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नागरिक देवो भव’ के मंत्र के साथ नए युग की शुरुआत, PM मोदी ने किया सेवा तीर्थ का उद्घाटन

नई दिल्ली । प्रशासनिक ढांचे के एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अत्याधुनिक सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। यह वही ऐतिहासिक क्षण था जब लगभग 80 वर्षों से सत्ता और शासन का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय ने औपचारिक रूप से नई इमारत में प्रवेश किया। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने नागरिक देवो भव के आदर्श वाक्य को दोहराते हुए कहा कि यह परिसर सरकार की नागरिक केंद्रित सोच और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला यह आधुनिक परिसर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत दारा शिकोह रोड पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। सेवा तीर्थ में तीन मुख्य भवन बनाए गए हैं सेवा तीर्थ 1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ 2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। पहले ये सभी विभाग अलग अलग स्थानों पर संचालित होते थे, जिससे समन्वय और कार्यप्रणाली में जटिलताएँ आती थीं। अब एक ही छत के नीचे इन प्रमुख संस्थाओं के आने से प्रशासनिक फैसलों में तेजी और तालमेल की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जो ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रही। इसी भवन में 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। अब इस विरासत को सहेजते हुए साउथ ब्लॉक को सार्वजनिक उपयोग के लिए संग्रहालय में बदलने की योजना है, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में युगे युगीन संग्रहालय के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। सेवा तीर्थ के साथ ही कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 का भी उद्घाटन किया गया, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, कॉर्पोरेट कार्य और जनजातीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया अधिक समन्वित और प्रभावी होगी। हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित यह परिसर डिजिटल आर्काइव्स, हाई स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस वर्क कल्चर और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम से लैस है। स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, व्यापक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सुरक्षा को अभेद्य बनाते हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परिसर 4 स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें ऊर्जा दक्ष प्रणालियाँ, जल संरक्षण उपाय और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। विजय चौक के समीप स्थित यह नया प्रशासनिक केंद्र न केवल प्रधानमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से भी राहत दिलाने में सहायक होगा। सेवा तीर्थ केवल एक भवन नहीं, बल्कि आधुनिक, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था का प्रतीक बनकर उभरा है जहाँ परंपरा को सम्मान देते हुए भविष्य की ओर सशक्त कदम बढ़ाए गए हैं।

IPL 2026 में रवींद्र जडेजा नहीं होंगे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान, इस 24 साल के भारतीय को सौंपी जिम्मेदारी

नई दिल्ली ।जस्थान रॉयल्स ने आईपीएल के आगामी संस्करण के लिए शुक्रवार को अपने कप्तान का एलान किया. संजू सैमसन पिछले कई सीजनों से टीम की कमान संभाले हुए थे जो आईपीएल 19वें सीजन से पहले ट्रेड के जरिए चेन्नई सुपर किंग्स में जा चुके हैं. टीम ने सीएसके से राजस्थान में आए अनुभवी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को कमान नहीं सौंपी है रियान पराग को कप्तान नियुक्त किया गया है. रियान पराग ने आईपीएल के पिछले संस्करण के 3 मैचों में कप्तानी की थी क्योंकि संजू सैमसन फिट नहीं थे. पराग ने 23 मार्च 2026 को पहली बार सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में कप्तानी की तो वह इस टीम के लिए कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने.राजस्थान रॉयल्स के 7वें कप्तान बने पराग आईपीएल 2026 से पहले रियान पराग को फुल टाइम कप्तान नियुक्त किया गया है वह इस टीम के लिए कप्तानी करने वाले 7वें खिलाड़ी हैं. शेन वार्न राहुल द्रविड़ स्टीव स्मिथ अजिंक्य रहाणे संजू सैमसन इस टीम के कप्तान रहे हैं. रियान पराग आईपीएल रिकॉर्ड पराग ने 2019 में राजस्थान रॉयल्स में शामिल किए गए थे तब से वह इसी टीम का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने आईपीएल में खेले 84 मैचों में 1566 रन बनाए हैं और 7 विकेट लिए हैं. आईपीएल में वह 7 अर्धशतक लगा चुके हैं उनका सर्वाधिक स्कोर 95 का है. 2024 उनके लिए आईपीएल का सबसे सफल सीजन कहा जा सकता है जिसमें उन्होंने 16 मैचों में 573 रन बनाए थे. राजस्थान रॉयल्स स्क्वॉड शुभम दुबे वैभव सूर्यवंशी डोनोवन फेरीरा लुआन-ड्रे प्रीटोरियस रवि सिंह अमन रओ पेराला शिमरोन हेटमायर यशस्वी जायसवाल ध्रुव जुरेल रियान पराग युद्धवीर सिंह चरक रवींद्र जडेजा सैम करन जोफ्रा आर्चर तुषार देशपांडे क्वेना मफाका रवि बिश्नोई सुशांत मिश्रा यश राज पुंजा विग्नेश पुथुर बृजेश शर्मा एडम मिल्ने कुलदीप सेन संदीप शर्मा नांद्रे बर्गर.

टॉप-स्पीड पर भारत की ऑटो इंडस्ट्री, जनवरी 2026 में बिक्री ने बनाया नया कीर्तिमान

नई दिल्ली: भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री नए साल की शुरुआत के साथ ही टॉप-स्पीड में दौड़ती नजर आ रही है। जीएसटी दरों में कमी और घरेलू मांग में सुधार के चलते जनवरी 2026 में यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई। उद्योग संगठन Society of Indian Automobile Manufacturers द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने इस तेजी की पुष्टि की है। सियाम के मुताबिक जनवरी 2026 में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 12.6 प्रतिशत बढ़कर 4,49,616 यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 3,99,386 यूनिट्स था। यह वृद्धि उपभोक्ता विश्वास में सुधार और निजी वाहन खरीद में बढ़ती रुचि को दर्शाती है। दोपहिया वाहन सेगमेंट में सबसे तेज रफ्तार देखी गई। जनवरी 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री 26.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 19,25,603 यूनिट्स पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 15,26,218 यूनिट्स थी। इस श्रेणी में स्कूटर की बिक्री 36.9 प्रतिशत उछलकर 7,50,580 यूनिट्स हो गई। मोटरसाइकिल की बिक्री भी 20.3 प्रतिशत बढ़कर 11,26,416 यूनिट्स तक पहुंची, जबकि मोपेड की बिक्री 16.1 प्रतिशत बढ़कर 48,607 यूनिट्स रही। तिपहिया वाहन सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कुल बिक्री 30.2 प्रतिशत बढ़कर 75,725 यूनिट्स हो गई, जो पिछले साल 58,167 यूनिट्स थी। यात्री तिपहिया वाहनों की बिक्री 30.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 60,881 यूनिट्स रही। वहीं मालवाहक तिपहिया वाहनों की बिक्री 33.4 प्रतिशत बढ़कर 13,374 यूनिट्स तक पहुंच गई। हालांकि ई-रिक्शा की बिक्री में 7.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 925 यूनिट्स रही। सियाम के अनुसार जनवरी 2026 में यात्री वाहन, दोपहिया, तिपहिया और क्वाड्रीसाइकल मिलाकर कुल 29,27,394 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि जनवरी 2026 में दर्ज की गई बिक्री अब तक की सबसे अधिक है और यह जनवरी 2025 की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी के बाद मांग में लगातार मजबूती बनी हुई है और पिछले तिमाही की सकारात्मक गति नए साल में भी जारी रही है। मेनन ने यह भी उम्मीद जताई कि केंद्रीय बजट 2026 में घोषित पहलों और मौजूदा नीतिगत अनुकूल माहौल से भारत के विनिर्माण आधार को मजबूती मिलेगी। इससे ऑटो सेक्टर को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और मध्यम अवधि में विकास को समर्थन मिलेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपभोक्ता मांग और नीति समर्थन इसी तरह बना रहा, तो 2026 भारतीय ऑटो उद्योग के लिए ऐतिहासिक वर्ष साबित हो सकता है।

मुरैना में 12 राउंड फायरिंग से दहला केन्थरी, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

मुरैना । मुरैना जिले के चंबल अंचल में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सराय छोला थाना क्षेत्र के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम बदमाशों ने ससुर और दामाद को घेरकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पक्ष ने वारदात से एक दिन पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए जान का खतरा बताया था लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजागांव गोलियों की आवाज से दहल उठा और दो लोग खून से लथपथ हो गए। घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय देवेंद्र गुर्जर और उनके 50 वर्षीय ससुर औतार गुर्जर को सुनियोजित तरीके से घेरकर करीब 12 राउंड फायरिंग की गई। चश्मदीदों के अनुसार अचानक चली गोलियों से इलाके में अफरा तफरी मच गई। देवेंद्र की जांघ को चीरती हुई गोली निकल गई जबकि औतार गुर्जर के पैर के आर पार गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से पांच खाली खोखे बरामद किए हैं। इस खूनी वारदात की जड़ें एक दिन पहले हुई मारपीट में बताई जा रही हैं। बुधवार को नेशनल हाईवे 44 पर आरोपी गीताराम गिर्राज और छोटू गुर्जर ने देवेंद्र के साथ मारपीट की थी। आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। देवेंद्र ने सराय छोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी होती तो शायद यह जानलेवा हमला टल सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई है। सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार घायलों के बयान दर्ज करने के लिए टीम ग्वालियर भेजी गई है। उन्होंने माना कि पुरानी रंजिश और मारपीट की घटना के चलते ही फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस का यह कहना कि वे आरोपियों को पकड़ने जाने ही वाले थे लेकिन उससे पहले वारदात हो गईपीड़ित परिवार को स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर नजर डालें तो बुधवार को मारपीट और धमकी उसी रात एफआईआर लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं; और गुरुवार शाम खुलेआम घेराबंदी कर 12 राउंड फायरिंगयह सिलसिला पुलिस की सुस्ती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। चंबल क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समय पर की गई पुलिस कार्रवाई ऐसी वारदातों को रोक सकती है। केन्थरी गांव की यह घटना न केवल दो जिंदगियों को खतरे में डाल गई बल्कि कानून व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर गई।

चिरंजीवी ने बताया पोते-पोती के नाम का मतलब, धर्म और साहस का संदेश

नई दिल्ली।साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Ram Charan और उनकी पत्नी उपासना हाल ही में जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने हैं। 31 जनवरी को हैदराबाद में बेटे और बेटी के जन्म के बाद से ही फैंस बच्चों के नाम को लेकर उत्साहित थे। अब इस उत्सुकता पर विराम लगाते हुए अभिनेता Chiranjeevi ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दोनों नवजात शिशुओं के नाम और उनका अर्थ साझा किया है। चिरंजीवी ने नामकरण संस्कार की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भगवान की असीम कृपा से परिवार में आए दो नए सदस्यों के नाम बताते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने बताया कि बेटे का नाम ‘शिव राम कोनिडेला’ और बेटी का नाम ‘अनवीरा देवी कोनिडेला’ रखा गया है। उन्होंने ‘शिव राम’ नाम का अर्थ समझाते हुए कहा कि यह दो महान देवताओं का सुंदर संगम है। ‘शिव’ भगवान शिव से प्रेरित है, जो आंतरिक शक्ति, शांति और गहराई के प्रतीक हैं, जबकि ‘राम’ नाम भगवान राम से लिया गया है, जो धर्म, करुणा और साहस का प्रतीक माने जाते हैं। दोनों नाम मिलकर जीवन में संतुलन, आंतरिक ताकत और सही कर्म के मार्ग को दर्शाते हैं। वहीं बेटी ‘अनवीरा देवी’ के नाम को लेकर भी उन्होंने विशेष अर्थ साझा किया। ‘अनवीरा’ का अर्थ निडरता, साहस और ईश्वरीय संरक्षण से जुड़ा है। यह नाम देवी शक्ति के स्वरूप से प्रेरित बताया गया है और इसमें कोमलता के साथ अटूट शक्ति का संदेश निहित है। चिरंजीवी के अनुसार यह नाम कनक दुर्गा माता के आशीर्वाद से प्रेरित है और स्त्री शक्ति के सम्मान को दर्शाता है। नामकरण संस्कार की तस्वीरों में राम चरण और उपासना कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि चिरंजीवी और उनकी पत्नी नवजात बच्चों को गोद में लिए हुए हैं। परिवार का यह पारंपरिक अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है। जहां आजकल कई सेलिब्रिटी अपने बच्चों के लिए आधुनिक या विदेशी नाम चुनते हैं, वहीं राम चरण और उपासना ने सनातन परंपरा से जुड़े नामों का चयन कर अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को दर्शाया है। इससे फैंस के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि यह कपल पहले से एक बेटी के माता-पिता हैं। उनकी बड़ी बेटी का नाम ‘क्लिन कारा’ है, जिसका जन्म वर्ष 2023 में हुआ था। अब परिवार में जुड़वा बच्चों के आगमन से खुशियों का माहौल है।चिरंजीवी ने पोस्ट के अंत में सभी फैंस से बच्चों के लिए आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि वे जीवन की एक नई और सुंदर यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।

Holi Special Train: जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत

जबलपुर। रंगों के महापर्व होली पर घर लौटने और धार्मिक स्थलों पर रंगोत्सव मनाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर से दो प्रमुख दिशाओंअयोध्या और दिल्लीके लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये दोनों स्पेशल ट्रेनें 2 से 11 मार्च के बीच सप्ताह में एक दिन संचालित होंगी और दो-दो फेरे लगाएंगी। इनके लिए आरक्षण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है। पहली स्पेशल ट्रेन जबलपुर-अयोध्या धाम के बीच चलेगी। ट्रेन क्रमांक 01705 तीन और 10 मार्च को शाम 7.40 बजे जबलपुर जंक्शन से रवाना होगी। यह सिहोरा रोड, कटनी जंक्शन, मैहर, सतना, मानिकपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरते हुए मध्यरात्रि 2.15 बजे प्रयागराज छिवकी, सुबह 7.05 बजे वाराणसी और सुबह 11.25 बजे अयोध्या धाम पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01706 चार और 11 मार्च को दोपहर 1.30 बजे अयोध्या धाम से चलकर अगले दिन सुबह 6.45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में दो सेकेंड एसी, पांच थर्ड एसी, आठ स्लीपर और दो एसएलआरडी कोच रहेंगे। दूसरी स्पेशल ट्रेन जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन दिल्ली के लिए चलाई जाएगी। ट्रेन क्रमांक 01701 दो और नौ मार्च को रात 8.20 बजे जबलपुर से रवाना होगी। यह कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा और कोशी कला होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01702 तीन और 10 मार्च को अपराह्न 3.45 बजे निजामुद्दीन से चलकर अगले दिन सुबह 9.30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। 24 कोच वाली इस ट्रेन में चार जनरल, नौ स्लीपर, छह थर्ड एसी, दो सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। होली के दौरान मथुरा और काशी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह ट्रेनें बड़ी सुविधा साबित होंगी। नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है, ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा। अयोध्या स्पेशल ट्रेन के मिर्जापुर ठहराव से विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा रीवा-भोपाल-दानापुर रूट पर भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रानी कमलापति से रीवा और दानापुर के लिए सुपरफास्ट एवं स्पेशल ट्रेनों की तिथियां घोषित कर दी गई हैं, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश-बिहार के बीच यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। रेल प्रशासन का मानना है कि इन स्पेशल ट्रेनों से न केवल त्योहार के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। होली के रंगों के बीच सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। यात्रियों से समय पर आरक्षण कराने और निर्धारित समय-सारिणी की जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है।

भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया। घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया। घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं। घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले। कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

आठवें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों-पेंशनरों की बढ़ीं उम्मीदें..

नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख से अधिक पेंशनधारियों को लंबे समय से इस आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। 31 दिसंबर 2025 को सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, ऐसे में अब सभी की नजरें नए वेतनमान और पेंशन संशोधन पर टिकी हैं। सरकार ने परामर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इस कदम से कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जगी है कि वेतन संरचना में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो सकती है। आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में की गई थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को औपचारिक अधिसूचना जारी कर आयोग के गठन और टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी गई। आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि आयोग महंगाई दर, मौजूदा वेतन ढांचा, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन संशोधन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार करेगा। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने जानकारी दी थी कि आयोग विधिवत गठित हो चुका है और निर्धारित समयसीमा में अपनी रिपोर्ट देगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने सुझाव लेने के लिए एक आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, ताकि परामर्श प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यापक बनाया जा सके। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनधारी और संबंधित पक्ष अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेतन संरचना और पेंशन सुधार से जुड़े फैसलों में सभी की भागीदारी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर में संभावित बदलाव और महंगाई के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आयोग महत्वपूर्ण सिफारिशें कर सकता है। यदि आयोग तय 18 महीने की समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देता है और सरकार उसे मंजूरी दे देती है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय रिपोर्ट सौंपे जाने और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही होगा। फिलहाल आयोग सुझाव एकत्र करने और प्रारंभिक अध्ययन की प्रक्रिया में जुटा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए वेतन और पेंशन में सार्थक संशोधन जरूरी है।अब 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि आयोग अपनी सिफारिशें कब तक तैयार करता है और सरकार उन्हें लागू करने का फैसला कब लेती है

भिंड के दबोह क्षेत्र में संगठित अवैध शराब नेटवर्क: ‘कंजर व्हिस्की’ 30 रुपए में, महिलाओं के भरोसे चलता कारोबार

भिंड । मध्य प्रदेश शहर से लगभग 85 किमी दूर दबोह क्षेत्र में स्थित कंजर डेरा आज एक संगठित और बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध शराब नेटवर्क के रूप में चर्चा में है, जहां कच्ची शराब खुलेआम बिना किसी रोक टोक के बिक रही है। स्थानीय लोगों और जांचकर्ताओं के अनुसार यहाँ का यह नेटवर्क इतना व्यवस्थित है कि खरीदारों को कहीं भटकना नहीं पड़ता, बल्कि एक तय शुदा प्रक्रिया के मुताबिक शराब आसानी से उपलब्ध कराई जाती है। कंजर डेरे में शराब को स्थानीय लोग कंजर व्हिस्की के नाम से जानते हैं, जिसका एक एक पॉलिथीन पाउच महज 30 रुपए में बिकता है। इस कच्ची शराब की बिक्री एक अनूठे तरीके से होती है प्रत्येक घर के बाहर एक चारपाई रखी होती है जिस पर एक थैला होता है जिसमें आठ से दस पाउच शराब रखे रहते हैं। ग्राहक उस थैले को पहचानकर थैलों में से पाउच लेते हैं और पैसे वहीं रख देते हैं। इस तरीके से शराब विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच न्यूनतम संपर्क होता है और बिक्री आसान एवं तेजी से होती है। डेरे के गिरोह में शामिल महिलाओं की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आती है। कई महिलाओं ने रिपोर्टरों से बातचीत में स्वीकार किया कि यही उनकी आमदनी का साधन है और इसी से परिवार का भरण पोषण होता है। पुरुष इस दौरान डेरे से बाहर रहते हैं और शराब के निर्माण तथा आपूर्ति से जुड़े कामों में लगे रहते हैं। गलियों के बीच सात पक्के मकानों के नेटवर्क में सप्ताह के हर दिन के लिए अलग अलग घर शराब की बिक्री का काम संभालता है, जिससे किसी प्रकार की आपसी प्रतिस्पर्धा और टकराव नहीं होता। स्थानीय ग्राहकों के अलावा, यह अवैध शराब नेटवर्क कुछ शराब ठेकेदारों तक भी कच्ची शराब की आपूर्ति करता है, जो इसे पाउचों और बोतलों में पैक कर आसपास के गांवों और इलाकों में बेचते हैं। इससे व्यापारियों को दो से चार गुना तक मुनाफा होता है, और यह नेटवर्क और भी अधिक फैलता जा रहा है। रेहकोला माता मंदिर के निकट स्थित इस डेरे में रहने वाले कुछ परिवारों का कहना है कि वे शराब को या तो स्वयं बनाते हैं या बाहर से लाते हैं, हालांकि उसके स्रोत स्पष्ट रूप से बताने से इनकार कर देते हैं। पुरुष शराब बनाने के लिए आसपास के बीहड़ों में जाते हैं, जहाँ गड्ढों में स्टॉक छिपाया जाता है और ज़रूरत के समय उसे लाकर बेचा जाता है। यह अवैध शराब कारोबार स्थानीय आबकारी कानूनों और प्रतिबंधों के खिलाफ चल रहा है, जिससे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कई लोग इस कच्ची शराब को सरकारी या कानूनी समझकर भी पी लेते हैं, जबकि गांवों के कुछ लोगों को डर होता है कि यदि वे प्रशासन को सूचना देंगे तो उन्हें प्रतिकूल परिणामों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से यह नेटवर्क स्थानीय आबकारी अधिकारियों या पुलिस की निगरानी को चुनौती देता प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यापार बिना किसी तत्काल कार्रवाई के चलता दिखाई दे रहा है। वहीं, आबकारी विभाग और पुलिस को ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि अवैध शराब के कारण होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों से लोगों को बचाया जा सके।

शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला

नई दिल्ली /मुंबई में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया और कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए। 13 फरवरी के कारोबारी सत्र में BSE Sensex 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 पर आ गया। पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और निवेशकों की धारणा कमजोर दिखी। गिरावट का नेतृत्व मेटल शेयरों ने किया। सेक्टोरल सूचकांकों में Nifty Metal 3.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा, जबकि Nifty Commodities 2.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा Nifty Realty 2.23 प्रतिशत, Nifty Energy 2.04 प्रतिशत, Nifty FMCG 1.90 प्रतिशत, Nifty Oil & Gas 1.88 प्रतिशत, Nifty PSE 1.68 प्रतिशत और Nifty Consumption 1.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक रही और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे। सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, टाइटन, टीसीएस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं बजाज फाइनेंस और एसबीआई ही ऐसे शेयर रहे जो हरे निशान में बंद हुए। केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। Nifty Midcap 100 1,032.85 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,438 पर बंद हुआ, जबकि Nifty Smallcap 100 311.20 अंक यानी 1.79 प्रतिशत गिरकर 17,032.90 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली या जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई। एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक रूपक दे ने कहा कि अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निफ्टी की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई और दिनभर दबाव बना रहा। उन्होंने बताया कि इंडिया वीआईएक्स का 200 डीएमए के ऊपर जाना बाजार में बढ़ते डर को दर्शाता है। उनके अनुसार निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर अहम सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर 25,000 का स्तर भी देखा जा सकता है। वहीं 25,800 के आसपास रुकावट का स्तर बना हुआ है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.55 प्रतिशत बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग आधा प्रतिशत चढ़कर 63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में बढ़ोतरी भी बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है। कुल मिलाकर शुक्रवार का सत्र निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। वैश्विक संकेत, सेक्टोरल दबाव और तकनीकी कमजोरी ने मिलकर बाजार को लाल निशान में धकेल दिया। आने वाले सत्रों में 25,500 का स्तर निवेशकों की नजर में प्रमुख रहेगा।