आज चर्चा में है। 2009 में चिरिपाल ग्रुप की ओर से स्थापित यह कंपनी प्ले स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन संस्थानों तक स्कूल मैनेजमेंट और लर्निंग सॉल्यूशंस प्रदान करती है। टेक्नोलॉजी आधारित इंग्लिश मीडियम करिकुलम, टीचर ट्रेनिंग और बेहतर लर्निंग आउटकम के जरिए SEIL देशभर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस कर रही है। हाल ही में कंपनी ने Q3FY26 के तिमाही नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान SEIL ने 5.83 करोड़ रुपये की नेट सेल्स दर्ज की, हालांकि 0.61 करोड़ रुपये का घाटा रहा। वहीं, 9 महीनों में कुल 32.41 करोड़ रुपये की बिक्री और 4.91 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। पिछले वर्ष FY25 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 220 प्रतिशत की उछाल के साथ 58.99 करोड़ रुपये की नेट सेल्स और मुनाफे में 93 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 7.06 करोड़ रुपये हासिल किए थे। भले ही तिमाही में घाटा दिखा हो, लेकिन विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा SEIL पर कायम है। दिसंबर 2025 में FII और DII ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। सितंबर 2025 में FII की हिस्सेदारी 21.9 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 22.5 प्रतिशत हो गई। वहीं DII ने भी अपनी हिस्सेदारी को 0.2 प्रतिशत बढ़ाया। निवेशकों का यह भरोसा कंपनी की दीर्घकालीन संभावनाओं को दर्शाता है। SEIL का मार्केट कैप 2,842 करोड़ रुपये है और वर्तमान शेयर कीमत 172.70 रुपये है। हाल के प्रदर्शन को देखें तो पिछले एक हफ्ते में इसका शेयर 17 प्रतिशत उछला है और सालभर में 53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। तीन साल में 185 प्रतिशत और पांच साल में यह कंपनी निवेशकों को 1187 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुकी है। इसने शिक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूती और निवेशकों का भरोसा साबित किया है। कंपनी की ताकत इसकी व्यापक शिक्षा सेवा और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान में निहित है। प्ले स्कूल से लेकर बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल तक स्कूल मैनेजमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SEIL ने शिक्षा के हर स्तर पर गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी है। शिक्षकों के प्रशिक्षण और बेहतर लर्निंग आउटपुट पर ध्यान देने से यह कंपनी न केवल छात्रों के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनी हुई है। कुल मिलाकर, SEIL शिक्षा क्षेत्र का एक उभरता सितारा बन चुकी है। तिमाही में घाटा होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा, लगातार बढ़ती एफआईआई और डीआईआई हिस्सेदारी और पिछले वर्षों में निवेशकों को दिए गए शानदार रिटर्न ने इसे सेक्टर में छुपे हुए मल्टीबैगर के रूप में साबित कर दिया है।

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

TRUCK DRIVER SUICIDE: गुना में ट्रक ड्राइवर ने की आत्महत्या: फांसी लागर दी जान

TRUCK DRIVER

HIGHLIGHTS: पतलेरा गांव में 45 वर्षीय ट्रक ड्राइवर ने की आत्महत्या 10 दिन पहले ट्रक पलटने से आमदनी हुई थी बंद गाय बांधने वाले कमरे में रस्सी से लगाया फंदा जिला अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम ट्रक की किश्तें न भर पाने से था मानसिक तनाव TRUCK DRIVER SUICIDE: ग्वालियर। गुना जिले के पतलेरा गांव से दिल दहला देने वाला मामले सामने आया जहां एक ट्रक ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह ट्रक की मासिक किश्तें जमा न कर पाने के कारण मानसिक तनाव में था। दबाव में आकर उसने ये कदम उठाने का फैसला किया। ट्रक पलटने के बाद घर पर था मृतक की पहचान मुंशीलाल कुशवाह (45) के रूप में हुई है। वह अपने फाइनेंस पर लिए गए ट्रक को स्वयं चलाते थे और करीब 10 दिन पहले उनका ट्रक पलट गया था। बता दें कि हादसे में उन्हें मामूली चोटें आई थीं, जिसके बाद से वह घर पर ही थे। बताया जा रहा है कि ट्रक खड़ा रहने से उनकी आमदनी बंद हो गई थी। ASHOKNAGAR CRIMES: हनुमान मंदिर से 700 ग्राम चांदी के मुकुट-कुंडल चोरी, सुरक्षा पर उठे सवाल गाय बांधने वाले कमरे में लगाई फांसी परिजनों के मुताबिक मुंशीलाल रात में पानी पीकर सोने गए थे। सुबह करीब 5 बजे जब परिवार के लोग गाय निकालने के लिए कमरे में पहुंचे तो वह रस्सी के फंदे पर लटके मिले। जिस कमरे में मवेशी बांधे जाते हैं, वहीं उन्होंने फांसी लगा ली थी। पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम सूचना मिलते ही म्याना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री की पहल पर स्वीकृत इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन परियोजना को मिली नई रफ्तार आर्थिक दबाव में थे परेशान मृतक के भाई ने बताया कि ट्रक दुर्घटना के बाद वाहन 8–10 दिन से खड़ा था। हर महीने आने वाली किश्तों को लेकर वह चिंतित रहते थे। आमदनी रुकने से आर्थिक दबाव बढ़ गया था। हालांकि आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।  

सूबेदार टीजर: अनिल कपूर का खूंखार एक्शन अवतार देख फैंस के उड़े होश, सोशल मीडिया पर मचा तहलका

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर की फिल्म सूबेदार का टीजर आज बुधवार को रिलीज कर दिया गया है। लीजेंडरी एक्टर अनिल कपूर एक बार फिर जबरदस्त एक्शन करते नजर आएंगे। फिल्म में अनिल कपूर को एक रिटायर्ड फौजी सूबेदार अर्जुन सिंह मौर्य के अवतार में दिखाया गया है। सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी यह फिल्म सिर्फ ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर 5 मार्च को रिलीज होगी। टीजर में अनिल कपूर को एक ऐसे शहर में भ्रष्ट प्रशासन और बिगड़ी हुई व्यवस्था से जूझते हुए दिखाया गया है, जहां पर बस कुछ ही वक्त में उसका धैर्य जवाब देने वाला है। फिर राऊडी अवतार में लौटे अनिल जो इंसान कभी देश के लिए सरहद पर लड़ा था, उसे अब अपने घर और परिवार को बचाने के लिए अपनों के बीच ही छिपे दुश्मनों से लड़ना होगा। फिल्म में राधिका मदान अनिल कपूर की बेटी ‘श्यामा’ के रोल में नजर आएंगी। टीजर वीडियो में दिखाया गया है कि इस शहर के ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं कि सूबेदार अर्जुन सिंह किस बला का नाम है, वो बस उसकी उम्र से उसे जज करते हुए उसका मजाक बनाते हैं और बात-बात पर उसे और उसके परिवार को तंग करते हैं। लेकिन यह सब बहुत देर नहीं चलने वाला। टीजर वीडियो में अनिल कपूर को शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्था से परेशान और आखिर में हथियार में एक्शन अवतार में आते दिखाया गया है। फिल्म का हर सीन काफी दमदार अंदाज में शूट किया गया है और साउथ की फिल्मों वाला फील देता है। बात पब्लिक के रिएक्शन की करें तो कमेंट सेक्शन में लोग फिल्म की तारीफें करते नहीं थक रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में लिखा- वाह सर, नायक वाली फीलिंग आ रही है। वहीं दूसरे ने लिखा- आखिरकार लंबे वक्त बाद एक्शन अवतार में लौट ही आए सर। किसी ने लिखा है कि वो फिल्म के लिए एक्साइटेड हैं तो किसी ने लिखा है कि इसे थिएटर में लाना चाहिए था। अनिल कपूर के फैंस की लगी लॉटरी इसी तरह के ढेरों कमेंट लोगों ने फिल्म के टीजर वीडियो पर किए हैं जिसके कैप्शन में अनिल कपूर ने लिखा- उन्होंने गलत आदमी से पंगा ले लिया। नई फिल्म रिलीज होने जा रही है अमेजन प्राइम वीडियो पर 5 मार्च को। बता दें कि अनिल कपूर के पास इस वक्त ओटीटी पर कई प्रोजेक्ट हैं। नेटफ्लिक्स पर भी उनकी एक वेब सीरीज आने जा रही है जिसमें वह एक नामचीन बिजनेसमैन का किरदार निभाते नजर आएंगे। अनिल कपूर के फैंस उन्हें एक बार फिर ‘एनिमल’ और ‘फाइटर’ के बाद इस ‘रॉ’ एक्शन अवतार में देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे पर जताई साजिश की आशंका, विशेषज्ञ जांच की मांग

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पिछले महीने हुए विमान हादसे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केवल सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि इसमें साजिश की संभावना है। रोहित ने विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराने की मांग की है। हालांकि, NCP के संस्थापक शरद पवार ने इस त्रासदी को सिर्फ दुर्घटना करार दिया और साजिश की आशंका को खारिज किया था। रोहित पवार ने विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और बताया कि उनके अतीत में शराब के सेवन के लिए तीन साल का निलंबन रहा है। विशेषज्ञ जांच की मांग रोहित पवार ने कहा कि सीआईडी इस मामले की पूरी जांच करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की, जिनमें राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो और ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा शामिल हैं। VSR कंपनी पर शक रोहित ने दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी VSR पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि 2023 में इस कंपनी के एक विमान हादसे की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, बावजूद इसके यह कंपनी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग की जा रही है और डीजीसीए अधिकारियों पर इसका प्रभाव है। उन्होंने कंपनी, बुकिंग एजेंसी एरो और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर सवाल उठाए। महज एक्सीडेंट नहीं, साजिश की संभावना रोहित पवार ने कहा, हमें नहीं लगता कि यह केवल दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू है। उन्होंने विमान के अंतिम क्षणों और लैंडिंग के समय लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाए। रोहित ने पूछा कि क्या ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया, पायलटों के आने में देरी क्यों हुई और रनवे 11 पर लैंडिंग क्यों की गई। रोहित पवार ने कहा कि पूरा महाराष्ट्र इस बात पर सवाल उठा रहा है कि क्या अजित पवार का विमान क्रैश एक्सीडेंट था या किसी साजिश का हिस्सा। उन्होंने बताया कि यह हादसा अभी भी एक बुरे सपने जैसा महसूस होता है और कई लोग अजित पवार के जीवित होने की आशा जता रहे हैं।

ASHOKNAGAR CRIMES: हनुमान मंदिर से 700 ग्राम चांदी के मुकुट-कुंडल चोरी, सुरक्षा पर उठे सवाल

HANUMAN TEMPLE

HIGHLIGHTS: कोठारखेड़ी गांव के हनुमान मंदिर में चोरी ताले काटकर 700 ग्राम चांदी के मुकुट-कुंडल ले गए चोर बिजली मशीन से ताले काटने की आशंका सुबह पूजा के दौरान घटना का खुलासा पांच साल पहले भी इसी मंदिर में हुई थी चोरी ASHOKNAGAR CRIMES: ग्वालियर। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कोठारखेड़ी गांव में हनुमान मंदिर से चोरी का मामला सामने आया है। जहां अज्ञात चोर रात के समय मंदिर के ताले काटकर भगवान के चांदी के मुकुट और कुंडल लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषणों का अनुमानित वजन करीब 700 ग्राम बताया जा रहा है। ताले काटने में बिजली मशीन का इस्तेमाल चोरों ने मंदिर के दोनों गेटों पर लगे ताले काटे। आशंका है कि ताले काटने के लिए बिजली से चलने वाली मशीन का उपयोग किया गया, क्योंकि मंदिर के बाहर लगा बोर्ड जला हुआ पाया गया। इससे संकेत मिलता है कि वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाएंगे, रोक सको तो रोक लो” हुमायूं कबीर ने CM योगी को दी खुली चुनौती सुबह पूजा के समय हुआ खुलासा ग्रामीणों के अनुसार, रात में पुजारी नियमित पूजा के बाद मंदिर बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब ग्रामीण पूजा के लिए पहुंचे तो मंदिर के दोनों गेट खुले मिले। अंदर जाकर देखा तो भगवान हनुमान के मुकुट और कुंडल गायब थे। इसके बाद गांव में सूचना फैल गई और पुलिस को खबर दी गई। पांच साल पहले भी हुई थी चोरी ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले भी इसी मंदिर से मुकुट और कुंडल चोरी हुए थे, जिनका आज तक कोई सुराग नहीं लग पाया। उस घटना के बाद ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर दोबारा चांदी के आभूषण बनवाए थे। नरवणे की किताब पर विवाद जारी, बीजेपी ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही ईसागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है।

बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाएंगे, रोक सको तो रोक लो” हुमायूं कबीर ने CM योगी को दी खुली चुनौती

कोलकाता । पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान के बाद पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने पलटवार किया है। मंगलवार को हुमायूं कबीर ने कहा कि वे मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नकल वाली मस्जिद जरूर बनाएंगे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा मस्जिद बनाकर रहूंगा रोक सको तो रोक लो। मीडिया से बातचीत में हुमायूं ने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी का शासन है और भारतीय संविधान के अनुसार मुसलमानों को भी मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार है जैसे अन्य लोग मंदिर या चर्च बनाते हैं। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे के गिराए जाने की वर्षगांठ पर उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी और 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू होगा। सुबह 10 बजे लगभग 1200 लोग कुरान पढ़ते हुए निर्माण कार्य में शामिल होंगे। हुमायूं ने दोहराया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे और किसी से डरते नहीं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण को कयामत के दिन जैसा बताते हुए इसे कभी संभव न होने वाला कहा था। उन्होंने बाराबंकी में कहा था हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर बन गया है। जो लोग कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं वे ऐसे ही सड़-गल जाएंगे। योगी ने आगे कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के बाद संभव हुआ और विपक्षी दल संकट के समय भगवान राम को याद करते हैं बाकि समय भूल जाते हैं। उनका कहना था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण अब कभी नहीं होगा।

मुख्यमंत्री की पहल पर स्वीकृत इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन परियोजना को मिली नई रफ्तार

इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड चार लेन सड़क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न तहसीलों के कुल 20 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसके बदले प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। मुआवजा राशि निर्धारण में किसानों को उचित मुआवजा देने हेतु बिक्री छाँट की प्रक्रिया अपनाई गई, ताकि किसानों को अधिकतम मुआवजा प्रदान किया जा सके। इंदौर जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को जानकारी दी गई कि परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले कुल 626 करोड़ 49 लाख 76 हजार 436 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। वहीं इस परियोजना से जुड़े कुल 662 प्रभावित खातेदार/परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। निर्धारित मुआवजा के वितरण का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है। ये गांव शामिल बताया गया कि परियोजना के तहत हातोद और सांवेर तहसील के 20 गांव शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल गांव शामिल है। किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ भूमि अधिग्रहण के बदले दी जा रही मुआवजा राशि से प्रभावित किसानों और परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के विकास, परिवहन सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सड़क धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने विशेषकर सिंहस्थ के लिए भी मददगार होगी। विकास को मिलेगी नई दिशा इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन बनने से दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इसमें रोड के दोनों और सर्विस रोड बनाये जाने का भी प्रावधान रखा गया है साथ ही कई स्थानों पर अंडर पास एवं डक्ट भी बनाये जाएँगे ।इससे औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।