GWALIOR CAR ACCIDENT: ग्वालियर में सड़क हादसा: कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत

HIGHLIGHTS: 5 फरवरी को हुजरात पुल पर हुआ था हादसा तेज रफ्तार बलेनो कार ने बुजुर्ग को मारी टक्कर 6 दिन तक जयारोग्य अस्पताल में चला इलाज बुधवार रात उपचार के दौरान हुई मौत आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज, तलाश जारी GWALIOR CAR ACCIDENT: ग्वालियर। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित हुजरात पुल पर 5 फरवरी की दोपहर दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। कंपू के बंशी की बगिया में रहने वाले 60 वर्षीय भगवान दास शाक्य अपने बेटे नरेश के साथ किराना और घरेलू सामान लेने बाजार गए थे। खरीदारी के बाद दोनों साइकिल साथ लेकर पैदल घर लौट रहे थे, तभी ये दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर सगुन होटल के सामने पहुंचते ही तेज रफ्तार बलेनो कार (MP 07 AE 7350) के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए भगवान दास को टक्कर मार दी। बेटा आगे निकल गया था, जबकि पीछे आ रहे भगवान दास कार की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। MP WEATHER REPORT: ग्वालियर-चंबल में बदला मौसम का मिजाज: दिन में गर्मी, रात में ठंड बरकरार जयारोग्य अस्पताल में चला इलाज घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जयारोग्य अस्पताल (JAH) में भर्ती कराया गया। करीब छह दिन तक उनका इलाज चलता रहा, लेकिन बुधवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाई अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। जिसके बाद परिजनों को हादसे की जानकारी दी गई है। हादसे की वजह से पुरे परिवार में मातम फैला हुआ है। Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका! आरोपी चालक की तलाश जारी कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि आरोपी वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उसकी तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
MP WEATHER REPORT: ग्वालियर-चंबल में बदला मौसम का मिजाज: दिन में गर्मी, रात में ठंड बरकरार

HIGHLIGHTS: ग्वालियर-चंबल में दिन का तापमान 29–30°C के आसपास रात का न्यूनतम तापमान 13°C के करीब दर्ज पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल, पर बारिश की संभावना नहीं अगले 3–4 दिन हल्की ठंड का असर जारी रहेगा आगे तापमान में फिर उतार-चढ़ाव के संकेत MP WEATHER REPORT: मध्यप्रदेश। ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बता दें कि दिन में धूप तेज होने से गर्मी का एहसास बढ़ गया है, जबकि रात के समय ठंड अभी भी बनी हुई है। बुधवार को ग्वालियर सहित आसपास के जिलों में बादल छाए रहे, जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, वहीं न्यूनतम तापमान करीब 13 डिग्री दर्ज किया गया। आसमान में छाए बदल मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव से आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि, क्षेत्र में बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर ग्वालियर-चंबल के मौसम पर भी पड़ सकता है। बुधवार के अचूक उपाय: गाय को खिलाएं हरा मूंग-हरी घास, बुध देव की बरसेगी कृपा अगले 3-4 ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिन तक देर रात और सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है। साथ ही दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का ट्रेंड भी बना रहेगा। तेज सर्दी या बारिश की संभावना फिलहाल नहीं ग्वालियर में फरवरी माह में कड़ाके की ठंड का इतिहास रहा है। वर्ष 2018 में यहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि इस बार सर्दी का असर सामान्य बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन तेज सर्दी या बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति देखिये अपने शहर का तापमान ग्वालियर: अधिकतम तापमान 29°C, न्यूनतम 13°C दर्ज। दिन में धूप तेज, सुबह-रात हल्की ठंड। मुरैना: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 14°C। दिन में गर्मी का एहसास बढ़ा। भिंड: अधिकतम 29°C, न्यूनतम 13.5°C। मौसम साफ, हल्की हवा। दतिया: अधिकतम 28.5°C, न्यूनतम 12°C। सुबह ठंडक बनी रही। शिवपुरी: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 11°C। सुबह-शाम सर्दी महसूस की गई।
बुधवार के अचूक उपाय: गाय को खिलाएं हरा मूंग-हरी घास, बुध देव की बरसेगी कृपा

नई दिल्ली। सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता और ग्रह को समर्पित है। बुधवार का दिन ग्रहों के राजकुमार बुध देव का माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह वाणी बुद्धि शिक्षा संचार और व्यापार के कारक हैं। जिनकी कुंडली में बुध कमजोर होता है या बुध दोष होता है उन्हें वाणी संबंधी समस्याएं निर्णय क्षमता में कमी और व्यापार में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बुधवार के दिन कुछ सरल और प्रभावी उपाय कर बुध ग्रह को मजबूत किया जा सकता है। मंत्र जाप करें बुधवार को ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना गया है। नियमित जाप से वाणी में मधुरता बुद्धि में तीक्ष्णता और व्यापार में वृद्धि के योग बनते हैं। विद्यार्थियों और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह उपाय विशेष लाभकारी बताया गया है। गाय को हरा चारा खिलाएं बुधवार के दिन गाय को हरा चारा विशेषकर हरी मूंग हरा धनिया या हरी घास खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे बुध ग्रह शांत होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। बुध दोष से पीड़ित लोगों को यह उपाय अवश्य करना चाहिए। हरे रंग का उपयोग करें हरा रंग बुध ग्रह का प्रिय रंग है। बुधवार को हरे रंग के वस्त्र पहनना या हरे रंग का रूमाल अपने पास रखना शुभ फलदायी होता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बुध का दुष्प्रभाव कम होता है। गणेश जी की पूजा करें बुध ग्रह की शांति के लिए भगवान गणेश की आराधना करना विशेष लाभ देता है। बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। इससे बुध दोष दूर होता है और कार्यों में सफलता मिलती है। कच्चे सूत में 7 गांठें बांधें परीक्षा या इंटरव्यू में सफलता के लिए बुधवार को कच्चे सूत में सात गांठें लगाकर जय गणेश काटो क्लेश मंत्र का जाप करें और धागे को गणेश जी को अर्पित करें। इससे बाधाएं दूर होने की मान्यता है। तुलसी को जल अर्पित करें बुधवार की सुबह तुलसी के पौधे को जल अर्पित करते हुए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इससे बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं। तांबे का दान और हरी वस्तुओं का दान धन लाभ की इच्छा रखने वाले व्यक्ति बुधवार से लगातार सात दिन तक गणेश पूजा कर तांबे का दान करें। साथ ही छोटे बच्चों को हरे फल हरे वस्त्र कॉपी-किताब या पेंसिल दान करना भी शुभ माना गया है। इन उपायों को श्रद्धा और नियमितता से करने पर बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में बुद्धि वाणी तथा व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
Bharat Bandh: भारत बंद 12 फरवरी 2026 जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा

नई दिल्ली। गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में भारत बंद का असर दिखाई दे सकता है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 से अधिक राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन से यह हड़ताल आयोजित की गई है। इसे कृषि, ग्रामीण और अनौपचारिक श्रमिकों के प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया है। कौन-कौन से सेवाएं प्रभावित हो सकती हैंयातायात: बसें, टैक्सियां और लोकल ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में “चक्का जाम” की संभावना।बैंकिंग: AIBEA, AIBOA और BEFI के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सार्वजनिक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।बाजार और दुकानें: अधिकतर थोक और खुदरा दुकानें, रेस्तरां बंद रहने की संभावना।हवाई यात्रा: एयरपोर्ट खुले रहेंगे, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण अतिरिक्त समय लेने की सलाह। स्कूल और कॉलेजआधिकारिक अवकाश नहीं: भारत भर में स्कूल और कॉलेज खुलेंगे।स्थानीय असर: केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हड़ताल के कारण कुछ संस्थान बंद रह सकते हैं। यात्रियों के लिए सलाहसड़क अवरोध और विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रा में विलंब की संभावना।रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखें।प्रभावित क्षेत्रों में राज्य संचालित बसें और ऑटो-रिक्शा सीमित हो सकते हैं। हड़ताल के पीछे कारण और मांगेनवंबर 2025 में लागू चार नए श्रम संहिता को वापस लेने की मांग।बीज विधेयक, विद्युत संशोधन विधेयक और पशु-अधिनियम को रद्द करने की मांग।MGNREGA की बहाली।विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 का विरोध।इस हड़ताल में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC जैसे प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने SKM के समर्थन में देशभर के श्रमिकों, कर्मचारियों और किसानों को शामिल किया है।
Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका!

नई दिल्ली। रानी मुखर्जी की पावर-पैक फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया है। 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के बावजूद फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन जल्दी ही दर्शकों का उत्साह बढ़ा और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के 13वें दिन मर्दानी 3 ने 1.10 करोड़ रुपये की कमाई की। इस कमाई के साथ फिल्म की कुल टोटल कमाई 39.80 करोड़ रुपये हो गई है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म रानी मुखर्जी की दमदार भूमिका ‘शिवानी शिवाजी रॉय’ के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है। डे वाइज कलेक्शन:डे 1: 4 करोड़ फर्स्ट वीक: 26.3 करोड़ डे 8: 1.85 करोड़ डे 9: 3.5 करोड़ डे 10: 4.25 करोड़ डे 11: 1.2 करोड़ डे 12: 1.6 करोड़ डे 13: 1.10 करोड़ कुल कमाई: 39.80 करोड़ फिल्म की कहानी और रानी की एक्टिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। दूसरे वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। ‘मर्दानी’ और ‘मर्दानी 2’ की तुलनामर्दानी (2014): बजट: 20 करोड़ भारत नेट कलेक्शन: 35.65 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 59.30 करोड़ बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट मर्दानी 2 (2019): बजट: 30 करोड़ भारत नेट कलेक्शन: 47.35 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 67 करोड़ बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट ‘मर्दानी 3’ भी दोनों फिल्मों की तरह दर्शकों के बीच लोकप्रिय साबित हो रही है। रानी मुखर्जी का शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में दमदार प्रदर्शन फिल्म का बड़ा आकर्षण बना। रानी मुखर्जी का पावर-पैक प्रदर्शनफिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग और कहानी के दमदार अंदाज ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रिलीज के पहले हफ्ते में धीमी शुरुआत के बावजूद दूसरे वीकेंड में फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ से मुकाबले के बावजूद मर्दानी 3 ने अपनी अलग पहचान बनाई फिल्म ने 13वें दिन 1.10 करोड़ की कमाई के साथ बॉक्स ऑफिस पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अगर यह रफ्तार बनी रहती है, तो जल्द ही मर्दानी 3 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।
T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 की दौड़ अब कुछ टीमों के लिए मुश्किल होती जा रही है। पिछली बार की सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान अपने पहले दो मैचों में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से हार चुकी है, जिससे उसका सुपर 8 में पहुंचना मुश्किल लग रहा है। अफगानिस्तान के साथ-साथ आयरलैंड और यूएसए भी लीग फेज में 2-2 हार के साथ मुश्किल में हैं। आधिकारिक तौर पर अभी कोई टीम बाहर नहीं हुई है, लेकिन इन तीनों टीमों के लिए सुपर 8 की राह लगभग बंद होती नजर आ रही है। कारण यह है कि ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए कम से कम 3 जीत जरूरी हैं। अफगानिस्तान के लिए बुधवार का मुकाबला साउथ अफ्रीका से “करो या मरो” था, जो डबल सुपर ओवर तक गया लेकिन टीम हार गई। ग्रुप A में पाकिस्तान शानदार शुरुआत कर रहा है और अपने पहले दो मैच जीतकर 4 अंकों के साथ टॉप पर है। भारत दूसरे स्थान पर है, जिसने अपने पहले मैच में यूएसए को हराया। नीदरलैंड तीसरे नंबर पर है, जिसने 2 में से एक मैच जीत रखा है, जबकि नामीबिया एक मैच हार चुकी है। इस ग्रुप में यूएसए का हाल सबसे खराब है, जिसने अपने पहले दो मुकाबले गंवा दिए हैं। ग्रुप B में ऑस्ट्रेलिया नंबर एक की पोजिशन पर है, जिसने अपने पहले मैच में आयरलैंड को हराकर दम दिखाया। जिम्बाब्वे दूसरे स्थान पर है, जिसने ओमान को हराया, जबकि श्रीलंका तीसरे नंबर पर है, जिसने आयरलैंड को मात दी। ग्रुप में आयरलैंड दो मैच हारकर चौथे नंबर पर खिसक गया है और ओमान ने अब तक खेला गया एक मैच गंवाया है। ग्रुप C में वेस्टइंडीज ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और दोनों मैच जीतकर 4 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर है। स्कॉटलैंड और इंग्लैंड दोनों ने अपने दो मैचों में से एक-एक मैच जीता है और क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। नेपाल और इटली का ग्रुप में प्रदर्शन कमजोर रहा है; नेपाल एक मैच हार चुका है और इटली ने भी खेला गया एक मैच गंवा दिया है। ग्रुप D में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका दोनों ने अपने पहले दो मैच जीतकर क्रमशः टॉप और दूसरे नंबर पर जगह बनाई है। अफगानिस्तान दो मैच हारकर तीसरे नंबर पर खिसक गया है, जबकि UAE ने खेला गया एक मैच गंवाया है और कनाडा भी अपने पहले मैच में हार का सामना कर चुकी है। इस ग्रुप में टॉप 2 टीमें ही सुपर 8 में जाएंगी।
राघव चड्ढा का संसद में ‘राइट टू रिकॉल’ पर जोर, बोले- मतदाता को नेता हटाने का अधिकार मिले

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को संसद में ‘राइट टू रिकॉल’ यानी जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार पर चर्चा कर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा कि अगर चुने हुए नेता जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते, तो मतदाताओं को उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें हटाने का अधिकार होना चाहिए। शून्यकाल के दौरान बोलते हुए चड्ढा ने कहा, “जैसे मतदाता को चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार है, उसी तरह अगर नेता काम नहीं करता तो उसे हटाने का अधिकार भी होना चाहिए। ‘राइट टू रिकॉल’ मतदाताओं को सशक्त बनाएगी और नेताओं को जवाबदेह बनाएगी।” ‘राइट टू रिकॉल’ क्या है?राघव चड्ढा ने इसे एक ऐसी प्रक्रिया बताया है जिसमें वोटर किसी चुने हुए नेता को उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाने का अधिकार रखते हैं। आसान शब्दों में, अगर जनता अपने नेता के काम से संतुष्ट नहीं है, तो वह उसे जल्दी हटाने का विकल्प रख सकती है। राष्ट्रपति और जज हैं हटाए जा सकते हैं, नेताओं को क्यों नहीं?चड्ढा ने तर्क दिया कि भारत में पहले ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और न्यायाधीशों के लिए महाभियोग की व्यवस्था है। सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। ऐसे में निर्वाचित नेताओं के लिए भी सुरक्षित और कानूनी प्रक्रिया के जरिए हटाने की सुविधा होना चाहिए। दुरुपयोग रोकने के लिए सुरक्षा उपायसांसद ने कहा कि ‘राइट टू रिकॉल’ लोकतंत्र को मजबूत करेगा, इसे नेताओं के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कम से कम 35-40% मतदाताओं के हस्ताक्षर जरूरी हों। नेता को 18 महीने का ‘परफॉर्मेंस पीरियड’ दिया जाए, ताकि वह सुधार कर सके। इस तरह काम करने वाले नेताओं को पार्टी टिकट देंगी और लोकतंत्र मजबूत होगा। किन देशों में लागू है?राघव चड्ढा के अनुसार, दुनिया के 20 से अधिक लोकतांत्रिक देशों में यह व्यवस्था मौजूद है। उदाहरण- अमेरिका, स्विट्जरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, वेनेज़ुएला, पेरू, इक्वाडोर, जापान, ताइवान। इसके अलावा भारत में यह व्यवस्था कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान की ग्राम पंचायतों में लागू है।
एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा। सर्दी का असर और आगे का मौसममौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान की जानकारीमौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:पचमढ़ी: 7.4 डिग्रीकटनी (करौंदी): 8.4 डिग्रीअमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्रीमंदसौर: 9.1 डिग्रीखजुराहो: 9.2 डिग्रीदतिया: 9.9 डिग्री बड़े शहरों में न्यूनतम तापमानग्वालियर: 13 डिग्रीउज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्रीभोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री
प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 फरवरी तक 9.4 फीसदी बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था (Economy) के मोर्चे पर अच्छी खबर है। भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की मजबूती का संकेत देते हुए चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार के कर संग्रह (Tax Collection) में शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह (Direct Tax Collection) 9.4 फीसदी बढ़कर लगभग 19.44 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आयकर विभाग ने बुधवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 फीसदी बढ़कर करीब 19.44 लाख करोड़ रुपये रहा है। विभाग के मुताबिक इस दौरान शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 14.51 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, यह बढ़ोतरी कॉरपोरेट कर की बेहतर वसूली और कर रिफंड की धीमी गति का परिणाम है। वहीं गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह, जिसमें व्यक्तिगत आयकर और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) से मिले कर शामिल हैं, 5.91 फीसदी बढ़कर करीब 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा। शेयरों एवं अन्य प्रतिभूतियों के लेनदेन पर लगाया जाने वाला प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) का संग्रह 1 अप्रैल, 2025 से 10 फरवरी, 2026 के दौरान 50,279 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के लगभग समान है। मंत्रालय के मुताबिक इस अवधि में कर रिफंड जारी करने में 18.82 फीसदी की गिरावट आई और यह घटकर 3.34 लाख करोड़ रुपये रह गया। रिफंड में कमी से शुद्ध कर संग्रह की वृद्धि दर को सहारा मिला। आंकड़ों के मुताबिक देश का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.09 प्रतिशत बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 10.88 लाख करोड़ रुपये का सकल कॉरपोरेट कर और 11.39 लाख करोड़ रुपये का सकल गैर-कॉरपोरेट कर शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 24.84 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है।
चक्रवात गेजानी ने मेडागास्कर में मचाई तबाही, कम से कम 20 लोगों की मौत, कई लापता

अंतानानारिवो। हिंद महासागर द्वीप (Indian Ocean Island Country) देश मेडागास्कर (Madagascar) में आए शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवात गेजानी (Powerful Tropical Cyclone Gajani) ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार इस आपदा में अबतक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग लापता बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 18 मौतें देश के दूसरे सबसे बड़े शहर टोआमासिना में दर्ज की गईं, जबकि दो अन्य लोगों की जान पड़ोसी जिले में गई। चक्रवात ने मंगलवार देर रात तट से टकराते ही तेज हवा और बारिश के साथ व्यापक नुकसान पहुंचाया। स्थानीय निवासियों ने तेज हवा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि मजबूत धातु के दरवाजे और खिड़कियां तक कांप उठीं। इस आपदा में कम से कम 33 लोग घायल हुए हैं। एहतियातन 2,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के तटीय इलाकों से टकराने के बाद अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ने से कई समुदाय प्रभावित हुए। मौसम विभाग के अनुसार अपने चरम पर गेज़ानी की रफ्तार लगभग 185 किमी प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 270 किमी प्रति घंटा तक पहुंचे। तेज हवाओं से कई घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया। यह इस वर्ष मेडागास्कर में आया दूसरा बड़ा चक्रवात है। इससे करीब दस दिन पहले आए चक्रवात फाइटिया में 14 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। बुधवार सुबह मौसम सेवा ने बताया कि गेजानी अब कमजोर होकर मध्यम उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया है और राजधानी अंतानानारिवो से उत्तर की ओर बढ़ते हुए आगे मोजाम्बिक चैनल की दिशा में निकल सकता है। अधिकारियों ने पहले ही स्कूल बंद कर दिए थे और राहत शिविरों की तैयारी की थी, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि को कुछ हद तक रोका जा सका।